शहडोल जिले के ग्राम धनौरा में स्थित सदियों पुरानी और ध्वस्तप्राय ऐतिहासिक बावड़ी को पुनर्जीवित कर दिया गया है। यह प्रेरणादायक कार्य 21 जून 2026 को नवांकुर संस्था सेक्टर क्रमांक-01 केशवाही और राधा एजुकेशनल सोसाइटी, धनौरा के अध्यक्ष, सचिव और सभी सदस्यों के अथक प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है, जो जल संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह प्राचीन बावड़ी वर्षों से उपेक्षा, गंदगी, झाड़-झंखाड़ और मिट्टी से पूरी तरह भर चुकी थी, जिससे इसका मूल स्वरूप लगभग समाप्त हो गया था। संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जनसहयोग और श्रमदान के माध्यम से एक व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया। इस अभियान के परिणामस्वरूप, बावड़ी की ऐतिहासिक सीढ़ियां, संरचना और इसका प्राचीन स्वरूप फिर से उजागर हो सका। इस पुनर्जीवन अभियान में ग्राम पंचायत धनौरा की सरपंच श्रीमती सुनीता बाई सिंह का विशेष सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्राप्त हुआ, जिससे यह ऐतिहासिक धरोहर अपने वास्तविक स्वरूप में जनता के सामने स्थापित हो सकी। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि यह बावड़ी केवल जल संग्रहण का साधन नहीं, बल्कि पूर्वजों की उत्कृष्ट जल प्रबंधन प्रणाली, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने ऐसी धरोहरों का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व बताया। ग्रामीणों ने इस सराहनीय पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और इसे जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन की दिशा में एक अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी प्रयास करार दिया। संस्था ने भविष्य में भी प्राचीन जल स्रोतों, बावड़ियों और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर अभियान चलाने का संकल्प व्यक्त किया है। इस अवसर पर, संस्था के अध्यक्ष, सचिव और सभी सदस्यों सहित ग्रामवासियों ने जल संरक्षण और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि, "जो समाज अपनी धरोहरों का सम्मान करता है, वही अपने भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाता है।"
शहडोल जिले के ग्राम धनौरा में स्थित सदियों पुरानी और ध्वस्तप्राय ऐतिहासिक बावड़ी को पुनर्जीवित कर दिया गया है। यह प्रेरणादायक कार्य 21 जून 2026 को नवांकुर संस्था सेक्टर क्रमांक-01 केशवाही और राधा एजुकेशनल सोसाइटी, धनौरा के अध्यक्ष, सचिव और सभी सदस्यों के अथक प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है, जो जल संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह प्राचीन बावड़ी वर्षों से उपेक्षा, गंदगी, झाड़-झंखाड़ और मिट्टी से पूरी तरह भर चुकी थी, जिससे इसका मूल स्वरूप लगभग समाप्त हो गया था। संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जनसहयोग और श्रमदान के माध्यम से एक व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया। इस अभियान के परिणामस्वरूप, बावड़ी की ऐतिहासिक सीढ़ियां, संरचना और इसका प्राचीन स्वरूप फिर से उजागर हो सका। इस पुनर्जीवन अभियान में ग्राम पंचायत धनौरा की सरपंच श्रीमती सुनीता बाई सिंह का विशेष सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्राप्त हुआ, जिससे यह ऐतिहासिक धरोहर अपने वास्तविक स्वरूप में जनता के सामने स्थापित हो सकी। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि यह बावड़ी केवल जल संग्रहण का साधन नहीं, बल्कि पूर्वजों की उत्कृष्ट जल प्रबंधन प्रणाली, सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक गौरव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने ऐसी धरोहरों का संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक और सामाजिक दायित्व बताया। ग्रामीणों ने इस सराहनीय पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और इसे जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन की दिशा में एक अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी प्रयास करार दिया। संस्था ने भविष्य में भी प्राचीन जल स्रोतों, बावड़ियों और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर अभियान चलाने का संकल्प व्यक्त किया है। इस अवसर पर, संस्था के अध्यक्ष, सचिव और सभी सदस्यों सहित ग्रामवासियों ने जल संरक्षण और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि, "जो समाज अपनी धरोहरों का सम्मान करता है, वही अपने भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध बनाता है।"
- सीधी जिले के सेमरिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर के समापन के दौरान एक भावुक दृश्य सामने आया, जिसने सभी को हैरान कर दिया। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जैसे ही सीधी की विधायक रीति पाठक बाहर निकलने लगीं, ग्राम बम्हनी निवासी आदिवासी महिला छोटी रावत ने उनके पैर पकड़ लिए। छोटी रावत दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। महिला ने विधायक से ट्राई साइकिल की मांग करते हुए अपनी पीड़ा सुनाई और मदद के लिए गुहार लगाई। इस दौरान विधायक रीति पाठक ने महिला से कहा, "छोड़ो मेरा पैर, नहीं तो मैं गिर जाऊंगी।"1
- महाराष्ट्र में एक निर्माणाधीन हनुमान मंदिर की छत गिरने से एक दर्दनाक हादसा हो गया है। इस दुर्घटना में अब तक 7 लोगों की मौत होने की पुष्टि हुई है। हादसे के बाद मलबे से लगभग 25 घायल व्यक्तियों को निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।1
- सीधी जिले के मझौली थाना अंतर्गत डेवा गाँव में एक मूर्ति को खंडित कर कचरे में फेंकने की घटना सामने आई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल पहुंचा दिया है।1
- एक विधवा महिला ने अपने देवर पर उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने और उनके साथ मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला ने दावा किया है कि उनके देवर ने उनकी निजी संपत्ति पर अवैध रूप से अधिकार जमा लिया है और विरोध करने पर उनके साथ शारीरिक हिंसा की है।1
- उमरिया जिले के घुलघुली क्षेत्र में आज, 21 जून 2026 को, लगातार दूसरे दिन तेज आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस बारिश के चलते आम जनता को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं खेतों में भी रौनक लौट आई है। ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों के चेहरे खुशी से खिल उठे हैं और उनमें भारी उत्साह की लहर देखी जा रही है।1
- मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा है कि उनका शहर कई अन्य शहरों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। उन्होंने बताया कि मैहर में सीवर लाइन प्रोजेक्ट अपेक्षाकृत कम समय में पूरा हो रहा है।1
- मैहर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जिला प्रशासन के तत्वावधान में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रातः 6:15 बजे से सुबह 8:00 बजे तक चला, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और नगरवासियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। इस आयोजन में मुख्य अतिथि सांसद गणेश सिंह, मैहर विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, भाजपा जिला अध्यक्ष कमलेश सुहाने, मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, एसडीएम दिव्या पटेल, एडिशनल एसपी चंचल नागर, तहसीलदार जितेंद्र पटेल, नगर पालिका सीएमओ प्रिंस अग्रवाल, सांसद प्रतिनिधि संतोष सोनी, कुलदीप तिवारी, मंजू पांडे, अम्बुज द्विवेदी, सत्य भानपटेल, इंद्रजीत सिंह मैनी, सन्नी जायसवाल, मंजू सर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। वक्ताओं ने योग को भारत की प्राचीन संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताया, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रखती है, और सभी ने नियमित योग करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत व्यापक रूप से पौधे रोपे गए। इस अवसर पर सांसद, विधायक और मैहर कलेक्टर ने भी पौधारोपण किया और लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। पूरे आयोजन में विद्यालय परिवार, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे, जहाँ उत्साह, अनुशासन और जनभागीदारी का उत्कृष्ट वातावरण देखने को मिला।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला है। अपने संदेश में, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग सभी को जोड़ने और साथ लाने का कार्य करता है।1
- सतना जिले के कोटर क्षेत्र स्थित पशु चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक डॉ. प्रीतम सिंह पर एक किसान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि उनके बीमार बछड़े के उपचार के दौरान डॉक्टर ने गलत दवा दी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। पीड़ित किसान का आरोप है कि वह अपने बछड़े को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचा था, जहां उपचार और दवा दिए जाने के बाद पशु की तबीयत में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट आती गई। किसान ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पशुपालकों के लिए चिंता का विषय है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के अधिकारियों से जांच की मांग भी उठने लगी है।1