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मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा है कि उनका शहर कई अन्य शहरों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। उन्होंने बताया कि मैहर में सीवर लाइन प्रोजेक्ट अपेक्षाकृत कम समय में पूरा हो रहा है।
Satyanarayan tiwari
मैहर के विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा है कि उनका शहर कई अन्य शहरों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। उन्होंने बताया कि मैहर में सीवर लाइन प्रोजेक्ट अपेक्षाकृत कम समय में पूरा हो रहा है।
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- सतना के कोलगवां थाना पुलिस ने सिद्धार्थ नगर निवासी 60 वर्षीय कमलापति पांडेय के साथ हुई लूट और चाकूबाजी की वारदात का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में कुलदीप उर्फ लल्ली बंसल (19), रजित बंशकार (20), मनीष उर्फ मुड़िया बसोर (19) और दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से एक मोबाइल फोन और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। पुलिस पूछताछ के दौरान, आरोपी रजित बंशकार ने उतैली निवासी चंद्रशेखर उर्फ पप्पू पाठक के सूने मकान में चोरी करने की बात स्वीकार की है। इसी तरह, कुलदीप, मनीष और एक नाबालिग आरोपी ने बिरला कॉलोनी निवासी योगेश दुबे से अड़ीबाजी और मारपीट की वारदात में भी अपनी संलिप्तता कबूल की है। गिरफ्तार किए गए वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जबकि दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।1
- सोशल मीडिया पर कानपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिसकर्मी दो युवकों को पकड़े हुए दिख रहे हैं, जिन पर पुलिस ने मोबाइल चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया है। वीडियो के अनुसार, पुलिसकर्मी कथित तौर पर लड़कों को एक मोबाइल का डिब्बा पकड़ने के लिए दे रहे हैं, जिस पर एक युवक निडर होकर कहता है कि 'चोरी नहीं की तो डिब्बा क्यों पकड़ूं?' युवक तर्क दे रहा है कि अगर उसने चोरी नहीं की है, तो उसे पुलिस के आरोपों के सामने झुकने या सबूत के तौर पर डिब्बा पकड़ने के लिए मजबूर क्यों किया जा रहा है। यह वीडियो इंटरनेट पर व्यापक बहस का विषय बन गया है, जहां कुछ लोग इसे पुलिस की कार्यप्रणाली पर तंज के रूप में देख रहे हैं, वहीं आम जनता पुलिस की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठा रही है। #KanpurPolice, #ViralVideo, #UPPolice, #Justice, #CrimeNews जैसे हैशटैग्स के साथ यह वीडियो चर्चा में है, और लोग इस बात की मांग कर रहे हैं कि जिस तरह से इन युवकों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या किसी निर्दोष को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या जबरन सबूत थमाना सही है?1
- सतना में कारगिल ढाबा के सामने स्थित मेडिकल कॉलेज मार्ग पर बने जानलेवा गड्ढे NEET UG की परीक्षा के बाद वापस लौट रहे छात्रों और उनके परिजनों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं। शहर के बीचों-बीच बनी इस सड़क का हाल बेहाल है, और इसे पी.आई.यू. के अंतर्गत बताया जा रहा है। मूल पोस्ट में यह आरोप लगाया गया है कि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को सड़क की यह खराब स्थिति और जनता को हो रही परेशानी दिखाई नहीं दे रही है।2
- सतना में रॉयल राजपूत संगठन द्वारा एक विशाल शोभा यात्रा का आयोजन किया गया है, जिसकी शुरुआत हो चुकी है। यह शोभा रैली भव्यता के साथ निकाली जा रही है।1
- सतना जिले के कोटर क्षेत्र स्थित पशु चिकित्सालय में पदस्थ चिकित्सक डॉ. प्रीतम सिंह पर एक किसान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि उनके बीमार बछड़े के उपचार के दौरान डॉक्टर ने गलत दवा दी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। पीड़ित किसान का आरोप है कि वह अपने बछड़े को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचा था, जहां उपचार और दवा दिए जाने के बाद पशु की तबीयत में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट आती गई। किसान ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की है, उनका कहना है कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह पशुपालकों के लिए चिंता का विषय है। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए पशुपालन विभाग के अधिकारियों से जांच की मांग भी उठने लगी है।1
- मैहर विधायक श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैहर में होने वाले हर काम में पूरी पारदर्शिता लाना है।1
- इंदौर आबकारी विभाग की बम्बई बाजार सर्किल टीम ने अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान महूनाका स्थित अर्जुनपुरा क्षेत्र से एक बाइक सवार को 22.5 बल्क लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश, सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशन, तथा कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र जोशी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। बम्बई बाजार वृत्त की प्रभारी उप निरीक्षक मीरा सिंह ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान, एक पल्सर-125 (MP-09-DF-2827) नामक दोपहिया वाहन की तलाशी लेने पर 36 केन बोल्ट बीयर एवं 6 बोतल 8 पीएम व्हिस्की, कुल 22.5 बल्क लीटर अवैध मदिरा बरामद हुई। आबकारी टीम ने बरामद मदिरा और दोपहिया वाहन को जब्त कर लिया है, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 83 हजार रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी अनिल पिता सीताराम के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस पूरी कार्रवाई में आरक्षक मोहित कछवाय, कोमल कनेल और वाहन चालक अमित ने भी सराहनीय भूमिका निभाई।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक सरकारी तालाब के गहराकरण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो इंटरव्यू में, एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि "सरकारी तालाब" के नाम पर निजी स्वार्थ सिद्ध किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि तालाब से खोदी गई मिट्टी का उपयोग निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिससे तालाब के जल संवर्धन और जनहित के मूल उद्देश्य का दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए सरकारी तालाब के इस इस्तेमाल पर अपनी आपत्ति जताई है। इंटरव्यू में यह भी बताया गया है कि तालाब की खुदाई में लगी जेसीबी का भुगतान सरकारी प्रक्रिया के बजाय निजी तौर पर किया जा रहा है, जो इस पूरे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। स्थानीय निवासियों और इंटरव्यू देने वाले व्यक्ति ने इस पूरे मामले के मूल्यांकन की मांग की है, ताकि इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले की गहन जांच हो और यदि तालाब की खुदाई की जा रही है, तो वह केवल नियमानुसार और जनहित में ही होनी चाहिए, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए। हालांकि, इस पूरे विवाद पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।1
- सतना-चित्रकूट राष्ट्रीय राजमार्ग पर उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित 'नायरा पेट्रोल पंप (माँ संतोषी फ्यूल्स फिलिंग स्टेशन)' इन दिनों अवैध रूप से ईंधन की हेराफेरी और नियमों के घोर उल्लंघन का केंद्र बना हुआ है। आरोप है कि दोनों राज्यों के प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस गैरकानूनी खेल से मध्य प्रदेश सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। पेट्रोलियम नियमों और सुरक्षा मानकों का खुलेआम उल्लंघन करते हुए, यह पेट्रोल पंप ड्रमों, बड़े गैलन और खुले बर्तनों में अत्यधिक ज्वलनशील ईंधन (पेट्रोल/डीजल) बेच रहा है, जबकि ऐसा करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यह न केवल सुरक्षा के लिए बेहद खतरनाक है, बल्कि सीधे तौर पर ईंधन की तस्करी को बढ़ावा दे रहा है, जिससे स्थानीय नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच ईंधन की दरों में लगभग ₹10 का बड़ा अंतर है, जिसका फायदा उठाकर यह फिलिंग स्टेशन उत्तर प्रदेश के सस्ते ईंधन को अवैध तरीके से मध्य प्रदेश की सीमा में खपा रहा है। इस 'स्मगलिंग' के खेल से मध्य प्रदेश के खजाने को सीधे तौर पर चपत लगाई जा रही है और उसे भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस पूरे मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हैरानी की बात यह है कि सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और आबकारी जांच के दावों के बावजूद, दोनों ही राज्यों का संबंधित प्रशासन इस अवैध गतिविधि पर मूकदर्शक बना बैठा है। नागरिकों ने इस पर तत्काल कार्रवाई और गहन जांच की मांग की है।1