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छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में भगवान जगन्नाथ रथ में विराजमान हो चुके हैं। भगवान के रथारूढ़ होने के बाद अब वहां राजा के द्वारा झाड़ू लगाने का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। इस पावन अवसर पर जगन्नाथ मंदिर के सामने काफी भीड़ एकत्रित है और लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। चारों ओर 'जय जगन्नाथ' का उद्घोष हो रहा है।
Sudheer tiwari
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में भगवान जगन्नाथ रथ में विराजमान हो चुके हैं। भगवान के रथारूढ़ होने के बाद अब वहां राजा के द्वारा झाड़ू लगाने का कार्यक्रम शुरू हो जाएगा। इस पावन अवसर पर जगन्नाथ मंदिर के सामने काफी भीड़ एकत्रित है और लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। चारों ओर 'जय जगन्नाथ' का उद्घोष हो रहा है।
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- सुकमा जिले के चिंतागुफा में नाबालिग बच्चों से खुलेआम बाल मजदूरी कराई जा रही थी। जब पत्रकारों की टीम एक सीमेंट ईंट निर्माण स्थल पर पहुंची, तो वहां नाबालिग बालिकाओं को काम करते हुए पाया गया। टीम ने मौके पर ही ठेकेदार को नाबालिगों से काम न करवाने की सलाह दी और उसे बाल मजदूरी के अपराध तथा इससे जुड़ी कानूनी सजा के बारे में विस्तार से समझाया। समझाइश मिलने के बाद ठेकेदार ने तुरंत अपनी गलती को समझा और सीमेंट ईंट निर्माण के काम में लगी नाबालिग बालिकाओं को तत्काल वहां से हटा दिया। इस घटना के साथ ही यह भी सामने आया है कि जिले में लगातार कई निर्माण स्थलों पर इसी तरह खुलेआम बाल मजदूरी का खेल चल रहा है।2
- सुकमा में श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में जिले के पत्रकार साथियों के साथ एक परिचय एवं वार्ता कार्यक्रम रखा गया है। इस कार्यक्रम में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी पत्रकारों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।1
- बस्तर की प्राचीन राजधानी और कोण्डागांव के फरसगांव स्थित बड़ेडोंगर में 16 जुलाई 2026 को 600 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक गोंचा पर्व की परंपरा को बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुजारियों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस भव्य पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी आस्था प्रकट की। यह ऐतिहासिक गोंचा पर्व बस्तर की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और सदियों पुरानी परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक है।1
- छत्तीसगढ़ के कांकेर की डीएसपी कविता धुर्वे राष्ट्रीय चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने शिलांग में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है।1
- बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र विकासखंड कुसमी के अंतर्गत प्राथमिक शाला फुतूरटोली में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी अचानक निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां उन्होंने खुद एक शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए बच्चों की पढ़ाई के स्तर को परखा। कलेक्टर ने सीधे बच्चों से संवाद स्थापित किया, उनसे गणित और अंग्रेजी के सवाल पूछे और उनके सीखने की क्षमता का बारीकी से आकलन किया। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षिका ने बताया कि यहां पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं, जिसमें कुल 13 विद्यार्थी नामांकित हैं और निरीक्षण के दिन 9 विद्यार्थी उपस्थित थे। इस पर कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अनुपस्थित बच्चों के पालकों से संपर्क करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ब्लैकबोर्ड पर बच्चों से गणित के सवाल हल करवाए, जिसमें चौथी कक्षा की छात्रा गुंजन केरकेट्टा ने गुणा के प्रश्नों का सही उत्तर देकर 12 तक का पहाड़ा सुनाया। वहीं पांचवीं कक्षा के छात्र टार्जन किंडो ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से अंग्रेजी में जानवरों के नाम पूछे और उन्हें अंग्रेजी शब्दों के सही व स्पष्ट उच्चारण का नियमित अभ्यास कराया। बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय और विशेष मार्गदर्शन दें, ताकि नियमित उपस्थिति और सतत अभ्यास से बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव मजबूत हो सके और उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।3
- कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भानबेड़ा में आज एक परिवार के सदस्य भूपेंद्र कुमार सिन्हा ने ईसाई धर्म छोड़कर पूरे विधि-विधान के साथ अपने मूल धर्म में वापसी कर ली है। भूपेंद्र काफी लंबे समय से ईसाई धर्म में चले गए थे। आज ग्राम पंचायत की बैठक के दौरान उन्होंने समस्त ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उपस्थित होकर स्वप्रेरित भाव से हिंदू संस्कृति में वापस आने की इच्छा जताई और इसके लिए निवेदन किया। भूपेंद्र के निवेदन के उपरांत सभी जनप्रतिनिधियों ने उन्हें भानबेड़ा के मुख्य चौक पर स्थित हनुमान मंदिर में ले जाकर पूजा-अर्चना कराई और पूरे रीति-रिवाज व विधि-विधान से उनकी मूल धर्म में वापसी कराई। मंदिर प्रांगण में उपस्थित ग्रामवासियों ने भूपेंद्र सिन्हा का अक्षत, तिलक लगाकर और अंगवस्त्र पहनाकर मूल धर्म में भावभीना स्वागत किया। इस विशेष अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती ममता ठाकुर, पूर्व सरपंच जागेश्वर सिंह नरेटी, रमेश कोर्राम, राजेंद्र जैन, अर्जुन निषाद, खेमू सिंह चुरेंद्र, उमेश तिवारी, सुरेंद्र धनकर, अजय पाल, जितेंद्र पाण्डेय, अगनुराम नुरेटी, कन्हैया कुंजाम, अजय नेताम, दिलीप चंद्राकर, सुभाष चंद्र जायसवाल, श्रीमती गोदावरी यादव, पिलाबाई यादव, लता चौरे, रमशिला जैन सहित भानबेड़ा गांव के कई वरिष्ठ नागरिक और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
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- कोंडागांव के डोगरीगुड़ा स्थित कॉलेज ऑफ नर्सिंग में आयोजित साइबर जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए जागरूक किया गया। इस कार्यक्रम में उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई कि वे अपना ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, एटीएम पिन, सीवीवी और पासवर्ड किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें। इसके साथ ही, उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और निवेश के नाम पर होने वाले विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में सचेत किया गया। कार्यक्रम में यह महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।1