किशनगंज में शनिवार को प्रमंडलीय आयुक्त के आगमन पर जिला प्रशासन द्वारा उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया, जिसके बाद पुलिस बल द्वारा प्रमंडलीय आयुक्त को विधिवत गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके उपरांत, प्रमंडलीय आयुक्त ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और खेल भावना, अनुशासन व टीम वर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आपसी भाईचारे की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। इस समारोह में विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और बीएसएफ व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने खेलों को बढ़ावा देने तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
किशनगंज में शनिवार को प्रमंडलीय आयुक्त के आगमन पर जिला प्रशासन द्वारा उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया, जिसके बाद पुलिस बल द्वारा प्रमंडलीय आयुक्त को विधिवत गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसके उपरांत, प्रमंडलीय आयुक्त ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा आयोजित फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने खिलाड़ियों से
परिचय प्राप्त किया और खेल भावना, अनुशासन व टीम वर्क के महत्व को रेखांकित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आपसी भाईचारे की भावना विकसित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। इस समारोह में विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और बीएसएफ व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने खेलों को बढ़ावा देने तथा युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।
- बिहार के अररिया जिले के कुर्साकाटा से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ आरती नाम की एक महिला अपने डेढ़ वर्ष के मासूम बच्चे को घर पर ही छोड़कर अचानक कहीं चली गई। बताया गया है कि महिला ने घर से भागने के दौरान अपने पति को भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इस घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे और दुख में है, जिसे सोशल मीडिया पर पोस्ट के माध्यम से बयां किया जा रहा है।1
- अररिया पुलिस ने एनएच-327 पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की है। यह सफलता पुलिस की अपराध नियंत्रण और शराबबंदी के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। पुलिस द्वारा की गई इस छापेमारी के बाद स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा है, क्योंकि एनएच-327 जैसे प्रमुख मार्ग पर तस्करी की यह बड़ी खेप पकड़ी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- Post by Umesh Yadab1
- Post by Md Raju1
- बिहार के किशनगंज में भारतीय नागरिकता के लिए तीन दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ हो गया है। इस शिविर के दौरान नागरिकता के लिए आवेदन किए जा सकेंगे। नागरिकता के आवेदन के लिए 8, 15 और 22 जुलाई की तारीखें निर्धारित की गई हैं।1
- अररिया जिला के नगर परिषद क्षेत्र जोगबनी में बाल विवाह मुक्त भारत, नशामुक्त भारत, मानव तस्करी, बाल श्रम और बाल यौनशोषण के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का आयोजन जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में रेल पुलिस जोगबनी, आरपीएफ जोगबनी, जिला पुलिस जोगबनी और एसएसबी एफ कंपनी जोगबनी का भरपूर सहयोग मिला। इस जागरूकता अभियान में चंडीगढ़ (पंजाब) के छात्र प्रशांत कुमार व आदर्श जयसवाल और नोएडा के आदित्य कश्यप भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। ये वे छात्र हैं जो छुट्टी में घर आए हैं और जिन्हें किसी मान्यता प्राप्त गैर सरकारी संगठन में तीस दिवसीय अनिवार्य प्रशिक्षण लेना है। इन छात्रों द्वारा मंदिरों, धर्मगुरुओं और विद्यालयों में बैनर-पोस्टर लगाकर समाज को जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ समाज को सजग करना और इससे प्रभावित बच्चों व सरवाइवर्स को मुख्यधारा से जोड़ना है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने मिलकर बाल विवाह मुक्त समाज बनाने का संकल्प भी लिया। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत शादी के लिए लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है, और इसका उल्लंघन करने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। यदि क्षेत्र में कहीं भी बाल विवाह हो रहा हो या किसी बच्चे की सुरक्षा दांव पर हो, तो जिला पदाधिकारी अररिया के जिला नियंत्रण कक्ष के आधिकारिक नंबर 06453-222309 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। "सुरक्षित बचपन – सुरक्षित भविष्य" और "हर बच्चे का अधिकार – सुरक्षा, शिक्षा, सहभागिता और सम्मान" के संकल्प के साथ अररिया जिला को बाल विवाह मुक्त बनाने पर जोर दिया गया है।1
- किशनगंज के टेढ़ागाछ अंचल कार्यालय में शनिवार को अंचल अधिकारी शशि कुमार की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रखंड क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों से आए लोगों ने भूमि संबंधी विवादों और अन्य राजस्व मामलों से जुड़ी अपनी शिकायतें प्रशासन के समक्ष दर्ज कराईं। जनता दरबार में स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे, जिसके चलते सभी मामलों की सुनवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मौके पर ही आवश्यक जांच और आपसी सहमति के आधार पर कई मामलों का निष्पादन कर दिया गया, जबकि शेष लंबित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।1
- बिहार के किशनगंज जिले के ठाकुरगंज में एक व्यक्ति का दुख सोशल मीडिया पर सामने आया है। अपने जज्बातों को जाहिर करते हुए उन्होंने अपने टूटे हुए दिल का दर्द साझा किया है। उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया है कि क्या अब पहले जैसा प्यार कायम रह पाएगा।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धबैली पंचायत की खारी बस्ती वार्ड संख्या 1 में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण ग्रामीण गंभीर परेशानियों से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में वोल्टेज की भारी समस्या बनी हुई है और कई बार बिजली पूरी तरह गुल हो जाती है। कम वोल्टेज के कारण बल्ब केवल टिमटिमाते रहते हैं, जिसके चलते पंखे, मोटर और अन्य जरूरी घरेलू उपकरण काम नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस समस्या की सूचना बार-बार देने के बावजूद अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। बिजली की इस बदतर स्थिति का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई, घर के कामकाज और आम जनजीवन पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अब बिजली विभाग से अविलंब व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है ताकि उन्हें इस संकट से राहत मिल सके।1