अशोकनगर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर, 21 जून 2026 को अशोकनगर के कोतवाली थाना में जिले के सभी कोचिंग संस्थानों के संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नीट परीक्षा 2026 का शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करना था। बैठक में थाना प्रभारी कोतवाली निरी० रवि प्रताप सिंह चौहान और उनि० भुवनेश शर्मा थाना प्रभारी देहात ने कोचिंग संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को परीक्षा संबंधी नियमों और सावधानियों के बारे में जागरूक करें। उन्हें परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यदि किसी भी स्तर पर परीक्षा पेपर लीक, संदिग्ध गतिविधि या अवैध साधनों के उपयोग संबंधी कोई सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी तत्काल जानकारी पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा सके। इसके अतिरिक्त, कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर पर छात्रों को समझाएं कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें और परीक्षा को पूरी ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ दें। इस बैठक में पुलिस अधिकारियों द्वारा कोचिंग संचालकों के साथ संवाद स्थापित कर उनके सुझाव भी प्राप्त किए गए तथा परीक्षा के सफल आयोजन हेतु समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अशोकनगर पुलिस द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नीट परीक्षा 2026 शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जा सके।
अशोकनगर पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर, 21 जून 2026 को अशोकनगर के कोतवाली थाना में जिले के सभी कोचिंग संस्थानों के संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नीट परीक्षा 2026 का शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और निर्बाध संचालन सुनिश्चित करना था। बैठक में थाना प्रभारी कोतवाली निरी० रवि प्रताप सिंह चौहान और उनि० भुवनेश शर्मा थाना प्रभारी देहात ने कोचिंग संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को परीक्षा संबंधी नियमों और सावधानियों
के बारे में जागरूक करें। उन्हें परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यदि किसी भी स्तर पर परीक्षा पेपर लीक, संदिग्ध गतिविधि या अवैध साधनों के उपयोग संबंधी कोई सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी तत्काल जानकारी पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा सके। इसके अतिरिक्त, कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे अपने स्तर पर छात्रों को समझाएं कि
वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें और परीक्षा को पूरी ईमानदारी एवं पारदर्शिता के साथ दें। इस बैठक में पुलिस अधिकारियों द्वारा कोचिंग संचालकों के साथ संवाद स्थापित कर उनके सुझाव भी प्राप्त किए गए तथा परीक्षा के सफल आयोजन हेतु समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अशोकनगर पुलिस द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि नीट परीक्षा 2026 शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाई जा सके।
- विदिशा जिले में जमीनी विवाद के चलते हुई एक हत्या का देहात बासौदा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे तथा एसडीओपी गंजबासौदा श्रीमती शिखा भल्लावी के मार्गदर्शन में यह त्वरित कार्रवाई की गई है। यह घटना ग्राम अरनोट में 11 जून 2026 को सामने आई थी, जहाँ जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। इस संबंध में थाना देहात बासौदा में अपराध क्रमांक 263/26 के तहत धारा 296बी, 115(2), 351(3), 118(1), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। मारपीट में घायल हुए ग्राम अरनोट निवासी 42 वर्षीय वीरेंद्र उर्फ वीरन रैकवार (केवट), पिता बलराम केवट, को गंभीर चोटें आई थीं, जिनकी उपचार के दौरान 17 जून 2026 को भोपाल के सृष्टि अस्पताल में मृत्यु हो गई। घायल की मृत्यु होने पर प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) जोड़ी गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों मंजू कुमार लोधी (31 वर्ष, पिता कालूराम लोधी, निवासी ग्राम अरनोट) और अभिषेक लोधी (22 वर्ष, पिता दीवान सिंह लोधी, निवासी ग्राम बड़ौदा, जिला रायसेन, हाल निवासी ग्राम अरनोट) को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया आलाजर्र भी बरामद कर जब्त कर लिया गया है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को 19 जून 2026 को माननीय न्यायालय गंजबासौदा में पेश किया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि जय कुमार सिंह, उनि पी.एस. चौहान, उनि दिव्या पाराशर, सउनि मनोज तिवारी, प्रधान आरक्षक दिव्यक्रांति, प्रधान आरक्षक राजीव पाण्डे, आरक्षक रामनिवास मीना, आरक्षक राकेश जाटव, आरक्षक राहुल झा, आरक्षक ऋषभ श्रीवास्तव, सैनिक यशवंत भार्गव और सैनिक कृष्णपाल सिंह राजपूत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।3
- अशोकनगर जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा टल गया, जब भैंसों के झुंड को बचाने के प्रयास में एक यात्री बस सड़क से नीचे उतर गई। चालक की सूझबूझ और सतर्कता के कारण बस पलटने से बच गई, जिससे इसमें सवार 30 से 40 यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे और किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट नहीं हुई। यह घटना बरखेड़ा जमाल गांव के पास सुबह करीब 11 बजे की है। जानकारी के अनुसार, त्रिपति बस बंगला चौराहा से सिरोंज के लिए बमोरीशाला मार्ग से जा रही थी, तभी अचानक सड़क पर भैंसों का एक झुंड आ गया। पशुओं को बचाने के लिए चालक ने तुरंत बस मोड़ी, जिससे बस सड़क से नीचे उतर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस सड़क से नीचे उतरने के बाद थोड़ी दूर जाकर रुक गई और एक ओर झुक गई थी, लेकिन चालक ने वाहन पर नियंत्रण बनाए रखा, जिससे बस पलटी नहीं। इस घटना के चलते बस में सवार यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। हालांकि, किसी भी यात्री को चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बस से बाहर निकल आए। सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और यात्रियों की मदद की।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ललितपुर दौरे के दौरान 1765 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात के साथ एक राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ की ईमानदार और सज्जन छवि की सराहना करते हुए कहा कि उनके परिवार के कुछ लोगों के आचरण के कारण उनकी छवि प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री ने मंच से ही मंत्री को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि वह परिवारवाद और गलत गतिविधियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होते हैं तो सरकार पूरी ताकत के साथ उनके पीछे खड़ी होगी। इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गंभीरता से सुना, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषक इस संदेश को महज एक सामान्य नसीहत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और अनुचित गतिविधियों के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराने का प्रयास किया है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी इस बयान की काफी चर्चा रही; कई ने इसे मंत्री के लिए सार्वजनिक मंच से दिया गया स्पष्ट संदेश माना, जबकि कुछ राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बयान भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक अनुशासन से भी जुड़ा हो सकता है। मुख्यमंत्री का यह बयान अब ललितपुर जिले से लेकर प्रदेश की राजनीति तक चर्चा का केंद्र बन गया है, और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक मायने और प्रभाव को लेकर चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ललितपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार चार बार सत्ता में रही, लेकिन इस दौरान ललितपुर और बुंदेलखंड के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि "सपा के लिए सैफई ही परिवार था, लेकिन हमारे लिए प्रदेश की 25 करोड़ जनता परिवार है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय माफिया और अपराधियों का बोलबाला था, जबकि वर्तमान सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करते हुए विकास को प्राथमिकता दी है। योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने ललितपुर में मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन की पहचान नहीं रहा, बल्कि विकास की एक नई कहानी लिख रहा है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में कृषि विभाग के अधिकारियों और एसडीएम मैडम नवाब तहसीलदार ने किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें खाद और भंडारण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए। यह जानकारी मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव के माध्यम से सामने आई है।3
- ललितपुर जिले के उल्दना कलां गांव में शनिवार सुबह करीब 11:00 बजे तेज हवा के बवंडर की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल में शनिवार को डिलीवरी के नाम पर पैसों के अवैध लेन-देन का मामला सामने आया है। अस्पताल में सक्रिय महिला डॉक्टरों के कई दलाल मरीजों से अवैध वसूली कर रहे थे। इस पूरे रैकेट का खुलासा खुद अस्पताल में सक्रिय एक महिला दलाल ने किया है। खुलासे के अनुसार, ये दलाल महिलाओं को सोनोग्राफी कराने के बहाने निजी क्लीनिकों पर ले जाते हैं। इसके बाद, उन्हें संबंधित महिला डॉक्टर के सरकारी बंगले या निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया जाता है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत अस्तौन में अहिरवार समाज ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक कुरीति को समाप्त करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। समाज की बैठक में यह तय किया गया है कि अब से 13वीं मृत्यु भोज के आयोजन को सामाजिक रूप से प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि 13वीं मृत्यु भोज जैसी प्रथा के कारण अनेक परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है, जिससे गरीब और कमजोर परिवार अक्सर कर्ज के तले दब जाते हैं। समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत इच्छा से 13वीं मृत्यु भोज का आयोजन करता है, तो समाज का कोई भी सदस्य उसमें शामिल नहीं होगा। अहिरवार समाज ने सभी सदस्यों से इस निर्णय का पालन करने और ऐसी कुरीतियों को खत्म करने में सहयोग करने का अनुरोध किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य फिजूलखर्ची पर रोक लगाना, गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से बचाना, कर्ज और सामाजिक दबाव को कम करना, तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास को बढ़ावा देकर सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन करना है। प्रभु दयाल गौतम द्वारा जारी इस सूचना में समाज सुधार की इस पहल को सफल बनाने और एक जागरूक एवं प्रगतिशील समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया है।1
- शनिवार को ललितपुर जिले के उल्दना कलां गांव में एक तेज हवा के बवंडर की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर उल्दना कलां गांव में अचानक 40 फीट ऊंचा एक तेज हवा का बवंडर उठा, जो गोल-गोल घूमते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान घर के बाहर बैठे उमराव लोधी (60), उनकी पत्नी प्रीतम बाई (54) और बहू सविता इसकी चपेट में आ गए। घटना के कुछ ही देर बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे अचेत हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत तीनों को उपचार के लिए सीएचसी मड़ावरा पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अभी भी बेहोशी की स्थिति में हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी बबलू सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने घर के सामने अचानक करीब 40 फीट ऊंचा यह बवंडर तेजी से घूमते हुए देखा था। इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वहीं चिकित्सक प्रभावित लोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।1