शनिवार को ललितपुर जिले के उल्दना कलां गांव में एक तेज हवा के बवंडर की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर उल्दना कलां गांव में अचानक 40 फीट ऊंचा एक तेज हवा का बवंडर उठा, जो गोल-गोल घूमते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान घर के बाहर बैठे उमराव लोधी (60), उनकी पत्नी प्रीतम बाई (54) और बहू सविता इसकी चपेट में आ गए। घटना के कुछ ही देर बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे अचेत हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत तीनों को उपचार के लिए सीएचसी मड़ावरा पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अभी भी बेहोशी की स्थिति में हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी बबलू सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने घर के सामने अचानक करीब 40 फीट ऊंचा यह बवंडर तेजी से घूमते हुए देखा था। इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वहीं चिकित्सक प्रभावित लोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
शनिवार को ललितपुर जिले के उल्दना कलां गांव में एक तेज हवा के बवंडर की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर उल्दना कलां गांव में अचानक 40 फीट ऊंचा एक तेज हवा का बवंडर उठा, जो गोल-गोल घूमते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान घर के बाहर बैठे उमराव लोधी (60), उनकी पत्नी प्रीतम बाई (54) और बहू सविता इसकी चपेट में आ गए। घटना के कुछ ही देर बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे अचेत हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत तीनों को उपचार के लिए सीएचसी मड़ावरा पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अभी भी बेहोशी की स्थिति में हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी बबलू सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने घर के सामने अचानक करीब 40 फीट ऊंचा यह बवंडर तेजी से घूमते हुए देखा था। इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वहीं चिकित्सक प्रभावित लोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ललितपुर दौरे के दौरान 1765 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात के साथ एक राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ की ईमानदार और सज्जन छवि की सराहना करते हुए कहा कि उनके परिवार के कुछ लोगों के आचरण के कारण उनकी छवि प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री ने मंच से ही मंत्री को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि वह परिवारवाद और गलत गतिविधियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होते हैं तो सरकार पूरी ताकत के साथ उनके पीछे खड़ी होगी। इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गंभीरता से सुना, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषक इस संदेश को महज एक सामान्य नसीहत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और अनुचित गतिविधियों के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराने का प्रयास किया है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी इस बयान की काफी चर्चा रही; कई ने इसे मंत्री के लिए सार्वजनिक मंच से दिया गया स्पष्ट संदेश माना, जबकि कुछ राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बयान भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक अनुशासन से भी जुड़ा हो सकता है। मुख्यमंत्री का यह बयान अब ललितपुर जिले से लेकर प्रदेश की राजनीति तक चर्चा का केंद्र बन गया है, और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक मायने और प्रभाव को लेकर चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ललितपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार चार बार सत्ता में रही, लेकिन इस दौरान ललितपुर और बुंदेलखंड के विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं किया गया। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि "सपा के लिए सैफई ही परिवार था, लेकिन हमारे लिए प्रदेश की 25 करोड़ जनता परिवार है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय माफिया और अपराधियों का बोलबाला था, जबकि वर्तमान सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करते हुए विकास को प्राथमिकता दी है। योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के सभी क्षेत्रों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने ललितपुर में मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बुंदेलखंड अब पिछड़ेपन की पहचान नहीं रहा, बल्कि विकास की एक नई कहानी लिख रहा है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में कृषि विभाग के अधिकारियों और एसडीएम मैडम नवाब तहसीलदार ने किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें खाद और भंडारण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए। यह जानकारी मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव के माध्यम से सामने आई है।3
- टीकमगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए लगातार नई-नई पहल कर रहे हैं। इन प्रयासों के तहत, महिलाओं को उनकी सुरक्षा के उपायों और अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, साथ ही यह स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नारी सम्मान सुनिश्चित करने में टीकमगढ़ की पूरी पुलिस अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रही है। इसी कड़ी में, जिला पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने एक 'छोटी सी परी' को प्रतीकात्मक रूप से पुलिस अधीक्षक बनाया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि जिले के सभी निवासियों को नारी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में अपना भरपूर सहयोग प्रदान करना चाहिए।1
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल में शनिवार को डिलीवरी के नाम पर पैसों के अवैध लेन-देन का मामला सामने आया है। अस्पताल में सक्रिय महिला डॉक्टरों के कई दलाल मरीजों से अवैध वसूली कर रहे थे। इस पूरे रैकेट का खुलासा खुद अस्पताल में सक्रिय एक महिला दलाल ने किया है। खुलासे के अनुसार, ये दलाल महिलाओं को सोनोग्राफी कराने के बहाने निजी क्लीनिकों पर ले जाते हैं। इसके बाद, उन्हें संबंधित महिला डॉक्टर के सरकारी बंगले या निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया जाता है।1
- Post by Manoj jain2
- ललितपुर जिले के उल्दना कलां गांव में शनिवार सुबह करीब 11:00 बजे तेज हवा के बवंडर की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।1
- शनिवार को ललितपुर जिले के उल्दना कलां गांव में एक तेज हवा के बवंडर की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन सदस्य बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर उल्दना कलां गांव में अचानक 40 फीट ऊंचा एक तेज हवा का बवंडर उठा, जो गोल-गोल घूमते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान घर के बाहर बैठे उमराव लोधी (60), उनकी पत्नी प्रीतम बाई (54) और बहू सविता इसकी चपेट में आ गए। घटना के कुछ ही देर बाद तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी और वे अचेत हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने तुरंत तीनों को उपचार के लिए सीएचसी मड़ावरा पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे अभी भी बेहोशी की स्थिति में हैं। घटना के प्रत्यक्षदर्शी बबलू सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने घर के सामने अचानक करीब 40 फीट ऊंचा यह बवंडर तेजी से घूमते हुए देखा था। इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वहीं चिकित्सक प्रभावित लोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।1