रविदास चौराहे के व्यस्त तिराहे पर निर्माण, हादसे का खतरा बढ़ने की आशंका //6267641443// 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 सड़क किनारे बनी पक्की पट्टी को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति, निगम से स्थल निरीक्षण की माँग। कटनी। शहर के रविदास चौराहे के व्यस्त तिराहे पर सड़क किनारे किए गए निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि खिड़की-दरवाजे के व्यापारी ब्रजेश अग्रवाल द्वारा दुकान के सामने सड़क से लगी पट्टी का निर्माण कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तिराहा और मोड़ के साथ ढलान होने के कारण यह स्थान पहले से ही यातायात की दृष्टि से संवेदनशील है और सड़क किनारे अतिरिक्त निर्माण से वाहनों के आवागमन पर असर पड़ सकता है। मौके से सामने आई तस्वीर में सड़क के किनारे भवन के सामने पक्की पट्टी और ऊंचा हिस्सा दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस हिस्से के कारण सड़क और भवन के बीच उपलब्ध स्थान का स्वरूप प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि व्यस्त समय में जब एक साथ कई वाहन तिराहे से गुजरते हैं और मोड़ लेते हैं, तब सड़क किनारे किसी भी तरह की अतिरिक्त बाधा परेशानी का कारण बन सकती है। *निर्माण की वैधता पर उठे सवाल* स्थानीय नागरिकों ने निर्माण की वैधता पर सवाल उठाते हुए नगर निगम प्रशासन से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि संबंधित निर्माण की स्वीकृति, सड़क सीमा और सीमांकन की जांच मौके पर की जानी चाहिए। यदि जांच में निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है या यातायात में बाधा उत्पन्न होना सामने आता है, तो नियमानुसार कार्यवाही की जाए। *दुर्घटना के बाद नहीं, पहले हो समाधान* स्थानीय लोगों का कहना है कि रविदास चौराहा शहर का व्यस्त मार्ग है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में किसी संभावित दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय निगम प्रशासन को तत्काल स्थल निरीक्षण कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि रविदास चौराहे के पूरे तिराहे का निरीक्षण कर सड़क सीमा से जुड़े निर्माण और अतिक्रमण की जांच की जाए तथा यातायात में बाधा मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
रविदास चौराहे के व्यस्त तिराहे पर निर्माण, हादसे का खतरा बढ़ने की आशंका //6267641443// 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 सड़क किनारे बनी पक्की पट्टी को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति, निगम से स्थल निरीक्षण की माँग। कटनी। शहर के रविदास चौराहे के व्यस्त तिराहे पर सड़क किनारे किए गए निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि खिड़की-दरवाजे के व्यापारी ब्रजेश अग्रवाल द्वारा दुकान के सामने सड़क से लगी पट्टी का निर्माण कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तिराहा और मोड़ के
साथ ढलान होने के कारण यह स्थान पहले से ही यातायात की दृष्टि से संवेदनशील है और सड़क किनारे अतिरिक्त निर्माण से वाहनों के आवागमन पर असर पड़ सकता है। मौके से सामने आई तस्वीर में सड़क के किनारे भवन के सामने पक्की पट्टी और ऊंचा हिस्सा दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस हिस्से के कारण सड़क और भवन के बीच उपलब्ध स्थान का स्वरूप प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि व्यस्त समय में जब एक साथ कई वाहन तिराहे से गुजरते हैं
और मोड़ लेते हैं, तब सड़क किनारे किसी भी तरह की अतिरिक्त बाधा परेशानी का कारण बन सकती है। *निर्माण की वैधता पर उठे सवाल* स्थानीय नागरिकों ने निर्माण की वैधता पर सवाल उठाते हुए नगर निगम प्रशासन से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि संबंधित निर्माण की स्वीकृति, सड़क सीमा और सीमांकन की जांच मौके पर की जानी चाहिए। यदि जांच में निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है या यातायात में बाधा उत्पन्न होना सामने आता है, तो नियमानुसार
कार्यवाही की जाए। *दुर्घटना के बाद नहीं, पहले हो समाधान* स्थानीय लोगों का कहना है कि रविदास चौराहा शहर का व्यस्त मार्ग है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में किसी संभावित दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय निगम प्रशासन को तत्काल स्थल निरीक्षण कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि रविदास चौराहे के पूरे तिराहे का निरीक्षण कर सड़क सीमा से जुड़े निर्माण और अतिक्रमण की जांच की जाए तथा यातायात में बाधा मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
- माधवनगर पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई 3000 नशीली नाइट्राजेपाम गोलियां जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार; एक आरोपी फरार कटनी, 20 सितंबर 2026। जिले में नशीली दवाओं 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत माधवनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3000 नशीली नाइट्राजेपाम गोलियां जब्त की हैं। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान नशीली गोलियों के साथ घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं डीएसपी (अजाक) शिवा पाठक के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी माधवनगर निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह यादव के नेतृत्व में की गई। संदिग्ध हालत में मोटरसाइकिल सवारों को रोका 19-20 सितंबर की दरमियानी रात माधवनगर पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त एवं निगरानी कर रही थी। इसी दौरान सुरम्य पार्क के आगे अमकुही पहाड़ी इंडस्ट्रियल एरिया रोड पर काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक MP 21 ZK 0921 पर दो व्यक्ति जाते दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने कथित तौर पर भागने का प्रयास किया। संदेह के आधार पर पुलिस टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ की। मोटरसाइकिल चालक की पहचान सचिन बर्मन (22), निवासी हिरवारा, थाना एनकेजे, कटनी तथा पीछे बैठे व्यक्ति की पहचान रितिक केवट (21), निवासी बिरहनी फाटक, थाना कोतवाली, कटनी के रूप में हुई। थैले की तलाशी में मिलीं 3000 गोलियां पुलिस द्वारा मोटरसाइकिल पर रखे थैले के संबंध में पूछताछ की गई, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर तलाशी ली गई। पुलिस के मुताबिक थैले से NITRAZEPAM TABLETS I.P. NITZASCEN-10 नाम अंकित कुल 10 पैकेट मिले। पुलिस के अनुसार प्रत्येक पैकेट में 06 पत्ते, प्रत्येक पत्ते में 05 स्ट्रिप और प्रत्येक स्ट्रिप में 10 गोलियां थीं। इस तरह कुल 3000 नशीली गोलियां, जिनकी कीमत करीब ₹13,500 बताई गई है, जब्त की गईं। पूछताछ में सामने आया कथित सप्लाई नेटवर्क पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपी सचिन बर्मन ने नशीली गोलियां रोहित रावलानी निवासी बंगला लाइन से मिलने की जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से नशीली दवाओं के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। मामले में रोहित नानकानी को भी गिरफ्तार किया गया है, जबकि रोहित रावलानी निवासी माधवनगर फरार बताया गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 8/21, 22 एनडीपीएस एक्ट एवं धारा 5/13 मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले में मोटरसाइकिल क्रमांक MP 21 ZK 0921 भी जब्त की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है और पुलिस द्वारा प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जा रही है। इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह यादव के नेतृत्व में सउनि वहाब खान, प्रधान आरक्षक कमलेश बैरागी, श्रीकांत सेन, पवन सिंह, विनोद विश्वकर्मा, आरक्षक लोकेन्द्र सिंह एवं संजय सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। हेडलाइन: “नशे के कारोबार पर माधवनगर पुलिस का शिकंजा: 3000 नाइट्राजेपाम गोलियां जब्त, तीन गिरफ्तार; सप्लाई से जुड़ा एक आरोपी फरार”2
- *बड़वारा पुलिस की जुआ फड़ पर दबिश* *ताश के पत्तों पर हार-जीत का दांव लगाते 06 जुआरी गिरफ्तार, तीन दोपहिया वाहनों सहित करीब 02 लाख रुपये का मशरुका जप्त* पुलिस अधीक्षक कटनी श्री अभिनय विश्वकर्मा द्वारा जिले में जुआ-सट्टा एवं अन्य आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा जुआरियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया गया है। उक्त निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमल मौर्य एवं डीएसपी मुख्यालय श्री रत्नेश मिश्रा के मार्गदर्शन में बड़वारा पुलिस द्वारा जुआ फड़ों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। *घटना का संक्षिप्त विवरण* दिनांक 19.09.2026 को बड़वारा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम वाह-पौड़ी के जंगल में कुछ व्यक्ति ताश के पत्तों पर रुपये-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना की तस्दीक एवं कार्रवाई हेतु पुलिस टीम द्वारा ग्राम वाह-पौड़ी के जंगल में पहुंचकर घेराबंदी की गई। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर जुआ खेलते हुए 06 व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम निम्नानुसार बताए - 1.रामबिलास पिता मिश्रीलाल निषाद, उम्र 38 वर्ष, निवासी तिलक कॉलेज, प्रेमनगर, कटनी, थाना एनकेजे। 2.विशाल पिता स्व. मिश्रीलाल निषाद, उम्र 23 वर्ष, निवासी तिलक कॉलेज, प्रेमनगर, कटनी, थाना एनकेजे। 3.विकास बंशल पिता राजू वंशकार, उम्र 21 वर्ष, निवासी झर्रा टिकुरिया, थाना रंगनाथ नगर। 4.प्रिंस उर्फ पलक पिता पप्पू वंशकार, उम्र 32 वर्ष, निवासी विवेकानंद चौक, लखेरा, थाना रंगनाथ नगर। 5.रुस्तम पिता सलीम खान, उम्र 26 वर्ष, निवासी तिलक कॉलेज, प्रेमनगर, कटनी। 6.दीपक सोनी पिता तुलसीराम सोनी, उम्र 27 वर्ष, निवासी विजयराघवगढ़, थाना विजयराघवगढ़, जिला कटनी। पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाशी लेने तथा जुआ फड़ से एक मोटरसाइकिल एवं दो स्कूटी सहित कुल करीब 02 लाख रुपये का मशरुका जप्त किया गया। मामले में सभी 06 आरोपियों के विरुद्ध जुआ एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। *विशेष भूमिका* उक्त संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सुयश पाण्डेय, सउनि महेश प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक नितेश डोंगरे, आरक्षक शिवप्रकाश तिवारी, आरक्षक गौरीशंकर राजपूत, आरक्षक बृजलाल प्रजापति एवं ग्राम रक्षा समिति सदस्य कमलेश निषाद की विशेष भूमिका रही।1
- कटनी नगर//- 🚨 जालपा देवी वार्ड के शक्ति नगर में जलभराव से परेशानी घर के अंदर घुसा बारिश का पानी, रहवासियों का जीना हुआ दुश्वार; नगर निगम की कार्रवाई का इंतजार कटनी। जालपा देवी वार्ड अंतर्गत संस्कार भारती स्कूल के पीछे स्थित शक्ति नगर में बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। रहवासियों के मुताबिक थोड़ी सी बारिश होते ही पूरा क्षेत्र पानी-पानी हो जाता है और कई घरों के अंदर तक बारिश का पानी पहुंच जाता है। घर के अंदर पानी भरने से लोगों को दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में जल निकासी की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बारिश के दौरान सड़क और आसपास का क्षेत्र जलमग्न होने से आवागमन भी प्रभावित होता है। ⚠️ रहवासियों ने स्थायी समाधान की मांग की शक्ति नगर के लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कर जल निकासी की उचित व्यवस्था कराई जाए। साथ ही नाली और ड्रेनेज व्यवस्था की जांच कर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे बारिश का पानी घरों में प्रवेश न करे। रहवासियों का कहना है कि हर बारिश में जलभराव की समस्या दोहराती है, इसलिए केवल अस्थायी राहत के बजाय स्थायी जल निकासी व्यवस्था की जरूरत है। रिपोर्ट:- AIMA MEDIA-24×7-जन जन की आवाज़ 🎤7509747686 🚨 जालपा देवी वार्ड के शक्ति नगर में जलभराव से परेशानी घर के अंदर घुसा बारिश का पानी, रहवासियों का जीना हुआ दुश्वार; नगर निगम की कार्रवाई का इंतजार कटनी। जालपा देवी वार्ड अंतर्गत संस्कार भारती स्कूल के पीछे स्थित शक्ति नगर में बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या सामने आई है। रहवासियों के मुताबिक थोड़ी सी बारिश होते ही पूरा क्षेत्र पानी-पानी हो जाता है और कई घरों के अंदर तक बारिश का पानी पहुंच जाता है। घर के अंदर पानी भरने से लोगों को दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में जल निकासी की समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बारिश के दौरान सड़क और आसपास का क्षेत्र जलमग्न होने से आवागमन भी प्रभावित होता है। ⚠️ रहवासियों ने स्थायी समाधान की मांग की शक्ति नगर के लोगों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कर जल निकासी की उचित व्यवस्था कराई जाए। साथ ही नाली और ड्रेनेज व्यवस्था की जांच कर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे बारिश का पानी घरों में प्रवेश न करे। रहवासियों का कहना है कि हर बारिश में जलभराव की समस्या दोहराती है, इसलिए केवल अस्थायी राहत के बजाय स्थायी जल निकासी व्यवस्था की जरूरत है। रिपोर्ट:- AIMA MEDIA-24×7-जन जन की आवाज़ 🎤75097476861
- *बारिश में भीगी धान सड़ी, कई बोरियों में अंकुरण; वीडियो वायरल होने के बाद युवक ने धमकी देने का लगाया आरोप* कटनी। मझगवां स्थित ओपन वेयरहाउस में उपार्जन केंद्रों से खरीदी गई धान के बारिश में खराब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बारिश के दौरान पानी गिरने से बड़ी मात्रा में रखी धान खराब हो गई, जबकि कुछ बोरियों में धान के अंकुरित होने की बात भी सामने आई है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वेयरहाउस प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि उपार्जन केंद्रों से किसानों से खरीदी गई धान को मझगवां ओपन वेयरहाउस में सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया था। बारिश के बाद यहां रखी धान की स्थिति खराब होने के वीडियो सामने आए। एक युवक द्वारा बनाए गए वीडियो में कथित तौर पर खराब और अंकुरित धान दिखाई गई, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। *युवक ने लगाया धमकी देने का आरोप* वीडियो वायरल होने के बाद युवक प्रिंस गौतम ने आरोप लगाया कि वेयरहाउस मैनेजर और कर्मचारियों की ओर से उसे जान से मारने तथा शिकायत वापस लेने की धमकी दी गई। इसके बाद युवक ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। युवक द्वारा एनकेजे थाना में लिखित शिकायत देकर अपनी जान की सुरक्षा की मांग किए जाने की भी बात सामने आई है। हालांकि, धमकी के आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। *मीडिया कवरेज के दौरान शुरू हुआ धान हटाने का काम* मामला सामने आने के बाद जब मीडिया टीम मझगवां ओपन वेयरहाउस पहुंची और मौके की स्थिति को कैमरे में कैद करने का प्रयास किया, तो आरोप है कि वेयरहाउस मैनेजर मौके से चले गए। वहीं, इसके बाद खराब धान और तिरपाल को हटाने अथवा ठिकाने लगाने का काम शुरू होने की बात सामने आई है। पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में रखी गई किसानों की खरीदी गई धान बारिश में खराब कैसे हुई? क्या धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? खराब हुई धान की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और शासन को इससे कितनी आर्थिक क्षति हुई—इन सवालों की जांच जरूरी है। *जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति* मझगवां वेयरहाउस में रखी धान की स्थिति, भंडारण व्यवस्था, बारिश से हुए नुकसान और युवक द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि मौके का निरीक्षण कर धान के नुकसान का आकलन कराया जाए तथा भंडारण में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए।1
- भाजपा शासन में चहुं ओर अशान्ति एवम् गरीब जनता का हक, रोजगार मारा जा रहा है और अत्याचार तो चरम पर है। भाजपा शासन में चहुं ओर अशान्ति एवम् गरीब जनता का हक, रोजगार मारा जा रहा है और अत्याचार तो चरम पर है।1
- राधाष्टमी पर उमरियापान में गूंजा भक्ति का रंग, सर्व यादव समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा उमरियापान। राधाष्टमी के पावन अवसर पर उमरियापान में सर्व यादव समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाजजन एवं श्रद्धालु शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर श्रद्धालु उत्साह के साथ थिरकते नजर आए। शोभायात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का स्वागत किया। इसके बाद शोभायात्रा ग्वाल बाबा धाम पहुंची, जहां विधि-विधान से आरती की गई। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। प्रसाद ग्रहण करने के साथ ही राधाष्टमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- जमुई वायरल वीडियो: रात में युवा जोड़े के साथ कथित उत्पीड़न, बिहार पुलिस ने जांच के आदेश दिएपटना जमुई, 21 सितंबर 2026: बिहार के जमुई जिले से संबंधित बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में रात के समय एक युवा युवक-युवती को कई लोगों के समूह द्वारा घेरे जाने और युवती के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने का दृश्य दिख रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे मोरल पुलिसिंग के नाम पर उत्पीड़न करार दिया है। वीडियो में दिख रहा है कि एक समूह युवक-युवती को रात में घेर लेता है। एक व्यक्ति चेहरा ढककर युवती को जबरन उठाने या ले जाने का प्रयास करता दिखता है। युवती चीखती हुई विरोध करती है, जबकि युवक बीच-बचाव करने की कोशिश करता है। दोनों मौके से भाग निकलते हैं। एक दूसरे क्लिप में वही जोड़ा कुछ दूरी पर स्कूटर पर बैठा दिखता है, जहां समूह दोबारा उनसे उलझता है। जोड़ा हाथ जोड़कर गुहार लगाता दिखता है, जिसके बाद उन्हें जाने दिया जाता है। घटना के आगे क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश देखने को मिला। यूजर्स ने इसे संस्कृति के नाम पर उत्पीड़न और हमला बताया। कई लोगों ने बिहार पुलिस और जमुई पुलिस को टैग कर आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ यूजर्स ने इसे यौन हिंसा की मंशा से जोड़कर भी टिप्पणी की। स्थानीय स्तर पर यह घटना हाल के महीनों में जोड़ों के साथ हुई तीसरी ऐसी घटना बताई जा रही है। बिहार पुलिस के आधिकारिक अकाउंट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जमुई पुलिस को टैग किया और लिखा, “ @JamuiPolice कृपया सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।” पुलिस ने वीडियो की जांच करने और तथ्यों की पुष्टि करने के निर्देश दिए हैं। अगर वीडियो जमुई का पाया जाता है तो शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक पुलिस ने घटना के सटीक स्थान, शामिल लोगों की पहचान या परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वीडियो की प्रामाणिकता और पूरा विवरण जांच के अधीन है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।यह घटना सार्वजनिक स्थानों पर जोड़ों के साथ हो रहे उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। कई लोगों ने ऐसे मामलों के खिलाफ सख्त कानून बनाने और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की मांग की है। जांच रिपोर्ट का इंतजार है।2
- *बारिश में भीगी धान सड़ी, कई बोरियों में अंकुरण; वीडियो वायरल होने के बाद युवक ने धमकी देने का लगाया आरोप* कटनी। मझगवां स्थित ओपन वेयरहाउस में उपार्जन केंद्रों से खरीदी गई धान के बारिश में खराब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बारिश के दौरान पानी गिरने से बड़ी मात्रा में रखी धान खराब हो गई, जबकि कुछ बोरियों में धान के अंकुरित होने की बात भी सामने आई है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वेयरहाउस प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि उपार्जन केंद्रों से किसानों से खरीदी गई धान को मझगवां ओपन वेयरहाउस में सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया था। बारिश के बाद यहां रखी धान की स्थिति खराब होने के वीडियो सामने आए। एक युवक द्वारा बनाए गए वीडियो में कथित तौर पर खराब और अंकुरित धान दिखाई गई, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। *युवक ने लगाया धमकी देने का आरोप* वीडियो वायरल होने के बाद युवक प्रिंस गौतम ने आरोप लगाया कि वेयरहाउस मैनेजर और कर्मचारियों की ओर से उसे जान से मारने तथा शिकायत वापस लेने की धमकी दी गई। इसके बाद युवक ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। युवक द्वारा एनकेजे थाना में लिखित शिकायत देकर अपनी जान की सुरक्षा की मांग किए जाने की भी बात सामने आई है। हालांकि, धमकी के आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। *मीडिया कवरेज के दौरान शुरू हुआ धान हटाने का काम* मामला सामने आने के बाद जब मीडिया टीम मझगवां ओपन वेयरहाउस पहुंची और मौके की स्थिति को कैमरे में कैद करने का प्रयास किया, तो आरोप है कि वेयरहाउस मैनेजर मौके से चले गए। वहीं, इसके बाद खराब धान और तिरपाल को हटाने अथवा ठिकाने लगाने का काम शुरू होने की बात सामने आई है। पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में रखी गई किसानों की खरीदी गई धान बारिश में खराब कैसे हुई? क्या धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? खराब हुई धान की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और शासन को इससे कितनी आर्थिक क्षति हुई—इन सवालों की जांच जरूरी है। *जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति* मझगवां वेयरहाउस में रखी धान की स्थिति, भंडारण व्यवस्था, बारिश से हुए नुकसान और युवक द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि मौके का निरीक्षण कर धान के नुकसान का आकलन कराया जाए तथा भंडारण में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए।4