*बारिश में भीगी धान सड़ी, कई बोरियों में अंकुरण; वीडियो वायरल होने के बाद युवक ने धमकी देने का लगाया आरोप* कटनी। मझगवां स्थित ओपन वेयरहाउस में उपार्जन केंद्रों से खरीदी गई धान के बारिश में खराब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बारिश के दौरान पानी गिरने से बड़ी मात्रा में रखी धान खराब हो गई, जबकि कुछ बोरियों में धान के अंकुरित होने की बात भी सामने आई है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वेयरहाउस प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि उपार्जन केंद्रों से किसानों से खरीदी गई धान को मझगवां ओपन वेयरहाउस में सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया था। बारिश के बाद यहां रखी धान की स्थिति खराब होने के वीडियो सामने आए। एक युवक द्वारा बनाए गए वीडियो में कथित तौर पर खराब और अंकुरित धान दिखाई गई, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। *युवक ने लगाया धमकी देने का आरोप* वीडियो वायरल होने के बाद युवक प्रिंस गौतम ने आरोप लगाया कि वेयरहाउस मैनेजर और कर्मचारियों की ओर से उसे जान से मारने तथा शिकायत वापस लेने की धमकी दी गई। इसके बाद युवक ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। युवक द्वारा एनकेजे थाना में लिखित शिकायत देकर अपनी जान की सुरक्षा की मांग किए जाने की भी बात सामने आई है। हालांकि, धमकी के आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। *मीडिया कवरेज के दौरान शुरू हुआ धान हटाने का काम* मामला सामने आने के बाद जब मीडिया टीम मझगवां ओपन वेयरहाउस पहुंची और मौके की स्थिति को कैमरे में कैद करने का प्रयास किया, तो आरोप है कि वेयरहाउस मैनेजर मौके से चले गए। वहीं, इसके बाद खराब धान और तिरपाल को हटाने अथवा ठिकाने लगाने का काम शुरू होने की बात सामने आई है। पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में रखी गई किसानों की खरीदी गई धान बारिश में खराब कैसे हुई? क्या धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? खराब हुई धान की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और शासन को इससे कितनी आर्थिक क्षति हुई—इन सवालों की जांच जरूरी है। *जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति* मझगवां वेयरहाउस में रखी धान की स्थिति, भंडारण व्यवस्था, बारिश से हुए नुकसान और युवक द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि मौके का निरीक्षण कर धान के नुकसान का आकलन कराया जाए तथा भंडारण में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए।
*बारिश में भीगी धान सड़ी, कई बोरियों में अंकुरण; वीडियो वायरल होने के बाद युवक ने धमकी देने का लगाया आरोप* कटनी। मझगवां स्थित ओपन वेयरहाउस में उपार्जन केंद्रों से खरीदी गई धान के बारिश में खराब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बारिश के दौरान पानी गिरने से बड़ी मात्रा में रखी धान खराब हो गई, जबकि कुछ बोरियों में धान के अंकुरित होने की बात भी सामने आई है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वेयरहाउस प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि उपार्जन केंद्रों से किसानों से खरीदी गई धान को मझगवां ओपन वेयरहाउस में सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया था। बारिश के बाद यहां रखी धान की स्थिति खराब होने के वीडियो सामने आए। एक युवक द्वारा बनाए गए वीडियो में कथित तौर पर खराब और अंकुरित धान दिखाई गई, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। *युवक ने लगाया धमकी देने का आरोप* वीडियो वायरल होने के बाद युवक प्रिंस गौतम ने आरोप लगाया कि वेयरहाउस मैनेजर और कर्मचारियों की ओर से उसे जान से मारने तथा शिकायत वापस लेने की धमकी दी गई। इसके बाद युवक ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। युवक द्वारा एनकेजे थाना में लिखित शिकायत देकर अपनी जान की सुरक्षा की मांग किए जाने की भी बात सामने आई है। हालांकि, धमकी के आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। *मीडिया कवरेज के दौरान शुरू हुआ धान हटाने का काम* मामला सामने आने के बाद जब मीडिया टीम मझगवां ओपन वेयरहाउस पहुंची और मौके की स्थिति को कैमरे में कैद करने का प्रयास किया, तो आरोप है कि वेयरहाउस मैनेजर मौके से चले गए। वहीं, इसके बाद खराब धान और तिरपाल को हटाने अथवा ठिकाने लगाने का काम शुरू होने की बात सामने आई है। पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में रखी गई किसानों की खरीदी गई धान बारिश में खराब कैसे हुई? क्या धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? खराब हुई धान की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और शासन को इससे कितनी आर्थिक क्षति हुई—इन सवालों की जांच जरूरी है। *जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति* मझगवां वेयरहाउस में रखी धान की स्थिति, भंडारण व्यवस्था, बारिश से हुए नुकसान और युवक द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि मौके का निरीक्षण कर धान के नुकसान का आकलन कराया जाए तथा भंडारण में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए।
- *बारिश में भीगी धान सड़ी, कई बोरियों में अंकुरण; वीडियो वायरल होने के बाद युवक ने धमकी देने का लगाया आरोप* कटनी। मझगवां स्थित ओपन वेयरहाउस में उपार्जन केंद्रों से खरीदी गई धान के बारिश में खराब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बारिश के दौरान पानी गिरने से बड़ी मात्रा में रखी धान खराब हो गई, जबकि कुछ बोरियों में धान के अंकुरित होने की बात भी सामने आई है। मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वेयरहाउस प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि उपार्जन केंद्रों से किसानों से खरीदी गई धान को मझगवां ओपन वेयरहाउस में सुरक्षा व्यवस्था के तहत रखा गया था। बारिश के बाद यहां रखी धान की स्थिति खराब होने के वीडियो सामने आए। एक युवक द्वारा बनाए गए वीडियो में कथित तौर पर खराब और अंकुरित धान दिखाई गई, जिसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। *युवक ने लगाया धमकी देने का आरोप* वीडियो वायरल होने के बाद युवक प्रिंस गौतम ने आरोप लगाया कि वेयरहाउस मैनेजर और कर्मचारियों की ओर से उसे जान से मारने तथा शिकायत वापस लेने की धमकी दी गई। इसके बाद युवक ने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी कर पूरे मामले की जानकारी दी और अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। युवक द्वारा एनकेजे थाना में लिखित शिकायत देकर अपनी जान की सुरक्षा की मांग किए जाने की भी बात सामने आई है। हालांकि, धमकी के आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। *मीडिया कवरेज के दौरान शुरू हुआ धान हटाने का काम* मामला सामने आने के बाद जब मीडिया टीम मझगवां ओपन वेयरहाउस पहुंची और मौके की स्थिति को कैमरे में कैद करने का प्रयास किया, तो आरोप है कि वेयरहाउस मैनेजर मौके से चले गए। वहीं, इसके बाद खराब धान और तिरपाल को हटाने अथवा ठिकाने लगाने का काम शुरू होने की बात सामने आई है। पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में रखी गई किसानों की खरीदी गई धान बारिश में खराब कैसे हुई? क्या धान को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए थे? खराब हुई धान की जिम्मेदारी किसकी तय होगी और शासन को इससे कितनी आर्थिक क्षति हुई—इन सवालों की जांच जरूरी है। *जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति* मझगवां वेयरहाउस में रखी धान की स्थिति, भंडारण व्यवस्था, बारिश से हुए नुकसान और युवक द्वारा लगाए गए धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होने पर ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि मौके का निरीक्षण कर धान के नुकसान का आकलन कराया जाए तथा भंडारण में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाए।4
- आक्रोश तब क्यों नहीं उठा जब भारत मां को डायन कहा गया। आक्रोश तब भी नहीं उठा जब गांधी हत्या को बहाना बनाकर हजारों ब्राह्मणों का क़त्ल किया। आक्रोश तब भी नहीं उठा जब आपातकाल लगाकर सिर्फ हिंदुओं की नसबंदी कर दी ताकि हिंदू जनसंख्या घटे ओर मुसलमानों की बढ़े। आक्रोश तब भी नहीं जगा जब नेहरू ने सोमनाथ मंदिर बनाने का विरोध किया। आक्रोश तब भी नहीं जगा जब कम्युनल बिल द्वारा सिर्फ हिंदुओं को फ़साने का प्रावधान किया जिसे बीजेपी ने विफल किया। आक्रोश तब भी नहीं जगा जब गौहत्या का विरोध कर रहे संतों पर इंदिराखान ने गोली चलाकर मार डाला। आक्रोश तब भी नहीं जगा तब कश्मीर में ब्राह्मणों की हत्या की ओर हिंदू विहीन कर दिया। विकट समय पर आक्रोश नहीं करना कायरता है। आक्रोश तब क्यों नहीं उठा जब भारत मां को डायन कहा गया। आक्रोश तब भी नहीं उठा जब गांधी हत्या को बहाना बनाकर हजारों ब्राह्मणों का क़त्ल किया। आक्रोश तब भी नहीं उठा जब आपातकाल लगाकर सिर्फ हिंदुओं की नसबंदी कर दी ताकि हिंदू जनसंख्या घटे ओर मुसलमानों की बढ़े। आक्रोश तब भी नहीं जगा जब नेहरू ने सोमनाथ मंदिर बनाने का विरोध किया। आक्रोश तब भी नहीं जगा जब कम्युनल बिल द्वारा सिर्फ हिंदुओं को फ़साने का प्रावधान किया जिसे बीजेपी ने विफल किया। आक्रोश तब भी नहीं जगा जब गौहत्या का विरोध कर रहे संतों पर इंदिराखान ने गोली चलाकर मार डाला। आक्रोश तब भी नहीं जगा तब कश्मीर में ब्राह्मणों की हत्या की ओर हिंदू विहीन कर दिया। विकट समय पर आक्रोश नहीं करना कायरता है।1
- घर में निकला करीब 5 फीट लंबा जहरीला ब्लैक कोबरा, सर्प मित्र ने किया रेस्क्यू रीठी। कटनी जिले की रीठी तहसील के ग्राम मोहास में परशुराम पटले के घर में करीब 5 फीट लंबा ब्लैक कोबरा निकलने से हड़कंप मच गया। बताया गया कि सर्प रात करीब 8:45 बजे घर में दिखाई दिया। सांप को देखते ही परिजनों ने इसकी सूचना सर्प मित्र को दी। सूचना मिलते ही सर्प मित्र मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक ब्लैक कोबरा का रेस्क्यू किया। इसके बाद सर्प को सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। सर्प मित्र ने बताया कि ब्लैक कोबरा अत्यंत जहरीला सर्प होता है, इसलिए घर या आसपास सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें और तत्काल विशेषज्ञ सर्प मित्र की मदद लें।1
- जमुई वायरल वीडियो: रात में युवा जोड़े के साथ कथित उत्पीड़न, बिहार पुलिस ने जांच के आदेश दिएपटना जमुई, 21 सितंबर 2026: बिहार के जमुई जिले से संबंधित बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में रात के समय एक युवा युवक-युवती को कई लोगों के समूह द्वारा घेरे जाने और युवती के साथ कथित अभद्र व्यवहार किए जाने का दृश्य दिख रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे मोरल पुलिसिंग के नाम पर उत्पीड़न करार दिया है। वीडियो में दिख रहा है कि एक समूह युवक-युवती को रात में घेर लेता है। एक व्यक्ति चेहरा ढककर युवती को जबरन उठाने या ले जाने का प्रयास करता दिखता है। युवती चीखती हुई विरोध करती है, जबकि युवक बीच-बचाव करने की कोशिश करता है। दोनों मौके से भाग निकलते हैं। एक दूसरे क्लिप में वही जोड़ा कुछ दूरी पर स्कूटर पर बैठा दिखता है, जहां समूह दोबारा उनसे उलझता है। जोड़ा हाथ जोड़कर गुहार लगाता दिखता है, जिसके बाद उन्हें जाने दिया जाता है। घटना के आगे क्या हुआ, यह स्पष्ट नहीं है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश देखने को मिला। यूजर्स ने इसे संस्कृति के नाम पर उत्पीड़न और हमला बताया। कई लोगों ने बिहार पुलिस और जमुई पुलिस को टैग कर आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ यूजर्स ने इसे यौन हिंसा की मंशा से जोड़कर भी टिप्पणी की। स्थानीय स्तर पर यह घटना हाल के महीनों में जोड़ों के साथ हुई तीसरी ऐसी घटना बताई जा रही है। बिहार पुलिस के आधिकारिक अकाउंट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए जमुई पुलिस को टैग किया और लिखा, “ @JamuiPolice कृपया सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित।” पुलिस ने वीडियो की जांच करने और तथ्यों की पुष्टि करने के निर्देश दिए हैं। अगर वीडियो जमुई का पाया जाता है तो शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक पुलिस ने घटना के सटीक स्थान, शामिल लोगों की पहचान या परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वीडियो की प्रामाणिकता और पूरा विवरण जांच के अधीन है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।यह घटना सार्वजनिक स्थानों पर जोड़ों के साथ हो रहे उत्पीड़न और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। कई लोगों ने ऐसे मामलों के खिलाफ सख्त कानून बनाने और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की मांग की है। जांच रिपोर्ट का इंतजार है।2
- *सेवा संकल्प यात्रा का मैहर में भव्य स्वागत, युवा नेता सौरज पांडे ने किया बाइक सवारों का जोरदार अभिनंदन* *सेवा संकल्प यात्रा का मैहर में भव्य स्वागत, युवा नेता सौरज पांडे ने किया बाइक सवारों का जोरदार अभिनंदन* मैहर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर काशी से वाडनगर के लिए निकली सेवा संकल्प मोटरसाइकिल सवारो का जत्था रविवार को मां शारदा की पावन नगरी मैहर पहुंचा। मैहर पहुंचने पर युवा नेता एवं माता की रसोई के संचालक धीरज पांडे के पुत्र सौरज पांडे ने यात्रा में शामिल बाइक सवारों का पुष्प वर्षा माल्यार्पण एवं चुनरी उड़ाकर भव्य स्वागत किया। यात्रा में शामिल सभी बाइक सवारों ने मां शारदा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात जत्था मां शारदा की मां की रसोई पहुंचा, जहां एक बार फिर सौरज पांडे के नेतृत्व में फूलों की वर्षा, पुष्पहार एवं चुनरी ओढ़ाकर सभी यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान पूरा वातावरण मां शारदा के जयकारों और भारत माता के जयघोष से गूंज उठा। यात्रा में शामिल बाइक सवारों ने मैहर की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा की सराहना की। सौरज पांडे ने कहा कि माता शारदा की नगरी मैहर में सेवा संकल्प यात्रा के साथियों का स्वागत करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। माता शारदा सभी यात्रियों पर अपनी कृपा बनाए रखें और देश में सुख-शांति एवं समृद्धि बनी रहे। मैहर में यात्रा के स्वागत के दौरान सौरज पांडे की अगुवाई और माता की रसोई में यात्रियों के आत्मीय स्वागत ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।1
- माई के जयकारों से गूंजी माई की रसोई 🇮🇳 सौरज पाण्डेय के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ सफल 📍 माई के जयकारों से गूंजी माई की रसोई 🇮🇳 सौरज पाण्डेय के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ सफल 📍1
- रविदास चौराहे के व्यस्त तिराहे पर निर्माण, हादसे का खतरा बढ़ने की आशंका //6267641443// 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥 सड़क किनारे बनी पक्की पट्टी को लेकर स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति, निगम से स्थल निरीक्षण की माँग। कटनी। शहर के रविदास चौराहे के व्यस्त तिराहे पर सड़क किनारे किए गए निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि खिड़की-दरवाजे के व्यापारी ब्रजेश अग्रवाल द्वारा दुकान के सामने सड़क से लगी पट्टी का निर्माण कराया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तिराहा और मोड़ के साथ ढलान होने के कारण यह स्थान पहले से ही यातायात की दृष्टि से संवेदनशील है और सड़क किनारे अतिरिक्त निर्माण से वाहनों के आवागमन पर असर पड़ सकता है। मौके से सामने आई तस्वीर में सड़क के किनारे भवन के सामने पक्की पट्टी और ऊंचा हिस्सा दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक इस हिस्से के कारण सड़क और भवन के बीच उपलब्ध स्थान का स्वरूप प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि व्यस्त समय में जब एक साथ कई वाहन तिराहे से गुजरते हैं और मोड़ लेते हैं, तब सड़क किनारे किसी भी तरह की अतिरिक्त बाधा परेशानी का कारण बन सकती है। *निर्माण की वैधता पर उठे सवाल* स्थानीय नागरिकों ने निर्माण की वैधता पर सवाल उठाते हुए नगर निगम प्रशासन से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि संबंधित निर्माण की स्वीकृति, सड़क सीमा और सीमांकन की जांच मौके पर की जानी चाहिए। यदि जांच में निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है या यातायात में बाधा उत्पन्न होना सामने आता है, तो नियमानुसार कार्यवाही की जाए। *दुर्घटना के बाद नहीं, पहले हो समाधान* स्थानीय लोगों का कहना है कि रविदास चौराहा शहर का व्यस्त मार्ग है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में किसी संभावित दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय निगम प्रशासन को तत्काल स्थल निरीक्षण कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि रविदास चौराहे के पूरे तिराहे का निरीक्षण कर सड़क सीमा से जुड़े निर्माण और अतिक्रमण की जांच की जाए तथा यातायात में बाधा मिलने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाए।4
- जिला कटनी : देवरा कला वार्ड-13 में विकास के नाम पर खानापूर्ति, सड़क बनी तालाब* *📍 जिला कटनी : देवरा कला वार्ड-13 में विकास के नाम पर खानापूर्ति, सड़क बनी तालाब* *कटनी / देवरा कला |* ग्राम पंचायत देवरा कला के वार्ड क्रमांक 13 में विकास कार्यों की हकीकत सामने आई है। बस स्टैंड से चौधरी मोहल्ला तक जाने वाली मुख्य सड़क का आज तक पक्का निर्माण नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर सिर्फ एक हाइवा गिट्टी डालकर छोड़ दी गई है। नाली न होने से बारिश का पानी सड़क पर ही भर गया है और कीचड़-गंदगी से बुरा हाल है। पानी निकासी का कोई रास्ता न होने से बीमारी फैलने का खतरा है। स्थानीय लोगों ने कई बार सरपंच से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द पक्की सड़क और दोनों तरफ नाली का निर्माण कराया जाए। *#KatniNews #DeoraKala #Ward13 #JalBharavSamस्या #MadhyaPradesh*2
- ग्राम मढ़िया नंबर 2 में बारिश में गिरे दो मकान, जनसुनवाई में गुहार के बाद भी नहीं मिली आपदा सहायता राशि रीठी। ग्राम पंचायत बरियारपुर के ग्राम मढ़िया नंबर-2 में 16 अगस्त को हुई तेज बारिश के कारण एक ग्रामीण के दो मकान गिर गए। मकान गिरने से परिवार के सामने रहने और सामान सुरक्षित रखने की परेशानी खड़ी हो गई है। पीड़ित के अनुसार, मकान गिरने के बाद उन्होंने 18 अगस्त मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन देकर आपदा सहायता राशि दिलाने की मांग की थी, लेकिन आवेदन देने के बाद भी अब तक उन्हें सहायता राशि प्राप्त नहीं हुई है। पीड़ित का कहना है कि मकान गिरने से आर्थिक नुकसान हुआ है और परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित ने प्रशासन से मामले की जांच कर नियम अनुसार आपदा सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है।1