विकास खंड परिसर स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने किया भव्य भंडारा, महाशिवरात्रि पर निकला था विशाल जुलूस रामपुरा (जालौन)। विकास खंड परिसर में स्थित हनुमान जी मंदिर पर श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। मंदिर को फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भक्ति गीतों और जयकारों से परिसर गूंजता रहा। भंडारे से पूर्व विधिवत पूजन-अर्चन और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। इसके उपरांत प्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। समाजसेवी आशदीप दीक्षित उर्फ गोविंदा एवं प्रदीप बाथम सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने व्यवस्थाएं संभालीं और श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित ढंग से भोजन कराया। महिला श्रद्धालुओं की भी आयोजन में सक्रिय भागीदारी रही। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पूर्व महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर में भव्य शिव जुलूस निकाला गया था। जुलूस में भगवान शिव की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर शिव भक्त नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय हो गया था। जुलूस प्रमुख मार्गों से होता हुआ विभिन्न मंदिरों में पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन किया। भंडारे के दौरान सामाजिक एकता, भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी दिया गया। स्थानीय नागरिकों, युवाओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। आयोजकों ने बताया कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत बनाते हैं। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
विकास खंड परिसर स्थित हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं ने किया भव्य भंडारा, महाशिवरात्रि पर निकला था विशाल जुलूस रामपुरा (जालौन)। विकास खंड परिसर में स्थित हनुमान जी मंदिर पर श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी। मंदिर को फूल-मालाओं और रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। भक्ति गीतों और जयकारों से परिसर गूंजता रहा। भंडारे से पूर्व विधिवत पूजन-अर्चन और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। इसके उपरांत प्रसाद वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। समाजसेवी आशदीप दीक्षित उर्फ गोविंदा एवं प्रदीप बाथम सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने व्यवस्थाएं संभालीं और श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित ढंग से भोजन कराया। महिला श्रद्धालुओं की भी आयोजन में सक्रिय भागीदारी रही। उल्लेखनीय है कि इससे एक
दिन पूर्व महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर नगर में भव्य शिव जुलूस निकाला गया था। जुलूस में भगवान शिव की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर शिव भक्त नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय हो गया था। जुलूस प्रमुख मार्गों से होता हुआ विभिन्न मंदिरों में पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर पूजन-अर्चन किया। भंडारे के दौरान सामाजिक एकता, भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी दिया गया। स्थानीय नागरिकों, युवाओं और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति से आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। आयोजकों ने बताया कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत बनाते हैं। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
- जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में कालपी रोड स्थित बृजवासी रेस्टोरेंट के सामने बुधवार को ओवरटेक विवाद को लेकर बाइक और कार सवारों के बीच जमकर मारपीट हुई। सड़क के बीचों-बीच हुए इस हंगामे के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कालपी रोड पर एक तेज रफ्तार कार चालक और बाइक सवार के बीच ओवरटेक को लेकर कहासुनी हुई। यह विवाद जल्द ही बढ़ गया और दोनों पक्षों ने अपने वाहन रोककर सड़क पर उतर आए। कुछ ही देर में दोनों तरफ से अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए और हाथापाई शुरू हो गई। इस मारपीट से राहगीरों में दहशत फैल गई और यातायात में बाधा उत्पन्न हुई।1
- जिला जालौन के नगर जालौन में सोमवार को साप्ताहिक बंदी घोषित होने के बावजूद बाजार खुला रहना शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जब नियम के अनुसार बंदी का दिन तय है, तो उसका पालन कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। यदि बाजार खुलेआम संचालित हो रहा है और कोई अधिकारी निरीक्षण या कार्रवाई नहीं कर रहा, तो इसका अर्थ है कि या तो बंदी के नियमों की अनदेखी हो रही है या फिर प्रशासनिक स्तर पर निगरानी की कमी है। साप्ताहिक बंदी का उद्देश्य दुकानदारों को विश्राम देना, यातायात व भीड़ नियंत्रण तथा व्यवस्था बनाए रखना होता है, लेकिन नियम लागू न होने से इसका महत्व खत्म हो जाता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका व श्रम विभाग को संयुक्त रूप से जांच कर नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि सभी व्यापारियों पर एक समान नियम लागू हो सके और बंदी सिर्फ कागजों तक सीमित न रह जाए।1
- *🌿 श्री कृष्ण कहते हैं 🌿* ✨ "*आशा* और *विश्वास* कभी गलत नहीं होते..!! ये हम पर निर्भर करता है कि, हमने *आशा* किससे की और *विश्वास* किस पर किया..!!" 🌸 *--------------------------------* *❤️ True 👍 False*1
- औरैया में गुरुवार की सुबह ट्रक और बाइक की आमने सामने टक्कर हो गयी। जिसमें बाइक सवार दोनों लोग घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया। जगह से उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया2
- औरैया के थाना अछल्दा क्षेत्रांतर्गत ग्राम तुर्कपुर के पास एक कार अनियंत्रित होकर नहर में गिरने से महिला समेत 3 कई मौत। जिलाधिकारी डॉक्टर इन्द्रमणि त्रिपाठी ने घटना को लेकर बताया की कार सवार दिबियापुर से भरथना जनपद इटावा जा रहे थे। कार में शादी के कार्ड पड़े हुए थे।1
- जनपद औरैया से अछल्दा थाना क्षेत्र के तुर्कपुर नहर पुल के समीप बड़ा हादसा।डस्टर गाड़ी अनियंत्रित होकर नहर में गिरी।ग्रामीणों ने नहर में कार के पहिए को देखा।कार सवार 3 लोगों की मौके पर मौत, तीनों लोगों की पानी में डूबने से मौत।हादसे में 2 पुरुष और 1 महिला की दर्दनाक मौत।मृतक भरथना निवासी है।स्थानीय पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची।घटना से इलाके में सनसनी।अछल्दा थाना क्षेत्र के तुरुकपुर गांव के पास हुई घटना।2
- जिला जालौन के नगर जालौन में सोमवार को साप्ताहिक बंदी घोषित होने के बावजूद बाजार खुला रहना शासन-प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जब नियम के अनुसार बंदी का दिन तय है, तो उसका पालन कराना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। यदि बाजार खुलेआम संचालित हो रहा है और कोई अधिकारी निरीक्षण या कार्रवाई नहीं कर रहा, तो इसका अर्थ है कि या तो बंदी के नियमों की अनदेखी हो रही है या फिर प्रशासनिक स्तर पर निगरानी की कमी है। साप्ताहिक बंदी का उद्देश्य दुकानदारों को विश्राम देना, यातायात व भीड़ नियंत्रण तथा व्यवस्था बनाए रखना होता है, लेकिन नियम लागू न होने से इसका महत्व खत्म हो जाता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका व श्रम विभाग को संयुक्त रूप से जांच कर नियमों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि सभी व्यापारियों पर एक समान नियम लागू हो सके और बंदी सिर्फ कागजों तक सीमित न रह जाए।3
- राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में 22 फरवरी को मेगा विधिक सहायता शिविर का आयोजन, शिविर में आम जनता को त्वरित न्यायिक सहायता के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा, तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन की ओर से बताया गया कि शिविर का उद्देश्य आमजन तक न्यायिक सहायता पहुंचाना है, राजस्व, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और बैंकिंग समेत कई विभाग लगाएंगे स्टॉल, बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद2
- कैलिया थाना पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ के मामले में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुष्पेन्द्र सिंह को असूपुरा-पीपरी मार्ग पर सामी बैंक मोड़ के पास से पकड़ा गया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश कर दिया है। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार के निर्देश पर जनपद में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा और क्षेत्राधिकारी कोंच परमेश्वर प्रसाद के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अवनीश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। उपनिरीक्षक विवेक कुमार मिश्र अपनी टीम के साथ 18 फरवरी 2026 को संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में चेकिंग कर रहे थे,1