पटोरी के बीबीआर एजुकेशन में बच्चों का भविष्य सुरक्षित, रिटायर्ड सरकारी शिक्षक ने संभाली पटोरी के बीबीआर एजुकेशन में बच्चों का भविष्य सुरक्षित, रिटायर्ड सरकारी शिक्षक ने संभाली कमानपटोरी। शिक्षा के क्षेत्र में सही मार्गदर्शन और अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। इसे सच कर दिखाया है पटोरी स्थित बीबीआर एजुकेशन कोचिंग संस्थान ने। सरकारी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद, बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के संकल्प के साथ इस संस्थान की शुरुआत की गई है। इस कोचिंग के संस्थापक और संचालक खुद एक अनुभवी रिटायर्ड सरकारी शिक्षक हैं, जिनके मार्गदर्शन में पढ़कर आज कई छात्र ऊंचे मुकाम पर हैं।सफलताओं का शानदार इतिहाससंस्थान के ट्रैक रिकॉर्ड की बात करें तो यहाँ के पढ़े हुए बच्चे लगातार परीक्षाओं में टॉप करते आ रहे हैं। इतना ही नहीं, पूर्व में यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर चुके कई छात्र आज देश के विभिन्न प्रतिष्ठित और अच्छे सरकारी पदों पर कार्यरत हैं। अनुभवी शिक्षक का सीधा मार्गदर्शन ही यहाँ के बच्चों की सबसे बड़ी ताकत है।शिक्षा से जुड़ा है पूरा परिवारइस संस्थान की सबसे खास बात यह है कि इसका पूरा परिवार ही देश की सेवा और शिक्षा जगत से जुड़ा हुआ है। संचालक के बच्चे खुद भी उच्च पदों पर देश का मान बढ़ा रहे हैं:एक बेटा: केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।दूसरा बेटा: रेलवे मेल सर्विस (RMS) में कार्यरत होकर देश की सेवा कर रहे हैं।बेटी: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) पास करके +2 (प्लस टू) शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।अनुभव और संस्कार का संगमएक ऐसा परिवार जहां खुद सफलता की कहानियां मौजूद हैं, वहां पढ़ रहे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। रिटायर्ड होने के बाद भी शिक्षा की इस अलख को जगाए रखना पटोरी और आस-पास के छात्रों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रहा है।
पटोरी के बीबीआर एजुकेशन में बच्चों का भविष्य सुरक्षित, रिटायर्ड सरकारी शिक्षक ने संभाली पटोरी के बीबीआर एजुकेशन में बच्चों का भविष्य सुरक्षित, रिटायर्ड सरकारी शिक्षक ने संभाली कमानपटोरी। शिक्षा के क्षेत्र में सही मार्गदर्शन और अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। इसे सच कर दिखाया है पटोरी स्थित बीबीआर एजुकेशन कोचिंग संस्थान ने। सरकारी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद, बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के संकल्प के साथ इस संस्थान की
शुरुआत की गई है। इस कोचिंग के संस्थापक और संचालक खुद एक अनुभवी रिटायर्ड सरकारी शिक्षक हैं, जिनके मार्गदर्शन में पढ़कर आज कई छात्र ऊंचे मुकाम पर हैं।सफलताओं का शानदार इतिहाससंस्थान के ट्रैक रिकॉर्ड की बात करें तो यहाँ के पढ़े हुए बच्चे लगातार परीक्षाओं में टॉप करते आ रहे हैं। इतना ही नहीं, पूर्व में यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर चुके कई छात्र आज देश के विभिन्न प्रतिष्ठित और अच्छे सरकारी पदों पर कार्यरत
हैं। अनुभवी शिक्षक का सीधा मार्गदर्शन ही यहाँ के बच्चों की सबसे बड़ी ताकत है।शिक्षा से जुड़ा है पूरा परिवारइस संस्थान की सबसे खास बात यह है कि इसका पूरा परिवार ही देश की सेवा और शिक्षा जगत से जुड़ा हुआ है। संचालक के बच्चे खुद भी उच्च पदों पर देश का मान बढ़ा रहे हैं:एक बेटा: केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।दूसरा बेटा: रेलवे मेल सर्विस (RMS)
में कार्यरत होकर देश की सेवा कर रहे हैं।बेटी: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) पास करके +2 (प्लस टू) शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।अनुभव और संस्कार का संगमएक ऐसा परिवार जहां खुद सफलता की कहानियां मौजूद हैं, वहां पढ़ रहे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। रिटायर्ड होने के बाद भी शिक्षा की इस अलख को जगाए रखना पटोरी और आस-पास के छात्रों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रहा है।
- पटोरी के बीबीआर एजुकेशन में बच्चों का भविष्य सुरक्षित, रिटायर्ड सरकारी शिक्षक ने संभाली पटोरी के बीबीआर एजुकेशन में बच्चों का भविष्य सुरक्षित, रिटायर्ड सरकारी शिक्षक ने संभाली कमानपटोरी। शिक्षा के क्षेत्र में सही मार्गदर्शन और अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। इसे सच कर दिखाया है पटोरी स्थित बीबीआर एजुकेशन कोचिंग संस्थान ने। सरकारी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद, बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के संकल्प के साथ इस संस्थान की शुरुआत की गई है। इस कोचिंग के संस्थापक और संचालक खुद एक अनुभवी रिटायर्ड सरकारी शिक्षक हैं, जिनके मार्गदर्शन में पढ़कर आज कई छात्र ऊंचे मुकाम पर हैं।सफलताओं का शानदार इतिहाससंस्थान के ट्रैक रिकॉर्ड की बात करें तो यहाँ के पढ़े हुए बच्चे लगातार परीक्षाओं में टॉप करते आ रहे हैं। इतना ही नहीं, पूर्व में यहाँ से शिक्षा प्राप्त कर चुके कई छात्र आज देश के विभिन्न प्रतिष्ठित और अच्छे सरकारी पदों पर कार्यरत हैं। अनुभवी शिक्षक का सीधा मार्गदर्शन ही यहाँ के बच्चों की सबसे बड़ी ताकत है।शिक्षा से जुड़ा है पूरा परिवारइस संस्थान की सबसे खास बात यह है कि इसका पूरा परिवार ही देश की सेवा और शिक्षा जगत से जुड़ा हुआ है। संचालक के बच्चे खुद भी उच्च पदों पर देश का मान बढ़ा रहे हैं:एक बेटा: केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।दूसरा बेटा: रेलवे मेल सर्विस (RMS) में कार्यरत होकर देश की सेवा कर रहे हैं।बेटी: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) पास करके +2 (प्लस टू) शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं।अनुभव और संस्कार का संगमएक ऐसा परिवार जहां खुद सफलता की कहानियां मौजूद हैं, वहां पढ़ रहे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। रिटायर्ड होने के बाद भी शिक्षा की इस अलख को जगाए रखना पटोरी और आस-पास के छात्रों के लिए एक बड़ा वरदान साबित हो रहा है।4
- बरसात ने खोला विकास के दावे का पोल, नदी बना ताजपुर महुआ स्टेट हाईवे रोड.1
- 10 वर्षों से सड़क और नाले के लिए तरस रहा मसत्थु गांव, 730 ईमेल और 675 आवेदन के बाद भी नहीं जागा प्रशासन10 वर्षों से सड़क और नाले के लिए तरस रहा मसत्थु गांव, 730 ईमेल और 675 आवेदन के बाद भी नहीं जागा प्रशासन1
- पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल के मसत्थु गांव की समस्याओं को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। गांव के मूल निवासी अजीत शर्मा का कहना है कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और कई प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार आवेदन और ई-मेल भेजकर गांव की समस्याओं के समाधान की मांग की। उनके अनुसार, अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। 📌 आवेदन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे: ✔️ अधूरा सड़क निर्माण कार्य ✔️ सरकारी गैर-मजरूआ भूमि पर कथित अतिक्रमण ✔️ शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव ✔️ गांव का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कराने की मांग अब सवाल यह है—क्या मसत्थु गांव के लोगों को उनका अधिकार और विकास मिलेगा? 💬 आपकी क्या राय है? अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में जरूर लिखें और इस मुद्दे को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए पोस्ट शेयर करें।1
- 📞 प्रवेश और विशेष जानकारी के लिए तुरंत संपर्क करें: 7633942522🎯 पटोरी का गौरव: रिटायर्ड सरकारी शिक्षक की अनूठी पहल, 'बीबीआर एजुकेशन' से संवर रहा युवाओं का भविष्य पटोरी (समस्तीपुर)। शिक्षा के क्षेत्र में सही मार्गदर्शन और समर्पण क्या बदलाव ला सकता है, इसकी जीती-जागती मिसाल पटोरी में देखने को मिल रही है। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त (Retired) होने के बाद भी एक शिक्षक का शिक्षा के प्रति जज्बा कम नहीं हुआ। अपने जीवन के अनुभवों को समेटे, उन्होंने पटोरी में 'बीबीआर एजुकेशन' (BBR Education) कोचिंग संस्थान की शुरुआत की है, जो आज स्थानीय छात्रों के लिए सफलता का सबसे भरोसेमंद केंद्र बन चुका है। 📚 कक्षा 1 से 10वीं तक के लिए सर्वश्रेष्ठ संस्थान (CBSE + बिहार बोर्ड) छोटे बच्चों की मजबूत नींव से लेकर बोर्ड परीक्षा की टॉपर लिस्ट तक का सफर अब बीबीआर एजुकेशन में तय होगा: कक्षाएँ: क्लास 1 से लेकर 10वीं तक की बेहतरीन पढ़ाई। बोर्ड: CBSE और बिहार बोर्ड (BSEB) दोनों के लिए विशेष बैच। खासियत: हर विषय को बिल्कुल बेसिक और आसान तरीके से समझाया जाता है ताकि बच्चों का बेस मजबूत हो सके। 🌟 कामयाबी का गवाह है अपना परिवार इस संस्थान की सबसे बड़ी ताकत और विश्वसनीयता इसके संचालक का अपना परिवार है, जिसके सदस्य खुद देश की प्रतिष्ठित सरकारी सेवाओं में हैं: संचालक (पिता): सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षक, जिनका पूरा जीवन छात्रों को निखारने में बीता है। बड़े भाई: केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में राष्ट्र निर्माता शिक्षक के पद पर कार्यरत। छोटे भाई: भारतीय रेलवे की 'रेलवे मेल सर्विस' (RMS) में देश सेवा में समर्पित। दीदी: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा चयनित होकर +2 विद्यालय में सम्मानित शिक्षिका। जब एक ही छत के नीचे सफलता के इतने बड़े लाइव उदाहरण मौजूद हों, तो वहां पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में होना तय है। 🏆 टॉपर और सरकारी नौकरियों की फैक्ट्री बीबीआर एजुकेशन केवल एक कोचिंग संस्थान नहीं, बल्कि सफलताओं की गारंटी है। यहाँ के अनुशासित और उच्च स्तरीय शैक्षणिक माहौल में पढ़े बच्चे लगातार बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में टॉप करते आ रहे हैं। इस संस्थान से मार्गदर्शन पाकर अनगिनत छात्र आज देश के कई अच्छे और प्रतिष्ठित सरकारी विभागों में ऊंचे पदों पर देश सेवा कर रहे हैं। 💎 क्यों खास है बीबीआर एजुकेशन? बरसों का अनुभव: एक रिटायर्ड सरकारी शिक्षक के जीवनभर के अनुभव का सीधा लाभ। सफलता का सटीक मंत्र: हर छात्र की कमजोरी को पहचानकर उस पर व्यक्तिगत ध्यान। प्रेरणादायी माहौल: सफल भाई-बहनों और पिता की छत्रछाया में बच्चों को रोज़ाना आगे बढ़ने का मोटिवेशन। यदि आप भी पटोरी या आस-पास के क्षेत्रों में रहते हैं और अपने बच्चों के लिए एक ऐसा संस्थान ढूंढ रहे हैं जहाँ सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि सीधे सरकारी नौकरी का रास्ता दिखाया जाता है, तो आज ही नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करें और अपने बच्चे का नामांकन पक्का करें। संपर्क सूत्र: 76339425224
- समस्तीपुर सरायरंजन थाना क्षेत्र के कल्याणपुर स्थित विनोद नर्सिंग होम में इलाज के बाद एक प्रसूति महिला की हुई मौत । घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने निजी नर्सिंग होम पर किया जमकर हंगामा। सूचना पर पहुंची 112 पुलिस की टीम ने काफी मशक्कत के बाद परिजनों को कराया शांत। पुलिस ने FIR दर्ज कर कार्रवाई करने का दिया भरोसा। मृतका की पहचान मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के तेतारपुर गांव निवासी मोती कुमार की पत्नी अंशु कुमारी (24) के रूप में की गई है.घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि अंशु अपने घटहो थाना क्षेत्र के लगमा गांव में मायके में रह रही थी । जो 30 जुलाई को अंशु कुमारी को कुछ परेशानी होने लगी.उसके बाद मां ने स्थानीय आशा को इसकी जानकारी दी, आशा ने धन उगाही के खयाल से उक्त मरीज को सरकारी अस्पताल न ले जाकर, चंद लोभ के कारण विनोद नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया गया। 30 जुलाई को प्रसव को भर्ती करा दी गई. अंशु का ऑपरेशन डॉक्टर द्वारा किया गया था, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ने लगी थी. परिजनों का सीधा आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद भी डॉक्टर टालमटोल करते रहे, और समय पर उक्त मरीज को सही इलाज न होने के कारण स्थिति बिगड़ते देख, समस्तीपुर के एक दूसरे निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया. लेकिन स्थिति नाजुक होने की वजह से डॉक्टरों ने वहां से पटना रेफर किया गया, जहाँ मंगलवार की सुबह उसने दम तोड़ दी । मौत की खबर से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ नर्सिंग होम परिसर में घंटों जमकर हंगामा किया और आरोपी डॉक्टर की तत्काल गिरफ्तारी व अस्पताल को सील करने की मांग की। गौरतलब है कि इसी विवादित नर्सिंग होम में बीते 4 फरवरी को भी लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की जान जा चुकी है. सूचना पर पहुँची सरायरंजन पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आगे की कार्यवाही में जुट गई । इस घटना के बारे में मृतिका की माँ और मृतिका की ससुर ने जानकारी दी।1