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नील रंग अपराजिता, करे कष्ट का अंत। सात पुष्प ले आइए, कहते हैं गुरु संत।। नील रंग अपराजिता, करे कष्ट का अंत। सात पुष्प ले आइए, कहते हैं गुरु संत।। बाँध द्वार पर दीजिए, नील वस्त्र के संग। माता के वरदान से, कटते कष्ट अनंत।।
Laxmi Kant Soni
नील रंग अपराजिता, करे कष्ट का अंत। सात पुष्प ले आइए, कहते हैं गुरु संत।। नील रंग अपराजिता, करे कष्ट का अंत। सात पुष्प ले आइए, कहते हैं गुरु संत।। बाँध द्वार पर दीजिए, नील वस्त्र के संग। माता के वरदान से, कटते कष्ट अनंत।।
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- महोबा/चरखारी। तहसील चरखारी क्षेत्र के ग्राम गौरहरी में गुरुवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब हर घर जल नल योजना में कार्यरत ऑपरेटर धनप्रसाद (31) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल व्याप्त है। बताया जा रहा है कि धनप्रसाद पुत्र रामप्रकाश अहिरवार ने सुबह करीब 8 बजे गांव के पास बाबा जू की पहाड़िया के पीछे शीशम के पेड़ पर रस्सी का फंदा डालकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां उनका शव पेड़ से लटका मिला। मृतक अपने पीछे पत्नी रामकली (28), दो बच्चे—मयंक (10) और आशु (6) तथा माता-पिता को रोता-बिलखता छोड़ गया है। परिजनों के अनुसार धनप्रसाद गांव की पानी की टंकी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था और आए दिन पानी की सप्लाई बाधित होने से काफी परेशान रहता था। ग्रामीणों के लगातार फोन और शिकायतों के चलते वह मानसिक तनाव में रहता था। परिवार का कहना है कि धनप्रसाद अपने उच्च अधिकारियों से समस्या को लेकर कई बार बात कर चुका था, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। वह नौकरी छोड़ना भी चाहता था, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण ऐसा नहीं कर पा रहा था। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठा लिया। घटना की सूचना पर गौरहरी चौकी प्रभारी बृजकिशोर शुक्ला मौके पर पहुंचे और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1