उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, सुगम और नियमित बस सेवा के संचालन के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ना है। इसके जरिए ग्रामीण नागरिकों को अपने ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालयों तक आने-जाने में होने वाली किसी भी प्रकार की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और उनका सफर आसान हो सकेगा। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, जिससे विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व सरकारी सेवाओं तक पहुँचने में बड़ी सहूलियत होगी। साथ ही, इससे ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस बेहतर परिवहन व्यवस्था से गांव और शहर के बीच की दूरी कम होगी और ग्रामीण विकास को एक नई गति मिलेगी, जो प्रदेश में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित, सुगम और नियमित बस सेवा के संचालन के लिए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों को बेहतर परिवहन सुविधा से जोड़ना है। इसके जरिए ग्रामीण नागरिकों को अपने ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालयों तक आने-जाने में होने वाली किसी भी प्रकार की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और उनका सफर आसान हो सकेगा। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा, जिससे विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व सरकारी सेवाओं तक पहुँचने में बड़ी सहूलियत होगी। साथ ही, इससे ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस बेहतर परिवहन व्यवस्था से गांव और शहर के बीच की दूरी कम होगी और ग्रामीण विकास को एक नई गति मिलेगी, जो प्रदेश में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- User4552Orai, Jalaun😤4 hrs ago
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- देवरिया के बरहज विधानसभा क्षेत्र में जन समस्याओं को लेकर सपा नेता विजय रावत ने ग्रामीणों के साथ बरहज सोनू घाट मार्ग पर बने गड्ढे में बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने देश को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले दस सालों से भाजपा की सरकार होने के बावजूद यह सड़क क्यों नहीं बन पाई? उन्होंने घोषणा की है कि इन तमाम जनहित के मुद्दों को लेकर वे 21 तारीख से बरहज सोनू घाट मार्ग पर स्थित काली मंदिर के पास भूख हड़ताल पर बैठेंगे। सपा नेता ने आरोप लगाया कि पिछले दस सालों से यह सड़क टूटी पड़ी है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और पिछले सालों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। विभाग द्वारा गड्ढा मुक्त सड़क के नाम पर पिछले दस सालों में करोड़ों रुपये लूट लिए गए, लेकिन जनता को गड्ढों से छुटकारा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब विधानसभा चुनाव के समय प्रदेश के मुख्यमंत्री आकर घोषणा कर रहे हैं कि सड़क जल्द बन जाएगी, लेकिन काम बरसात के बाद ही चालू हो सकता है। रावत ने मांग की कि सरकार सड़क भले न बना पाई हो, लेकिन कम से कम गड्ढों को तो पाट दे ताकि राहगीरों को राहत मिल सके। प्रशासनिक उदासीनता पर रोष व्यक्त करते हुए विजय रावत ने कहा कि अधिकारियों द्वारा जन आंदोलन और मांगों को लगातार दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने एक सप्ताह पहले बिजली कटौती, मोहन सेतु निर्माण, परसिया विशुनपुर देवार में कटान रोकने और बेलडाण कटनईया व बरहज सोनू घाट मार्ग पर गड्ढे पाटे जाने की मांग को लेकर बरहज एसडीएम के माध्यम से तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था। कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने पांच दिन पहले प्रदर्शन कर फिर अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस प्रदर्शन के दौरान वीरेंद्र चौधरी, गुड्डू यादव, अनरूद यादव, विकास सिंह, सजबतिवारी, अभिषेक सिंह, अजीत प्रताप, राजू यादव, अजीत प्रसाद और श्रवण गौड़ सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।2
- देवरिया के रामपुर कारखाना विकास खंड के ग्राम सिरसिया निवासी संतोष कुमार शर्मा ने जनता दर्शन में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी से अपने घर तक मार्ग निर्माण की मांग की थी। जिलाधिकारी ने इस शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए उसी दिन जांच और पैमाइश कराने के निर्देश दिए। उनके आदेश पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी एवं रामपुर कारखाना के प्रभारी खंड विकास अधिकारी राजस्व टीम के साथ तुरंत मौके पर जांच के लिए पहुंचे। नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) और लेखपाल की टीम द्वारा की गई पैमाइश में सामने आया कि शिकायतकर्ता का मकान और संबंधित भूमि पोखरी (तालाब) की जमीन पर स्थित है। इसके चलते वहां नया रास्ता निकालने के लिए पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा शिकायतकर्ता को एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया गया था, लेकिन बाद में पास के ही एक व्यक्ति ने उस रास्ते पर अवैध कब्जा कर उसे अवरुद्ध कर दिया। राजस्व टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में पूर्व में दिए गए उसी वैकल्पिक मार्ग से अवैध कब्जा हटाकर रास्ता दोबारा बहाल करने की सिफारिश की है, ताकि शिकायतकर्ता को आवागमन की सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार शीघ्र कब्जा हटाने की कार्रवाई पूरी कर शिकायतकर्ता को रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से संपन्न करने की हिदायत दी है।1
- देवरिया शहर के बाकी साहू टोला क्षेत्र में हल्की बारिश के बाद सड़क पर जलभराव और कीचड़ की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा होने के कारण स्थानीय लोगों, राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैली गंदगी और पानी की वजह से फिसलकर दुर्घटना होने की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासी सूरज, विकास, अजय, नागेन्द्र और असरफ का कहना है कि बारिश होने के बाद यह सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो जाती है। क्षेत्र में जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे पानी कई दिनों तक जमा रहता है। इससे इलाके में भारी दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस सड़क की मरम्मत कराने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के दिनों में यह समस्या और भी अधिक विकराल रूप धारण कर लेगी।1
- देवरिया के रुपई भटनी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का जिलाधिकारी द्वारा निरीक्षण किया गया है, जिसका वीडियो सामने आया है।1
- देवरिया में समाजवादी पार्टी के छात्र और युवा संगठनों ने NEET पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में सुभाष चौक से जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय तक एक जोरदार पैदल मार्च निकाला। इस आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक मामले में कई गिरफ्तारियां होने के बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अब तक अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए युवा नेताओं ने सभी रिक्त सरकारी पदों पर समयबद्ध व पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने, परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ रोकने की पुरजोर मांग उठाई। इस दौरान पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में भी जमकर नारे लगाए गए। इस मार्च में समाजवादी छात्र सभा, युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड तथा समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकजुट होकर शामिल हुए। प्रदर्शनकारी प्रतिनिधिमंडल ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इन मांगों पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस पूरे प्रदर्शन पर प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।1
- देवरिया के रामपुर कारखाना (मुण्डेरा लाला, पोखरभिण्डा) में लगभग 500 एकड़ धान की फसल को जलजमाव से नष्ट होने से बचाने के लिए किसानों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। गोविंदपुर के पश्चिम में स्थित इस फसल को बचाने के लिए किसानों ने 15 जुलाई 2026 से जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अन्य विभागों के सक्षम अधिकारियों को किसान दिवस के समय अवगत कराया था। इसके बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर आक्रोशित होकर किसानों ने नोनिया टोला व मुण्डेरा लाला पर धरना शुरू कर दिया। इस धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष कमला यादव, प्रदेश सचिव आनंद प्रकाश चौरसिया, जिला उपाध्यक्ष रामजी चौहान और जल बचाओ के राष्ट्रीय नेता उर्फ 'जल देवता' विजय जुआठा ने किया। आंदोलन में गोविंदपुर, मुण्डेरा लाल और मुण्डेरा लाल के नोनिया टोला के किसान ऋषिकेश चौरसिया, मुसाहिद, वकील अंसारी, लाल बहादुर, मेराज, अफताब, अशोक पटेल, संदीप, सत्येंद्र यादव, राजू, राजाराम प्रसाद, कालीचरण सिंह, तेजू यादव सहित कई अन्य लोग शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान पी डब्लू ओ के सक्षम अधिकारी द्वारा फोन पर 21 जुलाई 2026 तक उचित माप का ह्यूमन पाइप लगाकर पानी निकलवाने का आश्वासन मिलने के बाद मंगलवार तक के लिए इस धरना-प्रदर्शन को समाप्त कर दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया में इनर व्हील क्लब ऑफ देवरिया के पदभार ग्रहण समारोह का आयोजन अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस समारोह में क्लब की नव-निर्वाचित अध्यक्ष अंजना मिश्रा एवं उनकी नई कार्यकारिणी ने विधिवत अपना दायित्व ग्रहण किया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने नई टीम को शुभकामनाएं देते हुए समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण के क्षेत्र में प्रभावी ढंग से कार्य करने की अपेक्षा व्यक्त की। समारोह के दौरान निवर्तमान अध्यक्ष चाँदनी कौर के सफल, समर्पित एवं उल्लेखनीय कार्यकाल की सराहना की गई। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि चाँदनी कौर के नेतृत्व में क्लब ने सेवा, सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का सफल संचालन किया, जिससे संगठन की सामाजिक पहचान और अधिक मजबूत हुई। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन मधु कमानी तथा जोनल हेड सरोज अग्रवाल भी मौजूद रहीं, जिन्होंने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए संगठन की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। नव-निर्वाचित अध्यक्ष अंजना मिश्रा और उनकी नई टीम के प्रति यह विश्वास व्यक्त किया गया कि नई कार्यकारिणी सेवा भावना, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ क्लब की गतिविधियों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। कार्यक्रम में आने वाले समय में भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, बालिका शिक्षा, महिला जागरूकता और जरूरतमंदों की सहायता से जुड़े कार्यक्रमों को और गति देने का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम का समापन नई टीम के सफल, प्रेरणादायी एवं जनसेवा से परिपूर्ण कार्यकाल की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित टीडी कॉलेज चौराहे पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र नेता प्रवीण सिंह के नेतृत्व में एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन करने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतला हटाने को लेकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हो गई। इस झड़प के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छात्र नेता प्रवीण सिंह, अनुराग पटेल, आशीष यादव, दिग्विजय पासवान और मदनी मोरिश सहित कई छात्रों को हिरासत में ले लिया। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर हुई इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद यह पूरी घटना अब व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।1