दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित टीडी कॉलेज चौराहे पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र नेता प्रवीण सिंह के नेतृत्व में एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन करने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतला हटाने को लेकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हो गई। इस झड़प के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छात्र नेता प्रवीण सिंह, अनुराग पटेल, आशीष यादव, दिग्विजय पासवान और मदनी मोरिश सहित कई छात्रों को हिरासत में ले लिया। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर हुई इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद यह पूरी घटना अब व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित टीडी कॉलेज चौराहे पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र नेता प्रवीण सिंह के नेतृत्व में एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन करने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतला हटाने को लेकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हो गई। इस झड़प के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छात्र नेता प्रवीण सिंह, अनुराग पटेल, आशीष यादव, दिग्विजय पासवान और मदनी मोरिश सहित कई छात्रों को हिरासत में ले लिया। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर हुई इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद यह पूरी घटना अब व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।
- देवरिया जिले के बरहज अंतर्गत तेलिया शुक्ल ग्राम पंचायत में सड़क की समस्या के कारण विकास प्रभावित हो रहा है। इस मार्ग की बदहाली के कारण बच्चों को रोजाना आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत तेलिया शुक्ल में सड़क की इस गंभीर समस्या से बच्चों के दैनिक आवागमन पर काफी बुरा असर पड़ रहा है और क्षेत्र का विकास भी रुक गया है।4
- देवरिया के बरहज विधानसभा क्षेत्र में जन समस्याओं को लेकर सपा नेता विजय रावत ने ग्रामीणों के साथ बरहज सोनू घाट मार्ग पर बने गड्ढे में बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने देश को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले दस सालों से भाजपा की सरकार होने के बावजूद यह सड़क क्यों नहीं बन पाई? उन्होंने घोषणा की है कि इन तमाम जनहित के मुद्दों को लेकर वे 21 तारीख से बरहज सोनू घाट मार्ग पर स्थित काली मंदिर के पास भूख हड़ताल पर बैठेंगे। सपा नेता ने आरोप लगाया कि पिछले दस सालों से यह सड़क टूटी पड़ी है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और पिछले सालों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। विभाग द्वारा गड्ढा मुक्त सड़क के नाम पर पिछले दस सालों में करोड़ों रुपये लूट लिए गए, लेकिन जनता को गड्ढों से छुटकारा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब विधानसभा चुनाव के समय प्रदेश के मुख्यमंत्री आकर घोषणा कर रहे हैं कि सड़क जल्द बन जाएगी, लेकिन काम बरसात के बाद ही चालू हो सकता है। रावत ने मांग की कि सरकार सड़क भले न बना पाई हो, लेकिन कम से कम गड्ढों को तो पाट दे ताकि राहगीरों को राहत मिल सके। प्रशासनिक उदासीनता पर रोष व्यक्त करते हुए विजय रावत ने कहा कि अधिकारियों द्वारा जन आंदोलन और मांगों को लगातार दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने एक सप्ताह पहले बिजली कटौती, मोहन सेतु निर्माण, परसिया विशुनपुर देवार में कटान रोकने और बेलडाण कटनईया व बरहज सोनू घाट मार्ग पर गड्ढे पाटे जाने की मांग को लेकर बरहज एसडीएम के माध्यम से तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा था। कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने पांच दिन पहले प्रदर्शन कर फिर अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस प्रदर्शन के दौरान वीरेंद्र चौधरी, गुड्डू यादव, अनरूद यादव, विकास सिंह, सजबतिवारी, अभिषेक सिंह, अजीत प्रताप, राजू यादव, अजीत प्रसाद और श्रवण गौड़ सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।2
- देवरिया के रामपुर कारखाना विकास खंड के ग्राम सिरसिया निवासी संतोष कुमार शर्मा ने जनता दर्शन में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी से अपने घर तक मार्ग निर्माण की मांग की थी। जिलाधिकारी ने इस शिकायत का तत्काल संज्ञान लेते हुए उसी दिन जांच और पैमाइश कराने के निर्देश दिए। उनके आदेश पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी एवं रामपुर कारखाना के प्रभारी खंड विकास अधिकारी राजस्व टीम के साथ तुरंत मौके पर जांच के लिए पहुंचे। नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) और लेखपाल की टीम द्वारा की गई पैमाइश में सामने आया कि शिकायतकर्ता का मकान और संबंधित भूमि पोखरी (तालाब) की जमीन पर स्थित है। इसके चलते वहां नया रास्ता निकालने के लिए पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध नहीं है। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि पूर्व में प्रशासन द्वारा शिकायतकर्ता को एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया गया था, लेकिन बाद में पास के ही एक व्यक्ति ने उस रास्ते पर अवैध कब्जा कर उसे अवरुद्ध कर दिया। राजस्व टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में पूर्व में दिए गए उसी वैकल्पिक मार्ग से अवैध कब्जा हटाकर रास्ता दोबारा बहाल करने की सिफारिश की है, ताकि शिकायतकर्ता को आवागमन की सुविधा मिल सके। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार शीघ्र कब्जा हटाने की कार्रवाई पूरी कर शिकायतकर्ता को रास्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से संपन्न करने की हिदायत दी है।1
- देवरिया शहर के बाकी साहू टोला क्षेत्र में हल्की बारिश के बाद सड़क पर जलभराव और कीचड़ की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा होने के कारण स्थानीय लोगों, राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर फैली गंदगी और पानी की वजह से फिसलकर दुर्घटना होने की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय निवासी सूरज, विकास, अजय, नागेन्द्र और असरफ का कहना है कि बारिश होने के बाद यह सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो जाती है। क्षेत्र में जल निकासी की कोई उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे पानी कई दिनों तक जमा रहता है। इससे इलाके में भारी दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है। लोगों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस सड़क की मरम्मत कराने और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के दिनों में यह समस्या और भी अधिक विकराल रूप धारण कर लेगी।1
- सीवान के आंदर नगर पंचायत अंतर्गत भाटोलिया वार्ड संख्या पांच स्थित छठ घाट के समीप मंगलवार को जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और सरकारी सेवाओं को सीधे गांव तक पहुंचाना था। नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी श्वेता कुमारी की अध्यक्षता और देखरेख में आयोजित इस शिविर के दौरान उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना, विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना और जनहित से जुड़े मामलों का निष्पादन करना है। इस शिविर में वार्ड पांच से कुल 8 आवेदन ही प्राप्त हुए, जिनमें सड़क, नाला, बिजली, पेंशन और आवास योजना से संबंधित मामले शामिल थे। शिविर में बेहद कम आवेदन आने और भीड़ न होने का मुख्य कारण यह रहा कि किसान इन दिनों अपने धान की रोपनी के काम में व्यस्त हैं, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग शिविर में नहीं पहुंच सके।1
- नई दिल्ली के जंतर मंतर पर एक हरियाणवी युवती द्वारा दिए गए बड़े बयान के बाद देश के राजनीतिक माहौल में चर्चा काफी तेज़ हो गई है। इस बयान के सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर काफी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और लोग लगातार अपनी अलग-अलग राय साझा कर रहे हैं। युवती के इस कदम के बाद राजनीतिक हलकों में भारी गर्माहट है और अब हर किसी की नज़र इस पूरे मामले पर सरकार तथा संबंधित पक्षों की ओर से आने वाली आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित टीडी कॉलेज चौराहे पर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र नेता प्रवीण सिंह के नेतृत्व में एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन करने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतला हटाने को लेकर धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हो गई। इस झड़प के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छात्र नेता प्रवीण सिंह, अनुराग पटेल, आशीष यादव, दिग्विजय पासवान और मदनी मोरिश सहित कई छात्रों को हिरासत में ले लिया। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध दर्ज कराने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर हुई इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद यह पूरी घटना अब व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।1