उन्नाव के मां चंद्रिका देवी गंगाघाट क्षेत्र में सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक स्थानीय यूट्यूबर दिव्या यादव का उफनती गंगा नदी के बीचों-बीच खतरनाक तरीके से रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में यूट्यूबर दिव्या यादव बरसात के इस मौसम में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और तेज बहाव के बीच एक छोटी नाव पर बैठकर डांस करती नजर आ रही हैं। इस दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह देखने को मिली कि न तो यूट्यूबर और न ही नाव पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति ने लाइफ जैकेट या कोई अन्य सुरक्षा उपकरण पहन रखा है। ऐसे खतरनाक मौसम में बिना किसी सुरक्षा घेरे के नदी के बीचो-बीच जाकर शूटिंग करने की अनुमति कैसे मिली, इसे लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस खतरनाक स्टंट का वीडियो तेजी से वायरल होने के बावजूद खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन या पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर इस खतरनाक रीलबाजी के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है। यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर तैयार की गई है, जिस पर अभी अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
उन्नाव के मां चंद्रिका देवी गंगाघाट क्षेत्र में सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज बटोरने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक स्थानीय यूट्यूबर दिव्या यादव का उफनती गंगा नदी के बीचों-बीच खतरनाक तरीके से रील बनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में यूट्यूबर दिव्या यादव बरसात के इस मौसम में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और तेज बहाव के बीच एक छोटी नाव पर बैठकर डांस करती नजर आ रही हैं। इस दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह देखने को मिली कि न तो यूट्यूबर और न ही नाव पर मौजूद किसी अन्य व्यक्ति ने लाइफ जैकेट या कोई अन्य सुरक्षा उपकरण पहन रखा है। ऐसे खतरनाक मौसम में बिना किसी सुरक्षा घेरे के नदी के बीचो-बीच जाकर शूटिंग करने की अनुमति कैसे मिली, इसे लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इस खतरनाक स्टंट का वीडियो तेजी से वायरल होने के बावजूद खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन या पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर इस खतरनाक रीलबाजी के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है। यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय इनपुट्स के आधार पर तैयार की गई है, जिस पर अभी अधिकारियों की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में 13 जुलाई को विकास की रफ्तार को नई उड़ान मिलने जा रही है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ-कानपुर अवध एक्सप्रेस का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। कार्यक्रम स्थल पर एडिशनल एसपी, बीघापुर सीओ मधुपनाथ मिश्र, अचलगंज थाना प्रभारी सुब्रत नारायण त्रिपाठी और एसडीएम सदर सहित तमाम अधिकारियों ने सुरक्षा, पार्किंग, मंच और बैरिकेडिंग की तैयारियों का जायजा लिया है। पूरे परिसर में साफ-सफाई और सजावट का काम बेहद तेजी से चल रहा है और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम तथा ट्रैफिक डायवर्जन की विशेष व्यवस्था की है। इस नई अवध एक्सप्रेस के शुरू होने से लखनऊ-कानपुर रूट पर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- उन्नाव के बांगरमऊ स्थित हफीजाबाद में शुक्रवार को गविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती '1008' जी महाराज का ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से शुरू हुआ यह स्वागत कार्यक्रम सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ बाबा बलखण्डेश्वर (परशुराम) मंदिर परिसर तक पहुँचा, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय रहा। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पादुका पूजन के साथ मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. शशांक शेखर शुक्ला और संयोजक आचार्य पं. ऋषिकांत मिश्रा शास्त्री ने पादुकाओं का पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंच का संचालन ऋषि वैभव प्रबल जी ने किया, जबकि सुनील द्विवेदी जी ने गविष्ठि यात्रा के उद्देश्यों और गौसंरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अपने प्रवचन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज ने गौमाता को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रजीवन की आधारशिला बताया। उन्होंने हिंदू समाज से गौसेवा को जीवन का दायित्व बनाने और गौ-रक्षा को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का समय आ गया है।4
- कानपुर नगर के कलेक्टरगंज थाना क्षेत्र में स्थित सूर्या होटल के एक कमरे में एक युवक और युवती की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान पहली नजर में ऐसा लग रहा है कि दोनों ने किसी विषैले पदार्थ का सेवन किया है। इस मामले में कलेक्टरगंज के सहायक पुलिस आयुक्त श्री आनन्द कुमार ओझा ने बताया कि मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। दोनों शवों के पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है और मामले में अन्य आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर नगर में खबरों और विज्ञापन के लिए मोबाइल नंबर 7309027016 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- छोटे बच्चों को कलर्स (रंगों) की पहचान कराना सिखाने और उनके लिए मजेदार कलर रिकग्निशन एक्टिविटीज के तरीकों के बारे में चर्चा की गई है। इसमें बच्चों को आसानी से रंग सिखाने के उपायों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।1
- उन्नाव में साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इसका पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम थाना, सर्विलांस टीम और कोतवाली सदर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 9 स्मार्टफोन भी बरामद किए हैं। पुलिस जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि ये आरोपी संदिग्ध बैंक खातों, चेक और एटीएम के जरिए साइबर ठगी की रकम निकालते थे और फिर उसे कमीशन के आधार पर आपस में बांट लेते थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए करीब 1 लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं, जबकि अन्य संदिग्ध बैंक खातों की जांच अभी भी जारी है। उन्नाव पुलिस ने साफ किया है कि साइबर अपराधियों के इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में मासूम बच्चे आरव की बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी विराज को जिला न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। यह जघन्य घटना 30 मई को हुई थी, जिसमें आरोपी ने बच्चे को जमीन पर पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना का वीडियो सीसीटीवी में भी कैद हुआ था। मामले की त्वरित सुनवाई करते हुए महज एक माह और 9 दिन में सजा का प्रावधान पूरा कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी विराज को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था और महज 6 दिनों के भीतर अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। आखिरकार इस न्याय प्रक्रिया के साथ आरव को इंसाफ मिल गया है।1