उन्नाव के बांगरमऊ स्थित हफीजाबाद में शुक्रवार को गविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती '1008' जी महाराज का ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से शुरू हुआ यह स्वागत कार्यक्रम सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ बाबा बलखण्डेश्वर (परशुराम) मंदिर परिसर तक पहुँचा, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय रहा। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पादुका पूजन के साथ मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. शशांक शेखर शुक्ला और संयोजक आचार्य पं. ऋषिकांत मिश्रा शास्त्री ने पादुकाओं का पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंच का संचालन ऋषि वैभव प्रबल जी ने किया, जबकि सुनील द्विवेदी जी ने गविष्ठि यात्रा के उद्देश्यों और गौसंरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अपने प्रवचन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज ने गौमाता को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रजीवन की आधारशिला बताया। उन्होंने हिंदू समाज से गौसेवा को जीवन का दायित्व बनाने और गौ-रक्षा को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का समय आ गया है।
उन्नाव के बांगरमऊ स्थित हफीजाबाद में शुक्रवार को गविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती '1008' जी महाराज का ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से शुरू हुआ यह स्वागत कार्यक्रम सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ बाबा बलखण्डेश्वर (परशुराम) मंदिर परिसर तक
पहुँचा, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय रहा। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पादुका पूजन के साथ मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. शशांक शेखर शुक्ला और संयोजक आचार्य पं. ऋषिकांत मिश्रा
शास्त्री ने पादुकाओं का पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंच का संचालन ऋषि वैभव प्रबल जी ने किया, जबकि सुनील द्विवेदी जी ने गविष्ठि यात्रा के उद्देश्यों और गौसंरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अपने प्रवचन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज ने गौमाता
को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रजीवन की आधारशिला बताया। उन्होंने हिंदू समाज से गौसेवा को जीवन का दायित्व बनाने और गौ-रक्षा को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का समय आ गया है।
- उन्नाव के बांगरमऊ स्थित हफीजाबाद में शुक्रवार को गविष्ठि (गो-रक्षार्थ धर्मयुद्ध) यात्रा के अंतर्गत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती '1008' जी महाराज का ऐतिहासिक स्वागत किया गया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से शुरू हुआ यह स्वागत कार्यक्रम सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ बाबा बलखण्डेश्वर (परशुराम) मंदिर परिसर तक पहुँचा, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय रहा। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पादुका पूजन के साथ मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. शशांक शेखर शुक्ला और संयोजक आचार्य पं. ऋषिकांत मिश्रा शास्त्री ने पादुकाओं का पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंच का संचालन ऋषि वैभव प्रबल जी ने किया, जबकि सुनील द्विवेदी जी ने गविष्ठि यात्रा के उद्देश्यों और गौसंरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अपने प्रवचन में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज ने गौमाता को भारतीय संस्कृति और राष्ट्रजीवन की आधारशिला बताया। उन्होंने हिंदू समाज से गौसेवा को जीवन का दायित्व बनाने और गौ-रक्षा को जनआंदोलन का रूप देने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का समय आ गया है।4
- उन्नाव में संभावित बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के साथ मिलकर फतेहपुर-84 और बांगरमऊ के बाढ़ संभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने हरिद्वार, बिजनौर और टिहरी बांध से छोड़े जाने वाले पानी पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गंगा के जलस्तर की रिपोर्ट हर 24 घंटे में सौंपने को कहा गया है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए शरणालय, भोजन, पेयजल, और महिलाओं तथा पशुओं के लिए पृथक व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के मद्देनजर मेडिकल टीमें गठित कर दी गई हैं, जिन्हें एंटी वेनम, डायरिया, बुखार और अन्य आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ की किसी भी स्थिति में नागरिकों को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।1
- उन्नाव में 13 जुलाई को कानपुर–लखनऊ अवध एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसे लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने कार्यक्रम स्थल का औचक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके तहत बैरिकेडिंग, प्रवेश-निकास मार्गों की योजना, वीआईपी मूवमेंट और भीड़ नियंत्रण के उपायों का जायजा लिया गया। कार्यक्रम के दौरान यातायात सुचारू रहे, इसके लिए विशेष डायवर्जन प्लान और पार्किंग व्यवस्था की भी पूरी तैयारी की जा रही है। सुरक्षा के अलावा, कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्य पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया है, ताकि आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।4
- Post by Ramakant1