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भारत में पुरुषों के खिलाफ झूठे आरोपों के बढ़ते मामलों और इसके परिणामस्वरूप आत्महत्याओं की खबरों के बीच, कई महिलाओं ने खुलकर पुरुषों का समर्थन करना शुरू कर दिया है। इन महिलाओं ने मिलकर 'मर्द पार्टी' बनाने का फैसला किया है। उनका मानना है कि कई मामलों में पुरुष अपनी पत्नी और प्रेमी की साजिश का शिकार भी हो रहे हैं, जिससे उनका जीवन बर्बाद हो रहा है।
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भारत में पुरुषों के खिलाफ झूठे आरोपों के बढ़ते मामलों और इसके परिणामस्वरूप आत्महत्याओं की खबरों के बीच, कई महिलाओं ने खुलकर पुरुषों का समर्थन करना शुरू कर दिया है। इन महिलाओं ने मिलकर 'मर्द पार्टी' बनाने का फैसला किया है। उनका मानना है कि कई मामलों में पुरुष अपनी पत्नी और प्रेमी की साजिश का शिकार भी हो रहे हैं, जिससे उनका जीवन बर्बाद हो रहा है।
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- चित्तौड़गढ़ जिले के डगला का खेड़ा में नर्वदेश्वर महादेव एवं शिव परिवार की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस दौरान पूरे माहौल में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे।1
- भारत में पुरुषों के खिलाफ झूठे आरोपों के बढ़ते मामलों और इसके परिणामस्वरूप आत्महत्याओं की खबरों के बीच, कई महिलाओं ने खुलकर पुरुषों का समर्थन करना शुरू कर दिया है। इन महिलाओं ने मिलकर 'मर्द पार्टी' बनाने का फैसला किया है। उनका मानना है कि कई मामलों में पुरुष अपनी पत्नी और प्रेमी की साजिश का शिकार भी हो रहे हैं, जिससे उनका जीवन बर्बाद हो रहा है।1
- महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर भूपालसागर में आगामी 17 जून 2026, बुधवार (ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया) को 'एक शाम महाराणा प्रताप के नाम' एक विशाल भजन संध्या का भव्य आयोजन किया जाएगा। महाराणा प्रताप सेवा संस्थान और सर्व हिन्दू समाज, भूपालसागर के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां जारी हैं। संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व प्रधान हेमेन्द्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र के गौरव और राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप की स्मृति में होने वाली इस भजन संध्या को अभूतपूर्व बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं। मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस सांस्कृतिक और भक्तिमयी संध्या का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध भजन गायक छोटूसिंह जी रावणा होंगे, जो अपनी ओजस्वी वाणी और सुरीले भजनों से महाराणा प्रताप की वीरता, त्याग और स्वाभिमान की गाथाओं को जीवंत करेंगे। कार्यक्रम में सनातन धर्म के प्रख्यात संतों का पावन सानिध्य भी प्राप्त होगा, जिनमें पूज्य संत श्री जी 1008 श्री अवधेश चैतन्य ब्रह्मचारी जी महाराज (सूरज कुण्ड धाम, कुम्भलगढ़), पूज्य श्री श्री 1008 दिगम्बर खुशाल भारती जी महाराज (महंत सोमेश्वर महादेव सिद्ध धूणा, कपासन) और पूज्य संत श्री 1008 श्री चेतनदास जी महाराज (उत्तराधिकारी महंत, कुराबड़) प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह आयोजन भूपालसागर स्थित महाराणा प्रताप चौराया पर शाम 7:00 बजे से शुरू होकर प्रभु इच्छा तक अनवरत चलेगा। इस भव्य आयोजन को लेकर क्षेत्र के युवाओं और धर्मप्रेमी जनता में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पूर्व प्रधान हेमेन्द्र सिंह और संस्थान के पदाधिकारियों ने सर्व हिन्दू समाज तथा सभी धर्मप्रेमी भक्तों से अपील की है कि वे इस गौरवमयी आयोजन में सपरिवार उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएं और राष्ट्रनायक महाराणा प्रताप को अपनी भावांजलि अर्पित करें।1
- वीरता, शौर्य, स्वाभिमान एवं त्याग के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर चित्तौड़गढ़ में एक पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर एवं ग्रामीण कांग्रेस के तत्वावधान में तथा पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत के नेतृत्व में यह कार्यक्रम बुधवार 17 जून को प्रातः 9:30 बजे जिला कलेक्टर निवास के सामने प्रताप सर्किल स्थित शहीद स्मारक पर सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक पुष्प अर्पित किए। सभी ने उनके अद्वितीय साहस, राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर, पूर्व राज्यमंत्री सुरेंद्रसिंह जाड़ावत ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम की एक अमिट गाथा है। उन्होंने जोर दिया कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और स्वतंत्रता से कभी समझौता नहीं किया, और उनका जीवन आज भी देशवासियों, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महान स्रोत बना हुआ है।1
- चित्तौड़गढ़ की पुण्य एवं वीरभूमि पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आदरणीय विधायक महोदय, वरिष्ठजन, युवा साथियों, मातृशक्ति और नन्हे-मुन्ने बच्चों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके महान आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। महाराणा प्रताप को केवल एक नाम नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष, आत्मसम्मान, राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण की जीवंत मिसाल बताया गया। उनकी जयंती पर यह संदेश दिया गया कि महाराणा प्रताप ने सम्पूर्ण विश्व को सिखाया कि परिस्थितियाँ कितनी भी विपरीत क्यों न हों, अपने स्वाभिमान, संस्कृति और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उन्हें "घास की रोटी खाकर भी जिसने स्वाभिमान बचाया था, मातृभूमि की रक्षा हेतु जिसने जीवन भर संघर्ष निभाया था" कहकर स्मरण किया गया, यह दोहराते हुए कि उनका जीवन इतिहास नहीं, बल्कि हर भारतवासी के हृदय में बसने वाली राष्ट्रभक्ति की चेतना और प्रेरणा है। इस अवसर पर, आयुष हॉस्पिटल (NABH सर्टिफाइड आयुर्वेद हॉस्पिटल), चित्तौड़गढ़, और डॉ. सी. पी. पटेल ने सभी नागरिकों को एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने महाराणा प्रताप के आत्मबल, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में नित्य योग, आयुर्वेदिक दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। हॉस्पिटल ने बताया कि योग शरीर, मन और आत्मा को सशक्त बनाता है, जबकि स्वदेशी चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद हमारी हजारों वर्षों पुरानी वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है, जो स्वस्थ, निरोग और संतुलित जीवन का आधार है। भारतीय संस्कृति को केवल जीवन जीना सिखाने वाली नहीं, बल्कि स्वस्थ, संस्कारित, अनुशासित और सम्मानपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाने वाली अमूल्य विरासत बताया गया। विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया गया कि वे महाराणा प्रताप के जीवन से साहस, नेतृत्व, राष्ट्रभक्ति, आत्मसम्मान और संघर्षशीलता की प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। यह भी बल दिया गया कि आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अपने संस्कारों, संस्कृति और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें। इस पावन अवसर पर, "जो अपनी संस्कृति का मान रखे, वही सच्चा वीर कहलाता है, योग, आयुर्वेद और राष्ट्रप्रेम से ही भारत विश्वगुरु बन पाता है" के संकल्प को दोहराया गया। सभी ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने और एक स्वस्थ, स्वाभिमानी, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का प्रण लिया, इस विश्वास के साथ कि जब तक सूर्य चंद्र रहेगा, मेवाड़ का गौरव अमर रहेगा।4
- चित्तौड़ के बेगूँ स्थित चंदाखेड़ी में भारी संख्या में किसानों ने जेके सीमेंट की प्रस्तावित लाइमस्टोन परियोजना को रद्द करने के विरोध में धरना प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने सरकार पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि यह कैसी सरकार है जिसमें किसानों को अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरना पड़ रहा है।1
- राजस्थान के झालावाड़ जिले में चौमहला कोर्ट के निर्देश पर 2 थाना प्रभारियों सहित लगभग 90 से 100 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इस घटना से यह भावना उत्पन्न हुई है कि राजस्थान में भी कानून का राज मजबूत हो रहा है और सभी नागरिक, चाहे वे आम हों या वर्दीधारी, कानून के समक्ष समान हैं। इस संदर्भ में मदुरै कोर्ट के उस फैसले का भी जिक्र किया गया है, जब 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड सुनाया गया था, जिससे यह प्रतीत हुआ था कि वर्दी भी कानून के सामने जवाबदेह है। झालावाड़ की इस कार्रवाई को राजस्थान में 'राम राज्य' की ओर बढ़ता कदम माना जा रहा है, जहाँ न्याय तभी सच्चा कहलाता है जब कानून सभी के लिए समान हो।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर क्षेत्र में एक चलते ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के कारण हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के बाद, ट्रक चालक ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई।1