शर्मसार की मानवता जमीन पर बैठे फरियादी, कुर्सी पर साहब की 'नवाबी'! फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी बाबुओं की मानसिकता पर गहरा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। जहाँ एक ओर सरकार 'जनता की सेवा' का दम भरती है, वहीं फर्रुखाबाद के एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव पर अंग्रेजों वाली दमनकारी परंपरा को जीवित करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक तस्वीर ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आरोप है कि एआरटीओ कृष्ण कुमार यादव किसी 'सुल्तान' की तरह पेश आते हैं। खबर है कि अपनी गाड़ी की फिटनेस कराने आए एक गाड़ी मालिक को साहब ने जमीन पर बिठाया और खुद ऊंची कुर्सी पर बैठकर 'हुकूमत' झाड़ते नजर आए। चर्चा यह भी है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि ए आर टी ओ प्रशासन के यहाँ फरियादियों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाता है। जनता का कहना है कि दफ्तर में आने वाले आम नागरिक को सम्मान की जगह जमीन नसीब हो रही है। इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, और इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना करार दिया जा रहा है। परिवहन विभाग के इस व्यवहार ने ब्रिटिश काल की यादें ताजा कर दी हैं, जब भारतीयों को साहबों के सामने जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता था। फर्रुखाबाद की जनता पूछ रही है कि क्या हम आज भी उसी गुलाम मानसिकता के दौर में जी रहे हैं? एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का जनता के प्रति ऐसा संवेदनहीन रवैया न केवल पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि शासन की छवि को भी धूमिल करता है। सूत्रों की मानें तो एआरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। आरोप है कि पूरा खेल दलालों के दम पर चल रहा है। शर्मसार की मानवता जमीन पर बैठे फरियादी, कुर्सी पर साहब की 'नवाबी'! फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी बाबुओं की मानसिकता पर गहरा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। जहाँ एक ओर सरकार 'जनता की सेवा' का दम भरती है, वहीं फर्रुखाबाद के एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव पर अंग्रेजों वाली दमनकारी परंपरा को जीवित करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक तस्वीर ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आरोप है कि एआरटीओ कृष्ण कुमार यादव किसी 'सुल्तान' की तरह पेश आते हैं। खबर है कि अपनी गाड़ी की फिटनेस कराने आए एक गाड़ी मालिक को साहब ने जमीन पर बिठाया और खुद ऊंची कुर्सी पर बैठकर 'हुकूमत' झाड़ते नजर आए। चर्चा यह भी है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि ए आर टी ओ प्रशासन के यहाँ फरियादियों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाता है। जनता का कहना है कि दफ्तर में आने वाले आम नागरिक को सम्मान की जगह जमीन नसीब हो रही है। इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, और इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना करार दिया जा रहा है। परिवहन विभाग के इस व्यवहार ने ब्रिटिश काल की यादें ताजा कर दी हैं, जब भारतीयों को साहबों के सामने जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता था। फर्रुखाबाद की जनता पूछ रही है कि क्या हम आज भी उसी गुलाम मानसिकता के दौर में जी रहे हैं? एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का जनता के प्रति ऐसा संवेदनहीन रवैया न केवल पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि शासन की छवि को भी धूमिल करता है। सूत्रों की मानें तो एआरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। आरोप है कि पूरा खेल दलालों के दम पर चल रहा है।
शर्मसार की मानवता जमीन पर बैठे फरियादी, कुर्सी पर साहब की 'नवाबी'! फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी बाबुओं की मानसिकता पर गहरा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। जहाँ एक ओर सरकार 'जनता की सेवा' का दम भरती है, वहीं फर्रुखाबाद के एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव पर अंग्रेजों वाली दमनकारी परंपरा को जीवित करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक तस्वीर ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आरोप है कि एआरटीओ कृष्ण कुमार यादव किसी 'सुल्तान' की तरह पेश आते हैं। खबर है कि अपनी गाड़ी की फिटनेस कराने आए एक गाड़ी मालिक को साहब ने जमीन पर बिठाया और खुद ऊंची कुर्सी पर बैठकर 'हुकूमत' झाड़ते नजर आए। चर्चा यह भी है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि ए आर टी ओ प्रशासन के
यहाँ फरियादियों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाता है। जनता का कहना है कि दफ्तर में आने वाले आम नागरिक को सम्मान की जगह जमीन नसीब हो रही है। इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, और इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना करार दिया जा रहा है। परिवहन विभाग के इस व्यवहार ने ब्रिटिश काल की यादें ताजा कर दी हैं, जब भारतीयों को साहबों के सामने जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता था। फर्रुखाबाद की जनता पूछ रही है कि क्या हम आज भी उसी गुलाम मानसिकता के दौर में जी रहे हैं? एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का जनता के प्रति ऐसा संवेदनहीन रवैया न केवल पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि शासन की छवि को भी धूमिल करता है। सूत्रों की मानें तो एआरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। आरोप है कि पूरा खेल दलालों के दम पर चल रहा है। शर्मसार की
मानवता जमीन पर बैठे फरियादी, कुर्सी पर साहब की 'नवाबी'! फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारी बाबुओं की मानसिकता पर गहरा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। जहाँ एक ओर सरकार 'जनता की सेवा' का दम भरती है, वहीं फर्रुखाबाद के एआरटीओ प्रशासन कृष्ण कुमार यादव पर अंग्रेजों वाली दमनकारी परंपरा को जीवित करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही एक तस्वीर ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। आरोप है कि एआरटीओ कृष्ण कुमार यादव किसी 'सुल्तान' की तरह पेश आते हैं। खबर है कि अपनी गाड़ी की फिटनेस कराने आए एक गाड़ी मालिक को साहब ने जमीन पर बिठाया और खुद ऊंची कुर्सी पर बैठकर 'हुकूमत' झाड़ते नजर आए। चर्चा यह भी है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि ए आर टी ओ प्रशासन के यहाँ फरियादियों
के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाता है। जनता का कहना है कि दफ्तर में आने वाले आम नागरिक को सम्मान की जगह जमीन नसीब हो रही है। इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, और इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना करार दिया जा रहा है। परिवहन विभाग के इस व्यवहार ने ब्रिटिश काल की यादें ताजा कर दी हैं, जब भारतीयों को साहबों के सामने जमीन पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता था। फर्रुखाबाद की जनता पूछ रही है कि क्या हम आज भी उसी गुलाम मानसिकता के दौर में जी रहे हैं? एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का जनता के प्रति ऐसा संवेदनहीन रवैया न केवल पद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि शासन की छवि को भी धूमिल करता है। सूत्रों की मानें तो एआरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। आरोप है कि पूरा खेल दलालों के दम पर चल रहा है।
- फर्रुखाबाद ब्रेकिंग ARTO की लापरवाही स्कूली बच्चों की जान पर पड़ सकती भरी स्कूल में मानक विहीन वाहन बच्चों को ढोने में लगे ARTO की लापरवाही से स्कूल में ई रिक्शा,मानक विहीन टेंपू बच्चों को लाने ले जाने में लगे ARTO कृष्ण कुमार के चार्ज लेने के बाद कार्यालय में खेल हुआ शुरू लगातार स्कूली बच्चों के साथ हो रहे हादसे के बाद भी नहीं जाग रहा ए आरटीओ विभाग ARTO बड़े हादसे का कर रहे इंतजार फर्रुखाबाद के प्राइवेट स्कूलों का मामला3
- रिपोर्टर श्याम जी कश्यप जनपद फरूखाबाद उत्तर प्रदेश फर्रुखाबाद जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर अवैध वसूली जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर 500 से लेकर 1 हजार रुपए तक की बसूली का आरोप जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर सचिव का ग्रामीण से रोजगार सेवक अजय को रुपए दिलाने का वीडियो वायरल ग्राम सचिव अंजली श्रीवास्तव ग्रामीण से खुले आम रोजगार सेवक को दिला रही पैसे1
- Post by CITY NEWS1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- *सरकारी राशन पर ‘प्राइवेट कब्जा’! आंगनवाड़ी सहायिका पर लापरवाही और भेदभाव के गंभीर आरोप* संवाददाता रामू राजपूत *फर्रुखाबाद* राजेपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत हुसैनपुर राजपुर में आंगनवाड़ी सहायिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां राशन वितरण में लापरवाही और भेदभाव के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्रों तक नहीं पहुंच पा रहा, जबकि व्यवस्था प्राइवेट लोगों के भरोसे छोड़ दी गई है। राजपुर निवासी सोनू पाठक ने बताया कि आंगनवाड़ी सहायिका द्वारा राशन वितरण की कोई सूचना नहीं दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में देवदत्त और उसके भाई जैसे प्राइवेट लड़कों के माध्यम से राशन बांटा जा रहा है, जो अपने मनमाने तरीके से काम करते हैं और सिर्फ अपने चहेतों को ही जानकारी देते हैं। इसके चलते कई पात्र लाभार्थी राशन से वंचित रह जाते हैं। वहीं सोनू पाठक के पिता अमित पाठक ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बहू माधुरी और उसके दो बच्चे आंगनवाड़ी से मिलने वाले राशन के पात्र हैं, लेकिन आज तक उन्हें किसी भी वितरण की सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि सहायिका स्वयं मौके पर नहीं रहतीं, बल्कि बाहर रहकर सरकारी वेतन ले रही हैं और पूरा काम प्राइवेट व्यक्तियों के जरिए कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन वितरण के दौरान कई बार विवाद की स्थिति भी बनती है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से सामने आने के बाद अमित पाठक ने राजेपुर सीडीपीओ के सरकारी नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा और सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को लागू करेगा, या फिर इसी तरह धांधली जारी रहेगी।3
- जिला फर्रुखाबाद गुजरपुर गैरवार दौलतियापुर में पानी मैं रोड पर पानी भरा हुआ है निकास पानी का कहीं नहीं है जो ग्राम समान जगह पड़ी है उसे पर आवाज लोगों को कब्जा जगह डालने का नाम नहीं ले रहे1
- कन्नौज / छिबरामऊ: भारतीय हलधर किसान यूनियन ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। sdm महोदय को1
- फर्रुखाबाद ARTO प्रशासन कृष्ण कुमार यादव तानाशाही गाड़ी मालिकों को कदमों में बैठकर करते सुनवाई ARTO प्रशासन अंग्रेजों की परंपरा को कर रहे जीवित जमीन पर बैठाए जा रहे फरियादी कुर्सी पर बैठकर हुकूमत कर रहे ए आरटीओ कृष्ण कुमार दलालों के दम पर चल रहा ARTO का खेल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लगी लंबी लाइनें आम जनता को इज्जत नहीं बल्कि जमीन हो रही नसीब गाड़ी की फिटनेस कराने आए गाड़ी मालिक को एआरटीओ ने बैठाया जमीन पर खुद कुर्सी डाल कर बैठे मानवता को शर्मसार करने की तस्वीर हुई बॉयरल फर्रुखाबाद के ARTO कार्यालय का मामला UPDGP भोजपुरी जिला उत्तर प्रदेश सरकार1