सिद्धार्थनगर के मिठवल विकासखंड के दानोकुईया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के मुख्य गेट के सामने बने कूड़ाघर से उठ रही दुर्गंध और फैली गंदगी के कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण बेहद परेशान हैं। बरसात के मौसम में गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस दिशा में अब तक कोई स्थायी कदम नहीं उठाया है। गांव में तीन सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद विद्यालय के आसपास नियमित सफाई व्यवस्था ठप है। हालांकि, शिकायत के बाद रविवार को कुछ स्थानों पर सफाई कराई गई और सफाईकर्मी दिलीप ने जल्द ही कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। विद्यालय में कुल 86 बच्चों का नामांकन है, लेकिन लगातार बारिश और अव्यवस्थाओं के चलते केवल 42 बच्चे ही उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी ने बताया कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। परिसर में लगे तीन सरकारी हैंडपंपों में से एक खराब है, एक दूषित पानी उगलता है और केवल एक ही उपयोग के लायक है। इसके अलावा, पानी की टंकी खराब होने से जलापूर्ति ठप पड़ी है। विद्यालय परिसर में शरारती तत्व घुसकर तोड़फोड़ करते हैं और हल्की बारिश होते ही पूरा परिसर कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों को भारी कठिनाई होती है। बिना फर्श के बने ओपन जिम के कारण बच्चों के चोटिल होने का खतरा भी हमेशा बना रहता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री इसलावती और विद्यालय स्टाफ के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय की छतों में दरारें पड़ चुकी हैं और वे बरसात में जगह-जगह टपकती हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होती है। शौचालय होने के बावजूद उसके उपयोग में गंभीर असुविधा हो रही है। विद्यालय में कुल पांच शिक्षक तैनात हैं, जिनमें सहायक अध्यापक वंदना द्विवेदी अवकाश पर थीं, जबकि प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी, निधि श्रीवास्तव, सुखमीरा पटेल और ध्रुपचंद शिक्षण कार्य में जुटे मिले। इस बदहाली से नाराज ग्रामीण राकेश कुमार कनौजिया और जय प्रकाश दुबे ने जिला प्रशासन से स्कूल के सामने से कूड़ाघर हटाने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं, इस अव्यवस्था पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से फोन न लगने के कारण बात नहीं हो पाई है।
सिद्धार्थनगर के मिठवल विकासखंड के दानोकुईया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के मुख्य गेट के सामने बने कूड़ाघर से उठ रही दुर्गंध और फैली गंदगी के कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण बेहद परेशान हैं। बरसात के मौसम में गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस दिशा में अब तक कोई स्थायी कदम नहीं उठाया है। गांव में तीन सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद विद्यालय के आसपास नियमित सफाई व्यवस्था ठप है। हालांकि, शिकायत के बाद रविवार को कुछ स्थानों पर सफाई कराई गई और सफाईकर्मी दिलीप ने जल्द ही कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। विद्यालय में कुल 86 बच्चों का नामांकन है, लेकिन लगातार बारिश और अव्यवस्थाओं के चलते केवल 42 बच्चे ही उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी ने बताया कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। परिसर में लगे तीन सरकारी हैंडपंपों में से एक खराब है, एक दूषित पानी उगलता है और केवल एक ही उपयोग के लायक है। इसके अलावा, पानी की टंकी खराब होने से जलापूर्ति ठप पड़ी है। विद्यालय परिसर में शरारती तत्व घुसकर तोड़फोड़ करते हैं और हल्की बारिश होते ही पूरा परिसर कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों को भारी कठिनाई होती है। बिना फर्श के बने ओपन जिम के कारण बच्चों के चोटिल होने का खतरा भी हमेशा बना रहता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री इसलावती और विद्यालय स्टाफ के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय की छतों में दरारें पड़ चुकी हैं और वे बरसात में जगह-जगह टपकती हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होती है। शौचालय होने के बावजूद उसके उपयोग में गंभीर असुविधा हो रही है। विद्यालय में कुल पांच शिक्षक तैनात हैं, जिनमें सहायक अध्यापक वंदना द्विवेदी अवकाश पर थीं, जबकि प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी, निधि श्रीवास्तव, सुखमीरा पटेल और ध्रुपचंद शिक्षण कार्य में जुटे मिले। इस बदहाली से नाराज ग्रामीण राकेश कुमार कनौजिया और जय प्रकाश दुबे ने जिला प्रशासन से स्कूल के सामने से कूड़ाघर हटाने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं, इस अव्यवस्था पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से फोन न लगने के कारण बात नहीं हो पाई है।
- संत कबीर नगर के मेंहदावल से साझा की गई आकाशवाणी के अनुसार, आगामी 20-7-2026 ई0 को गुरुपूर्णिमा शीघ्र आ रहा है।1
- संतकबीरनगर के बेलहर थाना क्षेत्र में सुरसा-चमनजोत जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीव की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने लोगों को जागरूक करने का अभियान तेज कर दिया है। क्षेत्र में 'भागों भागों शेर आया' जैसी चर्चाओं और जंगल में तेंदुआ होने की संभावना से दहशत का माहौल बना हुआ है। इस खतरे को देखते हुए रविवार को वन विभाग की टीम ने विभिन्न प्रभावित स्थानों पर बैनर और पोस्टर लगाकर ग्रामीणों को संभावित खतरे से बचाव के उपाय बताए हैं। जागरूकता अभियान के तहत वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड गोविंद त्रिपाठी और उनके सहयोगी कर्मचारियों आदित्य सिंह, सूरज यादव, विशाल यादव और अजीत सिंह ने राजघाट, अकोलिहा, सुरसा-चमनजोत जंगल, पिपरा प्रथम चौराहा और सरबसडांडी सहित कई प्रमुख स्थानों व चाय की दुकानों पर जागरूकता बैनर लगाए हैं। इसके साथ ही लोगों से लगातार सतर्क रहने, जंगल के आसपास अनावश्यक रूप से न जाने तथा किसी भी संदिग्ध वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना देने की अपील की गई है। प्रभावित क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है और गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस संबंध में बेलहर वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी अजय कुमार तिवारी ने बताया कि सुरसा-चमनजोत जंगल और आसपास के प्रभावित इलाकों को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि क्षेत्र में तेंदुए की पुष्टि होती है, तो सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे। ग्रामीणों को लगातार जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर प्रशासन का भी सहयोग लिया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को टाला जा सके।2
- महाराजगंज जिले के फरेंदा अंतर्गत आनंद नगर में सड़क और नाली की समस्याओं को ठीक करने की मांग की जा रही है। यहां सड़क के बीचों-बीच बने ऊंचे हिस्से को तोड़कर उसे सही करने और नाली में हमेशा भरे रहने वाले पानी की समस्या को दूर करने की बात कही गई है। नाली की सही तरीके से सफाई कर स्वच्छता के कार्य को पूरी तरह से और सही ढंग से पूरा करने की मांग उठाई गई है।1
- उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के फरेंदा से अशोक प्लंबिंग (Ashok plumbing waking) के संबंध में जानकारी साझा की गई है। इस संबंध में संपर्क करने के लिए मोबाइल नंबर 9892173117 उपलब्ध कराया गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर कांग्रेस की सुप्रिया श्रीनेत का एक बड़ा बयान सामने आया है। इस छात्र आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम को लेकर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया दी है।1
- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जनपद के मगहर में स्थित संत कबीर कताई मिल में बालश्रम की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। यहाँ बिना किसी खौफ के नाबालिग बच्चे ईंटों की सफाई का काम कर रहे हैं, जिसके बदले उन्हें नाम मात्र का मेंहनताना दिया जा रहा है। जिन मासूमों के हाथों में इस उम्र में कॉपी-किताबें होनी चाहिए थीं, वे अपने घरों से दूर यहाँ आकर हथौड़े चलाने को मजबूर हैं। दरअसल, मगहर में पांच दशक पहले हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इस कताई मिल की स्थापना की गई थी। लगभग दो दशक तक यह मिल शानदार तरीके से चली और इससे हजारों लोगों को रोजगार मिला, लेकिन साल 1997 में मजदूर और मिल प्रबंधन के बीच हुए विवाद के बाद यहाँ ताला लग गया। अब प्रदेश सरकार बंद पड़ी मिलों की कीमती जमीनों पर टेक्सटाईल पार्क बनाने का निर्णय ले चुकी है, जिसके तहत मिल के गोदामों व भवनों को तोड़ने और सफाई का काम चल रहा है। इसी सफाई कार्य में बड़े पैमाने पर बाल मजदूरों को काम पर लगाया गया है। मिल में ईंटों की सफाई कर रहे बाल मजदूरों ने बताया कि वे लखीमपुर खीरी से यहाँ मजदूरी करने आए हैं और उनकी संख्या करीब पचास है। इन बच्चों को दो हजार ईंटें साफ करने के बदले मजदूरी के रूप में मात्र छह सौ रुपये मिल रहे हैं। सरकार द्वारा बालश्रम रोकने के लिए तमाम तरह की योजनाएं और जागरूकता अभियान चलाने के दावों के बीच इस तरह खुलेआम नाबालिगों से काम कराया जाना कई सवाल खड़े करता है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इस बालश्रम का असली जिम्मेदार कौन है?1
- संत कबीर नगर जिले के बेलहर कला विकास खंड सभागार में सोमवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत के सतत विकास के लिए पंचायत विकास योजना तैयार करना और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना सिखाना था। कार्यक्रम के दौरान खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) पंचायत पंकज सिंह ने पंचायत सहायकों और सचिवों को ग्राम पंचायत की रीढ़ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायत विकास योजना को सही तरीके से लागू करके ही गांव को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एडीओ पंचायत पंकज सिंह, डीबीटी ट्रेनर राकेश रंजन, पंकज वर्मा, सत्यम सिंह, सचिव सर्वेश कुमार सिंह, अनूप कुमार, अजित सिंह, कुनाल सिंह, रामप्रताप राय, पंचायत सहायक अध्यक्ष शिवम सिंह, पूजा पाठक, राहुल चौधरी और प्रिया बबीता सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान विकास खंड परिसर में एक जागरूकता अभियान भी चलाया गया।2
- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पीएम नरेंद्र मोदी के काफिले और जंतर-मंतर से छात्रों के संसद मार्च पर हुए लाठीचार्ज की तुलना करते हुए तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला जाता है तो सड़कें खाली हो जाती हैं, लेकिन वहीं दूसरी तरफ जंतर-मंतर से संसद मार्च निकाल रहे छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया जाता है?1
- संत कबीर नगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महुली पुलिस द्वारा विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस टीम ने प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों को रोककर यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया। पुलिस ने विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को आईएसआई मानक का हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों तथा यात्रियों को सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की सलाह दी। इसके अलावा वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, शराब पीकर वाहन न चलाने, मोबाइल का प्रयोग न करने और गलत दिशा में वाहन न चलाने की जानकारी दी गई। पुलिस ने लोगों से अपील की कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं बल्कि जीवन बचाने वाला कवच है और सुरक्षित यातायात प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।3