Shuru
Apke Nagar Ki App…
संत कबीर नगर के मेंहदावल से साझा की गई आकाशवाणी के अनुसार, आगामी 20-7-2026 ई0 को गुरुपूर्णिमा शीघ्र आ रहा है।
Kamalakant tiwari
संत कबीर नगर के मेंहदावल से साझा की गई आकाशवाणी के अनुसार, आगामी 20-7-2026 ई0 को गुरुपूर्णिमा शीघ्र आ रहा है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- संत कबीर नगर जिले के बेलहर कला विकास खंड सभागार में सोमवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत के सतत विकास के लिए पंचायत विकास योजना तैयार करना और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना सिखाना था। कार्यक्रम के दौरान खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) पंचायत पंकज सिंह ने पंचायत सहायकों और सचिवों को ग्राम पंचायत की रीढ़ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंचायत विकास योजना को सही तरीके से लागू करके ही गांव को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया जा सकता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में एडीओ पंचायत पंकज सिंह, डीबीटी ट्रेनर राकेश रंजन, पंकज वर्मा, सत्यम सिंह, सचिव सर्वेश कुमार सिंह, अनूप कुमार, अजित सिंह, कुनाल सिंह, रामप्रताप राय, पंचायत सहायक अध्यक्ष शिवम सिंह, पूजा पाठक, राहुल चौधरी और प्रिया बबीता सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान विकास खंड परिसर में एक जागरूकता अभियान भी चलाया गया।2
- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जनपद के मगहर में स्थित संत कबीर कताई मिल में बालश्रम की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। यहाँ बिना किसी खौफ के नाबालिग बच्चे ईंटों की सफाई का काम कर रहे हैं, जिसके बदले उन्हें नाम मात्र का मेंहनताना दिया जा रहा है। जिन मासूमों के हाथों में इस उम्र में कॉपी-किताबें होनी चाहिए थीं, वे अपने घरों से दूर यहाँ आकर हथौड़े चलाने को मजबूर हैं। दरअसल, मगहर में पांच दशक पहले हथकरघा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इस कताई मिल की स्थापना की गई थी। लगभग दो दशक तक यह मिल शानदार तरीके से चली और इससे हजारों लोगों को रोजगार मिला, लेकिन साल 1997 में मजदूर और मिल प्रबंधन के बीच हुए विवाद के बाद यहाँ ताला लग गया। अब प्रदेश सरकार बंद पड़ी मिलों की कीमती जमीनों पर टेक्सटाईल पार्क बनाने का निर्णय ले चुकी है, जिसके तहत मिल के गोदामों व भवनों को तोड़ने और सफाई का काम चल रहा है। इसी सफाई कार्य में बड़े पैमाने पर बाल मजदूरों को काम पर लगाया गया है। मिल में ईंटों की सफाई कर रहे बाल मजदूरों ने बताया कि वे लखीमपुर खीरी से यहाँ मजदूरी करने आए हैं और उनकी संख्या करीब पचास है। इन बच्चों को दो हजार ईंटें साफ करने के बदले मजदूरी के रूप में मात्र छह सौ रुपये मिल रहे हैं। सरकार द्वारा बालश्रम रोकने के लिए तमाम तरह की योजनाएं और जागरूकता अभियान चलाने के दावों के बीच इस तरह खुलेआम नाबालिगों से काम कराया जाना कई सवाल खड़े करता है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि इस बालश्रम का असली जिम्मेदार कौन है?1
- संत कबीर नगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महुली पुलिस द्वारा विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस टीम ने प्रमुख चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों को रोककर यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया। पुलिस ने विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को आईएसआई मानक का हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन चालकों तथा यात्रियों को सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की सलाह दी। इसके अलावा वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, शराब पीकर वाहन न चलाने, मोबाइल का प्रयोग न करने और गलत दिशा में वाहन न चलाने की जानकारी दी गई। पुलिस ने लोगों से अपील की कि हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं बल्कि जीवन बचाने वाला कवच है और सुरक्षित यातायात प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।3
- सिद्धार्थनगर के मिठवल विकासखंड के दानोकुईया गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के मुख्य गेट के सामने बने कूड़ाघर से उठ रही दुर्गंध और फैली गंदगी के कारण स्कूली बच्चे और ग्रामीण बेहद परेशान हैं। बरसात के मौसम में गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने इस दिशा में अब तक कोई स्थायी कदम नहीं उठाया है। गांव में तीन सफाईकर्मी तैनात होने के बावजूद विद्यालय के आसपास नियमित सफाई व्यवस्था ठप है। हालांकि, शिकायत के बाद रविवार को कुछ स्थानों पर सफाई कराई गई और सफाईकर्मी दिलीप ने जल्द ही कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया है। विद्यालय में कुल 86 बच्चों का नामांकन है, लेकिन लगातार बारिश और अव्यवस्थाओं के चलते केवल 42 बच्चे ही उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी ने बताया कि विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। परिसर में लगे तीन सरकारी हैंडपंपों में से एक खराब है, एक दूषित पानी उगलता है और केवल एक ही उपयोग के लायक है। इसके अलावा, पानी की टंकी खराब होने से जलापूर्ति ठप पड़ी है। विद्यालय परिसर में शरारती तत्व घुसकर तोड़फोड़ करते हैं और हल्की बारिश होते ही पूरा परिसर कीचड़ से भर जाता है, जिससे बच्चों को भारी कठिनाई होती है। बिना फर्श के बने ओपन जिम के कारण बच्चों के चोटिल होने का खतरा भी हमेशा बना रहता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री इसलावती और विद्यालय स्टाफ के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालय की छतों में दरारें पड़ चुकी हैं और वे बरसात में जगह-जगह टपकती हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित होती है। शौचालय होने के बावजूद उसके उपयोग में गंभीर असुविधा हो रही है। विद्यालय में कुल पांच शिक्षक तैनात हैं, जिनमें सहायक अध्यापक वंदना द्विवेदी अवकाश पर थीं, जबकि प्रधानाध्यापिका सांत्वना चौधरी, निधि श्रीवास्तव, सुखमीरा पटेल और ध्रुपचंद शिक्षण कार्य में जुटे मिले। इस बदहाली से नाराज ग्रामीण राकेश कुमार कनौजिया और जय प्रकाश दुबे ने जिला प्रशासन से स्कूल के सामने से कूड़ाघर हटाने, नियमित सफाई सुनिश्चित करने और पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को तुरंत दुरुस्त करने की मांग की है। वहीं, इस अव्यवस्था पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से फोन न लगने के कारण बात नहीं हो पाई है।1
- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पीएम नरेंद्र मोदी के काफिले और जंतर-मंतर से छात्रों के संसद मार्च पर हुए लाठीचार्ज की तुलना करते हुए तीखा सवाल उठाया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जब पीएम नरेंद्र मोदी का काफिला जाता है तो सड़कें खाली हो जाती हैं, लेकिन वहीं दूसरी तरफ जंतर-मंतर से संसद मार्च निकाल रहे छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया जाता है?1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में सहजनवा के हरपुर बुदहट स्थित अनंतपुर चौराहा पर सोमवार को दया शंकर मेडिकल स्टोर का भव्य उद्घाटन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहजनवा विधायक श्री प्रदीप शुक्ला ने फीता काटकर एवं विधि-विधान से पूजन-अर्चन के साथ इस नए मेडिकल स्टोर का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर विधायक श्री प्रदीप शुक्ला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने स्टोर के संचालकों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा की भावना से कार्य करने का आह्वान किया। इस उद्घाटन समारोह में वर्तमान ग्राम प्रधान विजयी पासवान, पूर्व ग्राम प्रधान राममिलन यादव, अभिषेक पासवान, गब्बू पासवान, पवन पासवान, श्याम मिलन शर्मा, अरविन्द शर्मा, संकटा उपाध्याय, धनंजय पासवान तथा अनिल यादव सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों का स्वागत और आभार व्यक्त किया गया, जिसके बाद उपस्थित लोगों में मिष्ठान वितरण किया गया।4
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुका है, जिसका लोकार्पण 23 जुलाई की सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। हालांकि, इस फ्लाईओवर के बनने से जहां शहर से बाहर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी और वे तेजी से निकल सकेंगे, वहीं आसपास के मोहल्ले वालों के लिए नई समस्याएं खड़ी होने वाली हैं। जिन लोगों को फ्लाईओवर पर नहीं चढ़ना है और शहर के भीतर ही आना है, वे नीचे की सड़कों की बदहाली से परेशान होंगे। शहर के लोग पिछले दो साल से इस फ्लाईओवर के बनने का इंतजार कर रहे थे ताकि नीचे वाली सड़क भी दुरुस्त हो सके, लेकिन इसकी मरम्मत की झंझट किसी ने नहीं उठाई। इसे बनाने वाली फर्म अभी भी नाले बनाने में ही व्यस्त है, जिसके कारण लोग महीनों से माधो पेट्रोल पंप से देवरिया बाईपास, नहर रोड और रुस्तमपुर तक हिचकोले खाकर यात्रा करने को मजबूर हैं। गोरखपुर शहर में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए पहले पैडलेगंज से नौसढ़ तक सिक्सलेन पास किया गया था। दावा था कि इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसी बीच नहर रोड, रुस्तमपुर, फलमंडी और ट्रांसपोर्टनगर चौराहों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए एक सीधा फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया था, जो अब बनकर तैयार हो चुका है।1
- देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं है। इसी तीखे और स्पष्ट रुख के साथ आज संसद के भीतर युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज बुलंद की गई है। इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया गया है कि संसद पर भाजपा का एकाधिकार नहीं है, बल्कि यह देश के सांसदों की है, और युवाओं पर किए गए अत्याचार के विरुद्ध सदन में डटकर आवाज उठाई गई है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ क्षेत्र के कपिया रावत गांव में रास्ते बेहद खराब हालत में हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांव की सड़कों की हालत जर्जर होने के साथ-साथ यहां नाला सफाई कर्मी भी साफ-सफाई के लिए नहीं आते हैं। विशेष रूप से ढेंकनाल पेट्रोल पंप के पास से होकर जो रास्ता गांव तक आता है, वह भी पूरी तरह से खराब हो चुका है। इस बदहाली को देखते हुए गांव के सभी रास्तों की मरम्मत कराने का विनम्र निवेदन और मांग की गई है।1