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देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं है। इसी तीखे और स्पष्ट रुख के साथ आज संसद के भीतर युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज बुलंद की गई है। इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया गया है कि संसद पर भाजपा का एकाधिकार नहीं है, बल्कि यह देश के सांसदों की है, और युवाओं पर किए गए अत्याचार के विरुद्ध सदन में डटकर आवाज उठाई गई है।
जय हिन्द न्यूज़
देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं है। इसी तीखे और स्पष्ट रुख के साथ आज संसद के भीतर युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज बुलंद की गई है। इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया गया है कि संसद पर भाजपा का एकाधिकार नहीं है, बल्कि यह देश के सांसदों की है, और युवाओं पर किए गए अत्याचार के विरुद्ध सदन में डटकर आवाज उठाई गई है।
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- जरूरी कृषि सामग्री की कथित कमी और कालाबाजारी को लेकर किसानों ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार नाराजगी जताई है। किसानों का सीधा आरोप है कि खाद-बीज की कालाबाजारी के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह विफल रही है। इस संकट के बीच आक्रोशित किसानों ने भाजपा को "लुटेरी पार्टी" बताते हुए अपना तीखा विरोध दर्ज कराया है। किसानों ने सरकार को ज्ञापन सौंपकर अपना आक्रोश जताया और अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पहला सिक्सलेन फ्लाईओवर बनकर तैयार हो चुका है, जिसका लोकार्पण 23 जुलाई की सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। हालांकि, इस फ्लाईओवर के बनने से जहां शहर से बाहर जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी और वे तेजी से निकल सकेंगे, वहीं आसपास के मोहल्ले वालों के लिए नई समस्याएं खड़ी होने वाली हैं। जिन लोगों को फ्लाईओवर पर नहीं चढ़ना है और शहर के भीतर ही आना है, वे नीचे की सड़कों की बदहाली से परेशान होंगे। शहर के लोग पिछले दो साल से इस फ्लाईओवर के बनने का इंतजार कर रहे थे ताकि नीचे वाली सड़क भी दुरुस्त हो सके, लेकिन इसकी मरम्मत की झंझट किसी ने नहीं उठाई। इसे बनाने वाली फर्म अभी भी नाले बनाने में ही व्यस्त है, जिसके कारण लोग महीनों से माधो पेट्रोल पंप से देवरिया बाईपास, नहर रोड और रुस्तमपुर तक हिचकोले खाकर यात्रा करने को मजबूर हैं। गोरखपुर शहर में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए पहले पैडलेगंज से नौसढ़ तक सिक्सलेन पास किया गया था। दावा था कि इसे समय पर पूरा कर लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसी बीच नहर रोड, रुस्तमपुर, फलमंडी और ट्रांसपोर्टनगर चौराहों पर लगने वाले जाम से निपटने के लिए एक सीधा फ्लाईओवर बनाने का निर्णय लिया गया था, जो अब बनकर तैयार हो चुका है।1
- देश की संसद सांसदों की है, भाजपा की नहीं है। इसी तीखे और स्पष्ट रुख के साथ आज संसद के भीतर युवाओं के साथ हुई बर्बरता के खिलाफ आवाज बुलंद की गई है। इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया गया है कि संसद पर भाजपा का एकाधिकार नहीं है, बल्कि यह देश के सांसदों की है, और युवाओं पर किए गए अत्याचार के विरुद्ध सदन में डटकर आवाज उठाई गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और उन पर हुई पुलिस की लाठीचार्ज व आंसू गैस की कार्रवाई के बीच तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। बिना सबूत के किए जा रहे दावों को खारिज करते हुए सीधे तौर पर पूछा गया है कि "आँख खोलकर देखिए... क्या ये छात्र नहीं दिख रहे?"। लोगों से बिना सबूत के कोई राय न बनाने और केवल तथ्यों के आधार पर ही अपनी बात रखने की जोरदार अपील की जा रही है। इस पूरे मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का भी उल्लेख किया गया है, जहाँ छात्रों के अधिकारों और उनके लिए न्याय की मांग को लेकर आवाज उठाई जा रही है।1
- कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पोस्ट सिरसिया खोहिया (टोला खुरकुचनी) में सड़क सुधार और दोनों तरफ नाला बनाने की मांग की गई है। यहां सड़क की स्थिति को सुधारने और उसके दोनों ओर नाले का निर्माण कराने की बात कही गई है, ताकि लोगों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।1
- गोरखपुर में समाजसेवी आदिल अमीन ने गोरखपुर के जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात की है। इस बैठक के दौरान दोनों के बीच सामाजिक कार्यों और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।1
- संसद में संजय सिंह को पुलिस द्वारा खड़े होने से रोके जाने का मामला सामने आया है। संसद परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों ने उन्हें खड़े होने से रोक दिया।1
- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में तीन दिनों से नहर में फंसी एक गर्भवती गंगा डॉल्फिन को बचाने के लिए सोमवार को एक बड़ा रेस्क्यू अभियान चलाया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद इस गर्भवती डॉल्फिन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए वन विभाग, गोरखपुर पुलिस, सिंचाई विभाग, गोरखपुर चिड़ियाघर और विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर काम किया। डॉल्फिन को नहर से बाहर निकालने के बाद, उसे उसके प्राकृतिक आवास राप्ती नदी तक जल्द से जल्द पहुंचाने के लिए भटहट से राजघाट तक करीब 52 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। पुलिस की कड़ी निगरानी में डॉल्फिन एम्बुलेंस बिना किसी रुकावट के सिर्फ 1 घंटे 5 मिनट में राप्ती नदी पहुंच गई, जहां उसे सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस पूरे रेस्क्यू अभियान का संचालन उत्तर प्रदेश की प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा बेमुरी और मुख्य वन संरक्षक गोरखपुर बी.सी. ब्रह्मा के निर्देशन में किया गया। इस अभियान को सफल बनाने में गोरखपुर, महराजगंज और कुशीनगर वन विभाग, गोरखपुर चिड़ियाघर, टीएसए फाउंडेशन इंडिया, सिंचाई विभाग और गोरखपुर पुलिस की टीमों ने मिलकर काम किया।1