Shuru
Apke Nagar Ki App…
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर जारी अनशन का आज 19वां दिन है। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन तोड़ने से साफ इंकार कर दिया है। सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की है। हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिए हैं कि उनकी नियमित मेडिकल जांच कराई जाए और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाए जाएं।
KRISHNA PRASAD KUSHWAHA
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर जारी अनशन का आज 19वां दिन है। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन तोड़ने से साफ इंकार कर दिया है। सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की है। हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिए हैं कि उनकी नियमित मेडिकल जांच कराई जाए और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाए जाएं।
More news from बिहार and nearby areas
- सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर जारी अनशन का आज 19वां दिन है। उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना अनशन तोड़ने से साफ इंकार कर दिया है। सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की है। हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश दिए हैं कि उनकी नियमित मेडिकल जांच कराई जाए और आवश्यकतानुसार उचित कदम उठाए जाएं।1
- बेतिया के बसवरिया पीपल चौक पर 15 जुलाई को बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक गरीब मजदूर की जान चली गई। महेशड़ा गोपालपुर के रहने वाले सन्नी कुमार अपनी बहन के घर पर रहकर ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सन्नी कुमार ने सड़क किनारे अपना ई-रिक्शा खड़ा किया और जैसे ही पास मौजूद बिजली के पोल को हाथ लगाया, वह उसमें दौड़ रहे तेज करंट की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें पोल से अलग किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और जमकर प्रदर्शन किया। लोगों की मांग है कि बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर बुलाया जाए, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पोल में करंट आने की शिकायत लिखित और मौखिक रूप से कई बार दी गई थी, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो आज इस गरीब मजदूर की जान न जाती। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर भड़के लोगों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिशों में जुटी है। इस हादसे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि आखिर इस गरीब की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा और क्या पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा मिल पाएगा?1
- पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड क्षेत्र के राजकीय मध्य विद्यालय, लौकरिया में कार्यरत विशिष्ट शिक्षक अजय कुमार के बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित रहने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शिक्षक 26 जून 2026 को बिना किसी पूर्व सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित रहे। इसकी शिकायत आत्मा के प्रखंड अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से की, जिसके बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हाफिजुर रहमान ने संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है। शिकायतकर्ताओं और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह तीसरी बार है जब संबंधित शिक्षक विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए हैं, लेकिन अब तक उनके विरुद्ध कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी है। इसके साथ ही, निरीक्षण के दौरान प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय के आदेश पंजी में ओवरराइटिंग की बात भी पाई थी। गुरुवार शाम करीब पांच बजे प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी हाफिजुर रहमान ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित शिक्षक से स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- बिहार के बेतिया में 16 जुलाई 2026 को भगवान श्री जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। यह रथयात्रा बेतिया के लाल बाजार से होकर गुजरी, जहां श्रद्धालु भक्तों ने जगह-जगह इसका स्वागत किया और पूजा-अर्चना की।1
- पूर्वी चंपारण के सुगौली में पुलिस ने विशेष छापेमारी के दौरान शराब कांड के फरार वांछित को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को सुगौली पुलिस द्वारा अंजाम दिया गया, जिसमें विशेष छापेमारी अभियान चलाकर आरोपी को पकड़ा गया।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर जंक्शन परिसर में तोड़े गए मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन शुरू हो गया है। आंदोलनकारी भक्त अनील कुमार के नेतृत्व में उत्तर बिहार के विभिन्न हिंदू संगठनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संयुक्त रूप से पटना–मुजफ्फरपुर रेलखंड पर जंक्शन के समीप डाउन ट्रेनों को रोककर इस आंदोलन का आगाज किया। आंदोलन के आवाहनकर्ता अनील कुमार ने बताया कि रेल मंत्री को 15 जुलाई तक मंदिर के पुनर्स्थापन की मांग पूरी करने के लिए समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण 16 जुलाई से अनिश्चितकालीन रेल रोको आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक मुजफ्फरपुर जंक्शन परिसर में मंदिर का पुनर्निर्माण नहीं किया जाता, चाहे इसके लिए महीनों या वर्षों तक आंदोलन क्यों न चलाना पड़े। आंदोलनकारियों ने रेल यात्रियों से अपील करते हुए कहा है कि वे असुविधा से बचने के लिए फिलहाल रेल यात्रा से परहेज करें, जब तक रेलवे प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच कोई समाधान या समझौता नहीं हो जाता। इस आंदोलन में अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद, राष्ट्रीय बजरंग दल, हिंदू पुत्र संगठन, हिंदू जन जागृति समिति, हिंदू रक्षा सेना, जन विकास मोर्चा, विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ सहित उत्तर बिहार के कई हिंदू संगठनों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। आंदोलन में प्रमुख रूप से भक्त अनील कुमार, हिंदू पुत्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ऋषभ ठाकुर, विश्व सनातन सेना बोचहा के अध्यक्ष प्रकाश गुप्ता, अभिमन्यु पांडे, अमन ठाकुर, नीतीश कुमार, सनी कुमार, अनीश ठाकुर, सौरभ, विशाल कुमार, दीपक मानव मिश्रा, पीयूष कुमार, कुणाल श्रीवास्तव सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- बिहार के पश्चिम चम्पारण जिले के रामनगर प्रखंड के सुदूरवर्ती दोन क्षेत्र से बदहाल व्यवस्था की एक बेहद मार्मिक तस्वीर सामने आई है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में एक पिता अपने छोटे बच्चे को कंधे पर बैठाकर स्कूल पहुंचाने के लिए उफनती नदी की तेज धारा को पार करता हुआ नजर आ रहा है। ग्रामीणों की मदद से बच्चे को सुरक्षित नदी पार कराया गया, लेकिन इस खौफनाक दृश्य ने क्षेत्र में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। यह बाढ़ जैसी स्थिति सीमावर्ती नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्पन्न हुई है। नेपाल में बारिश के बाद आज वाल्मीकिनगर गंडक बराज से लगभग 1.34 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे गंडक, मसान सहित अन्य पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी छोड़े जाने के कारण दियारा और अन्य निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। इस बिगड़ते हालात को देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गए हैं और प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने तथा अनावश्यक रूप से जलधाराओं को पार करने से बचने की सख्त अपील की है। इधर स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क, पुल, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें हर वर्ष बरसात के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर इसी तरह नदी पार करनी पड़ती है। इस वायरल वीडियो ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक दावों के बीच आम लोगों की लाचारी व मजबूरी को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।1