नया उत्तर प्रदेश विकसित भारत की मजबूत नींव के रूप में उभरते हुए नए उद्योगों का केंद्र बन रहा है। 'भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य पोर्टल)' के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की योजना है, जिसमें उत्तर प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इस पहल से प्रदेश में निवेश को नई गति मिलेगी, उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उत्तर प्रदेश में 1000 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में, नरेंद्र मोदी और योगी सरकार विकसित भारत की मजबूत नींव के लिए 'डबल इंजन' सरकार के रूप में विश्व पटल पर 'नमो भारत एक्सप्रेस' बनकर सच्ची साबित हुई है। इस उपलब्धि के लिए अखिल भारतीय ब्रह्म महासभा (पंजीकृत) दिल्ली के राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित मुक्तेश मोहन वशिष्ठ और सूर्यदेव उपासक ज्योतिषाचार्य पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने बधाई दी है।
नया उत्तर प्रदेश विकसित भारत की मजबूत नींव के रूप में उभरते हुए नए उद्योगों का केंद्र बन रहा है। 'भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य पोर्टल)' के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की योजना है, जिसमें उत्तर प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इस पहल से प्रदेश में निवेश को नई गति मिलेगी, उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उत्तर प्रदेश में 1000 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में, नरेंद्र मोदी और योगी सरकार विकसित भारत की मजबूत नींव के लिए 'डबल इंजन' सरकार के रूप में विश्व पटल पर 'नमो भारत एक्सप्रेस' बनकर सच्ची साबित हुई है। इस उपलब्धि के लिए अखिल भारतीय ब्रह्म महासभा (पंजीकृत) दिल्ली के राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित मुक्तेश मोहन वशिष्ठ और सूर्यदेव उपासक ज्योतिषाचार्य पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने बधाई दी है।
- बोल्डईगल ने दिल्ली के गांधी नगर स्थित धरमपुरा में, दुकान नंबर 8 पर उपलब्ध लिनन और लिनन पैंट को उजागर किया है। यह सामग्री भारत के लिए बनाई गई है और संभवतः एक ब्लॉगर द्वारा रील्स के रूप में साझा की गई है।1
- नया उत्तर प्रदेश विकसित भारत की मजबूत नींव के रूप में उभरते हुए नए उद्योगों का केंद्र बन रहा है। 'भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य पोर्टल)' के तहत देशभर में 100 इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की योजना है, जिसमें उत्तर प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इस पहल से प्रदेश में निवेश को नई गति मिलेगी, उद्योगों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उत्तर प्रदेश में 1000 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में, नरेंद्र मोदी और योगी सरकार विकसित भारत की मजबूत नींव के लिए 'डबल इंजन' सरकार के रूप में विश्व पटल पर 'नमो भारत एक्सप्रेस' बनकर सच्ची साबित हुई है। इस उपलब्धि के लिए अखिल भारतीय ब्रह्म महासभा (पंजीकृत) दिल्ली के राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित मुक्तेश मोहन वशिष्ठ और सूर्यदेव उपासक ज्योतिषाचार्य पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने बधाई दी है।1
- स्मार्टफोन की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने एक बड़ा बदलाव ला दिया है, जिससे अब बाजार में ऐसे मोबाइल फोन उपलब्ध हैं जो यूजर की जरूरतों को समझकर कई काम खुद करने में सक्षम हैं। यह नई तकनीक मोबाइल्स को अधिक स्मार्ट और उपयोगी बना रही है। नई पीढ़ी के स्मार्टफोन्स में एडवांस कैमरा, AI फोटो एडिटिंग, लाइव ट्रांसलेशन, स्मार्ट वॉइस असिस्टेंट और सुपरफास्ट प्रोसेसर जैसे कई फीचर्स दिए जा रहे हैं। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन केवल एक डिवाइस नहीं रहेंगे, बल्कि एक व्यक्तिगत डिजिटल सहायक की भूमिका निभाएंगे। वे बताते हैं कि पढ़ाई, बिजनेस, कंटेंट क्रिएशन, ऑनलाइन मीटिंग और मनोरंजन जैसे काम अब इन डिवाइसों पर और भी आसान हो जाएंगे। बाजार में इन नई तकनीक से लैस स्मार्टफोन्स को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। माना जा रहा है कि ये डिवाइस डिजिटल जीवनशैली को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं और भविष्य की तकनीक का नया चेहरा बन सकते हैं।1
- लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र स्थित उषा मेहता मार्ग B/2 सेक्टर डी में एक प्राइवेट कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग पर काबू पा लिया गया है। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी, जिसके बाद फायर विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल की तीन गाड़ियां आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं, साथ ही राहत और बचाव कार्य भी जारी था। किसी भी प्रकार की जनहानि से बचने के लिए आसपास के इलाके को खाली करा दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रशासन को हर स्तर पर सतर्कता बरतने और राहत कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के भी आदेश दिए हैं।1
- मेरठ के कैंटोनमेंट बोर्ड में समाजवादी पार्टी के दबाव के बाद रक्षा मंत्रालय ने डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को बर्खास्त करने के नोटिस जारी कर दिए हैं। डॉ. शर्मा पर पिछले दिनों सीबीआई द्वारा तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी ने उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी। इस पूरे मामले में उमाशंकर खटीक एडवोकेट, जो कि जिलाध्यक्ष मेरठ खटीक संघ, जिला मंत्री मेरठ व्यापार मंडल और वरिष्ठ नेता सपा भी हैं, ने अपनी भूमिका निभाई।1
- गाजियाबाद के लिंक रोड थाना पुलिस ने फिरौती के लिए एक बिल्डर के अपहरण की साजिश रचने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार, एक रस्सी, दो अवैध तमंचे और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह कार्रवाई वसुंधरा निवासी बिल्डर राजेश पांडेय की शिकायत पर हुई, जिन्होंने बताया था कि 16 जून को कुछ बदमाशों ने हथियारों के बल पर उनका अपहरण करने का प्रयास किया था। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर इन चार आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने राजेश पांडेय को करोड़ों रुपये की फिरौती के लिए निशाना बनाया था। इस साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने कई दिनों तक बिल्डर की रेकी की और मौका मिलते ही अपहरण का प्रयास किया, लेकिन पीड़ित के शोर मचाने पर वे मौके से फरार हो गए। अब पुलिस इस मामले में फरार चल रहे पांचवें आरोपी की तलाश में जुटी है और आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- अयोध्या मंदिर में हुए एक घोटाले से संबंधित चर्चा की जा रही है।1
- लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में 10 से अधिक छात्र-छात्राओं की मौत की खबर को अत्यंत दुखद और हृदयविदारक बताया गया है। यह हादसा एक कोचिंग सेंटर में हुआ, जहाँ ये छात्र अपने बेहतर भविष्य के सपने लेकर पढ़ाई कर रहे थे। इस भयावह घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आग और धुएँ के तीव्र प्रकोप से बचने के लिए कई छात्रों को पहली मंजिल से कूदना पड़ा। वहीं, कुछ अन्य छात्रों ने बाथरूम में खुद को बंद कर जान बचाने की कोशिश की। उनके अंतिम पलों में झेले गए भय और दर्द की कल्पना मात्र से ही मन दहल जाता है। यह दर्दनाक हादसा सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि अग्निशमन व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी समय पर प्रभावी होती, तो शायद कई अनमोल जिंदगियाँ बचाई जा सकती थीं।1