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एक निजी अस्पताल में नर्स का संदिग्ध स्थिति में शव मिलने से भारी हंगामा मच गया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर सीधे हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। विरोध प्रदर्शन करते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने मृतक के शव को गंगा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सामने सड़क पर रख दिया और आवागमन पूरी तरह बाधित कर जाम लगा दिया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही मौके पर SDPO सदर 1, यातायात डीएसपी और नगर थाना पुलिस के साथ कई अन्य थानों की पुलिस टीम पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को 72 घंटे के अंदर मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया, जिसके बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया और सड़क से जाम हटवाया गया।
Darpan24 News
एक निजी अस्पताल में नर्स का संदिग्ध स्थिति में शव मिलने से भारी हंगामा मच गया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर सीधे हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर बवाल काटा। विरोध प्रदर्शन करते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने मृतक के शव को गंगा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सामने सड़क पर रख दिया और आवागमन पूरी तरह बाधित कर जाम लगा दिया। सड़क जाम की सूचना मिलते ही मौके पर SDPO सदर 1, यातायात डीएसपी और नगर थाना पुलिस के साथ कई अन्य थानों की पुलिस टीम पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को 72 घंटे के अंदर मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया, जिसके बाद परिजनों ने प्रदर्शन समाप्त किया और सड़क से जाम हटवाया गया।
More news from दरभंगा and nearby areas
- LJPR के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष बिहार में मुसलमानों को जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान पर निकल पड़े हैं।1
- दरभंगा के गौड़ा बौराम में एक चालू बिजली ट्रांसफार्मर पर इस कदर जंगली पेड़-पौधे उग आए हैं कि वह किसी बगीचे जैसा दिखने लगा है। यह ट्रांसफार्मर कोई बंद या बेकार पड़ा ढांचा नहीं, बल्कि पूरी तरह चालू हालत में है। इस पर उगे घने पेड़-पौधों को खाने के लिए कई जानवर और मवेशी लगातार वहां पहुंच रहे हैं। फिलहाल बारिश का मौसम है और जमीन से लेकर सड़क तक सब कुछ भीगा हुआ है, जिससे मवेशियों के लिए बेहद गंभीर खतरा पैदा हो गया है। बिजली विभाग पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुका है और उसके भ्रष्ट कर्मियों ने कई जगहों पर ऐसी ही व्यवस्था कर रखी है। विभाग की इसी लापरवाही की वजह से आम लोग बेहद परेशान हैं।1
- दरभंगा जिले के टाड़ी प्रखंड में आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन स्वीकार न करने और आवेदकों को बाहर भेजकर अतिरिक्त शुल्क वसूलवाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में टाड़ी प्रखंड के एक स्थानीय निवासी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब भी आम जनता किसी प्रमाण-पत्र या अन्य सरकारी सेवाओं के लिए प्रखंड कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन करने जाती है, तो वहाँ आवेदन जमा लेने से मना कर दिया जाता है। इसके बजाय आवेदकों को बाहर से ऑनलाइन आवेदन करवाकर लाने की हिदायत दी जाती है। प्रखंड कार्यालय के बाहर स्थित निजी दुकानों पर आवेदन कराने के एवज में लोगों से लगभग ₹100 से ₹150 या उससे अधिक की राशि वसूली जा रही है, जिससे आम जनता को आर्थिक रूप से काफी परेशानी हो रही है। शिकायत में कहा गया है कि यदि आवेदकों को बाहर से ही ऑनलाइन काम करवाना पड़े, तो प्रखंड कार्यालय में आरटीपीएस काउंटर स्थापित करने का मूल उद्देश्य ही निष्प्रभावी हो जाता है। आवेदक ने इस सिलसिले में बीडीओ से व्यक्तिगत रूप से मिलने की कोशिश भी की थी, लेकिन मुलाकात संभव नहीं हो सकी। पत्र के जरिए इस मामले की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई करने की माँग की गई है, ताकि आरटीपीएस काउंटर पर ही नियमानुसार आवेदन स्वीकार किए जाएँ और आम लोगों को बेवजह बाहर न भटकना पड़े।1
- ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में PAT-2024 अभ्यर्थी संघ के बैनर तले आयोजित एकदिवसीय महाधरना में सैकड़ों PAT, NET और JRF उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। राजभवन द्वारा PAT-2024 की प्रक्रिया स्थगित किए जाने के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों ने कुलाधिपति के नाम मांगपत्र सौंपा। अभ्यर्थियों का कहना है कि PAT-2024 की अधिसूचना 24 नवंबर 2025 को UGC Regulation-2016 के तहत जारी की गई थी, इसलिए पूरी नामांकन प्रक्रिया भी इसी नियमावली के अनुसार ही पूरी की जानी चाहिए। अभ्यर्थी नेताओं संदीप चौधरी, प्रिंस राज, कुणाल पाण्डेय, मयंक यादव, प्रदीप पासवान और अभिषेक झा ने अंतिम चरण में प्रक्रिया रोकने को हजारों शोधार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नामांकन प्रक्रिया जल्द बहाल नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसके तहत राजभवन का घेराव करने और न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा। इस धरना प्रदर्शन को भाकपा माले नेता देवेन्द्र कुमार, कांग्रेस नेता सैयद तनवीर अनवर और आइसा नेता मिथिलेश यादव ने भी अपना समर्थन दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कुलसचिव दिव्यरानी हांसदा, प्रो. मुनेश्वर यादव और डॉ. कामेश्वर पासवान ने अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों को राजभवन तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया है। अब देखना यह है कि राजभवन छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और PAT-2024 की नामांकन प्रक्रिया कब तक दोबारा बहाल हो पाती है।1
- दिल्ली पुलिस द्वारा एक अंधे व्यक्ति को भी नहीं छोड़े जाने की घटना सामने आई है। इस मामले से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद लोगों से इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की जा रही है।1
- मुजफ्फरपुर में ITC गोल्ड फ्लैक के नाम पर चल रही एक नकली फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद लोग भाग खड़े हुए। इस दौरान पुलिस ने लाखों रुपये की सिगरेट और करोड़ों रुपये की मशीनें जब्त की हैं।1
- दरभंगा में NEET पेपर लीक के नाम पर हो रहे प्रदर्शन ने हिंसक और खूनी रूप ले लिया है। प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ की तरफ से जमकर ईंट और पत्थर चलाए गए, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और यह सवाल उठने लगा कि क्या उपद्रव करने वाले वास्तव में छात्र हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदर्शनकारियों से बेहद सख्त लहजे में बात की और उन्हें कड़ी चेतावनी दी।1