बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम, गुलदार पकड़ने के आदेश, वन विभाग अलर्ट मोड बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम, गुलदार पकड़ने के आदेश जनपद के विकासखंड पोखड़ा क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड में है। खासकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को पकड़ने की अनुमति दे दी है। साथ ही, सभी प्रयास विफल होने पर उसे नष्ट करने की भी इजाजत दी गई है। डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 11(1)(क) के तहत गुलदार को पिंजरे में कैद करने और ट्रैंक्युलाईज कर पकड़ने की अनुमति दी गई है। गुलदार की निगरानी के लिए क्षेत्र में तीन पिंजरे और 20 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही दो लाइसेंसधारी शिकारियों की तैनाती की गई है और ड्रोन सहित आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि यह आदेश केवल चिन्हित गुलदार पर ही लागू होगा और एक महीने तक प्रभावी रहेगा। वहीं, लोगों को सतर्क रहने और जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है
बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम, गुलदार पकड़ने के आदेश, वन विभाग अलर्ट मोड बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम, गुलदार पकड़ने के आदेश जनपद के विकासखंड पोखड़ा क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड में है। खासकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को पकड़ने की अनुमति दे दी है। साथ ही, सभी प्रयास विफल होने पर उसे नष्ट करने की भी इजाजत दी गई है। डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 11(1)(क) के तहत गुलदार को पिंजरे में कैद करने और ट्रैंक्युलाईज कर पकड़ने की अनुमति दी गई है। गुलदार की निगरानी के लिए क्षेत्र में तीन पिंजरे और 20 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही दो लाइसेंसधारी शिकारियों की तैनाती की गई है और ड्रोन सहित आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि यह आदेश केवल चिन्हित गुलदार पर ही लागू होगा और एक महीने तक प्रभावी रहेगा। वहीं, लोगों को सतर्क रहने और जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है
- उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के थाना रानी बाग की पीओ (Proclaimed Offender) टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए मंगोलपुरी क्षेत्र से एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर ऑपरेशन चलाकर आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अदालत द्वारा घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित किया जा चुका था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न थानों में दर्ज दो अन्य आपराधिक मामलों में भी शामिल रहा है। पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके आपराधिक नेटवर्क व अन्य मामलों में संलिप्तता की जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को रानी बाग थाना पुलिस की सतर्कता और सक्रिय पुलिसिंग का उदाहरण माना जा रहा है।1
- बच्चों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम, गुलदार पकड़ने के आदेश जनपद के विकासखंड पोखड़ा क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड में है। खासकर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने क्षेत्र में सक्रिय गुलदार को पकड़ने की अनुमति दे दी है। साथ ही, सभी प्रयास विफल होने पर उसे नष्ट करने की भी इजाजत दी गई है। डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 11(1)(क) के तहत गुलदार को पिंजरे में कैद करने और ट्रैंक्युलाईज कर पकड़ने की अनुमति दी गई है। गुलदार की निगरानी के लिए क्षेत्र में तीन पिंजरे और 20 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही दो लाइसेंसधारी शिकारियों की तैनाती की गई है और ड्रोन सहित आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि यह आदेश केवल चिन्हित गुलदार पर ही लागू होगा और एक महीने तक प्रभावी रहेगा। वहीं, लोगों को सतर्क रहने और जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है1
- “भारत-मलेशिया रिश्तों को नई उड़ान: दिल्ली में सजा रंगारंग मलेशिया कार्निवल”1
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- khediya doripura ajay1
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- न्यूज़: दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में 3 अप्रैल की रात करीब 10 बजे सरेआम लूटपाट की वारदात सामने आई है। संकरी गली में बदमाशों ने दहशत फैला दी और मोटरसाइकिलों के पास खड़े लोगों को घेरकर लूटपाट और झड़प की घटना को अंजाम दिया। घटना के दौरान एक बच्चा भी मौके पर मौजूद था, जिसके सामने बदमाशों ने जमकर हंगामा और मारपीट की। पूरी वारदात इलाके में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें बदमाश लोगों को घेरते और डराते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।1