कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित दरवेशपुर गांव में गांजा माफिया के बेखौफ कारनामों से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में खुलेआम बच्चों को निशाना बनाकर नशे का कारोबार किया जा रहा है, और पुलिस प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुए है। ग्रामीणों के अनुसार, दरवेशपुर और आसपास के इलाकों में गांजा माफिया छोटे-छोटे बच्चों को नशे की लत लगा रहे हैं, जिसका शिकार स्कूल जाने वाले बच्चे भी हो रहे हैं। यह शर्मनाक कारोबार दिनदहाड़े और खुलेआम चल रहा है। ग्रामवासियों ने इस संबंध में पुलिस से कई बार शिकायतें की हैं, जिसके बाद कुछ बार छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा भी गया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है और आरोपी कुछ ही दिनों में बाहर आकर फिर से अपना धंधा शुरू कर देते हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने सीधे सवाल उठाया है कि "क्या कौशांबी पुलिस सो रही है?" वे पूछते हैं कि जब सभी को पता है कि कौन और कहाँ गांजा बेच रहा है, तो फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं होती, और क्या माफियाओं को कोई संरक्षण मिल रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे क्षेत्र की युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीणों ने एसपी कौशांबी और डीएम से तत्काल दरवेशपुर में छापेमारी कर गांजा माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को नशे से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेज के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने की भी अपील की है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है।
कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित दरवेशपुर गांव में गांजा माफिया के बेखौफ कारनामों से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में खुलेआम बच्चों को निशाना बनाकर नशे का कारोबार किया जा रहा है, और पुलिस प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुए है। ग्रामीणों के अनुसार, दरवेशपुर और आसपास के इलाकों में गांजा माफिया छोटे-छोटे बच्चों को नशे की लत लगा रहे हैं, जिसका शिकार स्कूल जाने वाले बच्चे भी हो रहे हैं। यह शर्मनाक कारोबार दिनदहाड़े और खुलेआम चल रहा है। ग्रामवासियों ने इस संबंध में पुलिस से कई बार शिकायतें की हैं, जिसके बाद कुछ बार छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा भी गया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है और आरोपी कुछ ही दिनों में बाहर आकर फिर से अपना धंधा शुरू कर देते हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने सीधे सवाल उठाया है कि "क्या कौशांबी पुलिस सो रही है?" वे पूछते हैं कि जब सभी को पता है कि कौन और कहाँ गांजा बेच रहा है, तो फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं होती, और क्या माफियाओं को कोई संरक्षण मिल रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे क्षेत्र की युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीणों ने एसपी कौशांबी और डीएम से तत्काल दरवेशपुर में छापेमारी कर गांजा माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को नशे से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेज के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने की भी अपील की है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है।
- कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित दरवेशपुर गांव में गांजा माफिया के बेखौफ कारनामों से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में खुलेआम बच्चों को निशाना बनाकर नशे का कारोबार किया जा रहा है, और पुलिस प्रशासन इस पर चुप्पी साधे हुए है। ग्रामीणों के अनुसार, दरवेशपुर और आसपास के इलाकों में गांजा माफिया छोटे-छोटे बच्चों को नशे की लत लगा रहे हैं, जिसका शिकार स्कूल जाने वाले बच्चे भी हो रहे हैं। यह शर्मनाक कारोबार दिनदहाड़े और खुलेआम चल रहा है। ग्रामवासियों ने इस संबंध में पुलिस से कई बार शिकायतें की हैं, जिसके बाद कुछ बार छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा भी गया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति होती है और आरोपी कुछ ही दिनों में बाहर आकर फिर से अपना धंधा शुरू कर देते हैं। आक्रोशित ग्रामीणों ने सीधे सवाल उठाया है कि "क्या कौशांबी पुलिस सो रही है?" वे पूछते हैं कि जब सभी को पता है कि कौन और कहाँ गांजा बेच रहा है, तो फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं होती, और क्या माफियाओं को कोई संरक्षण मिल रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे क्षेत्र की युवा पीढ़ी बर्बाद हो जाएगी। ग्रामीणों ने एसपी कौशांबी और डीएम से तत्काल दरवेशपुर में छापेमारी कर गांजा माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को नशे से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेज के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने की भी अपील की है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है।1
- अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी जवान रामकिशन भारती ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई थी। यह गुहार उनके पिता के निर्माणाधीन मकान को बुलडोजर से गिराए जाने के बाद लगाई गई थी। जवान का आरोप है कि यह कार्रवाई केवल उनके परिवार को निशाना बनाकर की गई, जबकि उसी सरकारी भूमि पर बने अन्य निर्माणों को छोड़ दिया गया। इस मानवीय मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, कौशांबी के जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल शर्मा ने मामले का संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर, एसडीएम चायल ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है। यह टीम सरकारी भूमि पर जिन-जिन लोगों का कब्जा है, उनकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करेगी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि न्याय सभी के लिए समान होगा और इस मामले में कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के सुनिश्चित की जाएगी।1
- कौशांबी जिले के सराय अकील स्थित करन चौराहा पर रामा डिजिटल धर्म कांटा अपनी सेवाएँ दे रहा है। यह धर्म कांटा विशेष रूप से ट्रेलर गाड़ियों की तौल के लिए विशेष सुविधा प्रदान करता है।1
- आज, 6 जुलाई 2026 को कौशाम्बी जनपद की तहसील चायल में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर, पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी श्री सत्यनारायण और जिलाधिकारी कौशाम्बी श्री अमित पाल ने संयुक्त रूप से जनसुनवाई की। इस दौरान अधिकारियों ने फरियादियों द्वारा प्रस्तुत की गई शिकायतों और समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। जनसुनवाई के बाद, प्राप्त प्रार्थना पत्रों का परीक्षण करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। इन निर्देशों में सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि आमजन को त्वरित राहत और न्याय मिल सके। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में तत्परता, पारदर्शिता और निष्पक्षता से कार्यवाही करने तथा शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न होने देने के निर्देश दिए। वहीं, जिलाधिकारी ने राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से निपटाने का आदेश दिया। इस सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान राजस्व, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज पहुंचे, जहाँ उन्होंने यमुना नदी के किनारे निर्मित प्रेरणा स्थल पर तीन महान हस्तियों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। ये प्रतिमाएँ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और अशोक सिंघल की थीं, जिनका लोकार्पण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।1
- प्रयागराज के कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत हेस्टिंग रोड नेवादा में समरीन नामक युवती के गुम होने का मामला सामने आया है। स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों द्वारा समरीन की तलाश किए जाने के बीच, युवती का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में समरीन को मोहल्ले के ही सत्यम धुरिया नामक युवक के साथ जाते हुए देखा जा रहा है। समरीन के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। उनका आरोप है कि युवती घर से ₹10,000 नकद और ₹2,00,000 के गहने लेकर गायब हुई है। युवती की नानी ने विशेष रूप से आरोप लगाया है कि उनकी नतनी को बहला-फुसलाकर यह युवक अपने साथ ले गया है, और उन्हें किसी अनहोनी का डर सता रहा है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अब आगे की खोजबीन जारी है।1
- अहलादपुर गांव में प्रशासन ने खलिहान की सरकारी भूमि पर बने एक अवैध निर्माण को बुलडोजर से ढहाकर कब्जामुक्त कराया है। यह कार्रवाई सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे को हटाने के उद्देश्य से की गई थी। इस कार्रवाई के तुरंत बाद, आईटीबीपी के जवान रामकिशन भारती ने एक वीडियो जारी कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि प्रशासन ने उनके पिता के मकान पर ही कार्रवाई की, जबकि उसी सरकारी भूमि पर बने अन्य अवैध निर्माणों को जानबूझकर छोड़ दिया गया। रामकिशन भारती ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग मुख्यमंत्री से की है।1
- मथुरा से संबंधित एक मामले में यह बताया गया है कि गोली चलाने वालों को 'योगी की पुलिस' का बिल्कुल भी डर नहीं है। इस संदेश में इस बात पर जोर दिया गया है कि गोली चलाने वालों में पुलिस का खौफ अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है।1