*पिता की राह पर चले सिद्धार्थ, भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट* -बलिया स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत -परिजनों और ग्रामीणों में खुशी की लहर बलिया। जिले के जमुआँ गांव निवासी सिद्धार्थ रंजन सिंह ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जनपद का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। सेना में अधिकारी के रूप में चयन के बाद शनिवार को पहली बार अपने गृह नगर बलिया पहुंचे सिद्धार्थ का परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने ढोल-नगाड़ों और माल्यार्पण के साथ भव्य स्वागत किया। सिद्धार्थ को देशसेवा का यह जज्बा विरासत में मिला है। उनके पिता सुशील सिंह भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पिता के अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के संस्कारों को आत्मसात करते हुए सिद्धार्थ ने इस कठिन मुकाम को हासिल किया। उनकी इस सफलता में माता सीमा सिंह का भी विशेष योगदान रहा। सिद्धार्थ की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल, धराहरा (बलिया) से हुई, जहां से उन्हें अनुशासन और संस्कारों की मजबूत नींव मिली। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज के प्रसिद्ध सैनिक स्कूल से आगे की पढ़ाई पूरी की। पासिंग आउट परेड के बाद जब सेना की वर्दी में माता-पिता के साथ उनकी तस्वीर आई, तो पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने सिद्धार्थ के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
*पिता की राह पर चले सिद्धार्थ, भारतीय सेना में बने लेफ्टिनेंट* -बलिया स्टेशन पर ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत -परिजनों और ग्रामीणों में खुशी की लहर बलिया। जिले के जमुआँ गांव निवासी सिद्धार्थ रंजन सिंह ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जनपद का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। सेना में अधिकारी के रूप में चयन के बाद शनिवार को पहली बार अपने गृह नगर बलिया पहुंचे सिद्धार्थ का परिजनों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने ढोल-नगाड़ों और माल्यार्पण के साथ भव्य स्वागत किया। सिद्धार्थ को देशसेवा का यह जज्बा विरासत में मिला है। उनके पिता सुशील सिंह भी भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। पिता के अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के संस्कारों को आत्मसात करते हुए सिद्धार्थ ने इस कठिन मुकाम को हासिल किया। उनकी इस सफलता में माता सीमा सिंह का भी विशेष योगदान रहा। सिद्धार्थ की प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल, धराहरा (बलिया) से हुई, जहां से उन्हें अनुशासन और संस्कारों की मजबूत नींव मिली। इसके बाद उन्होंने प्रयागराज के प्रसिद्ध सैनिक स्कूल से आगे की पढ़ाई पूरी की। पासिंग आउट परेड के बाद जब सेना की वर्दी में माता-पिता के साथ उनकी तस्वीर आई, तो पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने सिद्धार्थ के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
- बलिया- बहुप्रतीक्षित बलिया भृगु कॉरिडोर का आज भव्य उद्घाटन परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया। इस दौरान मीडिया द्वारा आकाश आनंद को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि वह उनका पारिवारिक मामला है। लेकिन भतीजी को राजनीति में आगे बढ़ाने को लेकर उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती पर तंज कसते हुए कहा कि मायावती जी को परिवारवाद नहीं करना चाहिए, बल्कि जो कर्मठ कार्यकर्ता है, उसे आगे बढ़ाना चाहिए। #basdeeh #badvibhag #चितबड़ागांव #सुखपुरा #RahulGandhiVoiceOfIndia #gorakhpur #balliavibes #BiharNews #BSP1
- बलिया: CRPF जवान की हत्या, बेटियों ने आत्मदाह की दी चेतावनी, CM से मिलने के आश्वासन पर माना परिवार उभांव थाना क्षेत्र के सोनाडीह (दोथ) गांव में 10 सितंबर को पूर्व CRPF जवान अमरेश बहादुर सिंह और उनके भाई मंजेश सिंह पर चाकू से हमला किया गया। हमले में अमरेश बहादुर सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनके भाई मंजेश गंभीर रूप से घायल हैं घटना के बाद मृतक के परिवार में भारी आक्रोश देखने को मिला। पत्नी और तीनों बेटियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, उनके घरों पर बुलडोजर चलाने और एनकाउंटर की मांग की। परिवार ने कार्रवाई न होने तक अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। बड़ी बेटी पेट्रोल की केन लेकर शव के पास बैठ गई और आत्मदाह की चेतावनी दी। करीब 16 घंटे तक शव घर पर रखा रहा। मौके पर कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बाद में एडीएम ने परिवार से बातचीत कर शासन स्तर से सहायता, बच्चों की शिक्षा, परिवार की सुरक्षा और अन्य मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही तीन दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से परिवार की मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।1
- राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. इफ्तेखार खान का सिकंदरपुर से किकोढ़ा तक भव्य स्वागत बड़े भाई को याद कर भावुक हुए डॉ. इफ्तेखार खान, गांव में राजकीय इंटर कॉलेज और लाइब्रेरी बनवाने का किया ऐलान सिकंदरपुर, बलिया। राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव किकोढ़ा पहुंचे डॉ. इफ्तेखार खान का रविवार को सिकंदरपुर चौराहे से लेकर ग्रामसभा किकोढ़ा तक ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सोनू यादव के नेतृत्व में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग, शिक्षक, छात्र और ग्रामीण मौजूद रहे। सिकंदरपुर चौराहे पर पहुंचते ही डॉ. इफ्तेखार खान का फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद स्वागत जुलूस ग्रामसभा किकोढ़ा तक पहुंचा। गांव पहुंचने पर उस प्राथमिक विद्यालय के परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां डॉ. इफ्तेखार खान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण की थी। विद्यालय के आंगन में सम्मान पाकर वह भावुक हो उठे और अपने बड़े भाई को याद करते हुए भावुक शब्दों में अपनी स्मृतियां साझा कीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि गांव में राजकीय इंटर कॉलेज लाने के लिए उनका प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र के बुजुर्गों का आशीर्वाद, ग्रामीणों का प्यार और सहयोग मिलता रहा तो गांव में जल्द ही राजकीय इंटर कॉलेज स्थापित कराने की दिशा में सफलता मिलेगी। डॉ. इफ्तेखार खान ने गांव में लाइब्रेरी स्थापित करने की भी घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के साथ प्राप्त 50 हजार रुपये की इनामी राशि लाइब्रेरी निर्माण के लिए दान करने की घोषणा की। उनकी इस पहल की ग्रामीणों ने सराहना की। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सोनू यादव ने कहा कि गांव में लाइब्रेरी का निर्माण जल्द कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के जाने-माने शिक्षक एवं डॉ. इफ्तेखार खान के चचेरे भाई मास्टर बड़े आलम, अनवर कमाल खान, मन्नान खान, आनंद प्रताप सिंह, अमरनाथ यादव ,सतेंद्र शर्मा,फैजी अंसारी,लड्डन भाई, जितेश वर्मा,भी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्राथमिक विद्यालय किकोढ़ा के प्रधानाचार्य वसी अहमद जी ने भी डॉ. इफ्तेखार खान का स्वागत एवं सम्मान किया। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने के बाद अपने गांव की मिट्टी पर लौटे डॉ. इफ्तेखार खान के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण रहा। ग्रामीणों ने कहा कि राष्ट्रपति के हाथों गांव के बेटे को मिला राष्ट्रीय सम्मान पूरे किकोढ़ा और बलिया के लिए गर्व की बात है।1
- #बलिया धार्मिक स्थल महर्षि भृगु कॉरिडोर बनाने को लेकर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने किया भूमि पूजन पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और मुख्यमंत्री ने 60 करोड़ रूपया दो पार्ट में किया स्वीकृत -दयाशंकर जो पत्थर अयोध्या के राम मंदिर में लगा है इस पत्थर का उपयोग भृगु कॉरिडोर बनाने में किया जाएगा Dayashankar Singh Yogi Adityanath Jaiveer singh #भृगुकॉरिडोर #BALLIA1
- आंदर प्रखंड के भवराजपुर गांव में रविवार की दोपहर 1 बजे कॉमरेड जूही हैदर, कॉमरेड तौकीर हुसैन एवं कॉमरेड आफताब के शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में शामिल होकर शहीद साथियों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।इस दौरान उनके विचारों, संघर्ष और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने अपने विचार रखे।इस दौरान जीरादेई के पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा,पूर्व जिला पार्षद शीतल पासवान समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे। आंदर प्रखंड के भवराजपुर गांव में रविवार की दोपहर 1 बजे कॉमरेड जूही हैदर, कॉमरेड तौकीर हुसैन एवं कॉमरेड आफताब के शहादत दिवस के अवसर पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में शामिल होकर शहीद साथियों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।इस दौरान उनके विचारों, संघर्ष और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने अपने विचार रखे।इस दौरान जीरादेई के पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा,पूर्व जिला पार्षद शीतल पासवान समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।1
- आंदर गणपति बप्पा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे मूर्तिकार,गणेश चतुर्थी सोमबार को गणपति बप्पा का खुलेगा पठ आंदर नगर पंचायत समेत प्रखंड क्षेत्र में गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना को लेकर युवाओं में काफी उमंग उत्सव देखा जा रहा है गणेश चतुर्दशी त्योहार में अब महज एक दिन शेष रह गए हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गणपति बप्पा की स्वागत की तैयारियां तेज हो गई हैं।जहां एक तरफ पूजा समिति द्वारा पंडाल निर्माण और सजावट को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।वहीं मूर्तिकार भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।इस साथ ही आंदर नगर पंचायत के सुल्तानपुर गांव में बाल प्रमुख सेवा समिति के द्वारा बड़े पैमाने पर गणेश पूजा का आयोजन किया जा रहा है। जिसको लेकर पूजा पंडाल निर्माण का कार्य काफी तेजी में चल रहा है साथ ही मूर्तिकारो द्वारा गणपति बप्पा की मूर्ति का अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं इसको लेकर काफी चहल पहल देखा जा रहा है। इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर,यानी सोमवार को मनाई जाएगी। गणेश चतुर्थी के दिन ही घर और पंडालों में गणपति की स्थापना की जाएगी।गणेश चतुर्थी की तारीख को लेकर इस बार भी लोगों के बीच असमंजस है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी और 15 सितंबर की सुबह 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी।1
- Post by Sharda Singh1
- पूर्व सांसद चंद्रिका बाबू की 27वीं पुण्यतिथि पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि1