बयाना के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने सात वर्ष पुराने चर्चित विवाहिता हत्याकांड में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपियों, पति बलराम जाटव और जेठ बलवीर जाटव को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अतिरिक्त, देवर लवकुश को साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने का दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। फैसले के तुरंत बाद तीनों दोषियों को जेल भेज दिया गया। यह मामला 19 अप्रैल 2019 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है, जिसे उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के लोहवन निवासी प्रेमचंद जाटव ने बयाना कोतवाली थाने में दर्ज कराया था। प्रेमचंद जाटव ने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री ज्योति की शादी बयाना के भीमनगर निवासी बलराम जाटव के साथ हुई थी, जिसके बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दो लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की दहेज मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, 18 अप्रैल 2019 की शाम पति, जेठ, देवर और अन्य परिजनों ने ज्योति की हत्या कर दी थी और सबूत मिटाने के लिए उसके शव का गुपचुप अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चिता से अधजला शव बरामद किया था। पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद दहेज हत्या के बजाय हत्या और अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने दोषियों को यह सजा सुनाई।
बयाना के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने सात वर्ष पुराने चर्चित विवाहिता हत्याकांड में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपियों, पति बलराम जाटव और जेठ बलवीर जाटव को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अतिरिक्त, देवर लवकुश को साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने का दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। फैसले के तुरंत बाद तीनों दोषियों को जेल भेज दिया गया। यह मामला 19 अप्रैल 2019 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है, जिसे उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के लोहवन निवासी प्रेमचंद जाटव ने बयाना कोतवाली थाने में दर्ज कराया था। प्रेमचंद जाटव ने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री ज्योति की शादी बयाना के भीमनगर निवासी बलराम जाटव के साथ हुई थी, जिसके बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दो लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की दहेज मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, 18 अप्रैल 2019 की शाम पति, जेठ, देवर और अन्य परिजनों ने ज्योति की हत्या कर दी थी और सबूत मिटाने के लिए उसके शव का गुपचुप अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चिता से अधजला शव बरामद किया था। पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद दहेज हत्या के बजाय हत्या और अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने दोषियों को यह सजा सुनाई।
- करौली जिले के हिण्डौन स्थित जमालपुर गांव में स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच नालियों की साफ-सफाई की उचित व्यवस्था करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। इस अव्यवस्था के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी मुख्य रास्तों पर जमा हो गया है, जिससे आम लोगों का आना-जाना दूभर हो गया है। जलभराव की इस गंभीर समस्या से राहगीरों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।2
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था के विषय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि हनुमान गढ़ी जैसी पवित्र जगह पर नमाज पढ़वाने का काम किया गया था। इसी संदर्भ में योगी आदित्यनाथ ने चुनौती देते हुए पूछा कि क्या कभी किसी के लिए जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करना संभव हो पाएगा। उन्होंने यह तीखा सवाल भी किया कि आखिर हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किसके द्वारा करवाया जा रहा था।1
- डीग जिले के ऐतिहासिक गांव सिनसिनी से सेत तक जाने वाली सड़क की स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने के कारण आमजन, किसानों, छात्र-छात्राओं और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में सड़क पर पानी भर जाने से आवागमन और भी कठिन हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। महिला काँग्रेस डींग की जिलाध्यक्ष एडवोकेट श्वेता यादव ने बताया कि यह सड़क मार्ग सेत से सिनसिनी तक स्वीकृत है, लेकिन बार-बार प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की इस उदासीनता और लापरवाही के प्रति स्थानीय लोगों में भारी रोष व्याप्त है। एडवोकेट श्वेता यादव और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का शीघ्र निरीक्षण कर मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे सार्वजनिक निर्माण विभाग डींग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव करेंगे और जन आंदोलन किया जाएगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में तीन अलग-अलग स्थानों पर सरेआम फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को महज 72 घंटे के भीतर धरदबोचा है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, मानवीय इनपुट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन और अभिषेक के रूप में हुई है, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दोनों आरोपियों को बसई घीयाराम के समीप अंधियारी के बीहड़ों से डीएसटी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा। पुलिस से बचने की कोशिश में ये आरोपी ऊंचे मिट्टी के टीले से नीचे कूद गए, जिससे उनके पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल, दोनों का इलाज पुलिस अभिरक्षा में जिला चिकित्सालय में चल रहा है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल, एक अवैध देशी कट्टा और पांच कारतूस भी बरामद किए हैं। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।2
- राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा संचालित 'महिला सुरक्षा संकल्प अभियान' के अंतर्गत भरतपुर में एक व्यापक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का संचालन जिला पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार मीना आईपीएस के निर्देशन में किया गया, जिन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर से इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को महिलाओं की सुरक्षा, उनके सम्मान और अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। यह रैली सहायक पुलिस अधीक्षक श्रीमती आशिमा वासवानी, आईपीएस और पुलिस मुख्यालय जयपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (कम्युनिटी पुलिसिंग) श्रीमती सुनीता मीणा आरपीएस के नेतृत्व में आयोजित हुई। इसमें पुलिस अधिकारियों, जवानों, महिला पुलिसकर्मियों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लिया। रैली शहर के प्रमुख मार्गों और मुख्य बाजार से गुजरी, जहाँ प्रतिभागियों ने महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता और एक सुरक्षित सामाजिक वातावरण बनाने के संदेश आमजन तक पहुँचाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, महिला हेल्पलाइन सेवाओं, साइबर सुरक्षा और महिला अपराधों की रोकथाम के बारे में जागरूक करना था। रैली के दौरान आमजन को पुलिस की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की गई कि वे किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न, घरेलू हिंसा या साइबर अपराध की स्थिति में निर्भीक होकर पुलिस से संपर्क करें और शिकायत दर्ज कराएं।4
- उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की खेरागढ़ तहसील के हुलासपुरा गांव में 10 जुलाई 2026 को बारिश दर्ज की गई है।4
- भरतपुर के जिला कलेक्टर कमर चौधरी ने बयाना का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने खानखेड़ा एवं नगर पालिका बयाना में आयोजित शहरी और ग्रामीण सेवा शिविरों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनीं। खानखेड़ा में पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों की शिकायतों पर उन्होंने मौके पर ही जलदाय विभाग के अधिकारियों को समाधान के त्वरित निर्देश दिए। नगर पालिका बयाना में आयोजित शिविर में उन्होंने कस्बे वासियों को नए पट्टे आवंटित करने की प्रक्रिया के लिए एसडीएम दीपक मित्तल और ईओ वैशाली धाकड़ को निर्देशित किया। इसके अलावा, कलेक्टर ने बयाना उपकारागार का औचक निरीक्षण भी किया, जहाँ उन्होंने जेल में बंद कैदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम दीपक मित्तल और एसआई राकेश शर्मा भी मौजूद रहे।1
- बाल सुरक्षा जागरूकता माह के अवसर पर, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ रश्मि सिंह ने बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारियों और भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ रश्मि सिंह ने गुमशुदा और शोषित बच्चों के संरक्षण के लिए विभाग के प्रयासों पर चर्चा की और समाज को इस दिशा में साझा जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया है। इस जागरूकता अभियान का मुख्य संदेश यह है कि हर बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। #Smartबच्चे के तहत इस पहल का उद्देश्य समाज में बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा को बढ़ावा देना है।1
- करौली जिले के हिण्डोन स्थित काचरौली गांव की ब्राह्मण बस्ती में आंगनबाड़ी के पास एक गाय पिछले दो दिनों से गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ी है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, एक शराबी बाइक सवार ने गाय को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद से वह दर्द से जूझ रही है। इस मामले में सबसे बड़ी लापरवाही पशु चिकित्सालय के स्तर पर सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी पशु चिकित्सालय के किसी भी सरकारी कर्मचारी ने घायल गाय का उपचार करने के लिए सुध नहीं ली है।1