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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था के विषय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि हनुमान गढ़ी जैसी पवित्र जगह पर नमाज पढ़वाने का काम किया गया था। इसी संदर्भ में योगी आदित्यनाथ ने चुनौती देते हुए पूछा कि क्या कभी किसी के लिए जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करना संभव हो पाएगा। उन्होंने यह तीखा सवाल भी किया कि आखिर हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किसके द्वारा करवाया जा रहा था।
भरत सिंह मीणा सरमथुरा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था के विषय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि हनुमान गढ़ी जैसी पवित्र जगह पर नमाज पढ़वाने का काम किया गया था। इसी संदर्भ में योगी आदित्यनाथ ने चुनौती देते हुए पूछा कि क्या कभी किसी के लिए जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करना संभव हो पाएगा। उन्होंने यह तीखा सवाल भी किया कि आखिर हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किसके द्वारा करवाया जा रहा था।
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- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था के विषय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि हनुमान गढ़ी जैसी पवित्र जगह पर नमाज पढ़वाने का काम किया गया था। इसी संदर्भ में योगी आदित्यनाथ ने चुनौती देते हुए पूछा कि क्या कभी किसी के लिए जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करना संभव हो पाएगा। उन्होंने यह तीखा सवाल भी किया कि आखिर हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किसके द्वारा करवाया जा रहा था।1
- मुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में स्थित रामपुर थाने पर माया चतुर्वेदी, पत्नी चक्रेश चतुर्वेदी, ने आज से सत्याग्रह शुरू कर दिया है। प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि अनावेदक द्वारा उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया गया है। इस जमीन विवाद को लेकर उन्होंने थाने के समक्ष विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है।2
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में तीन अलग-अलग स्थानों पर सरेआम फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को महज 72 घंटे के भीतर धरदबोचा है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों, मानवीय इनपुट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सचिन और अभिषेक के रूप में हुई है, जिन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दोनों आरोपियों को बसई घीयाराम के समीप अंधियारी के बीहड़ों से डीएसटी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा। पुलिस से बचने की कोशिश में ये आरोपी ऊंचे मिट्टी के टीले से नीचे कूद गए, जिससे उनके पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल, दोनों का इलाज पुलिस अभिरक्षा में जिला चिकित्सालय में चल रहा है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल, एक अवैध देशी कट्टा और पांच कारतूस भी बरामद किए हैं। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।2
- करौली में पांचना बांध से पानी निकासी को लेकर चल रहे विवाद के बीच, अफवाहें फैलाने और भड़काऊ टिप्पणी करने वालों के खिलाफ स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस मामले की जानकारी देते हुए एसपी लोकेश सोनवाल ने शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे बताया कि अब तक कुल 146 सोशल मीडिया अकाउंटों को बंद कराया जा चुका है। पुलिस ने सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों को चेतावनी देते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। यदि इस अवधि के भीतर भड़काऊ पोस्ट डिलीट नहीं की जाती हैं, तो संबंधित अकाउंट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थिति पर निरंतर नजर रखने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है और अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस प्रकार की सख्ती जारी रहेगी।1
- सतना में निलंबित उपयंत्री सतीश समेले ने अपने ही विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सतीश समेले ने दावा किया है कि सरकारी कार्यों में नीचे से लेकर ऊपर तक चंदा और कमीशन का खेल चलता है, जहाँ उपयंत्री केवल एक एजेंट की भूमिका निभाते हैं। सतीश समेले को बुधवार को ही जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह ने निलंबित किया है। निलंबन की कार्रवाई से पहले उन पर सरकारी कार्यों के निरीक्षण में कमीशनखोरी की शिकायतें भी थीं। निलंबन के बाद सतीश समेले अब मुखर होकर विभाग के कामकाज और भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे हैं।1
- बयाना के अपर जिला एवं सेशन न्यायालय ने सात वर्ष पुराने चर्चित विवाहिता हत्याकांड में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के मुख्य आरोपियों, पति बलराम जाटव और जेठ बलवीर जाटव को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसके अतिरिक्त, देवर लवकुश को साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने का दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। फैसले के तुरंत बाद तीनों दोषियों को जेल भेज दिया गया। यह मामला 19 अप्रैल 2019 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है, जिसे उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के लोहवन निवासी प्रेमचंद जाटव ने बयाना कोतवाली थाने में दर्ज कराया था। प्रेमचंद जाटव ने आरोप लगाया था कि उनकी पुत्री ज्योति की शादी बयाना के भीमनगर निवासी बलराम जाटव के साथ हुई थी, जिसके बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दो लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की दहेज मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, 18 अप्रैल 2019 की शाम पति, जेठ, देवर और अन्य परिजनों ने ज्योति की हत्या कर दी थी और सबूत मिटाने के लिए उसके शव का गुपचुप अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चिता से अधजला शव बरामद किया था। पुलिस द्वारा की गई जांच के बाद दहेज हत्या के बजाय हत्या और अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने दोषियों को यह सजा सुनाई।1
- करौली में भाजपा जिला अध्यक्ष गोवर्धन सिंह जादौन का जन्मदिन पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर शेरपुर स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गोवर्धन सिंह जादौन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण किया। इन पौधों की सुरक्षा और रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। कार्यक्रम के दौरान खेड़ा जमालपुर मंडल अध्यक्ष गीता देवी जाट, मंडल महामंत्री राम प्रकाश डागुर, भाजपा जिला मंत्री शिव सिंह डागुर और पूर्व मंडल अध्यक्ष उधम सिंह डागुर ने अस्पताल में फल वितरित किए। इस अवसर पर भामाशाह तनुज जांगिड़ का विशेष सहयोग रहा। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष को मिठाई खिलाकर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी और उनकी लंबी उम्र की कामना की।1
- बाल सुरक्षा जागरूकता माह के अवसर पर, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव डॉ रश्मि सिंह ने बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। इस दौरान उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारियों और भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ रश्मि सिंह ने गुमशुदा और शोषित बच्चों के संरक्षण के लिए विभाग के प्रयासों पर चर्चा की और समाज को इस दिशा में साझा जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया है। इस जागरूकता अभियान का मुख्य संदेश यह है कि हर बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। #Smartबच्चे के तहत इस पहल का उद्देश्य समाज में बच्चों के प्रति संवेदनशीलता और सुरक्षा को बढ़ावा देना है।1