लोकेशन :- दतिया -मध्यप्रदेश न कोई बारात, न शादी का काफिला... ये तो एक गुरु के सम्मान में निकली विदाई यात्रा थी! दतिया के भांडेर में शिक्षक लक्ष्मीकांत छोटू दुबे की सेवानिवृत्ति पर नगर में उमड़ा स्नेह और सम्मान का जनसैलाब, फूलों से सजी गाड़ी के साथ निकली भव्य शोभायात्रा। किसी व्यक्ति की असली कमाई उसकी संपत्ति नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत से कमाया गया लोगों का प्यार और सम्मान होता है। इसकी खूबसूरत मिसाल उस समय देखने को मिली, जब शिक्षक लक्ष्मीकांत छोटू दुबे जी के सेवानिवृत्त होने पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। फूलों से सजी काली कार में सवार गुरुजी जब नगर के प्रमुख मार्गों और बाजारों से होकर निकले, तो नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था। जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका आत्मीय स्वागत किया। कहीं पुष्पवर्षा हुई तो कहीं लोगों ने आगे बढ़कर उनका सम्मान किया। वर्षों तक शिक्षा के मंदिर में रहकर विद्यार्थियों का भविष्य संवारने वाले गुरुजी को उनके विद्यार्थियों, साथी शिक्षकों, मित्रों और नगरवासियों ने जिस आत्मीयता और उत्साह के साथ सम्मान दिया, वह उनके प्रति लोगों के प्रेम और आदर को बयां कर रहा था। यह सिर्फ एक सेवानिवृत्ति नहीं, बल्कि वर्षों की निष्ठा, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण का सम्मान था। नौकरी से भले ही विदाई हो गई हो, लेकिन अपने विद्यार्थियों और चाहने वालों के दिलों में गुरुजी का स्थान हमेशा बना रहेगा।
लोकेशन :- दतिया -मध्यप्रदेश न कोई बारात, न शादी का काफिला... ये तो एक गुरु के सम्मान में निकली विदाई यात्रा थी! दतिया के भांडेर में शिक्षक लक्ष्मीकांत छोटू दुबे की सेवानिवृत्ति पर नगर में उमड़ा स्नेह और सम्मान का जनसैलाब, फूलों से सजी गाड़ी के साथ निकली भव्य शोभायात्रा। किसी व्यक्ति की असली कमाई उसकी संपत्ति नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत से कमाया गया लोगों का प्यार और सम्मान होता है। इसकी खूबसूरत मिसाल उस समय देखने को मिली, जब शिक्षक लक्ष्मीकांत छोटू दुबे जी के सेवानिवृत्त होने पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। फूलों से सजी काली कार में सवार गुरुजी जब नगर के प्रमुख मार्गों और बाजारों से होकर निकले, तो नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था। जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका आत्मीय स्वागत किया। कहीं पुष्पवर्षा हुई तो कहीं लोगों ने आगे बढ़कर उनका सम्मान किया। वर्षों तक शिक्षा के मंदिर में रहकर विद्यार्थियों का भविष्य संवारने वाले गुरुजी को उनके विद्यार्थियों, साथी शिक्षकों, मित्रों और नगरवासियों ने जिस आत्मीयता और उत्साह के साथ सम्मान दिया, वह उनके प्रति लोगों के प्रेम और आदर को बयां कर रहा था। यह सिर्फ एक सेवानिवृत्ति नहीं, बल्कि वर्षों की निष्ठा, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण का सम्मान था। नौकरी से भले ही विदाई हो गई हो, लेकिन अपने विद्यार्थियों और चाहने वालों के दिलों में गुरुजी का स्थान हमेशा बना रहेगा।
- लोकेशन दतिया -मध्यप्रदेश आप देखरहे है बुन्देली बुलेटिन live स्लग:- 71वें मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर दतिया में दिखा उत्साह, विधायक प्रदीप अग्रवाल ने किया ध्वजारोहण, प्रतिभाओं का हुआ सम्मान एंकर:- दतिया में मध्यप्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिले में हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल ने ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया, वहीं छात्राओं ने मध्यप्रदेश गान की मनमोहक प्रस्तुति दी। विधायक प्रदीप अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने प्रदेश को देश में अग्रणी बनाने के लिए सभी से मिलकर योगदान देने का आह्वान किया। समारोह में विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांधा। नशामुक्ति पर आधारित नाटक के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। हाई स्कूल बसई की छात्रा को मेधावी विद्यार्थी सम्मान के तहत एक लाख रुपये का चेक दिया गया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में बेहतर उपलब्धि हासिल करने वाली दतिया की 5, भांडेर की 2 और सेवढ़ा की 24 ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। वाईट :- प्रदीप अग्रवाल विधायक सेंवढ़ा1
- भिण्ड में अवैध शराब परिवहन पर पुलिस की कार्रवाई, 3.27 लाख रुपये का मशरूका जब्त भिण्ड में अवैध शराब परिवहन पर पुलिस की कार्रवाई, 3.27 लाख रुपये का मशरूका जब्त सैन्ट्रो कार से 7 पेटी देशी-अंग्रेजी शराब बरामद, कुल 59.58 लीटर शराब जब्त भिण्ड। जिले के मेहगांव थाना पुलिस ने अवैध शराब परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक सैन्ट्रो कार सहित 7 पेटी देशी और अंग्रेजी शराब जब्त की है। जब्त मशरूके की कुल कीमत करीब 3 लाख 27 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मेहगांव कस्बे के चौधरी मोहल्ले में खड़ी एक सैन्ट्रो कार में शराब की पेटियां रखी हुई हैं। सूचना पर थाना मेहगांव पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार क्रमांक DL2CAD0263 की तलाशी लेने पर उसमें से 7 पेटी शराब बरामद हुई। जब्त शराब में 6 पेटी देशी प्लेन मदिरा के 300 क्वार्टर (54 लीटर), जिसकी कीमत करीब 21 हजार रुपये तथा 1 पेटी में MC Dowell's No. 1 अंग्रेजी शराब के 31 क्वार्टर (5.58 लीटर), जिसकी कीमत करीब 6 हजार रुपये है। इस प्रकार कुल 59.58 लीटर शराब की कीमत 27 हजार रुपये बताई गई है। वहीं, सैन्ट्रो कार की अनुमानित कीमत 3 लाख रुपये है। पुलिस ने कार और शराब जब्त कर आसपास के लोगों से पूछताछ के आधार पर एक संदेही की जानकारी जुटाई तथा उसकी तलाश शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भिण्ड श्री सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पटेल के निर्देशन तथा एसडीओपी मेहगांव श्री संजय कौच्छा के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में इनकी रही भूमिका: निरीक्षक रविन्द्र शर्मा, प्रधान आरक्षक लोकेन्द्र सिंह तोमर, प्रदीप पचौरी, सतेन्द्र शर्मा, आरक्षक अजय ओझा, मंगल बघेल एवं चालक आरक्षक शिवकुमार शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- दतिया के किला चौक पर शनिवार को पुलिस और राष्ट्रीय सनातन सेना के पदाधिकारियों के बीच पुतला दहन को लेकर झूमाझटकी हुई। राष्ट्रीय सनातन सेना के सदस्य किला चौक पर सुनील बैरसिया का पुतला दहन करने पहुंचे थे। पुलिस ने पुतला दहन करने से रोका तो दोनों के बीच पुतला को लेकर खींचतान हुई। अंत में पुलिस पुतला छीनने में सफल रही।1
- सनातन सेना ने भीम आर्मी नेता का पुतला जलाने का किया प्रयास सनातन सेना ने भीम आर्मी नेता का पुतला जलाने का किया प्रयास1
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- भारतीय कलचुरी जायसवाल समवर्गीय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का भव्य शपथ ग्रहण समारोह संपन्न राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र राय की अध्यक्षता में हुआ आयोजन, पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल रहीं मुख्य अतिथि झांसी। भारतीय कलचुरी जायसवाल समवर्गीय महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र राय की अध्यक्षता में एवं उत्तर प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल के मुख्य आतिथ्य में भव्यता के साथ संपन्न हुआ।समारोह का शुभारंभ विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के साथ हुआ। सर्वप्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र राय एवं मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल का 21 ब्राह्मणों द्वारा घंटा-घड़ियाल और शंखनाद के बीच वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया गया। समाज की महिलाओं ने पुष्पवर्षा कर अतिथियों का अभिनंदन किया। इस दौरान हनुमान भजन 'तेरे ही सहारे हनुमान सागर में नैया डाल दई' की मधुर प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उपस्थित लोगों ने खड़े होकर भजन का गुणगान किया।समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में रामस्वरूप शिवहरे लल्ला (ग्वालियर), जय सिंह चौहान (अजमेर), अशोक जायसवाल, पन्नालाल जायसवाल, मदनलाल जायसवाल, राजेंद्र जी मेवाड़ा (पूना), दिनेश सुहालका (उदयपुर), श्रीमती प्रमिला राय (जबलपुर) एवं श्रीमती सुमन राय (झांसी) उपस्थित रहीं।स्वागत वाचन के पश्चात मुख्य अतिथि एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष व संरक्षक लालचन्द्र गुप्ता (मुंबई) सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद गणेश वंदना एवं सहस्रबाहु अर्जुन भगवान की आरती की गई।राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र राय ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए संगठन की गतिविधियों एवं समाज को एकजुट करने के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि अनुपमा जायसवाल ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की शपथ दिलाई।इस अवसर पर संयुक्त रूप से श्रीमती आशा राय (छिंदवाड़ा) को महिला समिति अध्यक्ष, व्योम जायसवाल को राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष, दयाराम राय (झांसी) को वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष, चंद्रप्रकाश शिवहरे (मुंबई), शीशपाल अहलूवालिया (पंचकुला), सुबोध कुमार जायसवाल (रांची), भगवान सिंह जायसवाल (देहली), राजीव कुमार जायसवाल (देहली), कोषाध्यक्ष सूरज प्रसाद जायसवाल (रांची), कार्यकारी अध्यक्ष अक्षय जायसवाल (कोलकाता), रामेश्वर राय (एडवोकेट, झांसी), प्रदीप कुमार जायसवाल (वाराणसी), संजीव कुमार जायसवाल (देहली), जवाहर लाल गुप्ता (बापी), मुन्नालाल जायसवाल (रीवा), रामगोपाल डिकसेना (कोरबा), विजय कुमार जायसवाल (नागपुर), मनोहर चौकसे (जबलपुर), सुरेश शिवहरे (ग्वालियर), माता प्रसाद गुप्ता (मुंबई), ललितकुमार चौधरी (रांची), शीतलप्रसाद जायसवाल (कानपुर), रामेश्वर मेवाड़ा (अजमेर) एवं श्यामलाल जायसवाल (अंबिकापुर) सहित 12 उपाध्यक्षों और 24 सचिवों समेत कुल 84 पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई।इसके उपरांत राष्ट्रीय महिला समिति का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र राय एवं राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा राय ने महिला पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। इसमें महासचिव रानिका जायसवाल (बनारस), कोषाध्यक्ष कंचन जायसवाल (मुंबई), वरिष्ठ कार्यकारी अध्यक्ष सुनेन्दा चौधरी (उड़ीसा), सुषमा जायसवाल (जबलपुर), कार्यकारी अध्यक्ष वर्षा राय (झांसी), कला चौहान (अजमेर), बिंदु मालवीय, परविंदर अहलूवालिया (पंजाब), गायत्री शिवहरे (ग्वालियर), मीना शिवहरे (जबलपुर) एवं अर्चना राय (नरसिंहपुर) सहित अन्य पदाधिकारियों ने शपथ ग्रहण की। समारोह में समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों एवं महिला सदस्यों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज को संगठित कर सामाजिक एकता, सहयोग और संगठनात्मक गतिविधियों को नई मजबूती प्रदान करना रहा।2
- levi's के शोरूम का हुआ शुभारंभ स्पीड हाउस इलाइट रोड सिविल लाइन झाँसी1
- लोकेशन :- दतिया -मध्यप्रदेश न कोई बारात, न शादी का काफिला... ये तो एक गुरु के सम्मान में निकली विदाई यात्रा थी! दतिया के भांडेर में शिक्षक लक्ष्मीकांत छोटू दुबे की सेवानिवृत्ति पर नगर में उमड़ा स्नेह और सम्मान का जनसैलाब, फूलों से सजी गाड़ी के साथ निकली भव्य शोभायात्रा। किसी व्यक्ति की असली कमाई उसकी संपत्ति नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत से कमाया गया लोगों का प्यार और सम्मान होता है। इसकी खूबसूरत मिसाल उस समय देखने को मिली, जब शिक्षक लक्ष्मीकांत छोटू दुबे जी के सेवानिवृत्त होने पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। फूलों से सजी काली कार में सवार गुरुजी जब नगर के प्रमुख मार्गों और बाजारों से होकर निकले, तो नजारा किसी उत्सव से कम नहीं था। जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं से उनका आत्मीय स्वागत किया। कहीं पुष्पवर्षा हुई तो कहीं लोगों ने आगे बढ़कर उनका सम्मान किया। वर्षों तक शिक्षा के मंदिर में रहकर विद्यार्थियों का भविष्य संवारने वाले गुरुजी को उनके विद्यार्थियों, साथी शिक्षकों, मित्रों और नगरवासियों ने जिस आत्मीयता और उत्साह के साथ सम्मान दिया, वह उनके प्रति लोगों के प्रेम और आदर को बयां कर रहा था। यह सिर्फ एक सेवानिवृत्ति नहीं, बल्कि वर्षों की निष्ठा, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण का सम्मान था। नौकरी से भले ही विदाई हो गई हो, लेकिन अपने विद्यार्थियों और चाहने वालों के दिलों में गुरुजी का स्थान हमेशा बना रहेगा।1