Shuru
Apke Nagar Ki App…
मिर्ज़ापुर जिले के विंध्याचल स्थित दुगारहा गाँव में एक मारपीट की घटना सामने आई है, जिसमें दो महिलाएँ गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस मामले में संबंधित अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मेट्रो संदेश न्यूज़
मिर्ज़ापुर जिले के विंध्याचल स्थित दुगारहा गाँव में एक मारपीट की घटना सामने आई है, जिसमें दो महिलाएँ गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस मामले में संबंधित अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- #श्रीराधे #माँ_विंध्यवासिनी #प्रभु_श्री_कृष्ण #देवों_के_देव_महादेव #राम_राम #धर्म #कर्म #सत्य #कटुवचन #सत्यवचन3
- मिर्ज़ापुर जिले के विंध्याचल स्थित दुगारहा गाँव में एक मारपीट की घटना सामने आई है, जिसमें दो महिलाएँ गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस मामले में संबंधित अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।1
- मिर्जापुर के गैपुरा स्थित माता विद्यावती शिशु बाल चिकित्सालय के पास सड़क किनारे बड़ी मात्रा में सरकारी दवाइयों की खेप मिलने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक ओर टीबी समेत कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज सरकारी अस्पतालों में दवाइयों के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यही सरकारी दवाइयां खुले में पड़ी मिलीं। दवाइयों के सड़क किनारे पड़े होने का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद, इन दवाइयों को जलाकर नष्ट कर दिया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई होने की जानकारी सामने नहीं आई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी दवाइयां एक निजी चिकित्सालय के पास सड़क किनारे तक कैसे पहुंच गईं और वायरल वीडियो सामने आने के बावजूद इस मामले में जांच और कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है।1
- मिर्जापुर के रमई पट्टी स्थित मिशन कंपाउंड में मौजूद कृष्णा हॉस्पिटल व ब्लड बैंक को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह ब्लड बैंक नियमों को ताक पर रखकर बेसमेंट में संचालित किया जा रहा है, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है। यह स्थिति विशेष रूप से तब चिंताजनक हो जाती है, जब लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा संबंधी निर्देशों का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए थे। हालांकि, इन निर्देशों का अनुपालन करवाने में सक्षम अधिकारी विफल साबित हो रहे हैं। कृष्णा हॉस्पिटल के ब्लड बैंक के बेसमेंट में चल रहे इस संचालन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। यह वायरल वीडियो सीधे तौर पर सक्षम अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, और उनकी विफलता को उजागर कर रहा है।1
- प्रयागराज में नवजीवन तैराकी क्लब द्वारा आयोजित तैराकी प्रशिक्षण शिविर में एक असाधारण उपलब्धि देखने को मिली। कीडगंज, प्रयागराज की निवासी तीन वर्षीय श्री विश्वकर्मा ने आज सुबह मात्र 14 मिनट 32 सेकंड में विशाल यमुना नदी को ब्रेस्ट स्ट्रोक से तैरकर पार कर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया। यह प्रदर्शन नवजीवन तैराकी क्लब के तत्वावधान में प्रशिक्षित तैराकों द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण के तहत किया गया। श्री विश्वकर्मा ने, जो परमेंद्र विश्वकर्मा और रश्मि विश्वकर्मा की पुत्री हैं, अपने प्रशिक्षक त्रिभुवन निषाद के साथ आज सुबह 6:45 बजे मीरपुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) से तैरना शुरू किया। यमुना नदी में उतरने से पहले उन्होंने लेटे हुए हनुमान जी और शंकर जी के दर्शन भी किए। इस दौरान, राज्य ललित कला अकादमी, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के सदस्य विख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे, जिन्होंने इस असाधारण घटना को अपनी आँखों से देखा। नन्ही श्री विश्वकर्मा ने लगभग 500 मीटर की यह दूरी ब्रेस्ट स्ट्रोक से पूरी की। जब नन्ही श्री विश्वकर्मा यमुना नदी पर 'मछली की तरह' अपने छोटे-छोटे हाथों से आगे बढ़ रही थीं, तो उनके साथ चल रही नाव पर उनकी दादी अरुणा विश्वकर्मा, माता रश्मि, पिता परमेंद्र, मौसी निशा, मामा दीपक, बूआ शिल्पी, फूफा अमित, भाई आरव और बहन श्रीनिका विश्वकर्मा सहित दर्जनों नावों में सैकड़ों दर्शक मौजूद थे। सभी इस आश्चर्यचकित कर देने वाली उपलब्धि को देख रहे थे और 'गंगा मैया की जय', 'जमुना मैया की जय' और 'विश्वकर्मा भगवान की जय' के नारों से नदी गूँज उठी थी। यमुना नदी पार करने के उपरांत, श्री विश्वकर्मा ने अपनी प्रशिक्षिका कमला निषाद, प्रशिक्षक त्रिभुवन निषाद और मानस निषाद के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के साथ मां यमुना की पूजा की और उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद वितरित किया। इसके तुरंत बाद, मुख्य अतिथि रवीन्द्र कुशवाहा ने 'नन्ही जलपरी' श्री विश्वकर्मा को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस उपलब्धि के सम्मान में देखते ही देखते और भी कई लोगों ने उन्हें पुरस्कृत करने के लिए लाइन लगा दी। इस प्रकार, तीन वर्षीय श्री विश्वकर्मा ने विशाल यमुना नदी को तैरकर पार करते हुए एक नया और 'आश्चर्यजनक रिकॉर्ड' स्थापित किया।4
- मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन किशोर के निर्देश पर मीरजापुर स्थित एक संस्थान में अग्निशमन एवं अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के प्रति जागरूक करना था। इस प्रशिक्षण में चिकित्सक अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार सिंह, मैनेजर शिवांगी शुक्ला, मैनेजर पूजा और सहायक मातृका तारा देवी सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया। अग्निशमन अधिकारी अनिल कुमार ने उपस्थित सभी कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्रों के सुरक्षित एवं सही उपयोग, आग लगने पर प्राथमिक बचाव, सुरक्षित निकासी (इवैक्यूएशन) तथा आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली आवश्यक सावधानियों का विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण से कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत होती है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- मिर्ज़ापुर में, एक भाजपा नेत्री ने कलेक्ट्रेट से बिजली विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के जवाब में, बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित उपभोक्ता का बिल बकाया है।1
- मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र में वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग 135 पर स्थित लहुरियादह गांव के पास रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना तब हुई जब मध्य प्रदेश के कटनी से वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन पूजन करने गए एक पत्रकार दंपती अपने स्वजनों और रिश्तेदारों के साथ देर रात घर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान विकास ताम्रकार (35) और उनकी 31 वर्षीय पत्नी सोनम के रूप में हुई है, जो मध्यप्रदेश के कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र के बरही निवासी थे। विकास ताम्रकार 'नई दुनिया' समाचार पत्र में पत्रकार थे। हादसे में उनके दो छोटे बच्चे, चार वर्षीय पुत्र शिवांश और डेढ़ वर्षीय रुद्र, बाल-बाल बच गए। घायलों में कार चालक हीरालाल (23) निवासी छिबिया जिला कटनी, हिमांशु ताम्रकार (27) निवासी उचेहरा जिला सतना मध्य प्रदेश, सक्षम (17) निवासी नागौद जिला सतना मध्य प्रदेश और राधा (40) पत्नी प्रह्लाद ताम्रकार निवासी नागौद जिला सतना मध्य प्रदेश शामिल हैं। हिमांशु ताम्रकार मृतक विकास के साले हैं और राधा उनकी बहन। यह घटना रविवार रात करीब डेढ़ बजे उस समय हुई, जब कटनी लौट रही कार लहुरियादह गांव के पास हाइवे पर खड़े किए जा रहे एक ट्रक से पीछे से टकरा गई। विकास के साले हिमांशु ताम्रकार ने बताया कि जिस समय यह दुर्घटना हुई, ट्रक चालक हाइवे पर ट्रक को आगे-पीछे कर रहा था, उसी दौरान उनकी कार अनियंत्रित होकर ट्रक में जा घुसी। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने विकास और उनकी पत्नी सोनम को देखते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, मृतक विकास की बहन राधा की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मंडलीय चिकित्सालय रेफर किया गया। कार चालक हीरालाल, हिमांशु ताम्रकार और सक्षम की हालत सामान्य होने पर चिकित्सकों ने रविवार सुबह उन्हें घर जाने की इजाजत दे दी।2