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अटेर क्षेत्र के ग्राम सपाड़ में जगत नारायण पुत्र सरजू प्रसाद पर सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगा है। यह मामला खसरा नंबर 166, रकबा नंबर 0.23 और प्रकरण नंबर 00/19 अ. 68/24-25 से संबंधित है। आरोप है कि जगत नारायण ने पूरे तालाब की जमीन पर तारबंदी कर दी है, जिसके कारण जानवर तालाब से पानी नहीं पी पा रहे हैं। इतना ही नहीं, हर साल इस जमीन पर फसल भी उगाई जा रही है। शासन-प्रशासन पर इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया है। प्रशासन से निवेदन किया गया है कि तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके।
Satish sharma
अटेर क्षेत्र के ग्राम सपाड़ में जगत नारायण पुत्र सरजू प्रसाद पर सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगा है। यह मामला खसरा नंबर 166, रकबा नंबर 0.23 और प्रकरण नंबर 00/19 अ. 68/24-25 से संबंधित है। आरोप है कि जगत नारायण ने पूरे तालाब की जमीन पर तारबंदी कर दी है, जिसके कारण जानवर तालाब से पानी नहीं पी पा रहे हैं। इतना ही नहीं, हर साल इस जमीन पर फसल भी उगाई जा रही है। शासन-प्रशासन पर इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया है। प्रशासन से निवेदन किया गया है कि तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके।
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- अटेर क्षेत्र के ग्राम सपाड़ में जगत नारायण पुत्र सरजू प्रसाद पर सरकारी तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगा है। यह मामला खसरा नंबर 166, रकबा नंबर 0.23 और प्रकरण नंबर 00/19 अ. 68/24-25 से संबंधित है। आरोप है कि जगत नारायण ने पूरे तालाब की जमीन पर तारबंदी कर दी है, जिसके कारण जानवर तालाब से पानी नहीं पी पा रहे हैं। इतना ही नहीं, हर साल इस जमीन पर फसल भी उगाई जा रही है। शासन-प्रशासन पर इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया गया है। प्रशासन से निवेदन किया गया है कि तालाब की जमीन से अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि जानवरों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके।2
- आगरा जिले के बाह तहसील के अंतर्गत ग्राम पातीराम का पूरा, भदरौली में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक आयोजन में श्री सुनहरी लाल वर्मा जी और गुड्डी देवी परीक्षित महाराज के रूप में उपस्थित रहेंगे, वहीं श्री रामनिवास वर्मा जी और रेखा देवी यज्ञपती महाराज की भूमिका में हैं। कथा की शुरुआत से पूर्व 3 जून 2026 को कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस कथा का संपूर्ण आयोजन गाँव की कमेटी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें श्री चिरोंजीलाल, चोखेलाल, रामप्रकाश, दिवारी लाल, सत्यप्रकाश, राधेश्याम, भूरेलाल, चौधरी चरण सिंह, राम जीत, नत्थीलाल, पोखी राम, विजय सिंह और गिर्राज सिंह जैसे सदस्य शामिल हैं। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में भागवत पंडाल में पहुँचकर इस पावन कथा का भरपूर आनंद लें।2
- ग्राम पंचायत चौरंगा बीहड़ में नाली की गंभीर समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नालियाँ टूटी पड़ी हैं और सड़कों पर लगातार पानी भरा रहता है। ग्रामीणों ने इस संबंध में प्रधान और सेक्रेटरी से कई बार शिकायत की है, लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है।1
- आगरा के बाह विद्युत उपखंड के उपकेंद्र अभयपुरा से बिजली विभाग में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विद्युत विभाग के एक जेई द्वारा संविदाकर्मी लाइनमैन को डंडे से बेरहमी से पीटने का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो के बाद संविदाकर्मी लाइनमैनों ने आरोप लगाया है कि विद्युत विभाग के जेई की उनके प्रति तानाशाही जगजाहिर हुई है। लाइनमैनों का कहना है कि जेई उनसे अवैध वसूली करवाते हैं और जब वे इस अवैध वसूली को करने से मना करते हैं, तो जेई द्वारा उनका शोषण किया जाता है और उनके साथ मारपीट की जाती है। इस घटना के सामने आने के बाद, संविदाकर्मी लाइनमैन ने तत्काल विद्युत विभाग के एमडी से शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एमडी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।1
- कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रामशेष बघेल ने अटेर चंबल पुल पर जन सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि इस पुल पर जन सुरक्षा से जुड़ा कोई भी हादसा होता है, तो इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार को दोषी ठहराया जाएगा और वही जिम्मेदार होगी।1
- झांसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गाड़ी चालक अक्सर उनके ठीक सामने आकर खड़े हो जाते हैं, जिसके कारण यात्री आसानी से बाहर नहीं निकल पाते।1
- भिण्ड पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है, जहाँ उन्होंने कई वर्षों से फरार चल रहे दो शातिर स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक व नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के मार्गदर्शन में गठित एक विशेष टीम द्वारा की गई। थाना प्रभारी देहात निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में टीम ने घेराबंदी कर इन अपराधियों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपी अपनी पहचान छिपाकर पिछले 7 साल और 3 साल से न्यायिक प्रक्रिया से बच रहे थे। पुलिस ने इन्हें अटेर कस्बा और सुल्तान सिंह का पुरा उमरी से दबोचा। पुलिस की लगातार निगरानी और सक्रिय मुखबिर तंत्र के कारण ही इन शातिर आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी। इस कार्रवाई में निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक अजय यादव, प्रधान आरक्षक गुरुदास सोही, राजवीर पिप्पल, चतुर सिंह और आरक्षक कमल तोमर सहित पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अब माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है।1
- पिढौरा रीठई गांव में 11 दिनों तक चलने वाले श्रीमद् भागवत कथा के आयोजन में श्रद्धालु भागवत ज्ञान की गंगा में गोते लगा रहे हैं। आचार्य सुनीता सरगम अपनी आवाज़ में कथा का वाचन कर रही हैं, जिसका आनंद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण भक्त प्रहलाद की कथा रही है। कथा के अनुसार, अपने ही पुत्र प्रहलाद को शत्रु की भक्ति करते देख राजा हिरण्यकश्यप क्रोध से अंधा हो गया। उसने प्रहलाद को मारने के कई क्रूर प्रयास किए, जिसमें उसे ऊँचे पहाड़ों से नीचे फेंकवाना, भूखे शेरों और विषैले साँपों के सामने छोड़ना, तथा ज़हरीला भोजन और पीने के लिए विष देना शामिल था। परंतु, हर बार भगवान विष्णु की कृपा से प्रहलाद का बाल भी बांका नहीं हुआ। अंत में, हिरण्यकश्यप की बहन होलिका, जिसे अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था, प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर धधकती आग में बैठ गई। चमत्कार यह हुआ कि प्रहलाद भगवान का नाम जपते हुए सुरक्षित बच गए, जबकि वरदान का गलत प्रयोग करने के कारण होलिका उसी आग में जलकर भस्म हो गई। इसी घटना की याद में आज भी होलिका दहन का त्योहार मनाया जाता है। होलिका दहन के बाद हिरण्यकश्यप का क्रोध सातवें आसमान पर पहुँच गया। उसने प्रहलाद को एक लोहे के खंभे से बाँध दिया और तलवार निकालकर गरजते हुए पूछा कि क्या उसका भगवान इस बेजान खंभे में भी है। प्रहलाद ने पूरी विनम्रता और दृढ़ता से कहा कि ईश्वर कण-कण में हैं और उस खंभे में भी हैं। जैसे ही अहंकार में डूबे राजा ने खंभे पर अपनी गदा से प्रहार किया, वह खंभा भीषण आवाज के साथ टूट गया और खंभे के भीतर से भगवान विष्णु का अत्यंत उग्र नरसिंह अवतार प्रकट हुआ।2