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भाजपा बी एल ए सुरेंद्र साहू के नाम पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा (एस आई आर )मतदाता सूची में नाम काटने फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म जमा करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने थाने में दिया आवेदन लखनपुर थाना क्षेत्र के निवासी सुरेंद्र साहू पिता स्वर्गीय राम अवतार साहू उम्र 52 वर्ष वार्ड क्रमांक 2 नगर पंचायत लखनपुर निवासी के नाम से विशेष गहन पुनरीक्षण sir मतदाता सूची से नाम कटवाने हेतु फर्जी दस्तावेज तैयार कर फॉर्म में फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म जमा करने के मामले में प्राची सुरेंद्र साहू ने लखनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आवेदन दिया है ज्ञापन में उल्लेखनीय है कि प्राची सुरेंद्र साहू को 26 फरवरी को ज्ञात हुआ की तहसील कार्यालय लखनपुर में उनके नाम से किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा विशेष मुस्लिम समुदाय के करीब 111- 112 लोगों का मतदाता सूची में नाम काटने हेतु फर्जी हस्ताक्षर कर आवेदन दिया गया था। जबकि उनके द्वारा किसी तरह का एस आई आर में नाम काटने हटाने हेतु कोई आवेदन नहीं दिया गया था जिसे लेकर उन्होंने थाना प्रभारी को आवेदन देकर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

1 day ago
user_Jarif Khan
Jarif Khan
अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
1 day ago

भाजपा बी एल ए सुरेंद्र साहू के नाम पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा (एस आई आर )मतदाता सूची में नाम काटने फर्जी दस्तावेज तैयार कर फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म जमा करने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने थाने में दिया आवेदन लखनपुर थाना क्षेत्र के निवासी सुरेंद्र साहू पिता स्वर्गीय राम अवतार साहू उम्र 52 वर्ष वार्ड क्रमांक 2 नगर पंचायत लखनपुर निवासी के नाम से विशेष गहन पुनरीक्षण sir मतदाता सूची से नाम कटवाने हेतु फर्जी दस्तावेज तैयार कर फॉर्म में फर्जी हस्ताक्षर कर फॉर्म जमा करने के मामले में प्राची सुरेंद्र साहू ने लखनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आवेदन दिया है ज्ञापन में उल्लेखनीय है कि प्राची सुरेंद्र साहू को 26 फरवरी को ज्ञात हुआ की तहसील कार्यालय लखनपुर में उनके नाम से किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा विशेष मुस्लिम समुदाय के करीब 111- 112 लोगों का मतदाता सूची में नाम काटने हेतु फर्जी हस्ताक्षर कर आवेदन दिया गया था। जबकि उनके द्वारा किसी तरह का एस आई आर में नाम काटने हटाने हेतु कोई आवेदन नहीं दिया गया था जिसे लेकर उन्होंने थाना प्रभारी को आवेदन देकर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।

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  • सरगुजा जिले के घाटबर्रा गांव में कोयला खदान विस्तार के दौरान श्मशान घाट में जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। दावा है कि रात के समय अचानक रोने की आवाज सुनकर चालक मशीन छोड़कर भाग गया। गांव में दहशत का माहौल है, लोग इसे रहस्यमयी घटना से जोड़ रहे हैं। फिलहाल रात में खनन कार्य बंद बताया जा रहा है।
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    सरगुजा जिले के घाटबर्रा गांव में कोयला खदान विस्तार के दौरान श्मशान घाट में जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। दावा है कि रात के समय अचानक रोने की आवाज सुनकर चालक मशीन छोड़कर भाग गया। गांव में दहशत का माहौल है, लोग इसे रहस्यमयी घटना से जोड़ रहे हैं। फिलहाल रात में खनन कार्य बंद बताया जा रहा है।
    user_Ambikapur Express
    Ambikapur Express
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    50 min ago
  • पत्रकार: लखनपुर से भिटीकला रोड… क्या ये सड़क है या काले जहर का ढेर? सड़क किनारे खुलेआम कोयले का चूरा डंप किया जा रहा है — और जिम्मेदार विभाग मौन है! वीओ (वॉइस ओवर): Lakhanpur के भिटीकला रोड पर इन दिनों सड़क के किनारे भारी मात्रा में कोयले का चूरा डंप किया जा रहा है। धूल उड़ रही है, राहगीरों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, और आसपास के घरों व खेतों पर काली परत जम रही है। सबसे बड़ा सवाल — 👉 क्या इस डंपिंग की कोई अनुमति है? 👉 क्या पर्यावरण नियमों का पालन किया जा रहा है? 👉 या फिर रात के अंधेरे में अवैध तरीके से कचरा फेंका जा रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा चलने पर पूरा इलाका धुएं और धूल से भर जाता है। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर सीधे प्रभावित हो रहे हैं। अगर यह कोयला चूरा किसी खदान या परिवहन से जुड़ा है, तो जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही? प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। बाइट के लिए तीखे सवाल: इस स्थान पर कोयला चूरा डंप करने की अनुमति किसने दी? क्या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC लिया गया है? सड़क किनारे डंपिंग से दुर्घटना की स्थिति बने तो जिम्मेदार कौन होगा? क्या राजस्व या पंचायत विभाग ने निरीक्षण किया है? क्लोजिंग (आक्रामक अंदाज): लखनपुर-भिटीकला रोड अब काली धूल से ढक चुकी है। विकास के नाम पर जहर फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी? या फिर प्रशासन तब जागेगा जब कोई बड़ी घटना घटेगी?
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    पत्रकार:
लखनपुर से भिटीकला रोड… क्या ये सड़क है या काले जहर का ढेर?
सड़क किनारे खुलेआम कोयले का चूरा डंप किया जा रहा है — और जिम्मेदार विभाग मौन है!
वीओ (वॉइस ओवर):
Lakhanpur के भिटीकला रोड पर इन दिनों सड़क के किनारे भारी मात्रा में कोयले का चूरा डंप किया जा रहा है। धूल उड़ रही है, राहगीरों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, और आसपास के घरों व खेतों पर काली परत जम रही है।
सबसे बड़ा सवाल —
👉 क्या इस डंपिंग की कोई अनुमति है?
👉 क्या पर्यावरण नियमों का पालन किया जा रहा है?
👉 या फिर रात के अंधेरे में अवैध तरीके से कचरा फेंका जा रहा है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा चलने पर पूरा इलाका धुएं और धूल से भर जाता है। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
अगर यह कोयला चूरा किसी खदान या परिवहन से जुड़ा है, तो जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही?
प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
बाइट के लिए तीखे सवाल:
इस स्थान पर कोयला चूरा डंप करने की अनुमति किसने दी?
क्या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC लिया गया है?
सड़क किनारे डंपिंग से दुर्घटना की स्थिति बने तो जिम्मेदार कौन होगा?
क्या राजस्व या पंचायत विभाग ने निरीक्षण किया है?
क्लोजिंग (आक्रामक अंदाज):
लखनपुर-भिटीकला रोड अब काली धूल से ढक चुकी है।
विकास के नाम पर जहर फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
या फिर प्रशासन तब जागेगा जब कोई बड़ी घटना घटेगी?
    user_Himanshu raj
    Himanshu raj
    Social Media Manager अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • सूचना का अधिकार बनाम प्रशासनिक मानसिकता: मेन्द्राकला मंडी प्रकरण से उठते सवाल लोकतंत्र में पारदर्शिता केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था का मूल तत्व है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 इसी उद्देश्य से अस्तित्व में आया था — ताकि नागरिक सरकार से प्रश्न पूछ सके और शासन जवाबदेह बने। परंतु जब स्वयं सार्वजनिक संस्थान सूचना देने से बचते दिखाई दें, तो यह केवल एक कार्यालय का मुद्दा नहीं रहता, बल्कि व्यवस्था की सोच पर प्रश्नचिह्न बन जाता है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले, अंबिकापुर स्थित कृषि उपज मंडी समिति मेन्द्रा कला से जुड़ा हालिया प्रकरण इसी बहस को पुनः जीवित करता है। मुद्दा केवल 7230 रुपये का नहीं आरटीआई आवेदन के माध्यम से पिछले दो वर्षों के टेंडर, भुगतान, एमबी बुक, सब्सिडी एवं अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई। जवाब में कार्यालय ने 3615 पृष्ठों की प्रतिलिपि बताकर 7230 रुपये शुल्क जमा करने का निर्देश दिया। कानूनन प्रति पृष्ठ निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है — यह व्यवस्था का हिस्सा है। परंतु प्रश्न यह है कि जब सूचना डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई जा सकती है, तब केवल छायाप्रति के रूप में देने पर जोर क्यों? क्या यह तकनीकी सुविधा का अभाव है, या प्रक्रिया को जटिल बनाने की प्रवृत्ति? सूचना का अधिकार केवल कागजों का लेन-देन नहीं, बल्कि पारदर्शिता का माध्यम है। यदि सूचना देने की प्रक्रिया ही इतनी महंगी और बोझिल बना दी जाए कि आम नागरिक पीछे हट जाए, तो कानून का उद्देश्य कैसे पूरा होगा? धारा 4(1)(b) की आत्मा आरटीआई अधिनियम की धारा 4(1)(b) सार्वजनिक प्राधिकरणों को कई जानकारियां स्वतः सार्वजनिक करने का निर्देश देती है। टेंडर, भुगतान, कार्यादेश और बैठकों के निर्णय — ये सभी ऐसी सूचनाएं हैं जिन्हें नियमित रूप से वेबसाइट या सूचना पट्ट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। यदि दो वर्षों की जानकारी 3615 पृष्ठों में फैली है, तो यह भी विचारणीय है कि क्या इनका नियमित डिजिटलीकरण और सार्वजनिक प्रदर्शन हुआ? यदि नहीं, तो क्यों? प्रशासनिक प्रशिक्षण और संवेदनशीलता मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अधिकारी द्वारा आरटीआई की धाराओं की जानकारी न होने संबंधी कथन सुनाई देता है। यदि ऐसा है, तो यह केवल व्यक्तिगत त्रुटि नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और जवाबदेही की कमी का संकेत है। जन सूचना अधिकारी का दायित्व मात्र आवेदन स्वीकार करना नहीं, बल्कि अधिनियम की भावना को समझते हुए नागरिक को सहयोग देना है। “जैसा अधिकारी कहेगा वैसा होगा” जैसी मानसिकता पारदर्शी शासन के सिद्धांत से मेल नहीं खाती। बड़ा प्रश्न: क्या व्यवस्था पारदर्शिता से सहज है? यह मामला किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध आरोप का विषय नहीं, बल्कि एक व्यापक प्रश्न का संकेत है — क्या हमारी संस्थाएं पारदर्शिता को सहजता से स्वीकार कर पा रही हैं? यदि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप हुई हैं, तो सूचना उपलब्ध कराने में संकोच क्यों? यदि टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी है, तो दस्तावेज साझा करने में हिचक क्यों? लोकतंत्र में विश्वास दस्तावेजों से बनता है, बयानों से नहीं। आगे क्या? ऐसे मामलों में आवश्यक है कि: विभागीय स्तर पर पारदर्शिता की समीक्षा हो डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली को अनिवार्य बनाया जाए जन सूचना अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण हो स्वप्रकाशन (Proactive Disclosure) को सख्ती से लागू किया जाए सूचना का अधिकार कोई एहसान नहीं, बल्कि नागरिक का विधिक अधिकार है। शासन की विश्वसनीयता इस बात से तय होती है कि वह सवालों से कितना सहज है। मेन्द्राकला मंडी प्रकरण एक अवसर भी है — व्यवस्था आत्ममंथन करे और पारदर्शिता को कागजों से निकालकर व्यवहार में उतारे। #ChhattisgarhNews #RaipurNews #CGViral #BilaspurNews #Chhattisgarh @PMOIndia @ChhattisgarhCMO @mandiboardcg @narendramodi @DoPTGoI @CIC_India @DCsofIndia @SurgujaDist @AmbikapurPro @rti_online @prsIndia @NCPrincipals #RightToInformation #RTI #RTIAct2005 #Transparency #Accountability #OpenGovernment #DigitalIndia #Section4_1_b #PublicAccountability #AdministrativeReform #Governance #CitizenRights #Loktantra #Democracy #Chhattisgarh #Sarguja #Ambikapur #Mandi #PublicFunds #TenderProcess #CorruptionFreeIndia #SystemReform #JanAdhikar #InformationIsPower #RTIMovement #cg
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    सूचना का अधिकार बनाम प्रशासनिक मानसिकता: मेन्द्राकला मंडी प्रकरण से उठते सवाल
लोकतंत्र में पारदर्शिता केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था का मूल तत्व है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 इसी उद्देश्य से अस्तित्व में आया था — ताकि नागरिक सरकार से प्रश्न पूछ सके और शासन जवाबदेह बने। परंतु जब स्वयं सार्वजनिक संस्थान सूचना देने से बचते दिखाई दें, तो यह केवल एक कार्यालय का मुद्दा नहीं रहता, बल्कि व्यवस्था की सोच पर प्रश्नचिह्न बन जाता है।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले, अंबिकापुर स्थित
कृषि उपज मंडी समिति मेन्द्रा कला
से जुड़ा हालिया प्रकरण इसी बहस को पुनः जीवित करता है।
मुद्दा केवल 7230 रुपये का नहीं
आरटीआई आवेदन के माध्यम से पिछले दो वर्षों के टेंडर, भुगतान, एमबी बुक, सब्सिडी एवं अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई। जवाब में कार्यालय ने 3615 पृष्ठों की प्रतिलिपि बताकर 7230 रुपये शुल्क जमा करने का निर्देश दिया।
कानूनन प्रति पृष्ठ निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है — यह व्यवस्था का हिस्सा है। परंतु प्रश्न यह है कि जब सूचना डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई जा सकती है, तब केवल छायाप्रति के रूप में देने पर जोर क्यों? क्या यह तकनीकी सुविधा का अभाव है, या प्रक्रिया को जटिल बनाने की प्रवृत्ति?
सूचना का अधिकार केवल कागजों का लेन-देन नहीं, बल्कि पारदर्शिता का माध्यम है। यदि सूचना देने की प्रक्रिया ही इतनी महंगी और बोझिल बना दी जाए कि आम नागरिक पीछे हट जाए, तो कानून का उद्देश्य कैसे पूरा होगा?
धारा 4(1)(b) की आत्मा
आरटीआई अधिनियम की धारा 4(1)(b) सार्वजनिक प्राधिकरणों को कई जानकारियां स्वतः सार्वजनिक करने का निर्देश देती है। टेंडर, भुगतान, कार्यादेश और बैठकों के निर्णय — ये सभी ऐसी सूचनाएं हैं जिन्हें नियमित रूप से वेबसाइट या सूचना पट्ट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
यदि दो वर्षों की जानकारी 3615 पृष्ठों में फैली है, तो यह भी विचारणीय है कि क्या इनका नियमित डिजिटलीकरण और सार्वजनिक प्रदर्शन हुआ? यदि नहीं, तो क्यों?
प्रशासनिक प्रशिक्षण और संवेदनशीलता
मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अधिकारी द्वारा आरटीआई की धाराओं की जानकारी न होने संबंधी कथन सुनाई देता है। यदि ऐसा है, तो यह केवल व्यक्तिगत त्रुटि नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और जवाबदेही की कमी का संकेत है।
जन सूचना अधिकारी का दायित्व मात्र आवेदन स्वीकार करना नहीं, बल्कि अधिनियम की भावना को समझते हुए नागरिक को सहयोग देना है। “जैसा अधिकारी कहेगा वैसा होगा” जैसी मानसिकता पारदर्शी शासन के सिद्धांत से मेल नहीं खाती।
बड़ा प्रश्न: क्या व्यवस्था पारदर्शिता से सहज है?
यह मामला किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध आरोप का विषय नहीं, बल्कि एक व्यापक प्रश्न का संकेत है —
क्या हमारी संस्थाएं पारदर्शिता को सहजता से स्वीकार कर पा रही हैं?
यदि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप हुई हैं, तो सूचना उपलब्ध कराने में संकोच क्यों?
यदि टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी है, तो दस्तावेज साझा करने में हिचक क्यों?
लोकतंत्र में विश्वास दस्तावेजों से बनता है, बयानों से नहीं।
आगे क्या?
ऐसे मामलों में आवश्यक है कि:
विभागीय स्तर पर पारदर्शिता की समीक्षा हो
डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली को अनिवार्य बनाया जाए
जन सूचना अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण हो
स्वप्रकाशन (Proactive Disclosure) को सख्ती से लागू किया जाए
सूचना का अधिकार कोई एहसान नहीं, बल्कि नागरिक का विधिक अधिकार है। शासन की विश्वसनीयता इस बात से तय होती है कि वह सवालों से कितना सहज है।
मेन्द्राकला मंडी प्रकरण एक अवसर भी है —
व्यवस्था आत्ममंथन करे और पारदर्शिता को कागजों से निकालकर व्यवहार में उतारे।
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    user_SUMIT KUMAR
    SUMIT KUMAR
    Newspaper publisher सरगुजा, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • hamare gao sirkotanga me 5 saal se aaane jaane me bahut hi paresani ka saamna karna pad raha hy barsat ke dino me to paani pura sadak me bhar jaata hy jisey car bike se aane jaane waale log ko bahut hi samasya ka samna karna padta hy paidal chalne waale log ko bhi bahut paresani hoti hy kripya prasashan se niwedan hai ki hamare gao ke road ko tatkaal banwane ki Kiripya kare 🙏🙏🙏🙏
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    hamare gao sirkotanga me 5 saal se aaane jaane me bahut hi paresani ka saamna karna pad raha hy barsat ke dino me to paani pura sadak me bhar jaata hy jisey car bike se aane jaane waale log ko bahut hi samasya ka samna karna padta hy paidal chalne waale log ko bhi bahut paresani hoti hy kripya prasashan se niwedan hai ki hamare gao ke road ko tatkaal banwane ki Kiripya kare 🙏🙏🙏🙏
    user_Liger Don
    Liger Don
    लखनपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • सूरजपुर, दिनांक 02 मार्च 2026 को सूरजपुर के मंगल भवन में आगामी माता कर्मा जयंती को लेकर सरगुजा संभाग के 6 जिले के सामाजिक बंधुओं को संबोधित करते हुए साहू समाज प्रदेश के मुखिया माननीय निरेंद्र साहू जी ने कहा कि हमारे समाज की आराध्य देवी माता कर्मा की प्रदेश स्तरीय जयंती सरगुजा संभाग में धूमधाम से मनाई जाएगी। प्रदेश ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी संभागों में साहू समाज के संत महात्माओं की जयंतियां अलग-अलग संभाग में मनाई जाएगी छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के बाद सबसे बड़ा साहू समाज है जो पूरे छत्तीसगढ़ में फैला हुआ है मैं गांव-गांव में समाज के जागरूकता का संदेश लेकर जाऊंगा और अंतिम व्यक्ति तक समरसता एवं भाईचारा का संदेश देने का प्रयास करूंगा। समाज मैं व्याप्त कुरीतियों, नशा पान को जड़ से समूल नष्ट करना है जो सामाजिक बंधु इस कार्य में मेरा साथ देना चाहते हैं मेरे साथ चल सकते हैं। इस बैठक में जो जिलाध्यक्ष उपस्थित हैं वह इस जागरूकता के संदेश को कर्मा रथ के माध्यम से गांव-गांव में जाकर अलख जगाने का प्रयास करें। हमारे समाज को जो राजनीतिक पार्टियां आगे बढ़ाएंगी हमारा समाज उनका सहयोग करेगा अन्यथा सबक भी सिखाएंगे। संभाग से आए समस्त जनों का उन्होंने आभार व्यक्त किया। स्वागत भाषण देते हुए जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान साहू समाज के संरक्षक रामकृपाल साहू ने कहा जब से प्रदेश का नेतृत्व डॉक्टर निरेंद्र साहू जी संभाले हैं उन्होंने शादियों में प्री वेडिंग सूट को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया है एवं हमारे समाज के महापुरुषों की जयंतियां प्रदेश के सभी संभागों में प्रदेश स्तरीय मनाने का निर्णय लिया है जिसके लिए उनकी सोच को मैं हृदय से धन्यवाद देता हूं इस प्रकार के कार्यक्रम करने से सुदूर क्षेत्रों में भी समाज के लोगों में जागरूकता एवं अपने इतिहास को जानने का अवसर प्राप्त होगा। प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती का आयोजन सूरजपुर जिले में तय करने के लिए उन्होंने संभाग के सभी जिला अध्यक्ष की सहमति एवं प्रदेश नेतृत्व को आभार व्यक्त किया और कहा की संभाग के सभी जिले से भारी संख्या में सामाजिक जन इस वृहद प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती कार्यक्रम में उपस्थित होंगे। कार्यक्रम को प्रदेश साहू संघ के डॉक्टर सुनील साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि आज यह उपस्थित भीड़ सरगुजा संभाग में आयोजित कर्मा जयंती के कार्यक्रम को सफल बनाएगी ऐसा मुझे विश्वास है उन्होंने कहा हम प्रदेश अध्यक्ष जी के साथ प्रदेश के सभी जिलों में जाकर साहू समाज की एकजुटता का प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ का नेतृत्व इस बात की चिंता कर रहा है कि हमारे समाज को संख्या के आधार पर राजनीतिक क्षेत्र में भी भागीदारी बढ़े। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश साहू ने किया एवं एवं सूरजपुर जिला अध्यक्ष राम लल्लू साहू ने उपस्थित सामाजिक बंधुओं को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर सरगुजा के जिला अध्यक्ष केके गुप्ता, जशपुर के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, बलरामपुर के जिला अध्यक्ष बंसीधर गुप्ता, कोरिया के जिला अध्यक्ष जगदीश साहू, एमसी के जिला अध्यक्ष मनमोहन साहू, वरिष्ठ सामाजिक जनों में बनारसी लाल गुप्ता, रामविलास साहू, रामजतन साहू, लक्ष्मी गुप्ता, रामसेवक गुप्ता, मधुसूदन साहू, मार्तंड साहू, जोखनलाल साहू, गैबी नाथ साहू, सुभाष साहू, प्रयागराज साहू, डॉ मोहन साहू, रामकृपाल साहू रामू,प्रकाश साहू, सुरेश साहू, सुशील कुमार साहू, राम शिरोमणि साहू, उमाशंकर साहू, रामनिवास साहू, अशोक कुमार साहू, सौरभ साहू, मुकेश साहू छोटू, सुनील साहू, प्रदीप साहू, राम शिरोमणि साहू, राम प्राण साहू, बिरजा राम साहू, राजपाल साहू, रमेश कुमार साहू, बंसीलाल साहू, राजेश कुमार साहू, जिला मीडिया से सौरभ साहू मोंटू, जिला मीडिया से सुरेंद्र साहू, संदीप साहू, राजेश साहू, कमलेश साहू, सत्यम साहू, संतोष साहू, वीरेंद्र साहू, अर्चना साहू, विजय साहू मनीष दीपक साहू,आदित्य नारायण साहू, चंद्रभूषण साहू, अनिल साहू, रामकरण साहू, विष्णु साहू, जनक लाल गुप्ता, दिनेश साहू,महेंद्र साहू, उपेंद्र गुप्ता, प्रदेश से गोपाल साहू, जयप्रकाश साहू, सहित समाज के भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
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    सूरजपुर, दिनांक 02 मार्च 2026 को  सूरजपुर के मंगल भवन में आगामी माता कर्मा जयंती को लेकर सरगुजा संभाग के 6 जिले के सामाजिक बंधुओं को संबोधित करते हुए साहू समाज प्रदेश के मुखिया माननीय निरेंद्र साहू जी ने कहा कि हमारे समाज की आराध्य देवी माता कर्मा की प्रदेश स्तरीय जयंती सरगुजा संभाग में धूमधाम से मनाई जाएगी। प्रदेश ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी संभागों में साहू समाज के संत महात्माओं की जयंतियां अलग-अलग संभाग में मनाई जाएगी छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के बाद सबसे बड़ा साहू समाज है जो पूरे छत्तीसगढ़ में फैला हुआ है मैं गांव-गांव में समाज के जागरूकता का संदेश लेकर जाऊंगा और अंतिम व्यक्ति तक समरसता एवं भाईचारा का संदेश देने का प्रयास करूंगा। समाज मैं व्याप्त कुरीतियों, नशा पान को जड़ से समूल नष्ट करना है जो सामाजिक बंधु इस कार्य में मेरा साथ देना चाहते हैं मेरे साथ चल सकते हैं। इस बैठक में जो जिलाध्यक्ष उपस्थित हैं वह इस जागरूकता के संदेश को कर्मा रथ के माध्यम से गांव-गांव में जाकर अलख जगाने का प्रयास करें। हमारे समाज को जो राजनीतिक पार्टियां आगे बढ़ाएंगी हमारा समाज उनका सहयोग करेगा अन्यथा सबक भी सिखाएंगे। संभाग से आए समस्त जनों का उन्होंने आभार व्यक्त किया। 
स्वागत भाषण देते हुए जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान साहू समाज के संरक्षक रामकृपाल साहू ने कहा जब से प्रदेश का नेतृत्व डॉक्टर निरेंद्र साहू जी संभाले हैं उन्होंने शादियों में प्री वेडिंग सूट को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया है एवं हमारे समाज के महापुरुषों की जयंतियां प्रदेश के सभी संभागों में प्रदेश स्तरीय मनाने का निर्णय लिया है जिसके लिए उनकी सोच को मैं हृदय से धन्यवाद देता हूं इस प्रकार के कार्यक्रम करने से सुदूर क्षेत्रों में भी समाज के लोगों में जागरूकता एवं अपने इतिहास को जानने का अवसर प्राप्त होगा। प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती का आयोजन सूरजपुर जिले में तय करने के लिए उन्होंने संभाग के सभी जिला अध्यक्ष की सहमति एवं प्रदेश नेतृत्व को आभार व्यक्त किया और कहा की संभाग के सभी जिले से भारी संख्या में सामाजिक जन इस वृहद प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती कार्यक्रम में उपस्थित होंगे।
कार्यक्रम को प्रदेश साहू संघ के डॉक्टर सुनील साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि आज यह उपस्थित भीड़ सरगुजा संभाग में आयोजित कर्मा जयंती के कार्यक्रम को सफल बनाएगी ऐसा मुझे विश्वास है उन्होंने कहा हम प्रदेश अध्यक्ष जी के साथ प्रदेश के सभी जिलों में जाकर साहू समाज की एकजुटता का प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ का नेतृत्व इस बात की चिंता कर रहा है कि हमारे समाज को संख्या के आधार पर राजनीतिक क्षेत्र में भी भागीदारी बढ़े।
कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश साहू ने किया एवं एवं सूरजपुर जिला अध्यक्ष राम लल्लू साहू ने उपस्थित सामाजिक बंधुओं को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर सरगुजा के जिला अध्यक्ष केके गुप्ता, जशपुर के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, बलरामपुर के जिला अध्यक्ष बंसीधर गुप्ता, कोरिया के जिला अध्यक्ष जगदीश साहू, एमसी के जिला अध्यक्ष मनमोहन साहू, वरिष्ठ सामाजिक जनों में बनारसी लाल गुप्ता, रामविलास साहू, रामजतन साहू, लक्ष्मी गुप्ता, रामसेवक गुप्ता, मधुसूदन साहू, मार्तंड साहू, जोखनलाल साहू, गैबी नाथ साहू, सुभाष साहू, प्रयागराज साहू, डॉ मोहन साहू, रामकृपाल साहू रामू,प्रकाश साहू, सुरेश साहू, सुशील कुमार साहू, राम शिरोमणि साहू, उमाशंकर साहू, रामनिवास साहू, अशोक कुमार साहू, सौरभ साहू, मुकेश साहू छोटू, सुनील साहू, प्रदीप साहू, राम शिरोमणि साहू, राम प्राण साहू, बिरजा राम साहू, राजपाल साहू, रमेश कुमार साहू, बंसीलाल साहू, राजेश कुमार साहू, जिला मीडिया से सौरभ साहू मोंटू, जिला मीडिया से सुरेंद्र साहू, संदीप साहू, राजेश साहू, कमलेश साहू, सत्यम साहू, संतोष साहू, वीरेंद्र साहू, अर्चना साहू, विजय साहू
मनीष दीपक साहू,आदित्य नारायण साहू, चंद्रभूषण साहू, अनिल साहू, रामकरण साहू, विष्णु साहू, जनक लाल गुप्ता, दिनेश साहू,महेंद्र साहू, उपेंद्र गुप्ता, प्रदेश से गोपाल साहू, जयप्रकाश साहू, सहित समाज के भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
    user_Shivnath bagheL
    Shivnath bagheL
    Newspaper publisher सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    54 min ago
  • 6 बजे से लेकर अभी तक, माहौल ऐसे ही निर्मित है, प्रशासन की टीम पहुंची हुई है, समझाइश किया जा रहा है, फिर भी कुछ उपद्रवी लोग के द्वारा शांति भंग करने का का प्रयास किया जा रहा, फिर भी मुस्लिम कमेटी के लोग अपने कब्रिस्तान में मिट्टी दफन करने के तैयारी में है, अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है, आगे देखते है क्या कुछ हो पाता है।*
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    6 बजे से लेकर अभी तक, माहौल ऐसे ही निर्मित है, प्रशासन की टीम पहुंची हुई है, समझाइश किया जा रहा है, फिर भी कुछ उपद्रवी लोग के द्वारा शांति भंग करने का का प्रयास किया जा रहा, फिर भी मुस्लिम कमेटी के लोग अपने कब्रिस्तान में मिट्टी दफन करने के तैयारी में है, अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है, आगे देखते है क्या कुछ हो पाता है।*
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • बिक्री के लिए रखा था 24.840 किलो ग्राम गांजा, पुलिस को सुराग मिलते ही तत्काल गिरफ्तार किया,जानकारी के मुताबिक जशपुर में सिटी कोतवाली थाना के पुलिस टीम ने 28 फरवरी को शहर के बीचों बीच तेलीटोली आइडिया टॉवर के पास से एक किराए के घर में लगभग 24.840 किलो ग्राम गांजा बरामद किया गया बताया जा रहा है,दबिश देकर सुनील भगत उर्फ गोविंदा और रवि विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया।
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    बिक्री के लिए रखा था 24.840 किलो ग्राम गांजा, पुलिस को सुराग मिलते ही तत्काल गिरफ्तार किया,जानकारी के मुताबिक जशपुर में सिटी कोतवाली थाना के पुलिस टीम ने 28 फरवरी को शहर के बीचों बीच तेलीटोली आइडिया टॉवर के पास से एक किराए के घर में लगभग 24.840 किलो ग्राम गांजा बरामद किया गया बताया जा रहा है,दबिश देकर सुनील भगत उर्फ गोविंदा और रवि विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया।
    user_क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ
    Media company सन्ना, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • Post by Ambikapur Express
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    Post by Ambikapur Express
    user_Ambikapur Express
    Ambikapur Express
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
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