प्रदेश साहू संघ द्वारा आयोजित सरगुजा संभाग की बैठक संपन्न,,,, सूरजपुर, दिनांक 02 मार्च 2026 को सूरजपुर के मंगल भवन में आगामी माता कर्मा जयंती को लेकर सरगुजा संभाग के 6 जिले के सामाजिक बंधुओं को संबोधित करते हुए साहू समाज प्रदेश के मुखिया माननीय निरेंद्र साहू जी ने कहा कि हमारे समाज की आराध्य देवी माता कर्मा की प्रदेश स्तरीय जयंती सरगुजा संभाग में धूमधाम से मनाई जाएगी। प्रदेश ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी संभागों में साहू समाज के संत महात्माओं की जयंतियां अलग-अलग संभाग में मनाई जाएगी छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के बाद सबसे बड़ा साहू समाज है जो पूरे छत्तीसगढ़ में फैला हुआ है मैं गांव-गांव में समाज के जागरूकता का संदेश लेकर जाऊंगा और अंतिम व्यक्ति तक समरसता एवं भाईचारा का संदेश देने का प्रयास करूंगा। समाज मैं व्याप्त कुरीतियों, नशा पान को जड़ से समूल नष्ट करना है जो सामाजिक बंधु इस कार्य में मेरा साथ देना चाहते हैं मेरे साथ चल सकते हैं। इस बैठक में जो जिलाध्यक्ष उपस्थित हैं वह इस जागरूकता के संदेश को कर्मा रथ के माध्यम से गांव-गांव में जाकर अलख जगाने का प्रयास करें। हमारे समाज को जो राजनीतिक पार्टियां आगे बढ़ाएंगी हमारा समाज उनका सहयोग करेगा अन्यथा सबक भी सिखाएंगे। संभाग से आए समस्त जनों का उन्होंने आभार व्यक्त किया। स्वागत भाषण देते हुए जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान साहू समाज के संरक्षक रामकृपाल साहू ने कहा जब से प्रदेश का नेतृत्व डॉक्टर निरेंद्र साहू जी संभाले हैं उन्होंने शादियों में प्री वेडिंग सूट को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया है एवं हमारे समाज के महापुरुषों की जयंतियां प्रदेश के सभी संभागों में प्रदेश स्तरीय मनाने का निर्णय लिया है जिसके लिए उनकी सोच को मैं हृदय से धन्यवाद देता हूं इस प्रकार के कार्यक्रम करने से सुदूर क्षेत्रों में भी समाज के लोगों में जागरूकता एवं अपने इतिहास को जानने का अवसर प्राप्त होगा। प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती का आयोजन सूरजपुर जिले में तय करने के लिए उन्होंने संभाग के सभी जिला अध्यक्ष की सहमति एवं प्रदेश नेतृत्व को आभार व्यक्त किया और कहा की संभाग के सभी जिले से भारी संख्या में सामाजिक जन इस वृहद प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती कार्यक्रम में उपस्थित होंगे। कार्यक्रम को प्रदेश साहू संघ के डॉक्टर सुनील साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि आज यह उपस्थित भीड़ सरगुजा संभाग में आयोजित कर्मा जयंती के कार्यक्रम को सफल बनाएगी ऐसा मुझे विश्वास है उन्होंने कहा हम प्रदेश अध्यक्ष जी के साथ प्रदेश के सभी जिलों में जाकर साहू समाज की एकजुटता का प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ का नेतृत्व इस बात की चिंता कर रहा है कि हमारे समाज को संख्या के आधार पर राजनीतिक क्षेत्र में भी भागीदारी बढ़े। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश साहू ने किया एवं एवं सूरजपुर जिला अध्यक्ष राम लल्लू साहू ने उपस्थित सामाजिक बंधुओं को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर सरगुजा के जिला अध्यक्ष केके गुप्ता, जशपुर के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, बलरामपुर के जिला अध्यक्ष बंसीधर गुप्ता, कोरिया के जिला अध्यक्ष जगदीश साहू, एमसी के जिला अध्यक्ष मनमोहन साहू, वरिष्ठ सामाजिक जनों में बनारसी लाल गुप्ता, रामविलास साहू, रामजतन साहू, लक्ष्मी गुप्ता, रामसेवक गुप्ता, मधुसूदन साहू, मार्तंड साहू, जोखनलाल साहू, गैबी नाथ साहू, सुभाष साहू, प्रयागराज साहू, डॉ मोहन साहू, रामकृपाल साहू रामू,प्रकाश साहू, सुरेश साहू, सुशील कुमार साहू, राम शिरोमणि साहू, उमाशंकर साहू, रामनिवास साहू, अशोक कुमार साहू, सौरभ साहू, मुकेश साहू छोटू, सुनील साहू, प्रदीप साहू, राम शिरोमणि साहू, राम प्राण साहू, बिरजा राम साहू, राजपाल साहू, रमेश कुमार साहू, बंसीलाल साहू, राजेश कुमार साहू, जिला मीडिया से सौरभ साहू मोंटू, जिला मीडिया से सुरेंद्र साहू, संदीप साहू, राजेश साहू, कमलेश साहू, सत्यम साहू, संतोष साहू, वीरेंद्र साहू, अर्चना साहू, विजय साहू मनीष दीपक साहू,आदित्य नारायण साहू, चंद्रभूषण साहू, अनिल साहू, रामकरण साहू, विष्णु साहू, जनक लाल गुप्ता, दिनेश साहू,महेंद्र साहू, उपेंद्र गुप्ता, प्रदेश से गोपाल साहू, जयप्रकाश साहू, सहित समाज के भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
प्रदेश साहू संघ द्वारा आयोजित सरगुजा संभाग की बैठक संपन्न,,,, सूरजपुर, दिनांक 02 मार्च 2026 को सूरजपुर के मंगल भवन में आगामी माता कर्मा जयंती को लेकर सरगुजा संभाग के 6 जिले के सामाजिक बंधुओं को संबोधित करते हुए साहू समाज प्रदेश के मुखिया माननीय निरेंद्र साहू जी ने कहा कि हमारे समाज की आराध्य देवी माता कर्मा की प्रदेश स्तरीय जयंती सरगुजा संभाग में धूमधाम से मनाई जाएगी। प्रदेश ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी संभागों में साहू समाज के संत महात्माओं की जयंतियां अलग-अलग संभाग में मनाई जाएगी छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के बाद सबसे बड़ा साहू समाज है जो पूरे छत्तीसगढ़ में फैला हुआ है मैं गांव-गांव में समाज के जागरूकता का संदेश लेकर जाऊंगा और अंतिम व्यक्ति तक समरसता एवं भाईचारा का संदेश देने का प्रयास करूंगा। समाज मैं व्याप्त कुरीतियों, नशा पान को जड़ से समूल नष्ट करना है जो सामाजिक बंधु इस कार्य में मेरा साथ देना चाहते हैं मेरे साथ चल सकते हैं। इस बैठक में जो जिलाध्यक्ष उपस्थित हैं वह इस जागरूकता के संदेश को कर्मा रथ के माध्यम से गांव-गांव में जाकर अलख जगाने का प्रयास करें। हमारे समाज को जो राजनीतिक पार्टियां आगे बढ़ाएंगी हमारा समाज उनका सहयोग करेगा अन्यथा सबक भी सिखाएंगे। संभाग से आए समस्त जनों का उन्होंने आभार व्यक्त किया। स्वागत भाषण देते हुए जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान साहू समाज के संरक्षक रामकृपाल साहू ने कहा जब से प्रदेश का नेतृत्व डॉक्टर निरेंद्र साहू जी संभाले हैं उन्होंने शादियों में प्री वेडिंग सूट को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया है एवं हमारे समाज के महापुरुषों की जयंतियां प्रदेश के सभी संभागों में प्रदेश स्तरीय मनाने का निर्णय लिया है जिसके लिए उनकी सोच को मैं हृदय से धन्यवाद देता हूं इस प्रकार के कार्यक्रम करने से सुदूर क्षेत्रों में भी समाज के लोगों में जागरूकता एवं अपने इतिहास को जानने का अवसर प्राप्त होगा। प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती का आयोजन सूरजपुर जिले में तय करने के लिए उन्होंने संभाग के सभी जिला अध्यक्ष की सहमति एवं प्रदेश नेतृत्व को आभार व्यक्त किया और कहा की संभाग के सभी जिले से भारी संख्या में सामाजिक जन इस वृहद प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती कार्यक्रम में उपस्थित होंगे। कार्यक्रम को प्रदेश साहू संघ के डॉक्टर सुनील साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि आज यह उपस्थित भीड़ सरगुजा संभाग में आयोजित कर्मा जयंती के कार्यक्रम को सफल बनाएगी ऐसा मुझे विश्वास है उन्होंने कहा हम प्रदेश अध्यक्ष जी के साथ प्रदेश के सभी जिलों में जाकर साहू समाज की एकजुटता का प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ का नेतृत्व इस बात की चिंता कर रहा है कि हमारे समाज को संख्या के आधार पर राजनीतिक क्षेत्र में भी भागीदारी बढ़े। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश साहू ने किया एवं एवं सूरजपुर जिला अध्यक्ष राम लल्लू साहू ने उपस्थित सामाजिक बंधुओं को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर सरगुजा के जिला अध्यक्ष केके गुप्ता, जशपुर के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, बलरामपुर के जिला अध्यक्ष बंसीधर गुप्ता, कोरिया के जिला अध्यक्ष जगदीश साहू, एमसी के जिला अध्यक्ष मनमोहन साहू, वरिष्ठ सामाजिक जनों में बनारसी लाल गुप्ता, रामविलास साहू, रामजतन साहू, लक्ष्मी गुप्ता, रामसेवक गुप्ता, मधुसूदन साहू, मार्तंड साहू, जोखनलाल साहू, गैबी नाथ साहू, सुभाष साहू, प्रयागराज साहू, डॉ मोहन साहू, रामकृपाल साहू रामू,प्रकाश साहू, सुरेश साहू, सुशील कुमार साहू, राम शिरोमणि साहू, उमाशंकर साहू, रामनिवास साहू, अशोक कुमार साहू, सौरभ साहू, मुकेश साहू छोटू, सुनील साहू, प्रदीप साहू, राम शिरोमणि साहू, राम प्राण साहू, बिरजा राम साहू, राजपाल साहू, रमेश कुमार साहू, बंसीलाल साहू, राजेश कुमार साहू, जिला मीडिया से सौरभ साहू मोंटू, जिला मीडिया से सुरेंद्र साहू, संदीप साहू, राजेश साहू, कमलेश साहू, सत्यम साहू, संतोष साहू, वीरेंद्र साहू, अर्चना साहू, विजय साहू मनीष दीपक साहू,आदित्य नारायण साहू, चंद्रभूषण साहू, अनिल साहू, रामकरण साहू, विष्णु साहू, जनक लाल गुप्ता, दिनेश साहू,महेंद्र साहू, उपेंद्र गुप्ता, प्रदेश से गोपाल साहू, जयप्रकाश साहू, सहित समाज के भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
- सूरजपुर, दिनांक 02 मार्च 2026 को सूरजपुर के मंगल भवन में आगामी माता कर्मा जयंती को लेकर सरगुजा संभाग के 6 जिले के सामाजिक बंधुओं को संबोधित करते हुए साहू समाज प्रदेश के मुखिया माननीय निरेंद्र साहू जी ने कहा कि हमारे समाज की आराध्य देवी माता कर्मा की प्रदेश स्तरीय जयंती सरगुजा संभाग में धूमधाम से मनाई जाएगी। प्रदेश ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के सभी संभागों में साहू समाज के संत महात्माओं की जयंतियां अलग-अलग संभाग में मनाई जाएगी छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के बाद सबसे बड़ा साहू समाज है जो पूरे छत्तीसगढ़ में फैला हुआ है मैं गांव-गांव में समाज के जागरूकता का संदेश लेकर जाऊंगा और अंतिम व्यक्ति तक समरसता एवं भाईचारा का संदेश देने का प्रयास करूंगा। समाज मैं व्याप्त कुरीतियों, नशा पान को जड़ से समूल नष्ट करना है जो सामाजिक बंधु इस कार्य में मेरा साथ देना चाहते हैं मेरे साथ चल सकते हैं। इस बैठक में जो जिलाध्यक्ष उपस्थित हैं वह इस जागरूकता के संदेश को कर्मा रथ के माध्यम से गांव-गांव में जाकर अलख जगाने का प्रयास करें। हमारे समाज को जो राजनीतिक पार्टियां आगे बढ़ाएंगी हमारा समाज उनका सहयोग करेगा अन्यथा सबक भी सिखाएंगे। संभाग से आए समस्त जनों का उन्होंने आभार व्यक्त किया। स्वागत भाषण देते हुए जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान साहू समाज के संरक्षक रामकृपाल साहू ने कहा जब से प्रदेश का नेतृत्व डॉक्टर निरेंद्र साहू जी संभाले हैं उन्होंने शादियों में प्री वेडिंग सूट को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया है एवं हमारे समाज के महापुरुषों की जयंतियां प्रदेश के सभी संभागों में प्रदेश स्तरीय मनाने का निर्णय लिया है जिसके लिए उनकी सोच को मैं हृदय से धन्यवाद देता हूं इस प्रकार के कार्यक्रम करने से सुदूर क्षेत्रों में भी समाज के लोगों में जागरूकता एवं अपने इतिहास को जानने का अवसर प्राप्त होगा। प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती का आयोजन सूरजपुर जिले में तय करने के लिए उन्होंने संभाग के सभी जिला अध्यक्ष की सहमति एवं प्रदेश नेतृत्व को आभार व्यक्त किया और कहा की संभाग के सभी जिले से भारी संख्या में सामाजिक जन इस वृहद प्रदेश स्तरीय कर्मा जयंती कार्यक्रम में उपस्थित होंगे। कार्यक्रम को प्रदेश साहू संघ के डॉक्टर सुनील साहू ने संबोधित करते हुए कहा कि आज यह उपस्थित भीड़ सरगुजा संभाग में आयोजित कर्मा जयंती के कार्यक्रम को सफल बनाएगी ऐसा मुझे विश्वास है उन्होंने कहा हम प्रदेश अध्यक्ष जी के साथ प्रदेश के सभी जिलों में जाकर साहू समाज की एकजुटता का प्रयास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ का नेतृत्व इस बात की चिंता कर रहा है कि हमारे समाज को संख्या के आधार पर राजनीतिक क्षेत्र में भी भागीदारी बढ़े। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश साहू ने किया एवं एवं सूरजपुर जिला अध्यक्ष राम लल्लू साहू ने उपस्थित सामाजिक बंधुओं को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर सरगुजा के जिला अध्यक्ष केके गुप्ता, जशपुर के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, बलरामपुर के जिला अध्यक्ष बंसीधर गुप्ता, कोरिया के जिला अध्यक्ष जगदीश साहू, एमसी के जिला अध्यक्ष मनमोहन साहू, वरिष्ठ सामाजिक जनों में बनारसी लाल गुप्ता, रामविलास साहू, रामजतन साहू, लक्ष्मी गुप्ता, रामसेवक गुप्ता, मधुसूदन साहू, मार्तंड साहू, जोखनलाल साहू, गैबी नाथ साहू, सुभाष साहू, प्रयागराज साहू, डॉ मोहन साहू, रामकृपाल साहू रामू,प्रकाश साहू, सुरेश साहू, सुशील कुमार साहू, राम शिरोमणि साहू, उमाशंकर साहू, रामनिवास साहू, अशोक कुमार साहू, सौरभ साहू, मुकेश साहू छोटू, सुनील साहू, प्रदीप साहू, राम शिरोमणि साहू, राम प्राण साहू, बिरजा राम साहू, राजपाल साहू, रमेश कुमार साहू, बंसीलाल साहू, राजेश कुमार साहू, जिला मीडिया से सौरभ साहू मोंटू, जिला मीडिया से सुरेंद्र साहू, संदीप साहू, राजेश साहू, कमलेश साहू, सत्यम साहू, संतोष साहू, वीरेंद्र साहू, अर्चना साहू, विजय साहू मनीष दीपक साहू,आदित्य नारायण साहू, चंद्रभूषण साहू, अनिल साहू, रामकरण साहू, विष्णु साहू, जनक लाल गुप्ता, दिनेश साहू,महेंद्र साहू, उपेंद्र गुप्ता, प्रदेश से गोपाल साहू, जयप्रकाश साहू, सहित समाज के भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।1
- आकांक्षा टोप्पो द्वारा भ्रामक एवं निराधार सोशल मीडिया वीडियो के संबंध में कोरिया पुलिस का खंडन* दिनांक 01.03.2026 को आकांक्षा टोप्पो द्वारा अपने फेसबुक एवं यूट्यूब माध्यम पर एक वीडियो अपलोड कर थाना चरचा के मर्ग क्रमांक 05/2026 में दर्ज मृतिका के संबंध में भ्रामक एवं तथ्यहीन कथन प्रस्तुत किए गए हैं। उक्त वीडियो में पुलिस प्रशासन तथा माननीय विधायक के संबंध में भी अनुचित एवं आधारहीन आरोप लगाए गए हैं। वास्तविक स्थिति यह है कि दिनांक 26.02.2026 को प्रार्थी गोविन्द वर्मा, वार्ड बॉय, जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर द्वारा अस्पताली मेमो थाना बैकुंठपुर में प्रस्तुत किया गया था, जिस पर थाना बैकुंठपुर में मर्ग क्रमांक 0/26 पंजीबद्ध किया गया। मर्ग डायरी प्राप्त होने पर प्रकरण थाना चरचा को हस्तांतरित किया गया, जहाँ मर्ग क्रमांक 05/2026 धारा 194 बीएनएसएस के अंतर्गत कायम कर विधिवत जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान पंचगण एवं गवाहों के कथन दर्ज किए गए। मृतिका के पति, पुत्र एवं अन्य परिजनों के बयानों से यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतिका अत्यधिक शराब सेवन की आदी थी तथा कभी-कभी मानसिक संतुलन भी खो बैठती थी। अधिक मात्रा में मदिरापान करने के पश्चात वह कई बार गिर जाती थी और वहीं पड़ी रहती थी। आकांक्षा टोप्पो द्वारा वायरल किए गए वीडियो में यह उल्लेख किया गया है कि मृतिका के साथ हत्या कर उसके निजी अंग में शराब की बोतल डाली गई है, जो पूर्णतः असत्य एवं मनगढ़ंत है। मर्ग जांच तथा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक द्वारा ऐसी किसी भी घटना की पुष्टि नहीं की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सक द्वारा शरीर में अल्कोहल की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए विधि अनुसार विसरा संरक्षित किया गया है, जिसे विधिवत एफएसएल परीक्षण हेतु भेजा जाना है। अतः बिना तथ्यात्मक जानकारी के भ्रामक वीडियो बनाकर जनसामान्य को गुमराह करने एवं कोरिया पुलिस की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है, जिसका कोरिया पुलिस द्वारा पूर्णतः खंडन किया जाता है। मर्ग पंचनामा के दौरान परिवारजनों को बुलाकर घटना के सम्बन्ध पूछताछ कथन लिया गया एवं शव निरीक्षण के दौरान महिला पंचानो के दारा मृतिका के अंडरगारमेंट के अन्दर शराब की 180 ML की प्लास्टिक की शीशी बरामद की गई है, शराबी प्रवृत्ति की महिलाएं अक्सर कोई भी अवैधानिक वस्तुओ को अपने अंडरगारमेंट्स में छुपा लेती है। प्रकरण की समस्त परिस्थितियों का परीक्षण करते हुए DySP बैकुंठपुर द्वारा बारिकी से विवेचना की जा रही है।1
- सरगुजा जिले के घाटबर्रा गांव में कोयला खदान विस्तार के दौरान श्मशान घाट में जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। दावा है कि रात के समय अचानक रोने की आवाज सुनकर चालक मशीन छोड़कर भाग गया। गांव में दहशत का माहौल है, लोग इसे रहस्यमयी घटना से जोड़ रहे हैं। फिलहाल रात में खनन कार्य बंद बताया जा रहा है।1
- hamare gao sirkotanga me 5 saal se aaane jaane me bahut hi paresani ka saamna karna pad raha hy barsat ke dino me to paani pura sadak me bhar jaata hy jisey car bike se aane jaane waale log ko bahut hi samasya ka samna karna padta hy paidal chalne waale log ko bhi bahut paresani hoti hy kripya prasashan se niwedan hai ki hamare gao ke road ko tatkaal banwane ki Kiripya kare 🙏🙏🙏🙏3
- पत्रकार: लखनपुर से भिटीकला रोड… क्या ये सड़क है या काले जहर का ढेर? सड़क किनारे खुलेआम कोयले का चूरा डंप किया जा रहा है — और जिम्मेदार विभाग मौन है! वीओ (वॉइस ओवर): Lakhanpur के भिटीकला रोड पर इन दिनों सड़क के किनारे भारी मात्रा में कोयले का चूरा डंप किया जा रहा है। धूल उड़ रही है, राहगीरों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, और आसपास के घरों व खेतों पर काली परत जम रही है। सबसे बड़ा सवाल — 👉 क्या इस डंपिंग की कोई अनुमति है? 👉 क्या पर्यावरण नियमों का पालन किया जा रहा है? 👉 या फिर रात के अंधेरे में अवैध तरीके से कचरा फेंका जा रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा चलने पर पूरा इलाका धुएं और धूल से भर जाता है। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और राहगीर सीधे प्रभावित हो रहे हैं। अगर यह कोयला चूरा किसी खदान या परिवहन से जुड़ा है, तो जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की जा रही? प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। बाइट के लिए तीखे सवाल: इस स्थान पर कोयला चूरा डंप करने की अनुमति किसने दी? क्या प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC लिया गया है? सड़क किनारे डंपिंग से दुर्घटना की स्थिति बने तो जिम्मेदार कौन होगा? क्या राजस्व या पंचायत विभाग ने निरीक्षण किया है? क्लोजिंग (आक्रामक अंदाज): लखनपुर-भिटीकला रोड अब काली धूल से ढक चुकी है। विकास के नाम पर जहर फैलाने वालों पर कार्रवाई कब होगी? या फिर प्रशासन तब जागेगा जब कोई बड़ी घटना घटेगी?2
- सूचना का अधिकार बनाम प्रशासनिक मानसिकता: मेन्द्राकला मंडी प्रकरण से उठते सवाल लोकतंत्र में पारदर्शिता केवल एक आदर्श नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था का मूल तत्व है। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 इसी उद्देश्य से अस्तित्व में आया था — ताकि नागरिक सरकार से प्रश्न पूछ सके और शासन जवाबदेह बने। परंतु जब स्वयं सार्वजनिक संस्थान सूचना देने से बचते दिखाई दें, तो यह केवल एक कार्यालय का मुद्दा नहीं रहता, बल्कि व्यवस्था की सोच पर प्रश्नचिह्न बन जाता है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले, अंबिकापुर स्थित कृषि उपज मंडी समिति मेन्द्रा कला से जुड़ा हालिया प्रकरण इसी बहस को पुनः जीवित करता है। मुद्दा केवल 7230 रुपये का नहीं आरटीआई आवेदन के माध्यम से पिछले दो वर्षों के टेंडर, भुगतान, एमबी बुक, सब्सिडी एवं अन्य प्रशासनिक दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई। जवाब में कार्यालय ने 3615 पृष्ठों की प्रतिलिपि बताकर 7230 रुपये शुल्क जमा करने का निर्देश दिया। कानूनन प्रति पृष्ठ निर्धारित शुल्क लिया जा सकता है — यह व्यवस्था का हिस्सा है। परंतु प्रश्न यह है कि जब सूचना डिजिटल रूप में उपलब्ध कराई जा सकती है, तब केवल छायाप्रति के रूप में देने पर जोर क्यों? क्या यह तकनीकी सुविधा का अभाव है, या प्रक्रिया को जटिल बनाने की प्रवृत्ति? सूचना का अधिकार केवल कागजों का लेन-देन नहीं, बल्कि पारदर्शिता का माध्यम है। यदि सूचना देने की प्रक्रिया ही इतनी महंगी और बोझिल बना दी जाए कि आम नागरिक पीछे हट जाए, तो कानून का उद्देश्य कैसे पूरा होगा? धारा 4(1)(b) की आत्मा आरटीआई अधिनियम की धारा 4(1)(b) सार्वजनिक प्राधिकरणों को कई जानकारियां स्वतः सार्वजनिक करने का निर्देश देती है। टेंडर, भुगतान, कार्यादेश और बैठकों के निर्णय — ये सभी ऐसी सूचनाएं हैं जिन्हें नियमित रूप से वेबसाइट या सूचना पट्ट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए। यदि दो वर्षों की जानकारी 3615 पृष्ठों में फैली है, तो यह भी विचारणीय है कि क्या इनका नियमित डिजिटलीकरण और सार्वजनिक प्रदर्शन हुआ? यदि नहीं, तो क्यों? प्रशासनिक प्रशिक्षण और संवेदनशीलता मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अधिकारी द्वारा आरटीआई की धाराओं की जानकारी न होने संबंधी कथन सुनाई देता है। यदि ऐसा है, तो यह केवल व्यक्तिगत त्रुटि नहीं, बल्कि प्रशिक्षण और जवाबदेही की कमी का संकेत है। जन सूचना अधिकारी का दायित्व मात्र आवेदन स्वीकार करना नहीं, बल्कि अधिनियम की भावना को समझते हुए नागरिक को सहयोग देना है। “जैसा अधिकारी कहेगा वैसा होगा” जैसी मानसिकता पारदर्शी शासन के सिद्धांत से मेल नहीं खाती। बड़ा प्रश्न: क्या व्यवस्था पारदर्शिता से सहज है? यह मामला किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध आरोप का विषय नहीं, बल्कि एक व्यापक प्रश्न का संकेत है — क्या हमारी संस्थाएं पारदर्शिता को सहजता से स्वीकार कर पा रही हैं? यदि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुरूप हुई हैं, तो सूचना उपलब्ध कराने में संकोच क्यों? यदि टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी है, तो दस्तावेज साझा करने में हिचक क्यों? लोकतंत्र में विश्वास दस्तावेजों से बनता है, बयानों से नहीं। आगे क्या? ऐसे मामलों में आवश्यक है कि: विभागीय स्तर पर पारदर्शिता की समीक्षा हो डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली को अनिवार्य बनाया जाए जन सूचना अधिकारियों का नियमित प्रशिक्षण हो स्वप्रकाशन (Proactive Disclosure) को सख्ती से लागू किया जाए सूचना का अधिकार कोई एहसान नहीं, बल्कि नागरिक का विधिक अधिकार है। शासन की विश्वसनीयता इस बात से तय होती है कि वह सवालों से कितना सहज है। मेन्द्राकला मंडी प्रकरण एक अवसर भी है — व्यवस्था आत्ममंथन करे और पारदर्शिता को कागजों से निकालकर व्यवहार में उतारे। #ChhattisgarhNews #RaipurNews #CGViral #BilaspurNews #Chhattisgarh @PMOIndia @ChhattisgarhCMO @mandiboardcg @narendramodi @DoPTGoI @CIC_India @DCsofIndia @SurgujaDist @AmbikapurPro @rti_online @prsIndia @NCPrincipals #RightToInformation #RTI #RTIAct2005 #Transparency #Accountability #OpenGovernment #DigitalIndia #Section4_1_b #PublicAccountability #AdministrativeReform #Governance #CitizenRights #Loktantra #Democracy #Chhattisgarh #Sarguja #Ambikapur #Mandi #PublicFunds #TenderProcess #CorruptionFreeIndia #SystemReform #JanAdhikar #InformationIsPower #RTIMovement #cg1
- मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिला रिपोर्टर: मनोज श्रीवास्तव मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के आदिवासी बहुल इलाकों में आज भी सदियों पुरानी परंपराएं जीवित हैं। होली पर्व से पहले जनकपुर क्षेत्र में बैगा समाज द्वारा निभाई जाने वाली निकारि प्रथा के जरिए गांव की सुरक्षा और खुशहाली की कामना की जाती है। ग्रामीणों का विश्वास है कि इस परंपरा से गांव आपदा और महामारी से सुरक्षित रहता है। भरतपुर विकासखंड के जनकपुर क्षेत्र में होली से पूर्व निकारि प्रथा पूरे विधि-विधान से निभाई जाती है। यह परंपरा बैगा समाज की आस्था से जुड़ी है, जिसे गांव की सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि इस अनुष्ठान से हैजा, कॉलरा जैसी गंभीर बीमारियों और नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश गांव में नहीं होता। जनकपुर निवासी पुजारी गरीबा मौर्य बताते हैं कि जब से गांव बसा है, तब से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है। होली से पहले और डांग न गढ़ने के पूर्व यह विशेष अनुष्ठान किया जाता है। गांव के प्रत्येक चौक-चौराहे पर यह प्रक्रिया पूरी की जाती है, जिसमें पूरे गांव की सहभागिता रहती है। निकारि प्रथा हमारे गांव की बहुत पुरानी परंपरा है। इसे करने से गांव में बीमारी नहीं फैलती और सब लोग सुरक्षित रहते हैं। हम सब मिलकर इसमें सहयोग करते हैं। निकारि प्रथा के तहत बैगा द्वारा मुर्गी चराई जाती है और बाद में उसे गांव की सीमा के बाहर, नदी के उस पार छोड़ दिया जाता है। मान्यता है कि इससे सारी विपत्तियां गांव से बाहर चली जाती हैं। इस दौरान ग्रामीण बैगा को अखत, झाड़ू और अन्य पूजन सामग्री प्रदान करते हैं। यह परंपरा गांव को आपदा और बीमारियों से बचाने के लिए की जाती है। यह सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि गांव की एकता और सामूहिक सुरक्षा का प्रतीक है।” ग्रामीणों का विश्वास है कि निकारि प्रथा से गांव में शांति, समृद्धि और निरोगी जीवन बना रहता है। जनकपुर क्षेत्र में आज भी परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाते हुए ऐसी लोक आस्थाएं समाज को एक सूत्र में बांधे हुए हैं। आस्था, परंपरा और सामूहिक विश्वास—निकारि प्रथा आज भी जनकपुर गांव की पहचान बनी हुई है।1
- Post by Ambikapur Express1