नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर किये श्रृद्धा सुमन अर्पित हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत सुमेरपुर कस्बे में संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि सुभाष चन्द्र बोस एक बेमिसाल सोच और संगठन के साक्षी थे। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। बोस शौर्य और साहस के प्रतीक थे। इनका उड़ीसा के कटक में 23 जनवरी 1897 को जानकीनाथ बोस और प्रभावती के घर जन्म हुआ था। ये प्रारम्भ से ही राष्ट्रसेवी थे। इन्होंने आईसीएस परीक्षा पास कर सर्वोच्च पद प्राप्त करने के बाद देश के लिए अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार न कर पद से इस्तीफा दे दिया था। ये त्याग और तरस्विता के मूर्तरुप थे। ये देश के बाहर रहकर भी देश की आजादी की आवाज बुलंद करते रहे। इन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन कर उसके बैनर तले आजादी के लिए काम किया। इनके निधन का संशय बरकरार रहा। जनता इन्हें नेता जी कहकर संबोधित करती थी। इनकी मौत 18 अगस्त 1945 को मानी जाती है। जो कन्फर्म की कसौटी पर खरी नहीं उतरती है। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, रिचा, रामनारायन सोनकर, रामबाबू, विकास, फूलचंद, दीनदयाल प्रजापति, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर किये श्रृद्धा सुमन अर्पित हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत सुमेरपुर कस्बे में संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि सुभाष चन्द्र बोस एक बेमिसाल सोच और संगठन के साक्षी थे। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। बोस शौर्य और साहस के प्रतीक थे। इनका उड़ीसा के कटक में 23 जनवरी 1897 को जानकीनाथ बोस और प्रभावती के घर जन्म हुआ था। ये प्रारम्भ से ही राष्ट्रसेवी थे। इन्होंने आईसीएस परीक्षा पास कर सर्वोच्च पद प्राप्त करने के बाद देश के लिए अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार न कर पद से इस्तीफा दे दिया था। ये त्याग और तरस्विता के मूर्तरुप थे। ये देश के बाहर रहकर भी देश की आजादी की आवाज बुलंद करते रहे। इन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन कर उसके बैनर तले आजादी के लिए काम किया। इनके निधन का संशय बरकरार रहा। जनता इन्हें नेता जी कहकर संबोधित करती थी। इनकी मौत 18 अगस्त 1945 को मानी जाती है। जो कन्फर्म की कसौटी पर खरी नहीं उतरती है। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, रिचा, रामनारायन सोनकर, रामबाबू, विकास, फूलचंद, दीनदयाल प्रजापति, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।
- नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर किये श्रृद्धा सुमन अर्पित हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत सुमेरपुर कस्बे में संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि सुभाष चन्द्र बोस एक बेमिसाल सोच और संगठन के साक्षी थे। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। बोस शौर्य और साहस के प्रतीक थे। इनका उड़ीसा के कटक में 23 जनवरी 1897 को जानकीनाथ बोस और प्रभावती के घर जन्म हुआ था। ये प्रारम्भ से ही राष्ट्रसेवी थे। इन्होंने आईसीएस परीक्षा पास कर सर्वोच्च पद प्राप्त करने के बाद देश के लिए अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार न कर पद से इस्तीफा दे दिया था। ये त्याग और तरस्विता के मूर्तरुप थे। ये देश के बाहर रहकर भी देश की आजादी की आवाज बुलंद करते रहे। इन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन कर उसके बैनर तले आजादी के लिए काम किया। इनके निधन का संशय बरकरार रहा। जनता इन्हें नेता जी कहकर संबोधित करती थी। इनकी मौत 18 अगस्त 1945 को मानी जाती है। जो कन्फर्म की कसौटी पर खरी नहीं उतरती है। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, रिचा, रामनारायन सोनकर, रामबाबू, विकास, फूलचंद, दीनदयाल प्रजापति, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।1
- घाटमपुर-भीतरगांव ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत उमरी गांव में गंदगी का अंबार देखने को मिल रहा है। जिसके चलते ग्रामवासी गंदगी के रास्ते निकलने व रहने को मजबूर हैं।1
- UP, कानपुर में हवाला और सट्टा कारोबार पर पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके (IPS) के नेतृत्व में कलेक्टरगंज इलाके में सघन छापेमारी की गई जहां से करीब 2 करोड़ रुपये नकद और 61 किलो चांदी (कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये) बरामद की गई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एडीसीपी ने बताया कि लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि अवैध रकम हवाला और बेटिंग के जरिए इकट्ठा की जा रही है। कार्रवाई अभी जारी है मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के साथ दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।1
- ट्रेन मे भी चालान करना चाहिए1
- नेशनल हाईवे 34 के जाम में फांसी एंबुलेंस समय पर इलाज न मिलने से गर्भ में ही शिशु की मौत हमीरपुर में यातायात व्यवस्था की भयावे तस्वीर सामने आई हैं जहां नेशनल हाईवे 34 पर लगे भीषण जाम ने एक गर्भवती महिला के अध जनमें शिशु की जान ले ली प्रसावपीड़ा से जूझ रही महिला को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन करीब 25 किलोमीटर लंबे जाम में एंबुलेंस लगभग 5 घंटे तक फंसी रही इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर ट्रैफिक प्रबंधन प्रशासनिक लापरवाही और आपातकालीन सेवाओं की तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं1
- खजुहा/फतेहपुर। खजुहा में दर्दनाक हादसा, मिट्टी का टीला ढहने से किशोरी की मौत घर की पुताई के लिए खुदाई बनी जानलेवा, चार लोग गंभीर घायल जेसीबी से चला रेस्क्यू ऑपरेशन, एक घंटे बाद निकाले गए दबे लोग परिजनों में कोहराम, पूरे कस्बे में शोक की लहर प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था व मुआवजे की मांग1
- कानपुर देहात सटटी थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव में एक ही परिवार मे दो लोगों की मौत से गांव में मातंम1
- कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग कानपुर के सेन थाना अंतर्गत गुंडों का आतंक.! महिलाओं को नहीं बनवाने दे रहे प्लाट, बार बार तोड़ देते है बाउंड्री,पुलिस अपराधियों के सामने नतमस्तक.! थाना, चौकी, कानपुर कमिश्नर के साथ साथ मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में जाने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाही.! लेखपाल की रिपोर्ट पीड़ित के पक्ष में बावजूद पुलिस नहीं कर पा रही गुंडों पर कार्यवाही.! पुलिस के सामने गुंडे देते है गाली गलौज, जान से मारने की धमकी.! मौके पर आज भी हुआ बवाल,पुलिस की मौजूदगी में निर्माण कार्य करवाया गया बंद1