छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए शिक्षा ही सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। न्यायाधीश श्री वारियाल ने सरल भाषा में विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध व पारिस्थितिक अपराध के बीच अंतर और उनके दंडात्मक प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने समाज में अपराधों की रोकथाम के लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना आवश्यक बताया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। छात्रों को प्रेरित करने के लिए उन्होंने अपने छात्र जीवन से लेकर न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को भी साझा किया। कार्यक्रम के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने और इंटरनेट व मोबाइल का उपयोग केवल ज्ञानवर्धन के लिए करने की सलाह दी गई। श्री वारियाल ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए शिक्षा ही सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। न्यायाधीश श्री वारियाल ने सरल भाषा में विद्यार्थियों
को न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध व पारिस्थितिक अपराध के बीच अंतर और उनके दंडात्मक प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने समाज में अपराधों की रोकथाम के लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना आवश्यक बताया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। छात्रों को प्रेरित करने के लिए उन्होंने अपने छात्र जीवन से लेकर न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को भी साझा किया। कार्यक्रम
के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने और इंटरनेट व मोबाइल का उपयोग केवल ज्ञानवर्धन के लिए करने की सलाह दी गई। श्री वारियाल ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।
- सूरजपुर के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सूरजपुर के माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून और समाज के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल थे। उन्होंने अपने संबोधन में बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने में शिक्षा की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बेहद सरल भाषा में न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध और पारिस्थितिक अपराध के बीच का अंतर, अपराधों की गंभीरता तथा उनके लिए तय दंडात्मक प्रावधानों के बारे में समझाया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। न्यायाधीश श्री वारियाल ने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने अपने छात्र जीवन और न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को साझा करते हुए छात्रों को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदार उपयोग करने और ज्ञानवर्धन के लिए इंटरनेट व मोबाइल का सकारात्मक इस्तेमाल करने की सलाह दी। इसके अलावा, उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली मुफ्त कानूनी सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण सहित पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।3
- छत्तीसगढ़ के रायपुर के नकटी गांव में गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाया गया है। राज्य में सुशासन की सरकार होने के दावों के बीच, नकटी गांव में इस प्रकार गरीबों के घरों को उजाड़े जाने की कार्रवाई को लेकर सुशासन की सरकार पर तीखा कटाक्ष किया गया है।1
- कोरिया जिला कार्यालय में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रोक्तिमा यादव ने राजस्व अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस बैठक में अपर कलेक्टर, दोनों अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिले के सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सीमांकन के समय-सीमा से अधिक लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए मैदानी या गैर-कृषि भूमि का सीमांकन तत्काल किया जाए, जबकि खड़ी फसल वाले खेतों का सीमांकन 15 अक्टूबर के बाद किया जाए ताकि किसानों को असुविधा न हो। इसके अलावा, अविवादित नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश दिए गए। अब इन प्रकरणों के आवेदन सीधे पटवारी कार्यालय में प्राप्त किए जाएंगे और पटवारी जांच प्रतिवेदन तैयार कर सीधे राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत करेंगे, जिससे नागरिकों को तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। न्यायालयीन प्रकरणों में पटवारियों द्वारा समय पर प्रतिवेदन न सौंपने के कारण मामलों के लंबित रहने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई और दोषी पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, नक्शा बटांकन, स्वामित्व योजना, एग्रीस्टैक पंजीयन और खसरा मैपिंग के कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। प्रशासन को जवाबदेह बनाने के लिए निर्देश दिया गया कि प्रत्येक सोमवार को सभी पटवारी और राजस्व निरीक्षक (आरआई) अपने-अपने मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करेंगे। इसके अलावा, हर पंद्रह दिन में पटवारियों की समीक्षा बैठक होगी और दोनों अपर कलेक्टर हर महीने तहसीलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेंगे। बैठक के अंत में कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा है, इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करें। कार्यों में लापरवाही मिलने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में अपर कलेक्टर श्री सुरेंद्र वैद्य, अपर कलेक्टर श्री डी.डी. मंडावी, सोनहत के एसडीएम श्री अमित कुमार गुप्ता और बैकुंठपुर के एसडीएम श्री उमेश पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में हो रही अत्यंत जबरदस्त बारिश के कारण एक एंबुलेंस को मजबूरन रास्ते में ही रोकना पड़ा है। इलाके में बारिश का प्रकोप इतना तेज है कि एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी और उसे सफर के बीच में ही रोकने के लिए विवश होना पड़ा।1
- नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस एनडीए कॉन्क्लेव (NDA Conclave) में गठबंधन की भविष्य की रणनीति को लेकर मंथन किया गया। इस बैठक के दौरान मुख्य रूप से देश के विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सहयोगी दलों से जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास की गति को और तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने सहयोगियों से "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के संकल्प के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया।1
- अंबिकापुर के प्रसिद्ध महामाया मंदिर परिसर के सामने स्थित दुकानों में मिलावटखोरी का मामला सामने आने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने सख्त रुख अपनाया है। त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य विभाग द्वारा की गई रूटीन जांच में मंदिर के सामने स्थित एक दुकान में मिलावट की पुष्टि हुई है। इस पर संज्ञान लेते हुए टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि संबंधित विभाग के अधिकारियों से उनकी बात हुई है और एक दुकान में मिलावट पाया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। राजपरिवार के स्वामित्व वाली इन दुकानों के संबंध में सिंहदेव ने स्पष्ट किया कि वहां के किरायेदारों से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो दुकानदार मिलावट जैसी गतिविधियों में लिप्त हैं, उनकी दुकानें बंद कर देनी चाहिए।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के केतका स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती जनसंख्या और सीमित संसाधनों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए शिक्षा ही सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। न्यायाधीश श्री वारियाल ने सरल भाषा में विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था, सुनियोजित अपराध व पारिस्थितिक अपराध के बीच अंतर और उनके दंडात्मक प्रावधानों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने समाज में अपराधों की रोकथाम के लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना आवश्यक बताया। इसके साथ ही उन्होंने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), 2012 और किशोर न्याय से जुड़े वर्तमान कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ने वाले इसके दीर्घकालिक प्रभावों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। छात्रों को प्रेरित करने के लिए उन्होंने अपने छात्र जीवन से लेकर न्यायाधीश बनने तक के संघर्षों को भी साझा किया। कार्यक्रम के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया का सुरक्षित व जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने और इंटरनेट व मोबाइल का उपयोग केवल ज्ञानवर्धन के लिए करने की सलाह दी गई। श्री वारियाल ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता और NALSA के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की उपयोगिता के बारे में भी बताया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री शशिकांत भारती, श्री दिनेश कुमार सिंह, मंच संचालक श्री उग्रसेन प्रसाद, समस्त शिक्षकगण और पैरा लीगल वॉलेंटियर्स श्री सत्य नारायण, श्री बृजवासी सिंह एवं श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित रहे।3
- रायपुर के अश्वनी नगर में सार्वजनिक स्थान पर धारदार चाकू लहराकर राहगीरों को डराने-धमकाने वाले 19 वर्षीय युवक सोनू राजतराय को पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 13.5 इंच लंबा धारदार चाकू भी बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 एवं 27 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद रायपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने वाले लोगों की सूचना तुरंत डायल 112 या अपने नजदीकी थाने को दें।1