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इस लोकतांत्रिक देश में सभी सरकारों ने हद पार की है तो नोटा या चुनाव बहिष्कार ही विकल्प। मास्टर श्यौराज इस लोकतांत्रिक देश में सभी सरकारों ने हद पार की है तो नोटा या चुनाव बहिष्कार ही विकल्प। मास्टर श्यौराज

1 day ago
user_Bku lokshakti master श्यौराज
Bku lokshakti master श्यौराज
जेवर, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

इस लोकतांत्रिक देश में सभी सरकारों ने हद पार की है तो नोटा या चुनाव बहिष्कार ही विकल्प। मास्टर श्यौराज इस लोकतांत्रिक देश में सभी सरकारों ने हद पार की है तो नोटा या चुनाव बहिष्कार ही विकल्प। मास्टर श्यौराज

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  • केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने बुधवार को पलवल के गांव बामनीखेड़ा में आयोजित नमो क्रिकेट लीग में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा खेलों की खान है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने दुनिया में भारत का डंका खेलों में बजाने का कार्य किया है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने खेलों में नए नए कीर्तिमान स्थापित किया है। पलवल हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाने का कार्य किया है उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में हरियाणा की खेल नीति का अहम योगदान है। हरियाणा सरकार की खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा के अनुसार नौकरी प्रदान की जा रही है। खिलाड़ियों को मेडल लाने पर करोड़ों रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश में खिलाडियों को हर संभव सुविधा प्रदान कर नायब सिंह सैनी सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सरकार जागरूकता फैला रही है ताकि हमारे युवा नशे से दूर रहकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी क्रम में नमो क्रिकेट लीग के माध्यम से पांच राज्यों जिनमें हरियाणा,पंजाब,उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड और चंडीगढ़ के करीब 3500 खिलाड़ी भाग ले रहे है। उन्होंने कहा कि नमो क्रिकेट के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए नमो क्रिकेट लीग शुरू की गई है। गुर्जर ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य लोगों की सेवा करना तथा उन्हें स्वावलंबी और सशक्त बनाना है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सफाई अभियान, रक्तदान शिविर लगाना, नमो क्रिकेट लीग,वृक्षारोपण, दिव्यांगों को सहायक उपकरण उपलब्ध करना सेवा के यह कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले साढे बारह वर्षो में नरेंद्र मोदी ने देश हित में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए है। भाजपा ने गरीबों,महिलाओं,युवाओं और किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसले लेकर उनकी जिंदगी में आमूलचूल सुधार किया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी का विजन है कि खेलेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया। सरकार के प्रयासों से युवाओं का रुझान खेलों की तरफ लगातार बढ़ रहा है। खेलों में भाग लेकर युवा दुनियाभर में देश का नाम रोशन करेगें। उन्होंने कहा कि देश व हरियाणा प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद देश के खिलाड़ियों ने ओलिंपिक खेलों,एशियन गेम्स,कॉमनवेल्थ गेम्स में नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे है। उन्होंने कहा कि देश की झोली में मेडल डालने में हरियाणा के खिलाड़ियों का अहम योगदान है।
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    केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने बुधवार को पलवल के गांव बामनीखेड़ा में आयोजित नमो क्रिकेट लीग में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा खेलों की खान है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने दुनिया में भारत का डंका खेलों में बजाने का कार्य किया है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने खेलों में नए नए कीर्तिमान स्थापित किया है।
पलवल हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश का गौरव बढ़ाने का कार्य किया है उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में हरियाणा की खेल नीति का अहम योगदान है। हरियाणा सरकार की खेल नीति के तहत खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा के अनुसार नौकरी प्रदान की जा रही है। खिलाड़ियों को मेडल लाने पर करोड़ों रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है। प्रदेश में खिलाडियों को हर संभव सुविधा प्रदान कर नायब सिंह सैनी सरकार खेलों को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सरकार जागरूकता फैला रही है ताकि हमारे युवा नशे से दूर रहकर देश के निर्माण में अपना योगदान दें।
केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक पूरे देश में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। इसी क्रम में नमो क्रिकेट लीग के माध्यम से पांच राज्यों जिनमें हरियाणा,पंजाब,उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड और चंडीगढ़ के करीब 3500 खिलाड़ी भाग ले रहे है। उन्होंने कहा कि नमो क्रिकेट के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। युवाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए नमो क्रिकेट लीग शुरू की गई है।
गुर्जर ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य लोगों की सेवा करना तथा उन्हें स्वावलंबी और सशक्त बनाना है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सफाई अभियान, रक्तदान शिविर लगाना, नमो क्रिकेट लीग,वृक्षारोपण, दिव्यांगों को सहायक उपकरण उपलब्ध करना सेवा के यह कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले साढे बारह वर्षो में नरेंद्र मोदी ने देश हित में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए है।
भाजपा ने गरीबों,महिलाओं,युवाओं और किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसले लेकर उनकी जिंदगी में आमूलचूल सुधार किया है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी का विजन है कि खेलेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया। सरकार के प्रयासों से युवाओं का रुझान खेलों की तरफ लगातार बढ़ रहा है। खेलों में भाग लेकर युवा दुनियाभर में देश का नाम रोशन करेगें। उन्होंने कहा कि देश व हरियाणा प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद देश के खिलाड़ियों ने ओलिंपिक खेलों,एशियन गेम्स,कॉमनवेल्थ गेम्स में नए नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे है। उन्होंने कहा कि देश की झोली में मेडल डालने में हरियाणा के खिलाड़ियों का अहम योगदान है।
    user_Mahipal
    Mahipal
    Journalist Palwal, Haryana•
    18 hrs ago
  • Ganesh Ganpati Bappa morya khabar mere se Jude Rahe Palwal mein Ganesh palwal
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    Ganesh Ganpati Bappa morya khabar mere se Jude Rahe Palwal mein
Ganesh palwal
    user_Ishwar Chauhan
    Ishwar Chauhan
    पलवल, पलवल, हरियाणा•
    18 hrs ago
  • प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है। प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
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    प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
प्रयागराजयमुनानगर क्षेत्र के घूरपुर थाना अंतर्गत गौहनिया के बुदावां गांव में स्थित एक होटल को लेकर कथित देह व्यापार का मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और इस प्रकरण से जुड़ी खबर सामने आने के बाद चारों तरफ एक ही सवाल चर्चा में है कि यदि होटल परिसर में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने के आरोप हैं तो आखिर इतने दिनों तक यह सब घूरपुर पुलिस की निगाहों से कैसे बचा रहा? आरोप है कि ‘इलाहाबाद प्रॉपर्टी एंड होटल ग्रुप’ के परिसर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही थीं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि सूचना के बाद जब लोग मौके पर पहुंचे तो होटल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया। इसी दौरान बनाए गए वायरल वीडियो में कुछ महिलाएं और युवतियां होटल परिसर से बाहर निकलती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई और सूचना तंत्र को लेकर खड़ा हो रहा है। यदि पुलिस को पहले ही सूचना दी गई थी तो पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले होटल परिसर कथित रूप से खाली कैसे हो गया? सूचना मिलने से लेकर पुलिस के पहुंचने तक कितना समय बीता? क्या सूचना समय रहते संबंधित पुलिसकर्मियों तक पहुंची थी? और यदि पहुंची थी तो मौके पर कार्रवाई से पहले कथित रूप से लोग वहां से कैसे निकल गए? सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबर के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों के बीच यह अंदेशा भी उठ रहा है कि यदि जांच में होटल में लंबे समय से ऐसी गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आती है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। आखिर बीट पुलिसकर्मी की निगरानी कहां थी? क्या होटल की गतिविधियों पर कभी नजर रखी गई? क्या आसपास के लोगों से कभी जानकारी जुटाई गई? या फिर पुलिस की निगाहों से यह पूरा मामला लगातार बचता रहा? यही अंदेशा अब कई सवालों की ओर इशारा कर रहा है, जिनका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। मामला केवल होटल तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क था, यह भी जांच का विषय है। पुलिस को होटल परिसर के सीसीटीवी फुटेज, प्रवेश-निकास से संबंधित अभिलेख, कर्मचारियों और संचालक से पूछताछ तथा वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की सत्यता की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम कितने समय में मौके पर पहुंची। बुदावां और आसपास के ग्रामीणों में मामले को लेकर नाराजगी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। वहीं यदि वायरल वीडियो अथवा लगाए गए आरोपों में तथ्य नहीं हैं तो पुलिस की जांच से स्थिति भी साफ होनी चाहिए, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ गलत धारणा न बने। अब निगाहें घूरपुर थाना पुलिस और उच्च पुलिस अधिकारियों की जांच पर टिकी हैं। इस पूरे प्रकरण में सबसे अहम सवाल यही है कि आखिर इतने दिनों से कथित गतिविधियां चलने की बात सामने आ रही है तो स्थानीय पुलिस की निगरानी व्यवस्था कहां थी और पुलिस को सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने से पहले ही परिसर कथित रूप से कैसे खाली हो गया? इन सवालों का निष्पक्ष जवाब ही पूरे मामले की असल तस्वीर सामने ला सकता है।
    user_पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    पानीपत क्रांति न्यूज़ पानीपत क
    Court reporter Faridabad, Haryana•
    10 hrs ago
  • मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पटियाला में युवा साथियों से मुलाकात की। क्रिकेट एकेडमी के बच्चों के साथ उन्होंने क्रिकेट खेला और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को नशे और नकारात्मकता से दूर रहकर स्वस्थ पंजाब के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खिलाड़ी भी उत्साहित नजर आए। #NashaMuktPunjab #YouthPower #CMNayabSinghSaini #HealthyPunjab
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    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने पटियाला में युवा साथियों से मुलाकात की। क्रिकेट एकेडमी के बच्चों के साथ उन्होंने क्रिकेट खेला और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

उन्होंने युवा खिलाड़ियों को नशे और नकारात्मकता से दूर रहकर स्वस्थ पंजाब के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर खिलाड़ी भी उत्साहित नजर आए।

#NashaMuktPunjab #YouthPower #CMNayabSinghSaini #HealthyPunjab
    user_माथुर पत्रकार
    माथुर पत्रकार
    Voice of people हथीन, पलवल, हरियाणा•
    11 hrs ago
  • फ़रीदाबाद- चांदपुर में कबाड़ गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच की मांग फ़रीदाबाद- छांयसा थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में कबाड़ के गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान अरबाज और शंकर के रूप में हुई है। दोनों युवक एक ही कबाड़ के गोदाम पर काम करते थे। परिजनों के अनुसार सोमवार रात दोनों युवकों ने गोदाम पर रहने वाले अन्य मजदूरों के साथ खाना खाया था। खाना खाने के कुछ समय बाद अचानक दोनों की तबीयत खराब हो गई। अरबाज ने सीने में दर्द होने की बात मजदूरों को बताई, जबकि शंकर ने पेट में दर्द की शिकायत की। हालत बिगड़ने पर अरबाज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब चार बजे शंकर की तबीयत भी अचानक ज्यादा खराब हो गई। साथी मजदूर उसे भी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक शंकर की मौत अरबाज की मौत के करीब तीन घंटे बाद हुई। परिजनों का कहना है कि दोनों युवकों के मुंह से झाग निकल रहा था। उन्हें आशंका है कि किसी जहरीली चीज, कीड़े या कोई गलत पदार्थ खाने की वजह से दोनों की तबीयत खराब हुई हो सकती है। हालांकि अभी मौत के सही कारण की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों के अनुसार शंकर के माता-पिता नहीं हैं। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। वहीं अरबाज मेवात का रहने वाला था और 18 सितंबर को ही काम करने के लिए चांदपुर गांव आया था। उसे यहां काम करते हुए अभी चार दिन ही हुए थे। दोनों की अचानक हुई मौत के बाद परिजनों ने मामले की सही जांच कराने और मौत के कारण का पता लगाने की मांग की है।
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    फ़रीदाबाद- चांदपुर में कबाड़ गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, जांच की मांग
फ़रीदाबाद- छांयसा थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में कबाड़ के गोदाम पर काम करने वाले दो 18 वर्षीय युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान अरबाज और शंकर के रूप में हुई है। दोनों युवक एक ही कबाड़ के गोदाम पर काम करते थे। परिजनों के अनुसार सोमवार रात दोनों युवकों ने गोदाम पर रहने वाले अन्य मजदूरों के साथ खाना खाया था। खाना खाने के कुछ समय बाद अचानक दोनों की तबीयत खराब हो गई। अरबाज ने सीने में दर्द होने की बात मजदूरों को बताई, जबकि शंकर ने पेट में दर्द की शिकायत की। हालत बिगड़ने पर अरबाज को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद मंगलवार सुबह करीब चार बजे शंकर की तबीयत भी अचानक ज्यादा खराब हो गई। साथी मजदूर उसे भी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक शंकर की मौत अरबाज की मौत के करीब तीन घंटे बाद हुई।
परिजनों का कहना है कि दोनों युवकों के मुंह से झाग निकल रहा था। उन्हें आशंका है कि किसी जहरीली चीज, कीड़े या कोई गलत पदार्थ खाने की वजह से दोनों की तबीयत खराब हुई हो सकती है। हालांकि अभी मौत के सही कारण की पुष्टि नहीं हुई है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों के अनुसार शंकर के माता-पिता नहीं हैं। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। वहीं अरबाज मेवात का रहने वाला था और 18 सितंबर को ही काम करने के लिए चांदपुर गांव आया था। उसे यहां काम करते हुए अभी चार दिन ही हुए थे। दोनों की अचानक हुई मौत के बाद परिजनों ने मामले की सही जांच कराने और मौत के कारण का पता लगाने की मांग की है।
    user_Dinesh kumar ( Lalbabu )
    Dinesh kumar ( Lalbabu )
    Media and information sciences faculty फरीदाबाद, फरीदाबाद, हरियाणा•
    12 hrs ago
  • फरीदाबाद के तिगांव में अवैध रूप से गाड़ियों को बुलेट प्रूफ बनाने वाली वर्कशॉप का खुलासा हुआ है। CM फ्लाइंग ने तिगांव थाना पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए वर्कशॉप पर छापेमारी की। मौके से चार लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई हैं, जिनमें दो Scorpio-N और दो Fortuner शामिल हैं। दो Scorpio-N में करीब 60 से 70 प्रतिशत तक बुलेट प्रूफिंग का काम पूरा हो चुका था। फिलहाल वर्कशॉप के पास बुलेट प्रूफिंग और गाड़ियों के मॉडिफिकेशन की वैध अनुमति है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। वहीं मौके से मिले सामान को भी सीज किया जा रहा है जांच के दौरान दो Scorpio-N में बुलेट प्रूफिंग का करीब 60 से 70 प्रतिशत काम पूरा मिला, जबकि दोनों Fortuner गाड़ियां खुली हुई हालत में मिलीं। मौके से बुलेट प्रूफिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद किया गया, जिसे टीम द्वारा सीज किया जा रहा है। अब अधिकारियों की ओर से यह जांच की जा रही है कि वर्कशॉप संचालक के पास गाड़ियों को बुलेट प्रूफ बनाने और इस तरह का मॉडिफिकेशन करने की वैध अनुमति है या नहीं। साथ ही जिन कंपनियों से बुलेट प्रूफिंग का सामान लिया गया है, उनकी भी जांच की जाएगी।
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    फरीदाबाद के तिगांव में अवैध रूप से गाड़ियों को बुलेट प्रूफ बनाने वाली वर्कशॉप का खुलासा हुआ है। CM फ्लाइंग ने तिगांव थाना पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए वर्कशॉप पर छापेमारी की। मौके से चार लग्जरी गाड़ियां बरामद हुई हैं, जिनमें दो Scorpio-N और दो Fortuner शामिल हैं। दो Scorpio-N में करीब 60 से 70 प्रतिशत तक बुलेट प्रूफिंग का काम पूरा हो चुका था। फिलहाल वर्कशॉप के पास बुलेट प्रूफिंग और गाड़ियों के मॉडिफिकेशन की वैध अनुमति है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। वहीं मौके से मिले सामान को भी सीज किया जा रहा है


जांच के दौरान दो Scorpio-N में बुलेट प्रूफिंग का करीब 60 से 70 प्रतिशत काम पूरा मिला, जबकि दोनों Fortuner गाड़ियां खुली हुई हालत में मिलीं। मौके से बुलेट प्रूफिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद किया गया, जिसे टीम द्वारा सीज किया जा रहा है।
अब अधिकारियों की ओर से यह जांच की जा रही है कि वर्कशॉप संचालक के पास गाड़ियों को बुलेट प्रूफ बनाने और इस तरह का मॉडिफिकेशन करने की वैध अनुमति है या नहीं। साथ ही जिन कंपनियों से बुलेट प्रूफिंग का सामान लिया गया है, उनकी भी जांच की जाएगी।
    user_Vikrambhardwaj Faridabad
    Vikrambhardwaj Faridabad
    गौंची मार्ग, फरीदाबाद, हरियाणा•
    22 hrs ago
  • फर्जी अधिवक्ता के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर की कार्यवाही की मांग बुलंदशहर निवासी रोहित शर्मा ने एसएसपी को दिया प्रार्थना पत्र ममता शर्मा नामक महिला पर सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ का लगा आरोप - जल्द से जल्द कार्यवाही की प्रार्थी ने की अपील बुलंदशहर सीओ सिटी कर रहे जाँच - ममता शर्मा ने खुद को शिक्षार्थ होने की कबूल की सीओ सिटी के सामने बात सवाल इस बात पर उठता है की क्या एलएलबी की छात्रा कोर्ट परिसर मे काला कोट पहन कर कर सकती है कार्य युवक का कहना है की पिछले कई महीने से लगातार प्रार्थना पत्र देकर कर रहा है कार्यवाही की मांग
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    फर्जी अधिवक्ता के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर की कार्यवाही की मांग
बुलंदशहर निवासी रोहित शर्मा ने एसएसपी को दिया प्रार्थना पत्र
ममता शर्मा नामक महिला पर सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ का लगा आरोप - जल्द से जल्द कार्यवाही की प्रार्थी ने की अपील 
बुलंदशहर सीओ सिटी कर रहे जाँच - ममता शर्मा ने खुद को शिक्षार्थ होने की कबूल की सीओ सिटी के सामने बात 
सवाल इस बात पर उठता है की क्या एलएलबी की छात्रा कोर्ट परिसर मे काला कोट पहन कर कर सकती है कार्य 
युवक का कहना है की पिछले कई महीने से लगातार प्रार्थना पत्र देकर कर रहा है कार्यवाही की मांग
    user_Bulandshahr Times News
    Bulandshahr Times News
    Local News Reporter बुलंदशहर, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • bike liberation and sticker ke liye sampark Karen. Palwal Agra chowk new
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    bike liberation and sticker ke liye sampark Karen. Palwal Agra chowk
new
    user_Ishwar Chauhan
    Ishwar Chauhan
    पलवल, पलवल, हरियाणा•
    23 hrs ago
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