बैतूल जिले में गंभीर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दर्शाते हुए, सांईखेड़ा पुलिस ने हत्या के प्रयास (जान से मारने की कोशिश) के एक गंभीर मामले को मात्र 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी बैतूल श्री सुनील लाटा के पर्यवेक्षण में, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। यह घटना 20 जून 2026 की रात्रि लगभग 08:30 बजे की है। फरियादी श्यामा पिता किसना देवरे, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम धाबला, थाना सांईखेड़ा ने 21 जून 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी लालू धुर्वे अपनी पत्नी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर नाराज था। इसी बात पर उसने आनंदराव बारस्कर पर जान से मारने की नीयत से पीछे से लोहे के चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आहत आनंदराव बारस्कर के गर्दन के दाहिने हिस्से और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। इस रिपोर्ट के आधार पर, थाना सांईखेड़ा में अपराध क्रमांक 92/2026, धारा 109(1), 296(बी) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लालू धुर्वे को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर, घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का चाकू भी बरामद कर विधिवत जब्त किया गया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी सांईखेड़ा भैयालाल उईके सहित प्रधान आरक्षक विनय जायसवाल, प्रधान आरक्षक दिलीप झरबड़े, प्रधान आरक्षक राजकुमार धुर्वे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र ठाकुर, आरक्षक बबलू धुर्वे, आरक्षक विनोद साहू, सैनिक प्रदीप, सैनिक शशि पवार एवं प्रधान आरक्षक चालक रविन्द्र नागले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद, आपसी मतभेद या पारिवारिक तनाव की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। पुलिस ने चेतावनी दी कि छोटी-सी कहासुनी या आवेश में किया गया हिंसक कृत्य गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त करने और अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, जिसमें पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है।
बैतूल जिले में गंभीर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दर्शाते हुए, सांईखेड़ा पुलिस ने हत्या के प्रयास (जान से मारने की कोशिश) के एक गंभीर मामले को मात्र 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी बैतूल श्री सुनील लाटा के पर्यवेक्षण में, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। यह घटना 20 जून 2026 की रात्रि लगभग 08:30 बजे की है। फरियादी श्यामा पिता किसना देवरे, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम धाबला, थाना सांईखेड़ा ने 21 जून 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी लालू धुर्वे अपनी पत्नी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर नाराज था। इसी बात पर उसने आनंदराव बारस्कर पर जान से मारने की नीयत से पीछे से लोहे के चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आहत आनंदराव बारस्कर के गर्दन के दाहिने हिस्से और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। इस रिपोर्ट के आधार पर, थाना सांईखेड़ा में अपराध क्रमांक 92/2026, धारा 109(1), 296(बी) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लालू धुर्वे को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर, घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का चाकू भी बरामद कर विधिवत जब्त किया गया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी सांईखेड़ा भैयालाल उईके सहित प्रधान आरक्षक विनय जायसवाल, प्रधान आरक्षक दिलीप झरबड़े, प्रधान आरक्षक राजकुमार धुर्वे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र ठाकुर, आरक्षक बबलू धुर्वे, आरक्षक विनोद साहू, सैनिक प्रदीप, सैनिक शशि पवार एवं प्रधान आरक्षक चालक रविन्द्र नागले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद, आपसी मतभेद या पारिवारिक तनाव की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। पुलिस ने चेतावनी दी कि छोटी-सी कहासुनी या आवेश में किया गया हिंसक कृत्य गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त करने और अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, जिसमें पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है।
- मां ताप्ती की पवित्र नगरी मुलताई को नए थाना प्रभारी के रूप में विकास पटेल की सौगात मिली है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन के आदेशानुसार, निरीक्षक विकास पटेल को मुलताई थाना प्रभारी का पदभार ग्रहण कराया गया है।1
- बैतूल में पत्नी को लेकर हुए विवाद के चलते एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को सांईखेड़ा पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का चाकू भी बरामद किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 जून की रात करीब 8:30 बजे ग्राम धाबला में हुई, जहाँ धाबला निवासी श्यामा पिता किसना देवरे (45) ने इसकी रिपोर्ट सांईखेड़ा थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी लालू धुर्वे अपनी पत्नी के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज हो गया था। इसी बात पर क्षुब्ध होकर उसने आनंदराव बारस्कर पर पीछे से लोहे के चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आनंदराव की गर्दन के दाहिने हिस्से और पीठ पर वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। शिकायत के आधार पर, सांईखेड़ा थाना में अपराध क्रमांक 92/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) एवं 296(बी) के अंतर्गत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। यह कार्रवाई बैतूल पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी बैतूल श्री सुनील लाटा के पर्यवेक्षण में की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद, पुलिस ने आरोपी लालू धुर्वे को घटना के 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे का चाकू भी विधिवत जब्त किया गया। आरोपी को बाद में न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी भैयालाल उईके, प्रधान आरक्षक विनय जायसवाल, दिलीप झरबड़े, राजकुमार धुर्वे, देवेन्द्र ठाकुर, आरक्षक बबलू धुर्वे, विनोद साहू, सैनिक प्रदीप, सैनिक शशि पवार तथा प्रधान आरक्षक चालक रविन्द्र नागले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के पारिवारिक या आपसी विवाद में कानून को अपने हाथ में न लें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आवेश में किया गया कोई भी हिंसक कृत्य गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। किसी भी विवाद की स्थिति में, नागरिकों को पुलिस और प्रशासन से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त करने और अपराध संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई है।2
- एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में उसके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर संबंधित अधिकारी वर्ग पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है, जिससे स्थिति और भी संदेहास्पद हो गई है।1
- पांढुर्णा विकासखंड के ग्राम तिगांव बस स्टैंड का इलाका इन दिनों सटोरियों का एक सुरक्षित अड्डा बन गया है, जहाँ प्रशासन की नाक के नीचे कानून को ठेंगा दिखाकर सट्टे का अवैध साम्राज्य खुलेआम फल-फूल रहा है। हाल ही में सोमवार को एक पत्रकार के वहां से गुजरने पर उन्होंने रोंगटे खड़े कर देने वाला नजारा देखा, जहाँ व्यस्त बस स्टैंड पर सटोरियों का भारी हुजूम बेखौफी से मिलन डे, कल्याण, मुंबई और राजधानी जैसे बड़े सट्टों पर दांव लगा रहा था। इस खुलेआम सट्टेबाजी के खेल को देखकर मौके पर मौजूद पत्रकार भी दंग रह गए कि कैसे दिनदहाड़े आम जनता की मेहनत की कमाई को चंद सटोरिये अपनी जेबों में भर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने दबी जुबान में बताया कि यह धंधा नया नहीं है, बल्कि लंबे समय से यहां जड़ें जमा चुका है, जिसके कारण अनगिनत हंसी-खुशी बसे परिवार पूरी तरह से बर्बाद हो चुके हैं। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते कई युवा इस दलदल में फंसकर अपना भविष्य तबाह कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का दर्द अब खुलकर सामने आ रहा है, उनका कहना है कि यह लत शराब और तंबाकू से भी अधिक जानलेवा है, जो सीधे तौर पर घरों के चूल्हों को बुझा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस बस स्टैंड पर हर पल लोगों की आवाजाही रहती है और जहाँ से पुलिस की गाड़ियाँ भी गुजरती हैं, वहाँ क्या प्रशासन को इस खुलेआम चल रहे अवैध कारोबार की भनक तक नहीं है? या फिर किसी बड़ी मिलीभगत के चलते सब कुछ जानकर भी खामोशी साधी जा रही है? यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सटोरियों के बीच से पुलिस प्रशासन का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है। यदि समय रहते इन सट्टे के अड्डों पर ताले नहीं जड़े गए, तो क्षेत्र की युवा पीढ़ी और कई परिवार इस लत की भेंट चढ़ जाएंगे। अब देखना यह है कि इस सनसनीखेज खुलासे के बाद जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं, या फिर यह अवैध धंधा इसी तरह फलता-फूलता रहेगा।1
- आज, 21 जून रविवार को बैतूल गंज के जवाहर वार्ड में स्थित पीपलेश्वर शिवशक्ति हनुमान मंदिर में अपना 61वां जन्मदिन अत्यंत सादगी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जन्मदिन मनाने वाले व्यक्ति ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मंदिर में पूजन और आरती की।2
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज बैतूल के पुलिस चिकित्सालय में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और सूबेदार श्री नवीन सोनकर सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया, साथ ही योग के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने अपने संदेश में योग को भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों का कार्य चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होता है, ऐसे में नियमित योग और प्राणायाम न केवल उन्हें शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायक हैं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। श्री जैन ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सभी अधिकारी-कर्मचारियों और नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ, संतुलित एवं तनावमुक्त जीवन की ओर अग्रसर होने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान योग के महत्व और दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम स्वस्थ एवं निरोगी जीवन के संदेश के साथ संपन्न हुआ, जिसे जिला पुलिस बैतूल, मध्य प्रदेश द्वारा जारी किया गया था।4
- बैतूल जिले में गंभीर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दर्शाते हुए, सांईखेड़ा पुलिस ने हत्या के प्रयास (जान से मारने की कोशिश) के एक गंभीर मामले को मात्र 24 घंटे के भीतर सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी बैतूल श्री सुनील लाटा के पर्यवेक्षण में, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। यह घटना 20 जून 2026 की रात्रि लगभग 08:30 बजे की है। फरियादी श्यामा पिता किसना देवरे, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम धाबला, थाना सांईखेड़ा ने 21 जून 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी लालू धुर्वे अपनी पत्नी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर नाराज था। इसी बात पर उसने आनंदराव बारस्कर पर जान से मारने की नीयत से पीछे से लोहे के चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आहत आनंदराव बारस्कर के गर्दन के दाहिने हिस्से और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। इस रिपोर्ट के आधार पर, थाना सांईखेड़ा में अपराध क्रमांक 92/2026, धारा 109(1), 296(बी) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थाना सांईखेड़ा पुलिस ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन कर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लालू धुर्वे को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर, घटना में इस्तेमाल किया गया लोहे का चाकू भी बरामद कर विधिवत जब्त किया गया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी सांईखेड़ा भैयालाल उईके सहित प्रधान आरक्षक विनय जायसवाल, प्रधान आरक्षक दिलीप झरबड़े, प्रधान आरक्षक राजकुमार धुर्वे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र ठाकुर, आरक्षक बबलू धुर्वे, आरक्षक विनोद साहू, सैनिक प्रदीप, सैनिक शशि पवार एवं प्रधान आरक्षक चालक रविन्द्र नागले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के विवाद, आपसी मतभेद या पारिवारिक तनाव की स्थिति में कानून को अपने हाथ में न लें। पुलिस ने चेतावनी दी कि छोटी-सी कहासुनी या आवेश में किया गया हिंसक कृत्य गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त करने और अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, जिसमें पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है।1
- बैतूल में संपत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण अभियान के तहत सारणी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है, जहाँ फर्जी स्टाम्प और कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग कर एक बोलेरो वाहन की धोखाधड़ी-पूर्वक बिक्री करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वाहन और फर्जी दस्तावेज भी जब्त किए हैं। दिनांक 20.06.2026 को फरियादी दीपक पिता श्री राधेश्याम नागवंशी ने थाना सारणी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि उसने अपनी बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 को दिनांक 02.08.2025 को ₹500 के ई-स्टाम्प पर तैयार किरायानामा के आधार पर ₹20,000 प्रति माह पर तीन माह के लिए विक्की बारपेटे निवासी पाथाखेड़ा को किराए पर दिया था। बाद में जानकारी मिली कि आरोपी विक्की बारपेटे ने ₹100 के स्टाम्प पर फरियादी के फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और वाहन को धोखाधड़ी-पूर्वक ₹2,50,000 में निर्मल मंडल निवासी धरमपुर, थाना चोपना के नाम बेच दिया। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सारणी में अपराध क्रमांक 202/2026 धारा 318(4), 316(2), 319(2), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में थाना सारणी पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए विक्की पिता देवराव बारपेटे (30 वर्ष, निवासी सुभाष नगर, पाथाखेड़ा), दिवाकर पिता राजेश यादव (25 वर्ष, निवासी गणेश चौक, शोभापुर) और निर्मल मंडल पिता कनक मंडल (38 वर्ष, निवासी धरमपुर, थाना चोपना) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी निर्मल मंडल के कब्जे से बोलेरो वाहन क्रमांक एमपी-39-सी-3231 और फर्जी स्टाम्प दस्तावेज जब्त किए हैं। विवेचना के दौरान प्रकरण में धारा 336(3) एवं 338 बीएनएस की बढ़ोत्तरी भी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को दिनांक 22.06.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती के नेतृत्व में उप निरीक्षक सुनील गौर, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके, आरक्षक सुभाष मंडलोई, महेश भलावी, आनंद कसोटिया और साइबर सेल के दीपेन्द्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी वाहन, भूमि या अन्य संपत्ति का क्रय-विक्रय करते समय दस्तावेजों की विधिवत जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार के अनुबंध, किरायानामा या विक्रय पत्र पर हस्ताक्षर करने से पूर्व उसकी सत्यता सुनिश्चित करें और लेन-देन केवल वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार ही करें। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर सूचना देने की अपील भी की गई है।1