मध्य प्रदेश के पडाना के ग्राम गुलावता में एक 'रात्रि चौपाल जन कल्याण शिविर' का आयोजन किया गया, जिसने "जनता के द्वार शासन" के संकल्प को साकार किया। इस चौपाल में आस-पास के कई गाँवों जैसे तुकोगंज, शेरपुर, बाबड़ल्या, ईचवाड़ा, पिपलियापाल और कमलसरा से आए नागरिकों, माताओं-बहनों और किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। शिविर के दौरान, ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना गया, जिसके बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से उनके त्वरित निराकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। साथ ही, नागरिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई, जिससे पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। कृषि विभाग ने किसानों को फार्मर आईडी निर्माण, ई-केवाईसी, ई-विकास प्रणाली से खाद वितरण, टोकन व्यवस्था और निःशुल्क मृदा परीक्षण की विस्तृत जानकारी दी। किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सतीश वैस ने जैविक खेती, गौ-पालन आधारित कृषि और स्वस्थ जीवनशैली पर उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके अतिरिक्त, खाद्यान्न पर्ची, पात्रता पर्ची और राजस्व प्रकरणों सहित विभिन्न विभागों से जुड़े आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोषण, मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी, जबकि शिक्षा विभाग ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर प्रकाश डाला। विद्युत विभाग ने प्राप्त शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया, और सड़क निर्माण एवं मरम्मत संबंधी मांगों पर भी सकारात्मक पहल की गई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के कौशल विकास तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता निर्मल जैन, मंडल अध्यक्ष गिरिवर भंडारी, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष सतीश वैस, जनपद पंचायत अध्यक्ष देवनारायण नागर, उपसंचालक कृषि पीएस कारोलिया, विद्युत विभाग कार्यालय के यंत्री सुपरवाइजर द्वारका प्रसाद मिश्रा, जल निगम से रवि दांगी, एलएनटी से देवेंद्र अधिकारी, एसडीएम रोहित बामोरा, एसडीओपी अरविंद सिंह, सीईओ हेमेंद्र गोविल, तहसीलदार आकाश शर्मा, एसडीओ कृपाल पोरवाल सहित कई जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस पहल को "सुशासन का वास्तविक स्वरूप" बताया गया, जहाँ शासन स्वयं जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनता है और समाधान सुनिश्चित करता है। रात्रि चौपाल जन कल्याण शिविर को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम के रूप में रेखांकित किया गया।
मध्य प्रदेश के पडाना के ग्राम गुलावता में एक 'रात्रि चौपाल जन कल्याण शिविर' का आयोजन किया गया, जिसने "जनता के द्वार शासन" के संकल्प को साकार किया। इस चौपाल में आस-पास के कई गाँवों जैसे तुकोगंज, शेरपुर, बाबड़ल्या, ईचवाड़ा, पिपलियापाल और कमलसरा से आए नागरिकों, माताओं-बहनों और किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया गया। शिविर के दौरान, ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुना गया, जिसके बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से उनके त्वरित निराकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। साथ ही, नागरिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई, जिससे पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। कृषि विभाग ने किसानों को फार्मर आईडी निर्माण, ई-केवाईसी, ई-विकास प्रणाली से खाद वितरण, टोकन व्यवस्था और निःशुल्क मृदा परीक्षण की विस्तृत जानकारी दी। किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सतीश वैस ने जैविक खेती, गौ-पालन आधारित कृषि और स्वस्थ जीवनशैली पर उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया। इसके अतिरिक्त, खाद्यान्न पर्ची, पात्रता पर्ची और राजस्व प्रकरणों सहित विभिन्न विभागों से जुड़े आवेदनों पर आवश्यक कार्रवाई की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोषण, मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी, जबकि शिक्षा विभाग ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के हितों से जुड़ी व्यवस्थाओं पर प्रकाश डाला। विद्युत विभाग ने प्राप्त शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया, और सड़क निर्माण एवं मरम्मत संबंधी मांगों पर भी सकारात्मक पहल की गई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश शासन के कौशल विकास तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता निर्मल जैन, मंडल अध्यक्ष गिरिवर भंडारी, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष सतीश वैस, जनपद पंचायत अध्यक्ष देवनारायण नागर, उपसंचालक कृषि पीएस कारोलिया, विद्युत विभाग कार्यालय के यंत्री सुपरवाइजर द्वारका प्रसाद मिश्रा, जल निगम से रवि दांगी, एलएनटी से देवेंद्र अधिकारी, एसडीएम रोहित बामोरा, एसडीओपी अरविंद सिंह, सीईओ हेमेंद्र गोविल, तहसीलदार आकाश शर्मा, एसडीओ कृपाल पोरवाल सहित कई जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस पहल को "सुशासन का वास्तविक स्वरूप" बताया गया, जहाँ शासन स्वयं जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याएँ सुनता है और समाधान सुनिश्चित करता है। रात्रि चौपाल जन कल्याण शिविर को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुँचाने, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम के रूप में रेखांकित किया गया।
- मोहन बड़ोदिया स्थित शासकीय आर्यावर्त महाविद्यालय में पिछले तीन सालों से माँ सरस्वती की एक मूर्ति कांच के बॉक्स में बंद पड़ी है। विद्यार्थी इस मूर्ति के अनावरण का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन बीते तीन सालों से यह मूर्ति अनावरण की प्रतीक्षा में ही है।1
- शाजापुर जिले के पनवाड़ी-जलोदा स्थित ड्रीम फन वैली वाटर पार्क में नहाने के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए 25 वर्षीय सुनील भिलाला की उपचार के दौरान मौत हो गई। राजगढ़ जिले के भैंसवा माताजी निवासी सुनील भिलाला 3 जून को अपने दोस्तों के साथ वाटर पार्क गए थे, जहां लहर वाले स्विमिंग पूल में गोता लगाने के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए पहले शाजापुर और बाद में इंदौर रेफर किया गया था, जहां 5 जून को उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस द्वारा की गई जांच में यह सामने आया है कि वाटर पार्क में संवेदनशील स्थानों पर कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा संकेतक नहीं लगाए गए थे। पुलिस ने इस स्थिति को बड़ी लापरवाही मानते हुए वाटर पार्क के संचालक अंशुल उर्फ विक्की शिवहरे और राहुल शिवहरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- शिल्पा शेट्टी ने एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें उपस्थित लोगों ने काफी उत्साह दिखाया। इस पूरे आयोजन का वीडियो देखने के लिए उपलब्ध है।1
- पीएम श्री शासकीय रविंद्र उमावि माकड़ौन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय परिसर में नगर के गणमान्य नागरिक, शिक्षक, छात्र-छात्राएं और गायत्री परिवार माकड़ौन के प्रतिष्ठित सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने सामूहिक योग प्रसारण के अनुसार योग एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। इस विशेष योग दिवस पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने संबोधित करते हुए 'स्वास्थ्य के लिए योग, जीवन के लिए योग' का प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग भारत की अति प्राचीन परंपराओं में से एक है, जिसे आज पूरा विश्व सहर्ष अपना रहा है। प्रधानमंत्री जी ने 'योग 365' का आह्वान किया, जिसका अर्थ है प्रतिदिन कुछ मिनट योग के लिए समर्पित करना। संकुल प्राचार्य मनोहर नागर ने भी इस अवसर पर योग के महत्व को विस्तार से समझाते हुए छात्र-छात्राओं से 'योग 365' के आह्वान का पालन करने को कहा। उन्होंने छात्रों को प्रतिदिन कुछ समय योग करने और अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है और सबसे पहला सुख निरोगी काया ही है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के शिक्षक कैलाश गामी ने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- श्री राम भगवान के मंदिर में हुई चोरी की घटना पर एक गीत बनाया गया है। लोगों को इस गीत को सुनने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।2
- शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम कमालपुर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ एक डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर) बदलते समय हेल्पर महेश मीणा की खंभे पर करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया कि अचानक बिजली चालू कर दी गई, जिसके कारण महेश मीणा का शरीर खंभे पर धू-धू कर जलता रहा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। घटना के संबंध में बताया गया है कि काफी समय से डीपी खराब थी और उसे बदलने के लिए आदेश व परमिट दोनों थे। इसके बावजूद, बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ, जब महेश मीणा को काम के बीच अचानक बिजली चालू होने से करंट लग गया। इस गंभीर मामले पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कुणाल चौधरी, जो कालापीपल के पूर्व विधायक भी हैं, ने बिजली मंत्री और मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि जब डीपी बदलने के लिए परमिट और आदेश दोनों थे, तो फिर उसकी अनदेखी कर महेश मीणा की मौत का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने बताया कि महेश मीणा मात्र 8 हजार रुपये में काम करता था और उसके परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी पर थी। चौधरी ने इस मौत के लिए सरकार या विभाग को जिम्मेदार ठहराया और मांग की कि बिजली मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही, उन्होंने महेश मीणा के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी माँग की है।3
- राजगढ़ जिले के मोकमपुरा गांव में एक विवाह कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद में एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई, जिसके बाद इस घटना से संबंधित चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह घटना 12 जून, 2026 को असलम खान की बेटी के शादी समारोह में नाच-गाने के दौरान धक्का-मुक्की से शुरू हुई थी, जो बाद में मारपीट में बदल गई। घायल हाकिम पिता मोहम्मद खान, जो ब्लू मून कॉलोनी भोपाल के निवासी थे, को लाठी से मारा गया था, जिससे उनके दाहिने पैर की जांघ और सिर में चोटें आई थीं। उन्हें पहले राजगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर भोपाल रेफर किया गया, जहाँ 19 जून, 2026 को एबीएम प्राइवेट हॉस्पिटल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि मौत सिर में ठोस वस्तु से लगी चोट के कारण हुई थी। पुलिस अधीक्षक राजगढ़ श्री अमित तोलानी (भा.पु.से.) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री के.एल. बंजारे और एसडीओपी राजगढ़ श्री अरविंद सिंह राठौर के मार्गदर्शन में, थाना कोतवाली पुलिस ने इस गंभीर और संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई की। मारपीट की इस घटना पर थाना कोतवाली राजगढ़ में क्रॉस मुकदमा अपराध क्रमांक 408/26 और 410/26 धारा 296(ए), 115(2), 351(3), 3(5) बीएनएस के तहत पहले ही पंजीकृत किया गया था। अब उपलब्ध साक्ष्यों, मर्ग इंटीमेशन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस (पुरानी धारा 302 भादवि) जोड़ी गई है। तकनीकी विश्लेषण और विश्वसनीय मुखबिर तंत्र की मदद से घटना के सभी चारों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सद्दाम पिता नूर मोहम्मद खान और पप्पू पिता नूर मोहम्मद खान (दोनों निवासी गोवर्धनपुरा, थाना कोतवाली राजगढ़) के साथ आसिफ पिता अंसार खान (निवासी बाराद्वारी राजगढ़, थाना कोतवाली राजगढ़) और आसिफ पिता आयीन खान (निवासी ब्लू मून कॉलोनी भोपाल) शामिल हैं। इस प्रकरण के सफल अनावरण, साक्ष्य संकलन, आरोपियों से पूछताछ और गिरफ्तारी में थाना प्रभारी निरीक्षक श्रीमती मंजू मखेनिया, उप निरीक्षक राकेश दामले, उप निरीक्षक सुभाष द्विवेदी, प्रधान आरक्षक मोईन अंसारी, प्रधान आरक्षक मानसिंह भिलाला, प्रधान आरक्षक नंदकिशोर मीणा, आरक्षक विवेक पाटिल, आरक्षक शक्तिसिंह लोधा, आरक्षक साहब सिंह, आरक्षक मुकेश मीणा और सैनिक ऋतुराज की सराहनीय भूमिका रही।1
- मध्य प्रदेश में एक भाजपा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को उनके प्रवास के दौरान जनता के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जहाँ उनके लिए "चोर चोर" के नारे लगाए गए। यह वीडियो मध्य प्रदेश का बताया जा रहा है, जिसमें विधायक के क्षेत्र में न जाने और चुनाव के बाद लोगों की सुध न लेने से जनता और कार्यकर्ता नाराज थे। लोगों का गुस्सा खराब सड़कों और विकास कार्यों की कमी को लेकर था। सड़क निर्माण न होने से आक्रोशित जनता ने विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को घेर लिया और उनके गनमैन के साथ झूमाझटकी भी हुई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा विधायक को कार्यकर्ताओं और आम जनता द्वारा 'चोर विधायक चोर' कहा जा रहा है।1