शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम कमालपुर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ एक डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर) बदलते समय हेल्पर महेश मीणा की खंभे पर करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया कि अचानक बिजली चालू कर दी गई, जिसके कारण महेश मीणा का शरीर खंभे पर धू-धू कर जलता रहा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। घटना के संबंध में बताया गया है कि काफी समय से डीपी खराब थी और उसे बदलने के लिए आदेश व परमिट दोनों थे। इसके बावजूद, बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ, जब महेश मीणा को काम के बीच अचानक बिजली चालू होने से करंट लग गया। इस गंभीर मामले पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कुणाल चौधरी, जो कालापीपल के पूर्व विधायक भी हैं, ने बिजली मंत्री और मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि जब डीपी बदलने के लिए परमिट और आदेश दोनों थे, तो फिर उसकी अनदेखी कर महेश मीणा की मौत का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने बताया कि महेश मीणा मात्र 8 हजार रुपये में काम करता था और उसके परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी पर थी। चौधरी ने इस मौत के लिए सरकार या विभाग को जिम्मेदार ठहराया और मांग की कि बिजली मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही, उन्होंने महेश मीणा के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी माँग की है।
शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम कमालपुर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ एक डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर) बदलते समय हेल्पर महेश मीणा की खंभे पर करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया कि अचानक बिजली चालू कर दी गई, जिसके कारण महेश मीणा का शरीर खंभे पर धू-धू कर जलता रहा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। घटना के संबंध में बताया गया है कि काफी समय से डीपी खराब थी और उसे बदलने के लिए
आदेश व परमिट दोनों थे। इसके बावजूद, बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ, जब महेश मीणा को काम के बीच अचानक बिजली चालू होने से करंट लग गया। इस गंभीर मामले पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कुणाल चौधरी, जो कालापीपल के पूर्व विधायक भी हैं, ने बिजली मंत्री और मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि जब डीपी बदलने के लिए परमिट और आदेश दोनों थे,
तो फिर उसकी अनदेखी कर महेश मीणा की मौत का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने बताया कि महेश मीणा मात्र 8 हजार रुपये में काम करता था और उसके परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी पर थी। चौधरी ने इस मौत के लिए सरकार या विभाग को जिम्मेदार ठहराया और मांग की कि बिजली मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही, उन्होंने महेश मीणा के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी माँग की है।
- शाजापुर जिले की कालापीपल तहसील के ग्राम कमालपुर में बिजली विभाग की घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ एक डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर) बदलते समय हेल्पर महेश मीणा की खंभे पर करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया कि अचानक बिजली चालू कर दी गई, जिसके कारण महेश मीणा का शरीर खंभे पर धू-धू कर जलता रहा। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। घटना के संबंध में बताया गया है कि काफी समय से डीपी खराब थी और उसे बदलने के लिए आदेश व परमिट दोनों थे। इसके बावजूद, बिजली विभाग की कथित लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ, जब महेश मीणा को काम के बीच अचानक बिजली चालू होने से करंट लग गया। इस गंभीर मामले पर कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कुणाल चौधरी, जो कालापीपल के पूर्व विधायक भी हैं, ने बिजली मंत्री और मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि जब डीपी बदलने के लिए परमिट और आदेश दोनों थे, तो फिर उसकी अनदेखी कर महेश मीणा की मौत का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने बताया कि महेश मीणा मात्र 8 हजार रुपये में काम करता था और उसके परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी पर थी। चौधरी ने इस मौत के लिए सरकार या विभाग को जिम्मेदार ठहराया और मांग की कि बिजली मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही, उन्होंने महेश मीणा के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की भी माँग की है।3
- नगर पालिका परिषद आष्टा कूड़ा मुक्त शहर बनाने की दिशा में निरंतर प्रभावी प्रयास कर रही है। इसी क्रम में स्वच्छता टीम ने शहर के लगभग 6 प्रमुख कचरा स्थलों को पूरी तरह से कूड़ा मुक्त कर दिया है, जिससे इन स्थानों पर अब किसी भी प्रकार की गंदगी दिखाई नहीं देती और क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल रहा है। इन स्थलों को स्थायी रूप से स्वच्छ बनाए रखने के लिए, नगर पालिका की आईईसी (सूचना, शिक्षा एवं संचार) टीम द्वारा आसपास के क्षेत्रों में विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ना है, ताकि वे अपने आसपास गंदगी न फैलाएं। इसके तहत, नागरिकों को घर से निकलने वाले कचरे को गीले और सूखे रूप में अलग-अलग रखने तथा उसे कचरा वाहन में ही डालने के लिए प्रेरित किया जाता है। साथ ही, सफाई कर्मचारियों द्वारा इन स्थलों पर विशेष अभियान चलाकर कचरे का पूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाता है। स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, इन स्थलों पर नागरिकों को एकत्रित करके स्वच्छता की शपथ दिलाई जाती है। इसके अतिरिक्त, टीम द्वारा स्वच्छता से जुड़े स्लोगन और चालानी कार्रवाई के संदेश भी दीवारों पर लिखे जा रहे हैं, जिससे लोगों में जागरूकता के साथ-साथ अनुशासन भी बना रहे। इस अभियान में राजकुमार अकेला, विनय सिंह, अनीश सोलंकी, नीरज गंगराड़े सहित दर्जनों नागरिकों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की है। यह सभी गतिविधियां नगर पालिका अध्यक्ष श्री हेम कुंवर राय सिंह मेवाड़ा और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री विनोद कुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही हैं। सेनेटरी इंस्पेक्टर श्री विनोद कुमार सांगते और वार्ड दरोगा के नेतृत्व में स्वच्छता टीम लगातार शहर को स्वच्छ बनाने में जुटी हुई है। नगर पालिका परिषद आष्टा का यह सराहनीय प्रयास न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ा रहा है, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित कर रहा है।4
- भैरुंदा पुलिस ने दुष्कर्म और धमकी देने के आरोपी रोहित हरियाले को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त किया। माननीय न्यायालय के आदेश पर रोहित हरियाले को जेल भेज दिया गया है।2
- योग दिवस के अवसर पर, महामहिम राष्ट्रपति महोदय, महामहिम राज्यपाल महोदय और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- मध्य प्रदेश के जबलपुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योगाभ्यास किया।1
- भोपाल के चूना भट्टी इलाके में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस पर एक युवक के साथ अभद्रता करने का आरोप लगा है। वायरल हो रहे वीडियो में दिखाया गया है कि चेकिंग के समय पुलिसकर्मियों ने युवक का हाथ पकड़ा, जिसके बाद कथित तौर पर बदसलूकी हुई। इस घटना को लेकर भोपाल पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।1
- कालापीपल पुलिस ने हाल ही में एक बड़ी चुनौती को सफलतापूर्वक पार करते हुए उन चोरों को धर दबोचा है, जिन्हें शायद यह भ्रम था कि वे कानून की पकड़ से बच निकलेंगे। थाना प्रभारी रवि भंडारी के कुशल नेतृत्व में, कालापीपल पुलिस ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए इस मामले में शानदार सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि अपराधी कितनी भी शातिर क्यों न हों, पुलिस की पहुँच से बाहर नहीं रह सकते। इस सफलता ने न केवल कालापीपल पुलिस की प्रतिष्ठा बढ़ाई है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वे प्रतिबद्ध हैं। इस प्रभावी पुलिस कार्रवाई के बाद, जनता से यह राय मांगी गई है कि क्या ऐसे अपराधियों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।1
- कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कालापीपल के सूरतीपुरा गांव में आउटसोर्स कर्मचारी मनीष मीणा की मौत पर सरकार से तीखा सवाल किया है। कुणाल चौधरी ने पूछा है कि क्या मनीष मीणा की यह मौत महज एक हादसा है, या फिर यह सरकारी तंत्र की घोर लापरवाही के कारण हुई है? उन्होंने इस घटना की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए सीधा सवाल किया है कि आखिर इसकी जवाबदेही कौन लेगा।1