टीकमगढ़ जिला अस्पताल से उपचार न मिलने के कारण लौट रही एक बीमार महिला की स्टेट बैंक चौराहे पर सड़क पर गिरने से मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसे वहां भर्ती नहीं किया गया। इलाज न मिलने से निराश होकर महिला वापस अपने घर लौट रही थी, तभी स्टेट बैंक चौराहे के पास उसे अचानक चक्कर आया और वह सड़क पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद समीर खान और अंकेश यादव नामक व्यक्तियों ने तुरंत महिला को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। राहगीरों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक महिला को अस्तौन ग्राम का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका स्पष्ट आरोप है कि यदि समय पर अस्पताल में भर्ती कर उपचार मिल जाता, तो महिला की जान बच सकती थी। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी डॉक्टरों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
टीकमगढ़ जिला अस्पताल से उपचार न मिलने के कारण लौट रही एक बीमार महिला की स्टेट बैंक चौराहे पर सड़क पर गिरने से मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसे वहां भर्ती नहीं किया गया। इलाज न मिलने से निराश होकर महिला वापस अपने घर लौट रही थी, तभी स्टेट बैंक चौराहे के पास उसे अचानक चक्कर आया और वह सड़क पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद समीर खान और अंकेश यादव नामक व्यक्तियों ने तुरंत महिला को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। राहगीरों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक महिला को अस्तौन ग्राम का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका स्पष्ट आरोप है कि यदि समय पर अस्पताल में भर्ती कर उपचार मिल जाता, तो महिला की जान बच सकती थी। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी डॉक्टरों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल से उपचार न मिलने के कारण लौट रही एक बीमार महिला की स्टेट बैंक चौराहे पर सड़क पर गिरने से मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, महिला उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंची थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उसे वहां भर्ती नहीं किया गया। इलाज न मिलने से निराश होकर महिला वापस अपने घर लौट रही थी, तभी स्टेट बैंक चौराहे के पास उसे अचानक चक्कर आया और वह सड़क पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद समीर खान और अंकेश यादव नामक व्यक्तियों ने तुरंत महिला को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। राहगीरों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक महिला को अस्तौन ग्राम का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका स्पष्ट आरोप है कि यदि समय पर अस्पताल में भर्ती कर उपचार मिल जाता, तो महिला की जान बच सकती थी। लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी डॉक्टरों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले से संबंधित एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को ललितपुर जिले का बताया जा रहा है।1
- टीकमगढ़ जिले में पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ एक दिव्यांग व्यक्ति को एसपी को आवेदन देने के लिए पाँच घंटे तक भीषण धूप में बाहर बैठाए रखा गया। शिकायत के अनुसार, एसपी के गार्ड ने बाद में उस व्यक्ति को वहाँ से भगा दिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जिले के एसपी कार्यालय में लंबे समय से पदस्थ लोगों पर कार्रवाई न होने का भी सवाल उठाया जा रहा है। आरोप है कि जहाँ अन्य विभागों में कर्मचारियों को पाँच साल में जिले से बाहर कर दिया जाता है, वहीं एसपी कार्यालय में इस नियम का पालन नहीं होता। पोस्ट में कहा गया है कि भाजपा की सरकार होने के बाद भी यदि लोगों को न्याय नहीं मिलता, तो इसे क्या कहा जाए। पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ कार्यालय में पदस्थ आरक्षकों की चल रही इस 'मनमानी' को 'बहरी भाजपा कार्यालय' करार देते हुए तीखी निंदा की गई है।2
- टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम मलगुवां के शासकीय हाई स्कूल में खुले और बिखरे विद्युत तारों के कारण विद्यार्थियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते स्कूल परिसर में किसी भी वक्त कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह चिंता जताई गई है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है।1
- अब गांव के विकास का निर्धारण गांव की चौपालें करेंगी। इस नई व्यवस्था के अनुसार, ग्राम सभा द्वारा लिए गए निर्णय ही विकसित भारत की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जो ग्रामीण स्तर पर सशक्तिकरण और प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगा।1
- भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। यादव के अनुसार, कांग्रेस का असली मुद्दा चुनाव में मिली हार नहीं, बल्कि नेताओं के बीच एक-दूसरे की कुर्सी छीनने की होड़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया जा रहा है और उन्हें ना तो बोलने दिया जा रहा है और ना ही कुर्सी पर बैठने दिया जा रहा है, जो उनकी 'रीति-नीति' को दर्शाता है। अजय सिंह यादव ने कहा कि इसी तरह के बर्ताव के कारण जनता कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लेती है, क्योंकि पार्टी के भीतर वर्चस्व और 'कुर्सी' की लड़ाई चल रही है और सभी नेता एक-दूसरे को 'निपटने' में लगे हैं।2
- टीकमगढ़ में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गई है, जिसके कारण वाहन चालकों को जगह-जगह लग रहे जाम से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- ललितपुर जिले के मड़ावरा ब्लॉक के रामगढ़ गांव में नल के पास सड़क पर एक बड़ा गड्ढा है। इस गड्ढे में हमेशा पानी भरा रहता है, जिसके कारण वाहन चालकों और अन्य लोगों को निकलने में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण बताते हैं कि इस गड्ढे की वजह से पहले भी कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल थे। यदि इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक नहीं किया गया, तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस सड़क के गड्ढे की तुरंत मरम्मत करवाने की मांग की है।2