उज्जैन के महिदपुर स्थित शासकीय कन्या विद्यालय की हजारों छात्राओं ने मंगलवार को अपने प्रधानाचार्य अर्जुन सिंह दवारे के ट्रांसफर के विरोध में स्कूल के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। छात्राएं लगभग तीन घंटे तक कड़ी धूप में सड़क पर बैठी रहीं, लेकिन इस दौरान कोई भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान जब पत्रकारों ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो कई अधिकारियों के फोन व्यस्त मिले, जबकि कुछ ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने का प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधने के बाद नायब तहसीलदार और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं ने एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर प्राचार्य अर्जुन सिंह दवारे का ट्रांसफर निरस्त नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगी। सूत्रों के अनुसार, प्राचार्य अर्जुन सिंह दवारे का ट्रांसफर भाजपा नगर मंडल के दो पदाधिकारियों के बीच मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) से संबंधित विवाद के कारण हुआ है। छात्राओं का कहना है कि प्राचार्य दवारे के कार्यकाल में स्कूल का शैक्षणिक माहौल काफी बेहतर हुआ था।
उज्जैन के महिदपुर स्थित शासकीय कन्या विद्यालय की हजारों छात्राओं ने मंगलवार को अपने प्रधानाचार्य अर्जुन सिंह दवारे के ट्रांसफर के विरोध में स्कूल के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। छात्राएं लगभग तीन घंटे तक कड़ी धूप में सड़क पर बैठी रहीं, लेकिन इस दौरान कोई भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान जब पत्रकारों ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो कई अधिकारियों के फोन व्यस्त मिले, जबकि कुछ ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने का प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधने के बाद नायब तहसीलदार और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं ने एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर प्राचार्य अर्जुन सिंह दवारे का ट्रांसफर निरस्त नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगी। सूत्रों के अनुसार, प्राचार्य अर्जुन सिंह दवारे का ट्रांसफर भाजपा नगर मंडल के दो पदाधिकारियों के बीच मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) से संबंधित विवाद के कारण हुआ है। छात्राओं का कहना है कि प्राचार्य दवारे के कार्यकाल में स्कूल का शैक्षणिक माहौल काफी बेहतर हुआ था।
- उज्जैन के महिदपुर स्थित शासकीय कन्या विद्यालय की हजारों छात्राओं ने मंगलवार को अपने प्रधानाचार्य अर्जुन सिंह दवारे के ट्रांसफर के विरोध में स्कूल के बाहर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। छात्राएं लगभग तीन घंटे तक कड़ी धूप में सड़क पर बैठी रहीं, लेकिन इस दौरान कोई भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान जब पत्रकारों ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो कई अधिकारियों के फोन व्यस्त मिले, जबकि कुछ ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने का प्रयास किया। वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क साधने के बाद नायब तहसीलदार और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं ने एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर प्राचार्य अर्जुन सिंह दवारे का ट्रांसफर निरस्त नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगी। सूत्रों के अनुसार, प्राचार्य अर्जुन सिंह दवारे का ट्रांसफर भाजपा नगर मंडल के दो पदाधिकारियों के बीच मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) से संबंधित विवाद के कारण हुआ है। छात्राओं का कहना है कि प्राचार्य दवारे के कार्यकाल में स्कूल का शैक्षणिक माहौल काफी बेहतर हुआ था।1
- कल उज्जैन के गोपाल मंदिर में भगवान के दर्शन किए गए, जिससे दर्शनार्थी को बहुत अच्छा महसूस हुआ। मंदिर से बाहर निकलने के बाद खरीदारी भी की गई, जिसने इस अनुभव को और भी सुखद बना दिया।1
- Post by Arjun rathore29941
- बड़ोद में मुस्लिम समाज ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब पर नाजिया इलाही द्वारा कथित रूप से की गई टिप्पणी के विरोध में कड़ा ऐतराज जताया है। इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए, समाजजनों ने शुक्रवार, 3 जुलाई को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। यह शांतिपूर्ण रैली अंजुमन मदरसा एवं मुस्लिम समाज के बैनर तले आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। रैली नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची, जहाँ तहसीलदार आर. के. अहिरवार को यह ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन का वाचन जावेद मुल्तानी ने किया, जिसमें कथित टिप्पणी के प्रति समाज का विरोध दर्ज कराया गया। ज्ञापन के माध्यम से मुस्लिम समाज ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि समाज में सौहार्द एवं शांति बनी रहे। कार्यक्रम के अंत में, मुस्लिम समाज के सदर रशीद खान ने सभी उपस्थित समाजजनों का आभार व्यक्त किया।4
- ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता खामेनेई के अंतिम संस्कार में विश्व भर के कई नेता शामिल हुए हैं। इस अंतिम विदाई पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।1
- झालावाड़ के डग क्षेत्र में लंबे समय से लंबित और गंभीर जनसमस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) का तीव्र आक्रोश सामने आया है। संगठन के पदाधिकारियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से डग तहसीलदार को सौंपकर 'आर-पार की लड़ाई' का ऐलान कर दिया है। संगठन का कहना है कि डग क्षेत्र की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है और बेहद परेशान है। यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिनमें रामगोपाल व्यास भी शामिल हैं, ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरकार और प्रशासन ने इन गंभीर समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला, तो संगठन उग्र धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी। ज्ञापन में कुल 12 प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। इनमें डग नगर में पिछले आठ साल से जलभराव की समस्या का समाधान, उखड़ी हुई सड़कों का तत्काल सुदृढीकरण, हरनावदा चौपाटी और सिल्लेगढ़ चौपाटी पर यात्रियों के लिए सार्वजनिक शौचालयों और प्रतीक्षालयों का निर्माण शामिल है। इसके अतिरिक्त, हरनावदा चौपाटी से धतुरिया मार्ग का निर्माण और बलेडिया लड़ाका के उप-स्वास्थ्य केंद्र को पूरी तरह से चालू करने की मांग की गई है। अवैध कब्जों को हटाने के लिए बलेडिया लड़ाका के खेल मैदान, स्थानीय स्कूल की भूमि, गोचर, चारागाह, वन भूमि और PWD की जमीनों का तुरंत सीमांकन कर 'पीला पंजा' चलाने की भी मांग है। किसानों से संबंधित मांगों में कुढ़िया और धतुरिया में रिलायंस कंपनी द्वारा की जा रही तारबंदी को व्यवस्थित करना तथा सोयाबीन की फसल के मुआवजे से वंचित रह गए किसानों को तत्काल मुआवजा राशि प्रदान करना शामिल है। ज्ञापन में देश भर में गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की भी पुरजोर मांग की गई है। डग क्षेत्र की बदहाली पर भड़के किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि एक सप्ताह में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगे।3
- नगर परिषद हरिओम के सीएमओ शर्मा ने एक विशेष अभियान चलाकर घर-घर जाकर वसूली की कार्रवाई को अंजाम दिया।1
- आलोट मंडी से दिनांक 3 जुलाई 2026 के लिए सोयाबीन और गेहूं के ताजा भाव जारी किए गए हैं। इन भावों में संबंधित कृषि उत्पादों की नवीनतम कीमतें शामिल हैं, जो मंडी के कारोबारियों और किसानों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी है।1