महा शिवरात्रि के पर्व पर शिव मंदिरों में भक्तो के अपार जन सैलाब को देखते हुवे पुख्ता इंतजाम ताल:- ताल और आसपास के क्षेत्रों में भगवान भोले नाथ के दर्शन के लिए भक्तो की लंबी लंबी कतारें लगी हुई है। उपनिषदो में वर्णित है कि शिवलिंग में सभी देवी देवताओं का वास है। संपूर्ण सृष्टि इसी में समाई हुई है इसीलिए महाशिवरात्रि के पवित्र पावन पर्व पर शिवलिंग और महादेव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।धार्मिक दृष्टि से इस दिन शिव पूजन, मंत्र जापादी करने से शिव की कृपा बरसती रहती है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव शक्ति एक हुवे थे यानी भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुवा था। इस लिए महाशिव रात्रि के पर्व को बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है समीपस्थ मनुनिया महादेव में शिव जी का आकर्षक श्रृंगार किया गया और प्रातः 5 बजे से ही दर्शनार्थियों की भिड़ लगी है और दूर दूर से पैदल यात्री दर्शन करने के लिए आते है। ताल नगर में भी प्रसिद्ध श्री झाड़ खंडेश्वर महादेव मंदिर, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री नर्मेदश्वर महादेव मंदिर अंबेमाता मंदिर, श्री बालाजी का बाग शिव मंदिर पर शिव भक्त के दर्शन के लिए भोले नाथ का आकर्षक श्रृंगार किया गया श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में 24 घंटे का अखंड ॐ नमः शिवाय का जप हो रहा सायंकाल मंदिरों में महा आरती और प्रसादी का आयोजन समिति द्वारा किया जावेगा।
महा शिवरात्रि के पर्व पर शिव मंदिरों में भक्तो के अपार जन सैलाब को देखते हुवे पुख्ता इंतजाम ताल:- ताल और आसपास के क्षेत्रों में भगवान भोले नाथ के दर्शन के लिए भक्तो की लंबी लंबी कतारें लगी हुई है। उपनिषदो में वर्णित है कि शिवलिंग में सभी देवी देवताओं का वास है। संपूर्ण सृष्टि इसी में समाई हुई है इसीलिए महाशिवरात्रि के पवित्र पावन पर्व पर शिवलिंग और महादेव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।धार्मिक दृष्टि से इस दिन शिव पूजन, मंत्र जापादी करने से शिव की कृपा बरसती रहती है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव शक्ति एक हुवे थे यानी भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुवा था। इस लिए महाशिव रात्रि के पर्व को बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है समीपस्थ मनुनिया महादेव में शिव जी का आकर्षक श्रृंगार किया गया और प्रातः 5 बजे से ही दर्शनार्थियों की भिड़ लगी है और दूर दूर से पैदल यात्री दर्शन करने के लिए आते है। ताल नगर में भी प्रसिद्ध श्री झाड़ खंडेश्वर महादेव मंदिर, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री नर्मेदश्वर महादेव मंदिर अंबेमाता मंदिर, श्री बालाजी का बाग शिव मंदिर पर शिव भक्त के दर्शन के लिए भोले नाथ का आकर्षक श्रृंगार किया गया श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में 24 घंटे का अखंड ॐ नमः शिवाय का जप हो रहा सायंकाल मंदिरों में महा आरती और प्रसादी का आयोजन समिति द्वारा किया जावेगा।
- ताल:- ताल और आसपास के क्षेत्रों में भगवान भोले नाथ के दर्शन के लिए भक्तो की लंबी लंबी कतारें लगी हुई है। उपनिषदो में वर्णित है कि शिवलिंग में सभी देवी देवताओं का वास है। संपूर्ण सृष्टि इसी में समाई हुई है इसीलिए महाशिवरात्रि के पवित्र पावन पर्व पर शिवलिंग और महादेव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।धार्मिक दृष्टि से इस दिन शिव पूजन, मंत्र जापादी करने से शिव की कृपा बरसती रहती है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव शक्ति एक हुवे थे यानी भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुवा था। इस लिए महाशिव रात्रि के पर्व को बड़ी धूम धाम से मनाया जाता है समीपस्थ मनुनिया महादेव में शिव जी का आकर्षक श्रृंगार किया गया और प्रातः 5 बजे से ही दर्शनार्थियों की भिड़ लगी है और दूर दूर से पैदल यात्री दर्शन करने के लिए आते है। ताल नगर में भी प्रसिद्ध श्री झाड़ खंडेश्वर महादेव मंदिर, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री नर्मेदश्वर महादेव मंदिर अंबेमाता मंदिर, श्री बालाजी का बाग शिव मंदिर पर शिव भक्त के दर्शन के लिए भोले नाथ का आकर्षक श्रृंगार किया गया श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में 24 घंटे का अखंड ॐ नमः शिवाय का जप हो रहा सायंकाल मंदिरों में महा आरती और प्रसादी का आयोजन समिति द्वारा किया जावेगा।1
- Post by Arjun rathore2994 m 97556956941
- Post by Pratap Singh3
- Post by राघवेन्द्र सिंह2
- Post by Ravi__baba9991
- नगर के समीप स्थित प्रसिद्ध मंदिर श्री झरादेश्वर महादेव मंदिर में महा शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गई झरादेश्वर मंदिर पुरातत्व कालीन मंदिर हे जहा सभी भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर मंदिर में हजारों की संख्या में भक्तों ने दर्शन किया बाबा का श्रृंगार बहुत ही आकर्षक सजाया गया , जिसमें उन्हें रुद्राक्ष, फल, मेवा और पुष्पों से सजाया गया है। यह श्रृंगार उनकी शक्ति और वैराग्य का प्रतीक है महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा झरादेश्वर महादेव के दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक है, और इस दिन विशेष पूजा-अर्चना के साथ ही बाबा के विशेष भजनों के साथ बाबा का कीर्तन किया गया साथ ही खिचड़ी प्रसादी का सभी भक्तों ने ग्रहण किया और बाबा के मंदिर जाते हुए रास्ते में बरूखेड़ी में सभी गांवों वालों ने खीर प्रसादी का वितरण किया गया #Bhavishydarpan1
- Post by Jitendrasingh1
- Post by राघवेन्द्र सिंह1