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पान मसाला और सिगरेट पर ओवररेटिंग कस्बा खीरी में पान मसाला और सिगरेट की कीमतों में ओवररेटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ बड़े दुकानदार एमआरपी से ज्यादा दाम पर बिक्री कर रहे हैं, जिससे छोटे दुकानदार और ग्राहक दोनों परेशान हैं।छोटे व्यापारियों का कहना है कि बड़े कारोबारी स्टॉक जमा कर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग की है। नोट-धूम्रपान खतरनाक है।
Shahnawaz Gauri
पान मसाला और सिगरेट पर ओवररेटिंग कस्बा खीरी में पान मसाला और सिगरेट की कीमतों में ओवररेटिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ बड़े दुकानदार एमआरपी से ज्यादा दाम पर बिक्री कर रहे हैं, जिससे छोटे दुकानदार और ग्राहक दोनों परेशान हैं।छोटे व्यापारियों का कहना है कि बड़े कारोबारी स्टॉक जमा कर मनमाने दाम वसूल रहे हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग की है। नोट-धूम्रपान खतरनाक है।
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- Post by खीरी न्यूज़ अपडेट1
- पान मसाला व तंबाकू विक्रेताओं की मनमानी से उपभोक्ता परेशान पलिया नगर में पान मसाला, तंबाकू, बीड़ी और सिगरेट के होलसेल विक्रेताओं द्वारा पुराने प्रिंट वाले स्टॉक को नए रेट पर बेचे जाने का मामला सामने आया है। इससे खुदरा दुकानदारों और उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। सोशल मीडिया पर लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद संबंधित विभागीय अधिकारी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सके हैं। जानकारी के अनुसार बाजार में पुराने प्रिंट के कमलापसंद, पान पराग, किशोर, सिगरेट व बीड़ी समेत अन्य तंबाकू उत्पाद अब भी उपलब्ध हैं। आरोप है कि इन उत्पादों पर पुराने रेट छपे होने के बावजूद इन्हें बढ़ी हुई कीमतों पर बेचा जा रहा है। इससे ग्राहकों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का तर्क है कि कंपनियों द्वारा रेट बढ़ाए जाने के कारण उन्हें भी नई कीमतों पर बिक्री करनी पड़ रही है। वहीं उपभोक्ताओं का कहना है कि जब पैकेट पर अंकित अधिकतम खुदरा मूल्य पुराना है तो नए रेट वसूलना नियमों के विरुद्ध है। नगर में यह भी चर्चा है कि यदि प्रशासन चाहे तो गोदामों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सकती है। बावजूद इसके अब तक कोई छापेमारी या निरीक्षण अभियान नहीं चलाया गया है। इससे अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो मनमानी लगातार बढ़ेगी और उपभोक्ताओं का शोषण जारी रहेगा। नागरिकों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।1
- Post by Anurag Patel1
- लखीमपुर खीरी जनपद के पढ़ुआ थाना क्षेत्र में एक बहुत बड़ा सड़क हादसा हुआ, बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों से भरी टाटा वैन को अज्ञात ट्रक ने टक्कर मारी। हादसे में 1 की मौत और करीब 16 लोग घायल हुए। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। घायलों का हाल जानने जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) जिला अस्पताल पहुंचे।1
- Post by अमित कुमार2
- फरधान थाना क्षेत्र के खेतौसा प्रकरण में नया मोड़, परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार से किया इन्कार फरधान थाना क्षेत्र के ग्राम खेतौसा में युवक की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने दाह संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों की साफ मांग है कि नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और उनके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई हो। मांग पूरी न होने तक अंतिम संस्कार न करने की चेतावनी दी गई है। इस बीच विशेष सूत्रों के हवाले से... एक और सवाल उठ रहा है, बताया जा रहा है कि घटना की रात करीब 2:00 बजे पुलिस गांव में मौजूद थी, इसके बावजूद दबंगों के घर से लगभग 20 भैंस और 13 बकरियां कैसे निकाली गईं? इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों द्वारा परिजनों को समझाने-बुझाने (मान-मुनौव्वल) का प्रयास जारी है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।1
- Post by Anurag Patel1
- फरधान थाना क्षेत्र के खेतौसा प्रकरण में नया मोड़, परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद दाह संस्कार से किया इन्कार फरधान थाना क्षेत्र के ग्राम खेतौसा में युवक की हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने दाह संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों की साफ मांग है कि नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए और उनके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई हो। मांग पूरी न होने तक अंतिम संस्कार न करने की चेतावनी दी गई है। इस बीच विशेष सूत्रों के हवाले से... एक और सवाल उठ रहा है, बताया जा रहा है कि घटना की रात करीब 2:00 बजे पुलिस गांव में मौजूद थी, इसके बावजूद दबंगों के घर से लगभग 20 भैंस और 13 बकरियां कैसे निकाली गईं? इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। फिलहाल पुलिस अधिकारियों द्वारा परिजनों को समझाने-बुझाने (मान-मुनौव्वल) का प्रयास जारी है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।1
- विभागीय काम ठप, जंगल सफारी में निजी गाड़ियों की एंट्री से रोजी-रोटी पर संकट, कागज अधूरे होने के भी आरोप पलिया (खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व के पर्यटन परिसर में तैनात कुछ कर्मचारियों ने अपनी-अपनी निजी टैक्सियां जंगल सफारी के लिए लगा रखी हैं और विभागीय ड्यूटी से ज्यादा ध्यान अपनी गाड़ियों की बुकिंग पर दे रहे हैं। हालांकि ये गाड़िया कर्मचारियों के नाम नहीं हैं, नाम इसलिए नहीं कराई गयी हैं, ताकि कभी भी होने वाली जांच में कार्रवाई से बचा जा सके। इससे न केवल विभागीय कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि स्थानीय टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी पर भी संकट गहरा गया है। बताया जाता है कि संबंधित कर्मचारी कार्यालय और पार्किंग परिसर के आसपास ही मंडराते रहते हैं। जब तक उनकी निजी टैक्सियां पर्यटकों के साथ जंगल सफारी के लिए रवाना नहीं हो जातीं, तब तक वे अपने नियमित दायित्वों की ओर ध्यान नहीं देते हैं। परिणामस्वरूप पर्यटन परिसर के प्रशासनिक और व्यवस्थागत कार्यों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बता दें कि तमाम टैक्सी चालक तो पूरी तरह जंगल सफारी पर निर्भर हैं। अच्छी सैलरी पाने वाले कर्मचारी अपनी निजी गाड़ियां चलाकर जरूरतमंद टैक्सी चालकों का हक मारकर खा रहे हैं। जब विभाग के ही कर्मचारी अपनी गाड़ियां आगे कर देंगे तो वाकी टैक्सी चालक कहां जाएंगे। इतना ही नहीं, कुछ कर्मचारियों की टैक्सियों के कागजात पूरे न होने की भी चर्चा है। यदि यह सच है तो यह न सिर्फ नियमों की अनदेखी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर मामला है। बावजूद इसके, जिम्मेदार अधिकारी अब तक इस पूरे प्रकरण से अनजान बने हुए हैं, जिससे कर्मचारियों के हौसले बुलंद हैं। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो विभाग की छवि धूमिल होने के साथ-साथ बेरोजगार अन्य टैक्सी चालकों के सामने भुखमरी की नौबत आ सकती है।1