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गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा है जो शास्त्र विधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है उसको न सुख, न सिद्धि तथा न ही गति (मोक्ष) प्राप्त होती है।

10 hrs ago
user_VIKESH DAS
VIKESH DAS
Farmer भभुआ, कैमूर (भभुआ), बिहार•
10 hrs ago

गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा है जो शास्त्र विधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है उसको न सुख, न सिद्धि तथा न ही गति (मोक्ष) प्राप्त होती है।

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  • ऐसे लोग अपने समाज में कचरा फ्लेट हैं आप इसलिए समाज सबसे पीछे हो गया है
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    ऐसे लोग अपने समाज में कचरा फ्लेट हैं आप इसलिए समाज सबसे पीछे हो गया है
    user_VIKESH DAS
    VIKESH DAS
    Farmer भभुआ, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    5 hrs ago
  • हिंदी दिवस पर अनुमंडल कार्यालय में समारोह हिंदी बोलने वालों को सम्मान की नजर से देखें, भाषा पर गर्व करें : एसडीएम मोहनिया कैमूर:-हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार की शाम अनुमंडल कार्यालय मोहनिया में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी, डीसीएलआर सहित अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। इस दौरान हिंदी भाषा के महत्व और दैनिक जीवन में इसके अधिक से अधिक प्रयोग को लेकर चर्चा की गई। समारोह को संबोधित करते हुए एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने कहा कि समाज में हिंदी भाषा में बातचीत करने वाले लोगों को सम्मान की नजर से देखना चाहिए। हर भाषा का अपना महत्व और अपनी जगह है, लेकिन हिंदी इन सभी भाषाओं के बीच एक अलग और महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उन्होंने कहा कि हमें अधिक से अधिक हिंदी भाषा को अपनाना चाहिए और हिंदी बोलते समय उतना ही गौरवान्वित महसूस करना चाहिए, जितना हम अन्य भाषाओं का प्रयोग करते समय करते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और संस्कृति से जुड़ी भाषा भी है। आज के दौर में दूसरी भाषाओं का ज्ञान होना जरूरी है, लेकिन इसके साथ अपनी मातृभाषा और हिंदी के प्रति सम्मान बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एसडीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं हिंदी बोलने को प्राथमिकता दें और अपने बच्चों को भी हिंदी में बातचीत करने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प भी लिया।
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    हिंदी दिवस पर अनुमंडल कार्यालय में समारोह
हिंदी बोलने वालों को सम्मान की नजर से देखें, भाषा पर गर्व करें : एसडीएम

मोहनिया कैमूर:-हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार की शाम अनुमंडल कार्यालय मोहनिया में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी, डीसीएलआर सहित अनुमंडल स्तरीय पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। इस दौरान हिंदी भाषा के महत्व और दैनिक जीवन में इसके अधिक से अधिक प्रयोग को लेकर चर्चा की गई।
समारोह को संबोधित करते हुए एसडीएम रत्ना प्रियदर्शिनी ने कहा कि समाज में हिंदी भाषा में बातचीत करने वाले लोगों को सम्मान की नजर से देखना चाहिए। हर भाषा का अपना महत्व और अपनी जगह है, लेकिन हिंदी इन सभी भाषाओं के बीच एक अलग और महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उन्होंने कहा कि हमें अधिक से अधिक हिंदी भाषा को अपनाना चाहिए और हिंदी बोलते समय उतना ही गौरवान्वित महसूस करना चाहिए, जितना हम अन्य भाषाओं का प्रयोग करते समय करते हैं।
उन्होंने कहा कि हिंदी केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं और संस्कृति से जुड़ी भाषा भी है। आज के दौर में दूसरी भाषाओं का ज्ञान होना जरूरी है, लेकिन इसके साथ अपनी मातृभाषा और हिंदी के प्रति सम्मान बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
एसडीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं हिंदी बोलने को प्राथमिकता दें और अपने बच्चों को भी हिंदी में बातचीत करने के लिए प्रेरित करें। कार्यक्रम के दौरान पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प भी लिया।
    user_Vinod kumar singh
    Vinod kumar singh
    Local News Reporter Mohania, Kaimur (Bhabua)•
    1 day ago
  • प्रेमी प्रेमिका ने भभुआ कचहरी परिसर में रचाई शादी परिवार के लोग रहे ...प्रेमी प्रेमिका 3 वर्षों से एक दूसरे में प्यार था
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    प्रेमी प्रेमिका ने भभुआ कचहरी परिसर में रचाई शादी परिवार के लोग रहे ...प्रेमी प्रेमिका 3 वर्षों से एक दूसरे में प्यार था
    user_गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    गांव से शहर न्यूज( krishna kumar keshari)
    Chainpur, Kaimur (Bhabua)•
    6 hrs ago
  • चेनारी: नारायणपुर पंचायत में प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर आयोजित!! पत्रकार दिनेश तिवारी
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    चेनारी: नारायणपुर पंचायत में प्रखंड सहयोग-सह-जन-कल्याण शिविर आयोजित!!
पत्रकार दिनेश तिवारी
    user_REPUBLIC LIVE NEWS                                         DINESH TIWARI
    REPUBLIC LIVE NEWS DINESH TIWARI
    Chenari, Rohtas•
    3 hrs ago
  • हरितालिका तीज महापर्व पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत हरितालिका तीज महापर्व पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत शहरी क्षेत्र से लेकर गांवों तक भक्तिमय रहा माहौल, महिलाओं ने विधि-विधान से की भगवान शिव-पार्वती की पूजा रोहतास। हरितालिका तीज महापर्व जिलेभर में मंगलवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी तीज को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा और शाम को विधि-विधान से भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। तीज पर्व को लेकर सुबह से ही घरों में धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने स्नान आदि से निवृत्त होकर नए वस्त्र धारण किए तथा पूजा की तैयारियां शुरू कीं। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज व्रत की कथा सुनी और भगवान शिव-पार्वती की आराधना की। पूजा स्थलों को फूल, दीप एवं अन्य पूजन सामग्री से आकर्षक ढंग से सजाया गया। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के ग्रामीण इलाकों में भी तीज की विशेष रौनक रही। गांवों में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा-अर्चना की तथा पारंपरिक गीतों के माध्यम से भगवान शिव और माता पार्वती का गुणगान किया। देर शाम तक कई स्थानों पर महिलाओं की भीड़ पूजा-अर्चना में जुटी रही। तीज को लेकर बाजारों में भी काफी चहल-पहल देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा सामग्री, फल, मिठाई, वस्त्र, चूड़ियां, मेहंदी और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी की। मान्यता के अनुसार हरितालिका तीज का व्रत माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए किया था। इसी धार्मिक मान्यता के आधार पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन की सुख-शांति के लिए यह कठिन व्रत करती हैं। कई कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना से तीज व्रत रखती हैं। हरितालिका तीज महापर्व पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत हरितालिका तीज महापर्व पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत शहरी क्षेत्र से लेकर गांवों तक भक्तिमय रहा माहौल, महिलाओं ने विधि-विधान से की भगवान शिव-पार्वती की पूजा रोहतास। हरितालिका तीज महापर्व जिलेभर में मंगलवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी तीज को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा और शाम को विधि-विधान से भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। तीज पर्व को लेकर सुबह से ही घरों में धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने स्नान आदि से निवृत्त होकर नए वस्त्र धारण किए तथा पूजा की तैयारियां शुरू कीं। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज व्रत की कथा सुनी और भगवान शिव-पार्वती की आराधना की। पूजा स्थलों को फूल, दीप एवं अन्य पूजन सामग्री से आकर्षक ढंग से सजाया गया। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के ग्रामीण इलाकों में भी तीज की विशेष रौनक रही। गांवों में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा-अर्चना की तथा पारंपरिक गीतों के माध्यम से भगवान शिव और माता पार्वती का गुणगान किया। देर शाम तक कई स्थानों पर महिलाओं की भीड़ पूजा-अर्चना में जुटी रही। तीज को लेकर बाजारों में भी काफी चहल-पहल देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा सामग्री, फल, मिठाई, वस्त्र, चूड़ियां, मेहंदी और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी की। मान्यता के अनुसार हरितालिका तीज का व्रत माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए किया था। इसी धार्मिक मान्यता के आधार पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन की सुख-शांति के लिए यह कठिन व्रत करती हैं। कई कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना से तीज व्रत रखती हैं। पूरे जिले में पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। एक-दूसरे को तीज पर्व की शुभकामनाएं देने के साथ महिलाओं ने पूजा के बाद अपने बड़ों का आशीर्वाद लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में तीज के पारंपरिक स्वरूप की विशेष झलक देखने को मिली, जबकि शहरी क्षेत्रों में भी विभिन्न स्थानों पर सामूहिक पूजा और धार्मिक आयोजन किए गए। हरितालिका तीज के अवसर पर जिलेभर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। महिलाओं के निर्जला व्रत, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच पूरा रोहतास जिला शिव-पार्वती की भक्ति में डूबा नजर आया।
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    हरितालिका तीज महापर्व पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत
हरितालिका तीज महापर्व पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत
शहरी क्षेत्र से लेकर गांवों तक भक्तिमय रहा माहौल, महिलाओं ने विधि-विधान से की भगवान शिव-पार्वती की पूजा
रोहतास। हरितालिका तीज महापर्व जिलेभर में मंगलवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी तीज को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा और शाम को विधि-विधान से भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना की।
तीज पर्व को लेकर सुबह से ही घरों में धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने स्नान आदि से निवृत्त होकर नए वस्त्र धारण किए तथा पूजा की तैयारियां शुरू कीं। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज व्रत की कथा सुनी और भगवान शिव-पार्वती की आराधना की। पूजा स्थलों को फूल, दीप एवं अन्य पूजन सामग्री से आकर्षक ढंग से सजाया गया।
शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के ग्रामीण इलाकों में भी तीज की विशेष रौनक रही। गांवों में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा-अर्चना की तथा पारंपरिक गीतों के माध्यम से भगवान शिव और माता पार्वती का गुणगान किया। देर शाम तक कई स्थानों पर महिलाओं की भीड़ पूजा-अर्चना में जुटी रही। तीज को लेकर बाजारों में भी काफी चहल-पहल देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा सामग्री, फल, मिठाई, वस्त्र, चूड़ियां, मेहंदी और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी की।
मान्यता के अनुसार हरितालिका तीज का व्रत माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए किया था। इसी धार्मिक मान्यता के आधार पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन की सुख-शांति के लिए यह कठिन व्रत करती हैं। कई कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना से तीज व्रत रखती हैं।

हरितालिका तीज महापर्व पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत
हरितालिका तीज महापर्व पर सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत
शहरी क्षेत्र से लेकर गांवों तक भक्तिमय रहा माहौल, महिलाओं ने विधि-विधान से की भगवान शिव-पार्वती की पूजा
रोहतास। हरितालिका तीज महापर्व जिलेभर में मंगलवार को श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी तीज को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा और शाम को विधि-विधान से भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना की।
तीज पर्व को लेकर सुबह से ही घरों में धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने स्नान आदि से निवृत्त होकर नए वस्त्र धारण किए तथा पूजा की तैयारियां शुरू कीं। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से तीज व्रत की कथा सुनी और भगवान शिव-पार्वती की आराधना की। पूजा स्थलों को फूल, दीप एवं अन्य पूजन सामग्री से आकर्षक ढंग से सजाया गया।
शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के ग्रामीण इलाकों में भी तीज की विशेष रौनक रही। गांवों में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा-अर्चना की तथा पारंपरिक गीतों के माध्यम से भगवान शिव और माता पार्वती का गुणगान किया। देर शाम तक कई स्थानों पर महिलाओं की भीड़ पूजा-अर्चना में जुटी रही। तीज को लेकर बाजारों में भी काफी चहल-पहल देखने को मिली। महिलाओं ने पूजा सामग्री, फल, मिठाई, वस्त्र, चूड़ियां, मेहंदी और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी की।
मान्यता के अनुसार हरितालिका तीज का व्रत माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए किया था। इसी धार्मिक मान्यता के आधार पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन की सुख-शांति के लिए यह कठिन व्रत करती हैं। कई कुंवारी कन्याएं भी मनचाहे वर की प्राप्ति की कामना से तीज व्रत रखती हैं।
पूरे जिले में पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। एक-दूसरे को तीज पर्व की शुभकामनाएं देने के साथ महिलाओं ने पूजा के बाद अपने बड़ों का आशीर्वाद लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में तीज के पारंपरिक स्वरूप की विशेष झलक देखने को मिली, जबकि शहरी क्षेत्रों में भी विभिन्न स्थानों पर सामूहिक पूजा और धार्मिक आयोजन किए गए।
हरितालिका तीज के अवसर पर जिलेभर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। महिलाओं के निर्जला व्रत, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच पूरा रोहतास जिला शिव-पार्वती की भक्ति में डूबा नजर आया।
    user_राष्ट्र नमन प्रेस
    राष्ट्र नमन प्रेस
    Local Politician चेनारी, रोहतास, बिहार•
    8 hrs ago
  • पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है *पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है।* *बिहार के पर्यावरण मंत्री रामचंद्र प्रसाद कहीं से गाड़ी में लौट रहे थे। इसी दौरान वहां पत्रकारों ने इनसे सवाल पूछा कि पर्यावरण को लेकर सरकार आगे क्या करने जा रही है?* *इस पर मंत्री जी का जवाब अजीब ही था। उन्होंने कहा कि 'पर्यावरण तो चल रहा है धकाधक। पर्यावरण मेरा ठीक है भाई। पर्यावरण का व्यवस्था बहुत बढ़िया चल रहा है। पर्यावरण के लिए हम काम कर रहे हैं।'*
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    पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है
*पर्यावरण मंत्री से पूछा गया...कुछ पर्यावरण को लेकर बताइये...मंत्री जी ने कहा, मेरा पर्यावरण तो धकाधक चल रहा है।*
*बिहार के पर्यावरण मंत्री रामचंद्र प्रसाद कहीं से गाड़ी में लौट रहे थे। इसी दौरान वहां पत्रकारों ने इनसे सवाल पूछा कि पर्यावरण को लेकर सरकार आगे क्या करने जा रही है?*
*इस पर मंत्री जी का जवाब अजीब ही था। उन्होंने कहा कि 'पर्यावरण तो चल रहा है धकाधक। पर्यावरण मेरा ठीक है भाई। पर्यावरण का व्यवस्था बहुत बढ़िया चल रहा है। पर्यावरण के लिए हम काम कर रहे हैं।'*
    user_राज कुमार सोनकर पत्रकार
    राज कुमार सोनकर पत्रकार
    Court reporter चकिया, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा है जो शास्त्र विधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है उसको न सुख, न सिद्धि तथा न ही गति (मोक्ष) प्राप्त होती है।
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    गीता अध्याय 16 श्लोक 23 में कहा है जो शास्त्र विधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है उसको न सुख, न सिद्धि तथा न ही गति (मोक्ष) प्राप्त होती है।
    user_VIKESH DAS
    VIKESH DAS
    Farmer भभुआ, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    10 hrs ago
  • बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत! 30+ मासूमों की जान गई, हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत का मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है। अलग-अलग रिपोर्टों में 25 से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की बात सामने आई है। बच्चों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य बीमारियों की बात सामने आई है। सबसे बड़ा सवाल है—आखिर इन दूरदराज आदिवासी गांवों तक समय पर इलाज, टीकाकरण और पोषण की सुविधा क्यों नहीं पहुंची? मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है और कोर्ट ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से जवाब मांगा है। क्या गरीब और आदिवासी बच्चों की जिंदगी की कीमत कम है? क्या इन मौतों की जिम्मेदारी तय होगी? देखिए पूरी खबर और अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। Awaaz-e-Bharat — खबर वही, जो सवाल खड़े करे। #Balaghat #BalaghatNews #BaigaTribe #Adivasi #AdivasiChildren #MadhyaPradesh #ChildDeaths #Malnutrition #Malaria #HighCourt #MPNews #TribalNews #HealthCrisis #AwaazEBharat
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    बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत! 30+ मासूमों की जान गई, हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा बड़ा सवाल
मध्य प्रदेश के बालाघाट में बैगा आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत का मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है। अलग-अलग रिपोर्टों में 25 से 30 से ज्यादा बच्चों की मौत की बात सामने आई है। बच्चों में मलेरिया, खसरा, कुपोषण और अन्य बीमारियों की बात सामने आई है।
सबसे बड़ा सवाल है—आखिर इन दूरदराज आदिवासी गांवों तक समय पर इलाज, टीकाकरण और पोषण की सुविधा क्यों नहीं पहुंची?
मामला अब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है और कोर्ट ने सरकार, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से जवाब मांगा है।
क्या गरीब और आदिवासी बच्चों की जिंदगी की कीमत कम है?
क्या इन मौतों की जिम्मेदारी तय होगी?
देखिए पूरी खबर और अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए।
Awaaz-e-Bharat — खबर वही, जो सवाल खड़े करे।
#Balaghat #BalaghatNews #BaigaTribe #Adivasi #AdivasiChildren #MadhyaPradesh #ChildDeaths #Malnutrition #Malaria #HighCourt #MPNews #TribalNews #HealthCrisis #AwaazEBharat
    user_Awaaz -e-Bharat
    Awaaz -e-Bharat
    चांद, कैमूर (भभुआ), बिहार•
    11 hrs ago
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