जनपद पंचायत बालाघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत भरवेली में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम का गुरुवार को पटाक्षेप हो गया, जहाँ सरपंच गीता अनिल बिसेन के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। कुल 19 मतों में से सरपंच गीता बिसेन को केवल एक मत मिला, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 18 मत पड़े। इस परिणाम के साथ ही पंचायत में गीता बिसेन का कार्यकाल समाप्त हो गया और उनकी सरकार गिर गई। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, और पुलिस बल की मौजूदगी में यह विशेष सम्मेलन आयोजित हुआ। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। सरपंच गीता अनिल बिसेन ने अपने कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों का हवाला देते हुए ग्रामीणों के हित में अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारने और पंचायत के विकास के लिए लगातार कार्य करने की बात कही। इसके विपरीत, उपसरपंच राजेश बाहेश्वर ने सरपंच के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है, और पंचायत में पारदर्शिता का अभाव रहा, जिससे पंचों और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ा और अविश्वास प्रस्ताव की नौबत आई। इस प्रकार, 'विकास बनाम भ्रष्टाचार' चुनावी मुद्दा बन गया। मतदान परिणाम घोषित होते ही उपसरपंच एवं विरोधी खेमे के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। पंचायत परिसर के बाहर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी जीत का जश्न मनाया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब ग्राम पंचायत भरवेली में नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत में नई बॉडी का गठन किया जाएगा और नए सरपंच का चुनाव कराया जाएगा। जिले की पंचायत राजनीति में यह परिणाम, जहाँ सरपंच को 18-1 के भारी अंतर से पद गंवाना पड़ा, चर्चा का विषय बना हुआ है।
जनपद पंचायत बालाघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत भरवेली में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम का गुरुवार को पटाक्षेप हो गया, जहाँ सरपंच गीता अनिल बिसेन के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। कुल 19 मतों में से सरपंच गीता बिसेन को केवल एक मत मिला, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 18 मत पड़े। इस परिणाम के साथ ही पंचायत में गीता बिसेन का कार्यकाल समाप्त हो गया और उनकी सरकार गिर गई। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, और पुलिस बल की मौजूदगी में यह विशेष सम्मेलन आयोजित हुआ। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। सरपंच गीता अनिल बिसेन ने अपने कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों का हवाला देते हुए ग्रामीणों के हित में अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारने और पंचायत के विकास के लिए लगातार कार्य करने की बात कही। इसके विपरीत, उपसरपंच राजेश बाहेश्वर ने सरपंच के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है, और पंचायत में पारदर्शिता का अभाव रहा, जिससे पंचों और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ा और अविश्वास प्रस्ताव की नौबत आई। इस प्रकार, 'विकास बनाम भ्रष्टाचार' चुनावी मुद्दा बन गया। मतदान परिणाम घोषित होते ही उपसरपंच एवं विरोधी खेमे के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। पंचायत परिसर के बाहर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी जीत का जश्न मनाया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब ग्राम पंचायत भरवेली में नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत में नई बॉडी का गठन किया जाएगा और नए सरपंच का चुनाव कराया जाएगा। जिले की पंचायत राजनीति में यह परिणाम, जहाँ सरपंच को 18-1 के भारी अंतर से पद गंवाना पड़ा, चर्चा का विषय बना हुआ है।
- जनपद पंचायत बालाघाट अंतर्गत ग्राम पंचायत भरवेली में लंबे समय से चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम का गुरुवार को पटाक्षेप हो गया, जहाँ सरपंच गीता अनिल बिसेन के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। कुल 19 मतों में से सरपंच गीता बिसेन को केवल एक मत मिला, जबकि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 18 मत पड़े। इस परिणाम के साथ ही पंचायत में गीता बिसेन का कार्यकाल समाप्त हो गया और उनकी सरकार गिर गई। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे, और पुलिस बल की मौजूदगी में यह विशेष सम्मेलन आयोजित हुआ। अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। सरपंच गीता अनिल बिसेन ने अपने कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों का हवाला देते हुए ग्रामीणों के हित में अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारने और पंचायत के विकास के लिए लगातार कार्य करने की बात कही। इसके विपरीत, उपसरपंच राजेश बाहेश्वर ने सरपंच के कार्यकाल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्यों के नाम पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है, और पंचायत में पारदर्शिता का अभाव रहा, जिससे पंचों और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ा और अविश्वास प्रस्ताव की नौबत आई। इस प्रकार, 'विकास बनाम भ्रष्टाचार' चुनावी मुद्दा बन गया। मतदान परिणाम घोषित होते ही उपसरपंच एवं विरोधी खेमे के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। पंचायत परिसर के बाहर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी जीत का जश्न मनाया। अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद अब ग्राम पंचायत भरवेली में नए नेतृत्व के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत में नई बॉडी का गठन किया जाएगा और नए सरपंच का चुनाव कराया जाएगा। जिले की पंचायत राजनीति में यह परिणाम, जहाँ सरपंच को 18-1 के भारी अंतर से पद गंवाना पड़ा, चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले के छिंदारी बांध में गुरुवार, 4 जून को 11 बजे मिली जानकारी के अनुसार, नहाने गए 17 वर्षीय युवक लक्ष्य पाल की डूबने से मौत हो गई। मृतक छुईखदान का निवासी था। जानकारी के मुताबिक, लक्ष्य पाल अपने दो दोस्तों के साथ 3 जून की दोपहर छिंदारी बांध घूमने पहुंचा था। नहाने के दौरान तीनों दोस्त गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनमें से दो युवक किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन लक्ष्य पाल पानी में डूब गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने तुरंत तलाश अभियान शुरू किया, लेकिन शुरुआती प्रयासों में सफलता नहीं मिली। बाद में, दुर्ग से पहुंची एसडीआरएफ (SDRF) टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया और देर शाम युवक के शव को बांध से बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और मामले की जांच जारी है।1
- खैरागढ़-छुईखदान जिले के छिंदारी बांध में नहाने गए तीन दोस्तों में से एक 17 वर्षीय युवक लक्ष्य पाल की डूबने से मौत हो गई। यह दुखद घटना बुधवार दोपहर को हुई, जब छुईखदान निवासी लक्ष्य पाल अपने दोस्तों के साथ छिंदारी बांध घूमने पहुंचा था। जानकारी के मुताबिक, नहाने के दौरान तीनों युवक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। लक्ष्य पाल के दो दोस्त किसी तरह पानी से बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन लक्ष्य पाल पानी में डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने लक्ष्य पाल की तलाश शुरू की, हालांकि उन्हें तुरंत सफलता नहीं मिली। बाद में, दुर्ग से बुलाई गई एसडीआरएफ (SDRF) टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया और देर शाम युवक के शव को बांध से बाहर निकाला। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।2
- कादरी बिरयानी सेंटर की बिरयानी की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं, जहाँ एक ग्राहक ने प्रतिष्ठान पर खराब खाना बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्राहक के अनुसार, बिरयानी से बदबू आने के बाद उसे वापस कर दिया गया था, जिसके बाद दुकान पर बहस भी हुई। इस घटना को लेकर ग्राहक ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करवाई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- बालाघाट जिले के लांजी थाना क्षेत्र के ग्राम सावरी घाट में एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ नदी में डूबने से 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहझरी निवासी प्रवीण उर्फ भूरू ठाकरे बीते 03 जून की शाम अपने दो दोस्तों के साथ सावरी घाट पर नहाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। प्रवीण के डूबने की खबर उसके दोस्तों ने तुरंत परिजनों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही लांजी पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुँची, लेकिन रात होने के कारण शव की तलाश पूरी नहीं हो सकी। आज, 04 जून की सुबह SDRF टीम और ग्राम चिखलामाली के स्थानीय गोताखोरों ने फिर से तलाशी अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 11 बजे युवक के शव को पानी से बाहर निकाला गया। फिलहाल, लांजी पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है।1
- दुर्ग जिला अस्पताल में 20 वर्षीय दीपिका गाड़ा की मौत के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि दीपिका गाड़ा खून की भारी कमी से जूझ रही थी, लेकिन इसके बावजूद उसे समय पर रक्त उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों के जवाब में कहा है कि मौत के असली कारण का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।1
- पानी की तलाश में भटकते हुए एक लोमड़ी अनजाने में एक कुएं में गिर गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने बचाव अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, टीम ने लोमड़ी को सुरक्षित कुएं से बाहर निकालकर उसकी जान बचाई।1
- बालाघाट जिले की भरवेली पंचायत में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला है, जहाँ सरपंच गीता बिसेन की सरकार का तख्तापलट हो गया। अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में, सरपंच को 18-1 के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा। इस प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, जिसके बाद अब पंचायत में नए सरपंच के चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है।1