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आशा ट्रस्ट ने हिरोशिमा दिवस पर आयोजित किया श्रद्धांजलि कार्यक्रम
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आशा ट्रस्ट ने हिरोशिमा दिवस पर आयोजित किया श्रद्धांजलि कार्यक्रम
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- लखनऊ:यूपी के DGP राजीव कृष्ण के पिता का अंतिम संस्कार संपन्न,पुलिस-प्रशासन ने दी श्रद्धांजलि आप देख रहे हैं न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट लखनऊ।उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के पिता का बुधवार को अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।इस दुखद अवसर पर परिवार,रिश्तेदारों के साथ-साथ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रशासन के कई लोग मौजूद रहे।सूत्रों के अनुसार,अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।डीजीपी राजीव कृष्ण और उनका परिवार गहरे शोक में है।इस खबर के सामने आते ही पुलिस विभाग और प्रशासनिक हलकों में शोक की लहर है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को ढाढ़स बंधाया।एक पिता का जाना मतलब,जिंदगी की सबसे बड़ी छाया का हट जाना है।हम News2India परिवार की ओर से भी राजीव कृष्ण और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें।ॐ शांति1
- आशा ट्रस्ट ने हिरोशिमा दिवस पर आयोजित किया श्रद्धांजलि कार्यक्रम1
- कलम की धार से | अयोध्या "जिला अस्पताल इमरजेंसी में जानलेवा खेल" डबल ड्यूटी का रोस्टर, सिंगल डॉक्टर की ड्यूटी - मरीज भगवान भरोसे अयोध्या। जिला अस्पताल की इमरजेंसी ओपीडी में इन दिनों एक अजीब और खतरनाक खेल चल रहा है। कागज पर डबल डॉक्टर, धरातल पर सिंगल डॉक्टर। नतीजा - सैकड़ों मरीज भगवान भरोसे। क्या है खेल प्रशासन ने मरीजों की भीड़ देखकर हाल ही में 10 ईएमओ की तैनाती की। रोस्टर में इमरजेंसी में 2-2 डॉक्टरों की ड्यूटी लगने लगी। सुनने में अच्छा लगा। लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। गुरुवार को भी इमरजेंसी में सिर्फ डॉ. असलम बेग ही ड्यूटी पर मिले। साथ वाले डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। मरीज और तीमारदार इंतजार करते रहे। अस्पताल स्टाफ और मरीजों का कहना है - ये एक दिन की बात नहीं। कई शिफ्टों से यही हो रहा है। रोस्टर में दो नाम, हाजिरी एक की। प्रशासन का जवाब पूछने पर अधिकारियों ने कहा - _"रोस्टर के अनुसार दोनों की ड्यूटी लगती है। अगर कोई नदारद है तो जांच होगी।"_ जांच होगी? कब? जब कोई मरीज देर से इलाज न मिलने से...? क्यों खतरनाक है ये जिला अस्पताल की इमरजेंसी में lरोज सैकड़ों मरीज आते हैं। एक्सीडेंट, हार्ट अटैक, प्रसव, जहर - सब यहीं आते हैं। यहां 1 मिनट की देरी भी जान ले सकती है। एक डॉक्टर 24 घंटे अकेले कैसे संभालेगा? थकान, दबाव, भीड़ - गलती की संभावना 10 गुना बढ़ जाती है कलम की धार - तीखी प्रतिक्रिया ये लापरवाही नहीं, अपराध है। सरकार ने 10 ईएमओ दिए। वेतन भी दिया। रोस्टर भी बना। फिर ड्यूटी कौन खा रहा है? दो सवाल सीधे सीएमओ और जिलाधिकारी से 1. बायोमेट्रिक कहां है? इमरजेंसी में आने-जाने का रिकॉर्ड क्यों नहीं? जो डॉक्टर साइन करके गायब हो जाता है, उस पर कार्रवाई कब? 2. मॉनिटरिंग कौन करेगा? प्रभारी, सीएमएस, नोडल - सबकी जिम्मेदारी है। हर शिफ्ट में औचक निरीक्षण क्यों नहीं? "जांच करेंगे" वाला जवाब अब नहीं चलेगा। इमरजेंसी प्रयोगशाला नहीं है कि जांच पूरी होने तक मरीज रुक जाए। जो डॉक्टर ड्यूटी से गायब है, उसका उस दिन का वेतन काटो, नोटिस दो, निलंबन करो। 2-4 पर सख्ती होगी तो बाकी 8 लाइन पर आ जाएंगे। मरीज टैक्स देता है, वोट देता है। उसे इमरजेंसी में खाली कुर्सी देखने के लिए नहीं भेजा जाता। प्रशासन से मांग तुरंत 3 शिफ्ट की अटेंडेंस शीट सार्वजनिक करें। सीसीटीवी फुटेज चेक करें। और 15 दिन तक डीएम/सीएमओ खुद औचक निरीक्षण करें। वरना अगली खबर "इमरजेंसी में डॉक्टर न मिलने से मौत" की होगी। और उसकी जिम्मेदारी पूरे सिस्टम की होगी। जिला अस्पताल बचाइए। मरीज बचाइए। खेल बंद कीजिए।3
- दो दिनों में गंगा का जलस्तर दो फीट बढ़ा, बलुआ घाट के मंदिर तक पहुंचा पानी जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ़ राजमणी पाण्डेय चंदौली पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले दो दिनों में गंगा का जलस्तर करीब दो फीट बढ़ने से बलुआ घाट स्थित मंदिर में पानी प्रवेश कर गया है। बढ़ते जलस्तर को लेकर गंगा तटवर्ती गांवों के लोगों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में आई बाढ़ के दौरान पुराविजयी, पुरागनेश, चकरा, नादी, पकड़ी सहित कई गांवों के चारों ओर पानी भर गया था। संपर्क मार्ग जलमग्न होने से लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर जलस्तर बढ़ने से लोगों में वही भय लौट आया है। गंगा किनारे बसे भुपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विषुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवा कला, महुअर कला, हरधनजुड़ा, गंगापुर, पुराबिजयी, पुरागनेश, चकरा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगांव, हसनपुर, बड़गांव, नादी, निधौरा, सहेपुर, मुकुंदपुर और नौदर सहित दर्जनों गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो हजारों एकड़ में बोई गई धान, ज्वार, बाजरा, अरहर, सब्जियों एवं पशुओं के हरे चारे की फसलें जलमग्न हो सकती हैं। इससे किसानों और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान के साथ पशुओं के चारे का भी संकट झेलना पड़ सकता है। वहीं गंगा किनारे झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों पर भी बाढ़ और विषैले जीव-जंतुओं का खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते आवश्यक तैयारियां और राहत व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- kaithi Markandey Mahadev ka gana fkkeejsffrjj hai ki nahi tha ki main ka gana fkkeejsffrjj1
- चंदौली के पचखरी में किसान यूनियन का धरना समाप्त, सिंचाई विभाग के आश्वासन पर बनी सहमति किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव1
- राजातालाब के पास दो ट्रकों में आमने सामने टक्कर दोनों चालक घायल राजातालाब के पास दो ट्रकों में आमने सामने टक्कर दोनों चालक घायल वाराणसी। वाराणसी-प्रयागराज हाईवे पर राजातालाब थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब छह बजे दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। दुर्घटना में दोनों वाहनों के चालक घायल हो गए। सूचना मिलते ही राजातालाब थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार के कारण दोनों वाहन आपस में टकरा गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रकों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में डीसीएम चालक मोनू (पुत्र सर्वजीत, निवासी गढ़मुक्तेश्वर, जनपद हापुड़) केबिन में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि दूसरे ट्रक के चालक सागर हुसैन (निवासी शेरघाटी, जिला गया, बिहार) को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद मोनू को केबिन से बाहर निकाला। एंबुलेंस से दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सामान्य कराया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1