आयुष अस्पताल में डॉक्टर-कर्मचारी नदारद, दवाओं की भी कमी ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से 2 बजे तक, नोडल प्रभारी बोले - कर्मचारियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं आयुष अस्पताल में डॉक्टर-कर्मचारी नदारद, दवाओं की भी कमी ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से 2 बजे तक, नोडल प्रभारी बोले - कर्मचारियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं अमेठी। जिले के 50 शैय्या आयुष अस्पताल बेनीपुर में मंगलवार सुबह ओपीडी के निर्धारित समय पर अधिकांश डॉक्टर और कर्मचारी नदारद मिले। अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, लेकिन सुबह करीब 8:30 बजे मौके पर केवल डॉक्टर शिवेंद्र तिवारी और डॉक्टर कौशलेंद्र प्रताप सिंह ही अपने-अपने कक्ष में उपस्थित मिले। 9 बजे तक कई चिकित्सक और कर्मचारी अनुपस्थित रहे। आयुर्वेद विभाग की डॉक्टर शिवेंद्र मलिक और डॉक्टर हेमलता करीब 9 बजे अपने कक्ष में पहुंचीं। योग शिक्षक और पंचकर्म विभाग के कुछ कर्मचारी भी देर से आए। पैथोलॉजी विभाग में केवल एक असिस्टेंट मौजूद मिली, जबकि लेखाकार भी अनुपस्थित रहे। नोडल प्रभारी का अजीबोगरीब बयान अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की समय से उपस्थिति को लेकर जब नोडल प्रभारी डॉ. शिवेंद्र त्रिपाठी तिवारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अस्पताल के सभी डॉक्टर और कर्मचारियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं है। कोई 8:30 बजे आता है तो कोई 9 बजे। कई बार समय से आने के लिए कहा गया है, इसके बावजूद कर्मचारी ध्यान नहीं देते। दवाओं का भी टोटा दवाओं की उपलब्धता पर नोडल प्रभारी ने बताया कि आयुर्वेद की कुछ दवाएं उपलब्ध हैं, जबकि कई दवाएं खत्म हो चुकी हैं। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से दी जा चुकी है। अस्पताल में रोजाना करीब 200 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है और उपलब्ध दवाओं के आधार पर ही मरीजों को दवा दी जा रही है।
आयुष अस्पताल में डॉक्टर-कर्मचारी नदारद, दवाओं की भी कमी ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से 2 बजे तक, नोडल प्रभारी बोले - कर्मचारियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं आयुष अस्पताल में डॉक्टर-कर्मचारी नदारद, दवाओं की भी कमी ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से 2 बजे तक, नोडल प्रभारी बोले - कर्मचारियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं अमेठी। जिले के 50 शैय्या आयुष अस्पताल बेनीपुर में मंगलवार सुबह ओपीडी के निर्धारित समय पर अधिकांश डॉक्टर और कर्मचारी नदारद मिले। अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, लेकिन सुबह करीब 8:30
बजे मौके पर केवल डॉक्टर शिवेंद्र तिवारी और डॉक्टर कौशलेंद्र प्रताप सिंह ही अपने-अपने कक्ष में उपस्थित मिले। 9 बजे तक कई चिकित्सक और कर्मचारी अनुपस्थित रहे। आयुर्वेद विभाग की डॉक्टर शिवेंद्र मलिक और डॉक्टर हेमलता करीब 9 बजे अपने कक्ष में पहुंचीं। योग शिक्षक और पंचकर्म विभाग के कुछ कर्मचारी भी देर से आए। पैथोलॉजी विभाग में केवल एक असिस्टेंट मौजूद मिली, जबकि लेखाकार भी अनुपस्थित रहे। नोडल प्रभारी का अजीबोगरीब बयान अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की समय से उपस्थिति को लेकर जब नोडल प्रभारी डॉ. शिवेंद्र त्रिपाठी तिवारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अस्पताल के सभी
डॉक्टर और कर्मचारियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं है। कोई 8:30 बजे आता है तो कोई 9 बजे। कई बार समय से आने के लिए कहा गया है, इसके बावजूद कर्मचारी ध्यान नहीं देते। दवाओं का भी टोटा दवाओं की उपलब्धता पर नोडल प्रभारी ने बताया कि आयुर्वेद की कुछ दवाएं उपलब्ध हैं, जबकि कई दवाएं खत्म हो चुकी हैं। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से दी जा चुकी है। अस्पताल में रोजाना करीब 200 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है और उपलब्ध दवाओं के आधार पर ही मरीजों को दवा दी जा रही है।
- गौरीगंज में रोडवेज बस स्टेशन की कवायद तेज, निर्माण प्रस्ताव लखनऊ भेजा गया, अमेठी। जिला मुख्यालय गौरीगंज में लंबे समय से प्रस्तावित रोडवेज बस स्टेशन के निर्माण की उम्मीद अब बढ़ गई है। असैदापुर में राजकीय परिवहन निगम के बस स्टेशन के लिए 0.916 हेक्टेयर यानी तीन बीघा 12 बिस्वा भूमि अधिकृत की जा चुकी है। निर्माण संबंधी प्रस्ताव परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। जिला प्रशासन ने सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के 17 सितंबर 2024 के पत्र और भूमि उपयुक्तता प्रमाण पत्र के आधार पर असैदापुर में जमीन चिह्नित की थी। उप जिलाधिकारी ने 27 दिसंबर 2024 उ. प्र. राज्य सड़क प UPSRTC 50 GOLD क्षेत्रीय प्रबंधक बीके श्रीवास्तव । को संस्तुति के साथ प्रस्ताव भेजा। इसके बाद 15 जनवरी 2025 को भूमि को रोडवेज बस स्टेशन के लिए अधिकृत कर दिया गया। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बीके श्रीवास्तव ने बताया कि बस स्टेशन का प्रस्ताव क्षेत्रीय प्रबंधक अयोध्या मंडल के माध्यम से परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। कमार्ग की समस्या के हल के लिए किसानों की जमीन क्रय की गई उन्होंने बताया कि चयनित भूमि तक पहुंचने के लिए मार्ग की समस्या थी। इसके समाधान के लिए किसानों की जमीन क्रय कर ली गई है। प्रस्तावित पहुंच मार्ग 25×40 फीट का होगा। मार्ग तैयार होने के बाद बस स्टेशन के निर्माण का रास्ता और सुगम हो जाएगा। गौरतलब है कि गौरीगंज जिला मुख्यालय बनने के बाद यहां सरकारी विभागों के कार्यालय संचालित हो रहे हैं, लेकिन स्थायी रोडवेज बस स्टेशन नहीं होने से यात्रियों को असुविधा होती है। नए बस स्टेशन के बनने से यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ क्षेत्रीय आवागमन भी सुगम होने की उम्मीद है।1
- आयुष अस्पताल में डॉक्टर-कर्मचारी नदारद, दवाओं की भी कमी ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से 2 बजे तक, नोडल प्रभारी बोले - कर्मचारियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं आयुष अस्पताल में डॉक्टर-कर्मचारी नदारद, दवाओं की भी कमी ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से 2 बजे तक, नोडल प्रभारी बोले - कर्मचारियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं अमेठी। जिले के 50 शैय्या आयुष अस्पताल बेनीपुर में मंगलवार सुबह ओपीडी के निर्धारित समय पर अधिकांश डॉक्टर और कर्मचारी नदारद मिले। अस्पताल में ओपीडी का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, लेकिन सुबह करीब 8:30 बजे मौके पर केवल डॉक्टर शिवेंद्र तिवारी और डॉक्टर कौशलेंद्र प्रताप सिंह ही अपने-अपने कक्ष में उपस्थित मिले। 9 बजे तक कई चिकित्सक और कर्मचारी अनुपस्थित रहे। आयुर्वेद विभाग की डॉक्टर शिवेंद्र मलिक और डॉक्टर हेमलता करीब 9 बजे अपने कक्ष में पहुंचीं। योग शिक्षक और पंचकर्म विभाग के कुछ कर्मचारी भी देर से आए। पैथोलॉजी विभाग में केवल एक असिस्टेंट मौजूद मिली, जबकि लेखाकार भी अनुपस्थित रहे। नोडल प्रभारी का अजीबोगरीब बयान अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की समय से उपस्थिति को लेकर जब नोडल प्रभारी डॉ. शिवेंद्र त्रिपाठी तिवारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अस्पताल के सभी डॉक्टर और कर्मचारियों के आने का कोई निश्चित समय नहीं है। कोई 8:30 बजे आता है तो कोई 9 बजे। कई बार समय से आने के लिए कहा गया है, इसके बावजूद कर्मचारी ध्यान नहीं देते। दवाओं का भी टोटा दवाओं की उपलब्धता पर नोडल प्रभारी ने बताया कि आयुर्वेद की कुछ दवाएं उपलब्ध हैं, जबकि कई दवाएं खत्म हो चुकी हैं। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को पत्र के माध्यम से दी जा चुकी है। अस्पताल में रोजाना करीब 200 से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है और उपलब्ध दवाओं के आधार पर ही मरीजों को दवा दी जा रही है।3
- 🌷आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को जो मानदेय पहले ₹3,000 प्रतिमाह मिलता था, उसे ₹8,000 प्रतिमाह बढ़ाया गया था, हम उसको बढ़ाकर ₹12,000 प्रतिमाह करने जा रहे हैं...1
- ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत थाना संग्रामपुर पुलिस द्वारा 01 तमंचा व 1 जिन्दा कारतूस 315 बोर के साथ 01 अभियुक्त गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी श्री ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में जनपद अमेठी में अपराध एवं अपराधियों के धर पकड़ हेतु चलाये जा रहे ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत क्षेत्राधिकारी अमेठी श्री मनोज कुमार मिश्रा के कुशल नेतृत्व में दिनांक 07.09.2026 को थाना संग्रामपुर पुलिस द्वारा देखभाल क्षेत्र, चेकिंग संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु, वाहन के दौरान मुखबिर की सूचना पर अभियुक्त निहाल तिवारी पुत्र सुभाष चन्द्र तिवारी निवासी ग्राम पिताम्बर पाण्डेय का पुरवा मजरे टीकरमाफी थाना संग्रामपुर जनपद अमेठी उम्र करीब 22 वर्ष गिरफ्तार किया गया । तलाशी से अभियुक्त के कब्जे से 01 तमंचा 01 जिंदा कारतूस 315 बोर बरामद हुआ । गिरफ्तारी एवं बरामदगी के संबंध में थाना संग्रामपुर पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही है ।1
- शिव प्रताप इंटर कॉलेज की टीम मंडल टाप बनी खुशी का माहौल *श्री शिव प्रताप इंटरमीडिएट कॉलेज अमेठी ने जीती मंडल स्तरीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता* *अमेठी।* श्री शिव प्रताप इंटरमीडिएट कॉलेज अमेठी की वॉलीबॉल टीम ने मंडल स्तरीय माध्यमिक वॉलीबॉल प्रतियोगिता का फाइनल जीतकर जनपद का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता अंबेडकर नगर में आयोजित हुई थी। टीम ने लीग मैच में बाराबंकी को, सेमीफाइनल में अयोध्या को और फाइनल मुकाबले में सुल्तानपुर की टीम को हराकर खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम में अनुराग सोनी (कप्तान), अनुपम, मोनू, आलोक, सिद्धार्थ, अनुभव, अर्पित और सुफियान शामिल रहे। टीम के कोच श्री बद्री प्रसाद शुक्ल रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार शिवपूजन मिश्रा रमेश चंद्र ने विजेता टीम को बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि यह टीम अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेगी। इस जीत से विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है।1
- *अयोध्या से मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को दी बड़ी सौगात, अमेठी में हुआ कार्यक्रम का सजीव प्रसारण।* *मानदेय वृद्धि, 5 लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं मुख्यमंत्री ने।* अमेठी। उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने आज अयोध्या स्थित राजकीय इंटर कॉलेज प्रांगण में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान एवं नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों तथा पोषण, शिक्षा एवं महिला कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली अधीक्षिकाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम का प्रदेश के सभी जनपदों के साथ-साथ अमेठी जनपद की सभी विधानसभा क्षेत्रों में सजीव प्रसारण किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं तथा बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग—माताओं और बच्चों—के स्वास्थ्य, पोषण एवं सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण, बाल विकास तथा कुपोषण उन्मूलन के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां इस अभियान की सबसे मजबूत कड़ी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए उनके मानदेय में वृद्धि की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह तथा सहायिकाओं का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इसके अतिरिक्त उन्हें 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराए जाने की भी घोषणा की गई। इसके साथ ही पोषण ट्रैक ऐप पर कार्य करने के लिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मोबाइल की सुविधा भी दी जाएगी। साथ ही गणवेश के रूप में प्रदान की जाने वाली साड़ियों की संख्या में वृद्धि तथा अन्य कल्याणकारी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने, डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से आह्वान किया कि वे पोषण माह एवं महिला-बाल कल्याण से संबंधित योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। अमेठी जनपद में कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के दौरान उपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं का स्वागत करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि एवं स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी सुविधाएं उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगी तथा इससे उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ करने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पोषण अभियान, मिशन शक्ति, बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी गई। जनपद के विभिन्न स्थानों पर आयोजित सजीव प्रसारण कार्यक्रमों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री के उद्बोधन को ध्यानपूर्वक सुना तथा सरकार द्वारा महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। *जिला सूचना कार्यालय अमेठी द्वारा जारी।*2
- पुलिस का तात्कालिक न्याय ll लिव इन पार्टनर की बेरहमी से तड़पाकर हत्या व उसके भाई को घ्याल करने वाला गिरफ्तार गुजरात के भावनगर में लिव इन में रहने वाली प्रेमिका को फैज़ल नामक प्रेमी बड़ी बेरहमी से पीट पीटकर हत्या कर दी थी. उसको बचाने आये भाई को भी बुरी तरह से घायल कर भाग निकला था लेमिन पुलिस ने खोज निकाला और पीट पीटकर हत्या करने वाले हत्यारे को उसी तरह से खुलेआम पीटा जिसका लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैं.2
- घर के सामने खेलते-खेलते लापता हुआ मासूम, 22 घंटे बाद तालाब से मिला शव घर के सामने खेलते-खेलते लापता हुआ मासूम, 22 घंटे बाद तालाब से मिला शव अमेठी। कोतवाली अमेठी क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 स्थित कटरा राजा हिम्मत सिंह के समदिया मोहल्ले में सोमवार सुबह घर के सामने खेलते समय लापता हुए दो वर्षीय अनस का शव मंगलवार को तालाब से बरामद हुआ। करीब 22 घंटे तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने तालाब से मासूम का शव निकाला। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। विंध्याचल निवासी अनस पुत्र मुजीद करीब एक सप्ताह पहले अपनी मां के साथ ननिहाल आया था। सोमवार सुबह करीब नौ बजे वह घर के बाहर खेल रहा था। कुछ देर बाद परिजनों की नजर पड़ी तो अनस गायब था। परिजनों ने मोहल्ले और आसपास काफी तलाश की। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। घर के पास तालाब और कुआं होने के कारण परिजनों ने बच्चे के पानी में गिरने की आशंका जताई। स्थानीय गोताखोरों से तालाब में तलाश कराई गई। सफलता नहीं मिलने पर अयोध्या से एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई। तालाब में अधिक दलदल होने के कारण नाव नहीं चल सकी, जिसके बाद टीम ने अन्य संसाधनों और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की। करीब 22 घंटे की मशक्कत के बाद मंगलवार को अनस का शव तालाब से बरामद कर लिया गया। सूचना पर पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने डॉग और स्वाट टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया था और परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि बच्चे की गुमशुदगी दर्ज कर लगातार तलाश की जा रही थी। शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।2