Shuru
Apke Nagar Ki App…
भाग कर शादी करने के बाद कुछ ऐसा ही होता है भास्कर शादी करने के बाद गांव के मुखिया समिति सरपंच और अपने घर परिवार को फसाया जाता है देख लीजिए कैसा परिस्थित किया गया
RAJA KUMAR
भाग कर शादी करने के बाद कुछ ऐसा ही होता है भास्कर शादी करने के बाद गांव के मुखिया समिति सरपंच और अपने घर परिवार को फसाया जाता है देख लीजिए कैसा परिस्थित किया गया
More news from बिहार and nearby areas
- जीतन राम मांझी जी का दामाद का बोलती बंद कर दिए गोल्डन बाबू1
- *काफी हर्षोल्लास के साथ पुलिया शिव मंदिर से हजारों की संख्या मे गाजे-बाजे के फुलिया पंचायत मुखिया कलावती देवी के प्रयास से साथ निकाला गया शिव कलश यात्रा मे महिलाओं ने लिया बढ़ चढ़कर हिस्सा* संदीप सिंह ब्यूरो चीफ दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार शाखा पलामू, झारखंड पलामू 14 फरवरी 2026-फुलिया पंचायत के कलावती मुखिया व विनोद पासवान (मुखिया पति) ने शिव जी के आस्था के प्रति आराधना व महाशिवरात्रि होने वाले पर्व में फुलिया पंचायत स्थित शिवजी की मंदिर पूजा अस्थाना के साथ हजारों महिलाओं के साथ फुलिया महा शिवजी के मंदिर कलश यात्रा हजारों महिलाओं के द्वारा निकाला गया और यात्रा में हजारों महिलाओं ने योगदान लिया और यह यात्रा बहुत धूमधाम के साथ फुलिया शिव मंदिर से कलश यात्रा कूटीएमओ होते हुए बरवाही वहां के भी काफी भारी शामिल होकर इस यात्रा को संपूर्ण किया जिसमें फुलिया पंचायत मुखिया समस्त भक्तगण का काफी भारी योगदान रहा।1
- जहर बोने को न्याय नहीं कहा जा सकता। आज यूजीसी समर्थकों से मेरा सीधा सवाल है — क्या किसी को गलत तरीके से फँसाना न्याय है? क्या समाज को बाँटकर अधिकार दिलाए जा सकते हैं? कुछ लोग ऐसा माहौल बनाने की कोशिश करते हैं कि एक वर्ग दूसरे का हक छीन रहा है। लेकिन सच्चाई साफ है — कोई किसी का हक नहीं छीनता। हक मेहनत से मिलता है, काबिलियत से मिलता है। जातिगत आधार पर किसी को टारगेट करना गलत है। काबिलियत खुद में पैदा करनी पड़ती है — काबिल लोगों को गिराकर कोई आगे नहीं बढ़ सकता। मेरा विरोध हमेशा व्यवस्था से रहा है, किसी व्यक्ति से नहीं। मैं चाहता हूँ कि देश में नीतियाँ ऐसी हों जो असली जरूरतमंद तक पहुँचें — पहचान देखकर नहीं, परिस्थिति देखकर। लेकिन जब मैंने पूरा चित्र देखा, तो समझ आया कि तस्वीर सिर्फ एक पहलू की नहीं होती। सच यह भी है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में ऐसे बदलाव हुए जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता — ✔ करोड़ों गरीब परिवारों तक शौचालय, बिजली और गैस कनेक्शन पहुँचे ✔ डिजिटल सिस्टम ने पारदर्शिता बढ़ाई और भ्रष्टाचार कम किया ✔ एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज विस्तार हुआ ✔ महामारी के समय भारत ने अपनी वैक्सीन बनाकर करोड़ों लोगों को सुरक्षा दी ✔ और वैश्विक मंचों पर भारत की ताकत पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई हाँ — कुछ फैसले विवादित रहे, कुछ नीतियों पर सवाल उठे। लेकिन लोकतंत्र में सवाल उठाना गलत नहीं होता। गलत तब होता है जब हम सिर्फ विरोध में अटक जाएँ और पूरा सच देखना छोड़ दें। 👉 मेरी सोच अब साफ है — देश को मजबूत कानून चाहिए सुधार चाहिए कठोर फैसले चाहिए क्योंकि कड़वी दवा ही बीमारी ठीक करती है। अगर नेतृत्व में सुधार की क्षमता है, फैसले लेने का साहस है, और देशहित प्राथमिकता है — तो भरोसा किया जा सकता है। 📌 इसलिए आज मेरा निष्कर्ष है — अंधा विरोध नहीं, तथ्य आधारित विचार ही असली देशभक्ति है। अगर आप भी मानते हैं कि देश पहले — राजनीति बाद में, तो इस वीडियो को शेयर जरूर करें ताकि बहस नफरत की नहीं, समझ की हो। जय हिंद।1
- तस्करी व अतिक्रमण पर सख्ती का निर्णय एसडीपीओ नरकटियागंज के नेतृत्व में हुई बैठक बैठक में बिहार पुलिस, एसएसबी, नेपाल पुलिस तथा नेपाल एपीएफ के अधिकारी हुये शामिल एसएसबी, बिहार पुलिस और नेपाल पुलिस द्वारा संयुक्त गश्ती अभियान चलाने का निर्णय1
- बेतिया नगर निगम सभागार मे कार्यशाला का उद्घाटन जिला पदाधिकारी माननीय श्री तरण जोत सिंह द्वारा किया गया। 14.02.2026.1
- सुखपुरा (बलिया) : बलिदानियों की स्मृति में संत यतीनाथ मिनी स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट के आखिरी दिन शुक्रवार1
- बिहार Deputy CM सम्राट चौधरी ने पूर्वी चंपारण से कहा मोतीहारी और चकिया का चीनी मिल चालू होंगे l1
- राशन के दलाल गरीब का दुश्मन महेश्वर सिंह जी का बयान गरीब का कोई हक नहीं मार सकता है 5 किलो आना जाता है तो 4 किलो मिलता है इसका निदान में निकलना चाहिए1
- *महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर सिरहा शिव मंदिर परिसर में आयोजित की जा रही भगवान भोले शंकर के अष्टयाम के लिए आज की गई ब्रह्म बाबा की पूजन, निकाली गई महिलाओं के द्वारा कीर्तन झांकी।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) सिरहाकोठी 14 फरवरी 2026 सिरहाकोठी:-15 फरवरी 2026 को आने वाली महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर सिरहा पंचायत के दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष श्री दशरथ प्रसाद कुशवाहा बीज विक्रेता, श्री दिलीप कुमार साह वार्ड सदस्य वार्ड नंबर 9 ग्राम पंचायत राज सिरहा, मनोज कुमार कुशवाहा ग्रामीण, जय गोविंद प्रसाद कुशवाहा, शिव साह ग्रामीण ग्राम पंचायत राज सिरहा के प्रयास से सिरहा शिव मंदिर पर दो दिवसीय भगवान भोले शंकर माता पार्वती के नाम अष्टयाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। आज दिनांक 14 फरवरी 2026 को सिरहा पंचायत के मोहल्ला कटास के शिव भक्तों द्वारा पहले ब्रह्म बाबा भार्गव भवन के पूरब परिसर में पूजन किया गया। उसके उपरांत कटास की महिलाओं द्वारा शिव भक्तों की टोली में महिला कीर्तन झांकी निकलते हुए शिव मंदिर परिसर सिरहा नारायणी नदी तट किनारे पहुंची। वहां से संयुक्त रूप में सिरहा ब्रह्म स्थान परिसर में जाकर ब्रह्म बाबा का पूजन किया गया। पंचायत में स्थित भगवती माई की स्थान में पूजन किया गया उसके उपरांत फिर खुरदक बाजा की मधूर धुन में महिलाएं भगवान भोले शंकर माता पार्वती की कीर्तन गाती हुई शिव मंदिर परिसर पहुंची गई। वाकई सिरहा पंचायत में कटास मोहल्ला के द्वारा जिस तरह झांकी निकाली गई,बिना डीजे का, बिना साउंड बॉक्स का, उसकी सराहना स्थानीय लोगों के द्वारा किए जाने लगा। कुछ लोगों ने कहा आज ऐसा पल आ गया है कि भगवान के पूजन में भी लोग अपने मुंह से जयकारा लगाने से किनारे करने लगे हैं जिसके वजह से कलाकारों के द्वारा तैयार की गई गाने को लाउडस्पीकर पर बजाकर अपनी भूमिका निभाते हुए नजर आ रहे हैं। यह बिल्कुल गंभीर समस्या बनती जा रही है। भगवान के यज्ञ में अपने मुखारविंद से जो जयकार बोली जाती है, जो कीर्तन गई जाती है, उसका जो लाभ मनुष्य को अपने जीवन में जो प्राप्त होता है, वह बिल्कुल विलुप्त होती हुई नजर आ रही है। इस गंभीर विषय पर पंचायत के प्रतिनिधियों एवं गणमान्य ग्रामीण गनों के द्वारा पहल किया जाना अति अनिवार्य समझा जा रहा है। सुंदरपट्टी पंचायत निवासी आचार्य घनश्याम झा के द्वारा महाशिवरात्रि का महत्व समझाते हुए मंत्र उच्चारण के साथ विधिपूर्वक पूजन करवाई जा रही थी। दूसरी तरफ मंदिर निर्माण कर्ता स्वर्गीय सूरूज भगत के पोता एवं स्वर्गीय राजदेव प्रसाद कुशवाहा का बड़ा पुत्र अनिरुद्ध कुमार कुशवाहा एवं उनकी अर्धांगिनी श्रीमती मंजू देवी के द्वारा भोले शंकर भगवान के गर्भ गृह में बैठकर चंदेश्वर तिवारी के द्वारा पूजन संपन्न करवाई गई। जहां पर अनिरुद्ध कुमार की पुत्री एवं आदि लोगों की उपस्थिति रही।1