इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हुए युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर सफल खुलासा किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी आशिकी देवी और उसके प्रेमी शिवम (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया गमछा, मृतक की सोने की अंगूठी, एक एंड्रॉइड मोबाइल और एक कीपैड मोबाइल भी बरामद किया गया है। ग्राम तोड़ा निवासी सुघर सिंह ने थाना सिविल लाइन में तहरीर देकर बताया था कि उनके 35 वर्षीय पुत्र आनंद उर्फ महबूब का शव 13 जुलाई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में मिला था। उन्होंने अपनी पुत्रवधू और उसके साथी पर हत्या का संदेह जताया था, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की। पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी महिला की शादी 14 वर्ष पहले आनंद से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। महिला के उसके पड़ोसी शिवम से अवैध संबंध थे, जिसका पति विरोध करता था। पति के विरोध से तंग आकर दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। घटना की रात पत्नी ने पहले पति को पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। पति के बेहोश होने के बाद उसने शिवम को घर बुलाया और दोनों ने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए महिला छत पर बने कमरे में चली गई, जबकि शिवम बाहर से कुंडी लगाकर फरार हो गया। दोनों गुप्त रूप से संपर्क के लिए एक अलग सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा ने थाना सिविल लाइन की पुलिस टीम को ₹10,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। इसके साथ ही, उत्कृष्ट पर्यवेक्षण और कुशल नेतृत्व के लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी एवं क्षेत्राधिकारी नगर अवनीश कुमार सिंह को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।
इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हुए युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर सफल खुलासा किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी आशिकी देवी और उसके प्रेमी शिवम (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया गमछा, मृतक की सोने की अंगूठी, एक एंड्रॉइड मोबाइल और एक कीपैड मोबाइल भी बरामद किया गया है। ग्राम तोड़ा निवासी सुघर सिंह ने थाना सिविल लाइन में तहरीर देकर बताया था कि उनके 35 वर्षीय पुत्र आनंद उर्फ महबूब का शव 13 जुलाई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में मिला था। उन्होंने अपनी पुत्रवधू और उसके साथी पर हत्या का संदेह जताया था, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की। पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी महिला की शादी 14 वर्ष पहले
आनंद से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। महिला के उसके पड़ोसी शिवम से अवैध संबंध थे, जिसका पति विरोध करता था। पति के विरोध से तंग आकर दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। घटना की रात पत्नी ने पहले पति को पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। पति के बेहोश होने के बाद उसने शिवम को घर बुलाया और दोनों ने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए महिला छत पर बने कमरे में चली गई, जबकि शिवम बाहर से कुंडी लगाकर फरार हो गया। दोनों गुप्त रूप से संपर्क के लिए एक अलग सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा ने थाना सिविल लाइन की पुलिस टीम को ₹10,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। इसके साथ ही, उत्कृष्ट पर्यवेक्षण और कुशल नेतृत्व के लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी एवं क्षेत्राधिकारी नगर अवनीश कुमार सिंह को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।
- इटावा के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हुए युवक की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर सफल खुलासा किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक की पत्नी आशिकी देवी और उसके प्रेमी शिवम (24 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया गमछा, मृतक की सोने की अंगूठी, एक एंड्रॉइड मोबाइल और एक कीपैड मोबाइल भी बरामद किया गया है। ग्राम तोड़ा निवासी सुघर सिंह ने थाना सिविल लाइन में तहरीर देकर बताया था कि उनके 35 वर्षीय पुत्र आनंद उर्फ महबूब का शव 13 जुलाई की रात संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में मिला था। उन्होंने अपनी पुत्रवधू और उसके साथी पर हत्या का संदेह जताया था, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी नगर अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में थाना सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की। पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी महिला की शादी 14 वर्ष पहले आनंद से हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं। महिला के उसके पड़ोसी शिवम से अवैध संबंध थे, जिसका पति विरोध करता था। पति के विरोध से तंग आकर दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। घटना की रात पत्नी ने पहले पति को पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। पति के बेहोश होने के बाद उसने शिवम को घर बुलाया और दोनों ने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए महिला छत पर बने कमरे में चली गई, जबकि शिवम बाहर से कुंडी लगाकर फरार हो गया। दोनों गुप्त रूप से संपर्क के लिए एक अलग सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। इस सराहनीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा ने थाना सिविल लाइन की पुलिस टीम को ₹10,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है। इसके साथ ही, उत्कृष्ट पर्यवेक्षण और कुशल नेतृत्व के लिए अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी एवं क्षेत्राधिकारी नगर अवनीश कुमार सिंह को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।2
- इटावा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक की हत्या का महज 10 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। ग्राम तोड़ा निवासी सुघर सिंह ने अपने पुत्र आनंद उर्फ महबूब की हत्या का आरोप अपनी पुत्रवधू आशिकी देवी और गांव के ही रहने वाले उसके साथी शिवम पर लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी थी। जांच के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कुबूल किया कि उनके बीच कथित प्रेम संबंध थे, जिसका आनंद विरोध करता था। इसी वजह से दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की सुनियोजित साजिश रची। घटना वाली रात आरोपी पत्नी ने अपने पति को पेय पदार्थ में नींद की गोलियां मिलाकर दे दीं। आनंद के अचेत होने के बाद दोनों ने गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए महिला छत पर चली गई, जबकि आरोपी प्रेमी वहां से फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया गमछा, सोने की अंगूठी और दो मोबाइल फोन बरामद कर दोनों को न्यायालय में पेश किया है।2
- इटावा के यश इंटरनेशनल स्कूल में यातायात नियमों के प्रति एक जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत टी एस आई सूबेदार सिंह ने विद्यालय के बस ड्राइवरों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया।1
- औरैया के अजीतमल क्षेत्र के भदसान गांव निवासी भारतीय वायुसेना के जवान आलोक सिंह राजावत उर्फ मिंकू का जोधपुर में आकस्मिक निधन हो गया। वह शिवेन्द्र सिंह राजावत के पुत्र थे और जोधपुर में ही अपनी सेवाएं दे रहे थे। सोमवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए हजारों ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और हर किसी की आंखें नम हो गईं। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां वायुसेना के जवानों ने सलामी देकर अपने साथी को विदा किया। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों सहित उपस्थित जनसमूह ने "भारत माता की जय" और "वीर सपूत अमर रहें" के नारे लगाकर नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।2
- इटावा के भरथना स्थित छोला गांव में दीवार के छेद में हाथ डालना भारी पड़ गया, जिससे सांप के काटने से 11 वर्षीय मासूम ईशा की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में बच्ची की मां की हालत भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें सैफई PGI रेफर किया गया है। यह हादसा दीवार के छेद में हाथ डालने के कारण हुआ, जहां सांप के डसने से बच्ची ने दम तोड़ दिया और मां अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के बाद इटावा विजन यूपी ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी और उमस के मौसम में अंधेरी जगहों और दीवारों के छेदों से दूर रहें, क्योंकि आपकी एक सावधानी जान बचा सकती है।1
- भिंड के मेहगांव थाना पुलिस ने ग्राम कैथोदा में 21 अप्रैल 2026 को हुए हत्याकांड के फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस आरोपी पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके घर से ही दबोचा है। इस हत्याकांड में शामिल कुल पांच आरोपियों में से चार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि यह आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक भी बरामद कर ली है। यह सफलता पुलिस अधीक्षक सुरज कुमार वर्मा के निर्देश और एसडीओपी संजय कोच्चा के मार्गदर्शन में मिली है, जिसमें मेहगांव थाना प्रभारी निरीक्षक रविन्द्र शर्मा और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।1
- शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर भारी ठना-ठनी मची हुई है। इसी बीच, मंत्रीजी की माला में एक हिस्ट्रीशीटर के घुसने का मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान खतरों के खिलाड़ी कहे जाने वाले बृजभूषण भी जमकर दहाड़े हैं।1
- औरैया के अयाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के अवकाश पर रहने के दौरान व्यवस्थाएं पूरी तरह प्रभावित हो गईं, जिसके बाद उपस्थिति दर्ज करने को लेकर शिक्षामित्र और सहायक अध्यापक के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। दरअसल, प्राथमिक विद्यालय अयाना के प्रधानाध्यापक अमृत प्रकाश पांडेय स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर थे और उन्होंने कार्यभार सहायक अध्यापक अजय कुमार को सौंपा था। बाद में अजय कुमार के भी अवकाश पर चले जाने के कारण स्कूल की चाबियां शिक्षामित्र नूरीना मुबारक को दे दी गईं। मंगलवार सुबह शिक्षामित्र के समय पर न पहुंचने की वजह से सहायक अध्यापक शिखा मिश्रा, दीपिका कटियार, शिक्षामित्र रेखा सेंगर और कई छात्र-छात्राएं बाहर इंतजार करते रहे। सुबह करीब 7:50 बजे जब नूरीना मुबारक पहुंचीं, तब ताला खोलकर पढ़ाई शुरू कराई जा सकी। स्कूल खुलने के बाद उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने को लेकर शिक्षामित्र और सहायक अध्यापक शिखा मिश्रा के बीच तीखी बहस हो गई। आरोप है कि यह विवाद इतना बढ़ गया कि शिक्षामित्र ने सहायक अध्यापक के साथ मारपीट कर दी। घटना की सूचना शिखा मिश्रा ने डायल 112 पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्टाफ और बच्चों से पूछताछ की और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए। अयाना थाना प्रभारी जयप्रकाश पाल ने बताया कि सहायक अध्यापक की ओर से मारपीट की तहरीर मिल चुकी है और मामले की जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।1