*वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का फिर गर्जा बुल्डोजर* *वन भूमि में अतिक्रमण करने वाले आरोपियों के विरुद्ध की गई बेदखली की कार्यवाही* *वन भूमि पर अतिक्रमण कर किया जा रहा था ईंट निर्माण कार्य* पलेरा :वन परिक्षेत्र जतारा के कर्मचारी और रेंजर आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं जिसके तहत एक बार फिर से वन भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध बेदखली की कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का बुल्डोजर जंगल में गर्जा है। दिनांक 05/02/2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार को सूचना प्राप्त हुई कि शाहपुर गांव के जंगल अंतर्गत बीट सतगुवां के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 की वन भूमि जिस पर वर्षों पुराना अतिक्रमण व्याप्त है उस पर खेती और घर मकान बनाने के प्रयोजन को लेकर अवैध रूप से ईंट निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसकी सत्यता की जांच और कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार ने दिनांक 06/02/2026 को मौके से वन परिक्षेत्र जतारा के संपूर्ण वन अमले को जेसीबी मशीनों के साथ भेजा गया तो पाया कि शाहपुर गांव के जंगल में बीट सतगुआं के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 में बछोड़ा गांव के कुछ लोग संगठित होकर विगत दो दिन से बाहर के 40-50 मजदूर लगाकर ईंट निर्माण कार्य कर रहे हैं जिनके द्वारा लगभग 50 हजार से भी अधिक कच्ची ईंट मौके पर बनाकर रखी हुई थीं को जेसीबी की मदद से जमीजोंद और नष्ट करते हुए लगभग 10-12 हेक्टेयर वन क्षेत्र को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराकर सुरक्षित कराया गया और नामजद वन अपराध प्रकरण क्रमांक 268/14 दिनांक 06/02/2026 पंजीबद्ध करते हुए अग्रिम विवेचना में लिया गया। आज की कार्यवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में की गई जिसमे वन परिक्षेत्र जतारा का संपूर्ण महिला एवं पुरुष वन अमला शामिल रहा। *वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का फिर गर्जा बुल्डोजर* *वन भूमि में अतिक्रमण करने वाले आरोपियों के विरुद्ध की गई बेदखली की कार्यवाही* *वन भूमि पर अतिक्रमण कर किया जा रहा था ईंट निर्माण कार्य* पलेरा :वन परिक्षेत्र जतारा के कर्मचारी और रेंजर आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं जिसके तहत एक बार फिर से वन भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध बेदखली की कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का बुल्डोजर जंगल में गर्जा है। दिनांक 05/02/2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार को सूचना प्राप्त हुई कि शाहपुर गांव के जंगल अंतर्गत बीट सतगुवां के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 की वन भूमि जिस पर वर्षों पुराना अतिक्रमण व्याप्त है उस पर खेती और घर मकान बनाने के प्रयोजन को लेकर अवैध रूप से ईंट निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसकी सत्यता की जांच और कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार ने दिनांक 06/02/2026 को मौके से वन परिक्षेत्र जतारा के संपूर्ण वन अमले को जेसीबी मशीनों के साथ भेजा गया तो पाया कि शाहपुर गांव के जंगल में बीट सतगुआं के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 में बछोड़ा गांव के कुछ लोग संगठित होकर विगत दो दिन से बाहर के 40-50 मजदूर लगाकर ईंट निर्माण कार्य कर रहे हैं जिनके द्वारा लगभग 50 हजार से भी अधिक कच्ची ईंट मौके पर बनाकर रखी हुई थीं को जेसीबी की मदद से जमीजोंद और नष्ट करते हुए लगभग 10-12 हेक्टेयर वन क्षेत्र को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराकर सुरक्षित कराया गया और नामजद वन अपराध प्रकरण क्रमांक 268/14 दिनांक 06/02/2026 पंजीबद्ध करते हुए अग्रिम विवेचना में लिया गया। आज की कार्यवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में की गई जिसमे वन परिक्षेत्र जतारा का संपूर्ण महिला एवं पुरुष वन अमला शामिल रहा।
*वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का फिर गर्जा बुल्डोजर* *वन भूमि में अतिक्रमण करने वाले आरोपियों के विरुद्ध की गई बेदखली की कार्यवाही* *वन भूमि पर अतिक्रमण कर किया जा रहा था ईंट निर्माण कार्य* पलेरा :वन परिक्षेत्र जतारा के कर्मचारी और रेंजर आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं जिसके तहत एक बार फिर से वन भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध बेदखली की कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का बुल्डोजर जंगल में गर्जा है। दिनांक 05/02/2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार को सूचना प्राप्त हुई कि शाहपुर गांव के जंगल अंतर्गत बीट सतगुवां के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 की वन भूमि जिस पर वर्षों पुराना अतिक्रमण व्याप्त है उस पर खेती और घर मकान बनाने के प्रयोजन को लेकर अवैध रूप से ईंट निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसकी सत्यता की जांच और कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार ने दिनांक 06/02/2026 को मौके से वन परिक्षेत्र जतारा के संपूर्ण वन अमले को जेसीबी मशीनों के साथ भेजा गया तो पाया कि शाहपुर गांव के जंगल में बीट सतगुआं के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 में बछोड़ा गांव के कुछ लोग संगठित होकर विगत दो दिन से बाहर के 40-50 मजदूर लगाकर ईंट निर्माण कार्य कर रहे हैं जिनके द्वारा लगभग 50 हजार से भी अधिक कच्ची ईंट मौके पर बनाकर रखी हुई थीं को जेसीबी की मदद से जमीजोंद और नष्ट करते हुए लगभग 10-12 हेक्टेयर वन क्षेत्र को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराकर सुरक्षित कराया गया और नामजद वन अपराध प्रकरण क्रमांक 268/14 दिनांक 06/02/2026 पंजीबद्ध करते हुए अग्रिम विवेचना में लिया गया। आज की कार्यवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में की गई जिसमे वन परिक्षेत्र जतारा का संपूर्ण महिला एवं पुरुष वन अमला शामिल
रहा। *वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का फिर गर्जा बुल्डोजर* *वन भूमि में अतिक्रमण करने वाले आरोपियों के विरुद्ध की गई बेदखली की कार्यवाही* *वन भूमि पर अतिक्रमण कर किया जा रहा था ईंट निर्माण कार्य* पलेरा :वन परिक्षेत्र जतारा के कर्मचारी और रेंजर आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं जिसके तहत एक बार फिर से वन भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध बेदखली की कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का बुल्डोजर जंगल में गर्जा है। दिनांक 05/02/2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार को सूचना प्राप्त हुई कि शाहपुर गांव के जंगल अंतर्गत बीट सतगुवां के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 की वन भूमि जिस पर वर्षों पुराना अतिक्रमण व्याप्त है उस पर खेती और घर मकान बनाने के प्रयोजन को लेकर अवैध रूप से ईंट निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसकी सत्यता की जांच और कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार ने दिनांक 06/02/2026 को मौके से वन परिक्षेत्र जतारा के संपूर्ण वन अमले को जेसीबी मशीनों के साथ भेजा गया तो पाया कि शाहपुर गांव के जंगल में बीट सतगुआं के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 में बछोड़ा गांव के कुछ लोग संगठित होकर विगत दो दिन से बाहर के 40-50 मजदूर लगाकर ईंट निर्माण कार्य कर रहे हैं जिनके द्वारा लगभग 50 हजार से भी अधिक कच्ची ईंट मौके पर बनाकर रखी हुई थीं को जेसीबी की मदद से जमीजोंद और नष्ट करते हुए लगभग 10-12 हेक्टेयर वन क्षेत्र को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराकर सुरक्षित कराया गया और नामजद वन अपराध प्रकरण क्रमांक 268/14 दिनांक 06/02/2026 पंजीबद्ध करते हुए अग्रिम विवेचना में लिया गया। आज की कार्यवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में की गई जिसमे वन परिक्षेत्र जतारा का संपूर्ण महिला एवं पुरुष वन अमला शामिल रहा।
- *वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का फिर गर्जा बुल्डोजर* *वन भूमि में अतिक्रमण करने वाले आरोपियों के विरुद्ध की गई बेदखली की कार्यवाही* *वन भूमि पर अतिक्रमण कर किया जा रहा था ईंट निर्माण कार्य* पलेरा :वन परिक्षेत्र जतारा के कर्मचारी और रेंजर आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं जिसके तहत एक बार फिर से वन भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध बेदखली की कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का बुल्डोजर जंगल में गर्जा है। दिनांक 05/02/2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार को सूचना प्राप्त हुई कि शाहपुर गांव के जंगल अंतर्गत बीट सतगुवां के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 की वन भूमि जिस पर वर्षों पुराना अतिक्रमण व्याप्त है उस पर खेती और घर मकान बनाने के प्रयोजन को लेकर अवैध रूप से ईंट निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसकी सत्यता की जांच और कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार ने दिनांक 06/02/2026 को मौके से वन परिक्षेत्र जतारा के संपूर्ण वन अमले को जेसीबी मशीनों के साथ भेजा गया तो पाया कि शाहपुर गांव के जंगल में बीट सतगुआं के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 में बछोड़ा गांव के कुछ लोग संगठित होकर विगत दो दिन से बाहर के 40-50 मजदूर लगाकर ईंट निर्माण कार्य कर रहे हैं जिनके द्वारा लगभग 50 हजार से भी अधिक कच्ची ईंट मौके पर बनाकर रखी हुई थीं को जेसीबी की मदद से जमीजोंद और नष्ट करते हुए लगभग 10-12 हेक्टेयर वन क्षेत्र को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराकर सुरक्षित कराया गया और नामजद वन अपराध प्रकरण क्रमांक 268/14 दिनांक 06/02/2026 पंजीबद्ध करते हुए अग्रिम विवेचना में लिया गया। आज की कार्यवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में की गई जिसमे वन परिक्षेत्र जतारा का संपूर्ण महिला एवं पुरुष वन अमला शामिल रहा।1
- छतरपुर। कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय छतरपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी में डॉक्टरों की उपस्थिति, इमरजेंसी वार्ड, नवनिर्मित पीडियाट्रिक यूनिट, मेडिकल रिपोर्ट विभाग, आई.पी.एच.एल. लैब तथा नवीन क्रिटिकल केयर यूनिट भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अस्पताल परिसर व वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति तथा ब्लड बैंक में रक्त उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही 12, 13 एवं 14 फरवरी 2026 को प्रस्तावित एनक्वास असेसमेंट को लेकर सिविल सर्जन को आवश्यक सुधार एवं तैयारियों के निर्देश दिए। आईपीएचएल लैब निरीक्षण के दौरान बताया गया कि मरीजों को 2 घंटे के भीतर ब्लड सैंपल रिपोर्ट उपलब्ध कराई जा रही है। कलेक्टर ने एक मरीज के परिजनों से चर्चा कर इस व्यवस्था की पुष्टि की। जानकारी के अनुसार विगत रात्रि 8:50 बजे लिया गया ब्लड सैंपल डेढ़ घंटे के भीतर रिपोर्ट सहित प्रदान किया गया। समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने पर कलेक्टर ने ब्लड बैंक कलेक्शन टीम के कार्य की सराहना की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नवीन क्रिटिकल केयर यूनिट भवन में शेष अधोसंरचनात्मक कार्य को 1 से 1.5 माह के भीतर पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश बीडीसी को दिए। उन्होंने बताया कि नवीन भवन में गर्भवती महिलाओं की जांच हेतु विशेष सुविधाएं, लेबर रूम एवं मैटरनिटी विंग को आवश्यकता अनुसार स्थानांतरित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिला चिकित्सालय में भर्ती कलेक्टर श्री पार्थ जैसवाल के वाहन चालक श्री राममिलन सेन की पुत्रवधू ने पुत्री को जन्म दिया। इस अवसर पर कलेक्टर ने नवजात बच्ची को आशीर्वाद दिया तथा परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ ग्राम पंचायत मडरखा के नैगुवां गांव में ग्रामीणों ने लगाएं सरपंच सचिव रोजगार सहायक पर कागज खानापूर्ति और विकास कार्य में धांधली के गंभीर आरोप।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने आज 7 फरवरी को रेंजर शिशुपाल अहिरवार के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए रेत का अवैध खनन व परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ा है।2
- टीकमगढ़ - एक शराबी मनचले को महिला को छेड़ना पड़ा भारी,महिला ने युवक को बीच सड़क पर पीटा....1
- घुवारा में एक चोरी का मामला सामने आ रहा है जिसमें चोर स्पष्ट रूप से पैसों को चुरा रहा है और चोरी कर के भाग गया1
- *वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का फिर गर्जा बुल्डोजर* *वन भूमि में अतिक्रमण करने वाले आरोपियों के विरुद्ध की गई बेदखली की कार्यवाही* *वन भूमि पर अतिक्रमण कर किया जा रहा था ईंट निर्माण कार्य* पलेरा :वन परिक्षेत्र जतारा के कर्मचारी और रेंजर आए दिन सुर्खियों में बने रहते हैं जिसके तहत एक बार फिर से वन भूमि पर अतिक्रमण के विरुद्ध बेदखली की कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार का बुल्डोजर जंगल में गर्जा है। दिनांक 05/02/2026 को वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार को सूचना प्राप्त हुई कि शाहपुर गांव के जंगल अंतर्गत बीट सतगुवां के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 की वन भूमि जिस पर वर्षों पुराना अतिक्रमण व्याप्त है उस पर खेती और घर मकान बनाने के प्रयोजन को लेकर अवैध रूप से ईंट निर्माण कार्य किया जा रहा है जिसकी सत्यता की जांच और कार्यवाही के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार ने दिनांक 06/02/2026 को मौके से वन परिक्षेत्र जतारा के संपूर्ण वन अमले को जेसीबी मशीनों के साथ भेजा गया तो पाया कि शाहपुर गांव के जंगल में बीट सतगुआं के पुराने कक्ष क्रमांक पी 247 बी एवं नए कक्ष क्रमांक पी 578 में बछोड़ा गांव के कुछ लोग संगठित होकर विगत दो दिन से बाहर के 40-50 मजदूर लगाकर ईंट निर्माण कार्य कर रहे हैं जिनके द्वारा लगभग 50 हजार से भी अधिक कच्ची ईंट मौके पर बनाकर रखी हुई थीं को जेसीबी की मदद से जमीजोंद और नष्ट करते हुए लगभग 10-12 हेक्टेयर वन क्षेत्र को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराकर सुरक्षित कराया गया और नामजद वन अपराध प्रकरण क्रमांक 268/14 दिनांक 06/02/2026 पंजीबद्ध करते हुए अग्रिम विवेचना में लिया गया। आज की कार्यवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी जतारा शिशुपाल अहिरवार के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में की गई जिसमे वन परिक्षेत्र जतारा का संपूर्ण महिला एवं पुरुष वन अमला शामिल रहा।2
- छतरपुर। जिले के ग्राम चौका में शुक्रवार को प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान भूमि मुआवजे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से सिंचित चली आ रही उनकी कृषि भूमि को प्रशासन द्वारा असिंचित दर्शाकर कम दर पर मुआवजा दिया गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि पर लंबे समय से नियमित रूप से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। इसके बावजूद जानबूझकर भूमि को असिंचित श्रेणी में दिखाया गया, जो नियमों के विरुद्ध है। इस कथित अनियमितता को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1